कुशीनगर के हाटा में राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें सीएचसी में कुछ कमियां मिलीं, जिनके सुधार के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके उपरांत, तहसील सभागार में महिला जनसुनवाई एवं जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। बुधवार दोपहर करीब बारह बजे, महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा वितरण केंद्र, लेबर रूम, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उन्होंने तुरंत आवश्यक निर्देश दिए। बाद में आयोजित जनसुनवाई में तहसील क्षेत्र से सरिता सिंह, निशा देवी, द्रोपदी देवी, रीता देवी, डाली देवी, सत्या शर्मा सहित कुल 19 आवेदक महिलाओं ने अपने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, हालांकि मौके पर एक भी आवेदन का निस्तारण नहीं हो सका। महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का निर्देश भी दिया। इस मौके पर सीओ कुंदन सिंह, तहसीलदार जया सिंह, नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, जिला महिला कल्याण अधिकारी नवीन, डीसी मनरेगा राकेश सिंह, खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र कौशीक समेत कई तहसील अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुशीनगर के हाटा में राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें सीएचसी में कुछ कमियां मिलीं, जिनके सुधार के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके उपरांत, तहसील सभागार में महिला जनसुनवाई एवं जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। बुधवार दोपहर करीब बारह बजे, महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा वितरण केंद्र, लेबर रूम, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उन्होंने तुरंत आवश्यक निर्देश दिए। बाद में आयोजित जनसुनवाई में तहसील क्षेत्र से सरिता सिंह, निशा देवी, द्रोपदी देवी, रीता देवी, डाली देवी, सत्या शर्मा सहित कुल 19 आवेदक महिलाओं ने अपने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, हालांकि मौके पर एक भी आवेदन का निस्तारण नहीं हो सका। महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का निर्देश भी दिया। इस मौके पर सीओ कुंदन सिंह, तहसीलदार जया सिंह, नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, जिला महिला कल्याण अधिकारी नवीन, डीसी मनरेगा राकेश सिंह, खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र कौशीक समेत कई तहसील अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
- कुशीनगर में जून माह के "किसान दिवस" का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कृषि व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद में लगभग 6.47 लाख किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 4.74 लाख किसानों (73 प्रतिशत) की रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। शेष किसानों की रजिस्ट्री जल्द पूरी करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिन किसानों के नाम, आधार या राजस्व अभिलेखों में विसंगतियां हैं, उन्हें खतौनी में संशोधन कराकर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा करते हुए बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने और पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक आपत्तियों और विलंब से बचने तथा किसानों को आसानी से बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, खरीफ फसलों की तैयारी, उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिला गन्ना अधिकारी को गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, साथ ही चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों के खेतों में नलकूप स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिए जाने की जानकारी दी गई, जिसकी लागत किसानों से आसान किश्तों में वसूल की जाएगी। बैठक के दौरान किसानों को आवश्यक कृषि निवेश, सिंचाई सुविधाएं और समय पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाया जाए और तहसील व विकासखंड स्तर पर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उप कृषि निदेशक ने अंत में उपस्थित किसानों और अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र पूर्ण कराने का अनुरोध कर बैठक समाप्ति की घोषणा की।4
- कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा पिडरा से ग्रामीण विकास योजनाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में लगभग पांच वर्षों बाद खड़ंजा सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन एक व्यक्ति के घर तक जाने वाला रास्ता छोड़ दिया गया, जबकि आसपास के अन्य घरों तक सड़क बनाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें जानबूझकर विकास कार्य से वंचित किया गया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की, जिसके बाद विकासखंड कार्यालय से ए.डी.ओ. पंचायत द्वारा जांच की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन मिला था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें सूचित किया गया कि यह कार्य वर्ष 2026 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है, लेकिन ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म होने और प्रशासक नियुक्त होने के कारण अब इसे पूरा नहीं किया जा सकता। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क निर्माण कार्ययोजना के तहत होना था, तो एक परिवार को छोड़कर बाकी लोगों तक विकास कार्य कैसे पहुंच गया? शिकायतकर्ता न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से मिलना चाहिए और विकास कार्यों में भेदभाव की कोई गुंजाइश होनी चाहिए या नहीं।1
- महराजगंज पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले भर से खोए हुए 105 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल निर्देशन में सर्विलांस सेल द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके की गई। पुलिस विभाग के अनुसार, सर्विलांस टीम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों और CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर IMEI नंबर ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और व्यापक निगरानी के जरिए इन मोबाइलों का पता लगाया। इस अभियान के तहत पिछले तीन महीनों में कुल 307 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सभी संबंधित मोबाइल स्वामियों को बुलाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके फोन वापस किए गए। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों ने खुशी व्यक्त की और महराजगंज पुलिस तथा विशेष रूप से पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी का आभार जताया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सर्विलांस सेल की टीम को बधाई दी और कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि CEIR पोर्टल के माध्यम से शीघ्र कार्रवाई की जा सके। इस बरामदगी में उपनिरीक्षक ग्रेड-बी सुशील सिंह, उपनिरीक्षक ग्रेड-बी शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी मोहम्मद कुतुबुद्दीन, मुख्य आरक्षी राजकुमार राजभर, मुख्य आरक्षी आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, आरक्षी सूरज गुप्ता, आरक्षी नीरज कुमार गोंड और CEIR टीम के अन्य कर्मचारी शामिल थे। महराजगंज पुलिस की इस कार्रवाई को तकनीकी पुलिसिंग और जनसेवा का सराहनीय उदाहरण माना जा रहा है।1
- देवरिया में यातायात पुलिस ने गुरुवार को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में और यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड तथा बस स्टैंड क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच की गई। इस अभियान के दौरान, सड़क पर वाहन खड़े कर सवारी भरने वाले बस और ऑटो चालकों, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाकर बाइक चलाने वालों और स्टंट करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 76 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि दो वाहनों को सीज कर दिया गया। यातायात पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- देवरिया जनपद के तरकुलवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 17 जून 2026 की रात संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर मदारीपट्टी जंगल के निकट मैनपुर नदी पुल के पास से इन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान विशाल मद्धेशिया (उम्र करीब 22 वर्ष), पुत्र राजकुमार मद्धेशिया, निवासी कस्बा तरकुलवा, तथा बृजेश गुप्ता (उम्र करीब 19 वर्ष), पुत्र सुदामा गुप्ता, निवासी केसरीपुर, थाना तरकुलवा, के रूप में हुई है। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। जांच में पता चला कि यह मोटरसाइकिल तरकुलवा थाने में पंजीकृत है। पुलिस ने कुल तीन मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं।1
- राहुल सर के एक शैक्षिक वीडियो में, दसवीं कक्षा के भौतिकी के तीसरे अध्याय के तहत मानव नेत्र के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस वीडियो में मानव नेत्र क्या है, इसकी संरचना कैसे बनाई जाती है, इसके कितने भाग होते हैं, और उन सभी भागों के कार्य क्या हैं, इन विषयों को समझाया गया है।1
- Post by Shrikrishn1
- गोरखपुर मंडल के आयुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा ने देवरिया में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, मोहर्रम के जुलूस मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों और सोशल मीडिया पर निगरानी के पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।1
- राहुल सर के एक शैक्षिक वीडियो में कक्षा 10वीं के भौतिकी के पाठ 3 के तहत मानव नेत्र की संरचना, उसके विभिन्न भागों और उनके कार्यों का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह वीडियो मानव नेत्र क्या है, इसकी संरचना कैसे बनाई जाती है, और इसके कितने भाग होते हैं, इन सभी पहलुओं को गहराई से समझाता है। वीडियो में मानव नेत्र के प्रत्येक भाग के कार्य को स्पष्ट रूप से समझाया गया है। यह शैक्षिक सामग्री छात्रों को मानव नेत्र की जटिल संरचना और उसकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करती है, जैसा कि राहुल सर ने प्रस्तुत किया है।1