उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां के रील बनाने की व्यस्तता के बीच उसके मासूम बच्चे की छत से गिरकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जब मां मोबाइल पर रील बनाने में पूरी तरह मग्न थी, तभी उसका बच्चा खेलते-खेलते अचानक छत से नीचे गिर गया। इस भयानक हादसे में बच्चे को बहुत ही गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण मासूम ने दम तोड़ दिया और वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। इस हृदयविदारक घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों को बेहद आहत और गुस्से से भर दिया है। लोग इस पर तीखे सवाल उठा रहे हैं कि क्या आज के समय में रील बनाना इतना ज्यादा जरूरी हो गया है कि उसके लिए अपने ही मासूम बच्चों की जान को दांव पर लगा दिया जाए? आखिर रील के लिए इस तरह का जानलेवा जोखिम उठाना कहां तक सही है? लोगों का गुस्सा इस बात पर भी फूट रहा है कि यह कैसी मां है, जो अपनी इस भारी और कभी न पूरी होने वाली भूल के लिए खुद को कभी माफ नहीं कर पाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां के रील बनाने की व्यस्तता के बीच उसके मासूम बच्चे की छत से गिरकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जब मां मोबाइल पर रील बनाने में पूरी तरह मग्न थी, तभी उसका बच्चा खेलते-खेलते अचानक छत से नीचे गिर गया। इस भयानक हादसे में बच्चे को बहुत ही गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण मासूम ने दम तोड़ दिया और वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। इस हृदयविदारक घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों को बेहद आहत और गुस्से से भर दिया है। लोग इस पर तीखे सवाल उठा रहे हैं कि क्या आज के समय में रील बनाना इतना ज्यादा जरूरी हो गया है कि उसके लिए अपने ही मासूम बच्चों की जान को दांव पर लगा दिया जाए? आखिर रील के लिए इस तरह का जानलेवा जोखिम उठाना कहां तक सही है? लोगों का गुस्सा इस बात पर भी फूट रहा है कि यह कैसी मां है, जो अपनी इस भारी और कभी न पूरी होने वाली भूल के लिए खुद को कभी माफ नहीं कर पाएगी।
- मुरादाबाद के जामा मस्जिद क्षेत्र के रहने वाले हकीम जी (हाजी जी) का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया है। उनकी उम्र लगभग 65 से 70 वर्ष के बीच थी। शाम को करीब 10:00 बजे उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।3
- संभल में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिसके कारण पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में देरी हो रही है और जांच प्रक्रिया में भी लापरवाही बरती जा रही है। इसके साथ ही, भीम आर्मी ने मेरठ में 8 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर निर्दोष लोगों को राहत प्रदान करने की मांग भी उठाई है। भीम आर्मी संभल के जिला अध्यक्ष गोविंदा सागर और युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष सोहित गौतम का कहना है कि यदि मामले में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन संविधान और कानून के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।4
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा के पगबाड़ा (पकड़े की गली) की गलियों का बुरा हाल है, जहाँ दो बार चेयरमैन के चुनाव जीतने के बावजूद आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। पूरी गली में सिर्फ खरंजे बिछे हुए हैं और नाली की कोई उचित सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालात इतने बदतर हैं कि पूरी गली में और नाली के बाहर हर तरफ कीचड़ पसरा हुआ है। इस विकट समस्या को लेकर लगातार अनदेखी की जा रही है और स्थानीय स्तर पर इस बदहाली की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- अमरोहा में आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने जनपद के विभिन्न कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम और एसपी ने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान दोनों उच्चाधिकारियों ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं और साफ किया है कि पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा जाएगा।1
- अमरोहा में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बिजनौर-अमरोहा रोड पर स्थित याहियापुर, मखदूमपुर, बीलना बॉर्डर, तहसील धनौरा के बिजनौर बॉर्डर और गजरौला की कुमराला पुलिस चौकी समेत विभिन्न कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल, यातायात प्रबंधन और रूट डायवर्जन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने, प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और सीसीटीवी के जरिए लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।3
- सम्भल में सोमवार को आयोजित आज़ाद समाज पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष शहज़ाद खान ने मीडिया से बातचीत में कांवड़ यात्रा और दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मुद्दे पर सरकार के फैसलों पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी वर्ग के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आज़ाद समाज पार्टी सरकार की इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती है। शहज़ाद खान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह नमाज़ को कानून के दायरे में रहकर अदा करने की बात कही जाती है, उसी तरह कांवड़ यात्रा भी नियमों के तहत ही निकाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए किसी विशेष वर्ग को अलग से कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए। नेम प्लेट लगाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि इससे समाज में भेदभाव और मतभेद बढ़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत की असली पहचान आपसी भाईचारे से है, इसलिए सरकार को धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच दूरी पैदा करने वाले कदमों से बचना चाहिए।1
- बुलंदशहर जनपद का बताया जा रहा एक कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक युवक एक महिला के साथ बेहद बेरहमी से मारपीट करता दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही, वीडियो में एक अन्य महिला भी पीड़िता के बाल पकड़कर उसे घसीटती हुई नजर आ रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता, घटना के समय और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह घटना किस वजह से हुई और संबंधित थाना पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और यदि वीडियो बुलंदशहर का है, तो जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।1