सम्भल में सोमवार को आयोजित आज़ाद समाज पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष शहज़ाद खान ने मीडिया से बातचीत में कांवड़ यात्रा और दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मुद्दे पर सरकार के फैसलों पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी वर्ग के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आज़ाद समाज पार्टी सरकार की इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती है। शहज़ाद खान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह नमाज़ को कानून के दायरे में रहकर अदा करने की बात कही जाती है, उसी तरह कांवड़ यात्रा भी नियमों के तहत ही निकाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए किसी विशेष वर्ग को अलग से कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए। नेम प्लेट लगाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि इससे समाज में भेदभाव और मतभेद बढ़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत की असली पहचान आपसी भाईचारे से है, इसलिए सरकार को धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच दूरी पैदा करने वाले कदमों से बचना चाहिए।
सम्भल में सोमवार को आयोजित आज़ाद समाज पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष शहज़ाद खान ने मीडिया से बातचीत में कांवड़ यात्रा और दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मुद्दे पर सरकार के फैसलों पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी वर्ग के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आज़ाद समाज पार्टी सरकार की इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती है। शहज़ाद खान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह नमाज़ को कानून के दायरे में रहकर अदा करने की बात कही जाती है, उसी तरह कांवड़ यात्रा भी नियमों के तहत ही निकाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए किसी विशेष वर्ग को अलग से कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए। नेम प्लेट लगाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि इससे समाज में भेदभाव और मतभेद बढ़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत की असली पहचान आपसी भाईचारे से है, इसलिए सरकार को धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच दूरी पैदा करने वाले कदमों से बचना चाहिए।
- अमरोहा के गजरौला ब्लॉक क्षेत्र के गांव ख्यालीपुर में गाटा संख्या-175 पर स्थित तालाब की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी योगराज सिंह का आरोप है कि यह तालाब पिछले 10-12 वर्षों से कीचड़ और मिट्टी से पूरी तरह भर चुका है, जिससे उसका अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया है। तालाब की इस बदहाली के कारण गांव का गंदा पानी और जल निकास सीधे योगराज के खेत में पहुंच रहा है, जिससे उनकी गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है और उन्हें हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। पीड़ित किसान का आरोप है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की है। यहां तक कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन आज तक न तो कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचा और न ही तालाब की सफाई कराई गई। इसके विपरीत, बिना कोई कार्य कराए ही तालाब की सफाई की फर्जी रिपोर्ट लगा दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के गंदे पानी से क्षेत्र में बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने प्रशासन से तालाब की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने और खेतों में पानी जाने से रोकने की मांग की है, हालांकि इस मामले में अभी तक संबंधित अधिकारियों का कोई पक्ष सामने नहीं आया है।3
- मुरादाबाद के मुरादाबाद ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम ताजपुर माफी की जनता अपनी समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रही है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने तथा शीघ्र ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुरज़ोर अपील की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि अब उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान चाहिए। इस आवाज़ को संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया पर भी इस पुकार को अधिक से अधिक लाइक, शेयर और कमेंट करने की अपील की जा रही है ताकि ज़िम्मेदार लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सके और त्वरित कार्रवाई हो।1
- अमरोहा जनपद के रहरा थाने पर तैनात दो पीआरबी सिपाहियों पर एक युवक से ₹3000 और मोबाइल छीनने का आरोप लगा है। पीड़ित युवक का कहना है कि दोनों सिपाहियों ने पहले तो उसे 112 नंबर की पुलिस जीप में बिठाया और फिर उससे मोबाइल व ₹3000 छीन लिए। युवक के अनुसार, बाद में उसका मोबाइल तो वापस दे दिया गया लेकिन रुपये नहीं लौटाए गए। इस घटना को लेकर पीड़ित युवक ने एक वीडियो के जरिए अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। वीडियो में युवक ने साफ तौर पर मांग की है कि जो भी दोषी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सीएम योगी की पुलिस पर लगे इस आरोप के बाद पीड़ित अब न्याय की मांग कर रहा है।1
- सम्भल में सोमवार को आयोजित आज़ाद समाज पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष शहज़ाद खान ने मीडिया से बातचीत में कांवड़ यात्रा और दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मुद्दे पर सरकार के फैसलों पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी वर्ग के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आज़ाद समाज पार्टी सरकार की इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती है। शहज़ाद खान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह नमाज़ को कानून के दायरे में रहकर अदा करने की बात कही जाती है, उसी तरह कांवड़ यात्रा भी नियमों के तहत ही निकाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए किसी विशेष वर्ग को अलग से कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए। नेम प्लेट लगाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि इससे समाज में भेदभाव और मतभेद बढ़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत की असली पहचान आपसी भाईचारे से है, इसलिए सरकार को धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच दूरी पैदा करने वाले कदमों से बचना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां के रील बनाने की व्यस्तता के बीच उसके मासूम बच्चे की छत से गिरकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जब मां मोबाइल पर रील बनाने में पूरी तरह मग्न थी, तभी उसका बच्चा खेलते-खेलते अचानक छत से नीचे गिर गया। इस भयानक हादसे में बच्चे को बहुत ही गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण मासूम ने दम तोड़ दिया और वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। इस हृदयविदारक घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों को बेहद आहत और गुस्से से भर दिया है। लोग इस पर तीखे सवाल उठा रहे हैं कि क्या आज के समय में रील बनाना इतना ज्यादा जरूरी हो गया है कि उसके लिए अपने ही मासूम बच्चों की जान को दांव पर लगा दिया जाए? आखिर रील के लिए इस तरह का जानलेवा जोखिम उठाना कहां तक सही है? लोगों का गुस्सा इस बात पर भी फूट रहा है कि यह कैसी मां है, जो अपनी इस भारी और कभी न पूरी होने वाली भूल के लिए खुद को कभी माफ नहीं कर पाएगी।1