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फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।
ईलमासनगर टुडे
फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।
More news from दरभंगा and nearby areas
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। अपने बयान के दौरान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी अविवाचक हैं।1
- समस्तीपुर जिले में पुलिस ने गणेश सहनी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।1
- मनीष कश्यप ने एक निर्दोष व्यक्ति, भरत तिवारी, के ए/नकाउंटर की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर उन्होंने अपनी जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उल्लेखनीय है कि मनीष कश्यप पहले भी जबनिया गाँव से संबंधित मुद्दों को उठाते रहे हैं।1
- बिहार के बेगूसराय जिले में एक महिला के साथ दरिंदगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य घटना में महिला के प्राइवेट पार्ट से एक लकड़ी मिली है।1
- बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान स्थित कछुआ गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक ट्रक की चपेट में आने से बाबाजी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जैसे ही शव गांव पहुँचा, वहां कोहराम मच गया।1
- बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।1
- समस्तीपुर के ताजपुर क्षेत्र में, 20 जून 2026 को ऐपवा और भाकपा माले के नेतृत्व में फतेहपुर पंचायत भवन पर एक प्रतिरोध मार्च निकालकर सभा का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन महिला थाना कांड संख्या 61/26 से जुड़े फतेहपुर नाबालिग दुष्कर्म मामले के आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से 'सरकारी दल से जुड़े रसूखदार आरोपी' की अविलंब गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए, भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। भाकपा माले प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने आरोपी को बचाने की 'साजिश बंद करने' की मांग की, वहीं प्रभात रंजन गुप्ता ने पीड़ित के परिवार को डराने, धमकाने और 'मैनेज कराने' में लगे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भाकपा माले और ऐपवा के कई सदस्य, जिनमें सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, सूर्यदेव प्रसाद सिंह, लाला प्रसाद सिंह, सोनिया देवी, सुलेखा कुमारी, धनवंती देवी, जागेश्वरी देवी, विमला देवी, उषा देवी, और सामाजिक कार्यकर्ता बलराम सिंह कुशवाहा व सूरज कुमार शामिल थे, बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित थे। वक्ताओं ने फतेहपुर और आसपास के ग्रामीणों से 22 जून को ताजपुर कर्बला पोखर से निकलने वाले जुलूस तथा ताजपुर थाना घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होकर उसे सफल बनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जनदबाव बनाना आवश्यक है। प्रतिरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नाबालिग दुष्कर्म कांड के आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की।1
- मोहर्रम के त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मुसरीघरारी थाना में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।1
- दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।1