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समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते ऑफिस, फरियादी परेशान मथुरा राजीव भवन का है जहां का ऑफिस टाइम 10 बजे सुबह से 2 बजे तक दोपहर का है यहां मौजूद कर्मचारी अपनी इच्छा के मालिक है उन्हें किसी बुजुर्ग या नहीं महिला की कोई फिक्र नहीं 75 साल के बुजुर्ज भी चक्कर काट रहे है उन्हें कहा जाता है कि हमें पता नहीं है कि किस कारण पेंशन रुक गई है
Murli Thakur Reporter
समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते ऑफिस, फरियादी परेशान मथुरा राजीव भवन का है जहां का ऑफिस टाइम 10 बजे सुबह से 2 बजे तक दोपहर का है यहां मौजूद कर्मचारी अपनी इच्छा के मालिक है उन्हें किसी बुजुर्ग या नहीं महिला की कोई फिक्र नहीं 75 साल के बुजुर्ज भी चक्कर काट रहे है उन्हें कहा जाता है कि हमें पता नहीं है कि किस कारण पेंशन रुक गई है
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- मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दादी अपनी नातिनी को बचाने के लिए पुलिस के चक्कर काट रही है, लेकिन आरोप है कि उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। 18 अप्रैल को दुकान गई युवती अनु संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई, लेकिन अब जो जानकारी सामने आई है वो बेहद डरावनी है।लापता अनु की दादी मुन्नी देवी का दावा है कि 23 अप्रैल को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन पर अनु रो रही थी और उसने चीख-चीख कर कहा कि ये लोग मुझे बेच देंगे या मार देंगे, मुझे बचा लो।पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस खौफनाक कॉल के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। और अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की है जिसे लेकर शनिवार को युवती की परिजनों के द्वारा एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है अब देखना होगा कि पुलिस युवती को कब तक बरामद कर पाती है या यूं ही युवती के परिजन चक्कर लगाते रहेंगे1
- मथुरा। रंजिश से जुड़े एक मामले में जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। मृतक के परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया जारी होने की बात कही है।परिजनों के अनुसार, विवाद की जड़ मदन पाल नामक व्यक्ति की मृत्यु से जुड़ी है। उनका दावा है कि मांट क्षेत्र में कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या की गई थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर अलग-अलग कारण सामने आए। परिवार का आरोप है कि उस मामले में भी निष्पक्ष जांच नहीं की गई।पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसके बाद उनके छोटे भाई कुशल पाल को निशाना बनाया गया। आरोप है कि दिसंबर की एक रात कुछ लोगों ने घर पर हमला कर तोड़फोड़ और लूटपाट की। हालांकि, जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।परिजनों ने यह भी बताया कि एक गोलीकांड के मामले में कुशल पाल को नामजद करते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य फिलहाल जांच का विषय बने हुए हैं।घटना ने तब गंभीर रूप ले लिया जब जेल प्रशासन ने सूचना दी कि कुशल पाल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।परिजनों ने आशंका जताई है कि जेल की बैरक में बंद कुछ विरोधियों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मथुरा राजीव भवन का है जहां का ऑफिस टाइम 10 बजे सुबह से 2 बजे तक दोपहर का है यहां मौजूद कर्मचारी अपनी इच्छा के मालिक है उन्हें किसी बुजुर्ग या नहीं महिला की कोई फिक्र नहीं 75 साल के बुजुर्ज भी चक्कर काट रहे है उन्हें कहा जाता है कि हमें पता नहीं है कि किस कारण पेंशन रुक गई है4
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- Post by Rahul4
- Post by Vinay_creator1121
- श्रमिक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष भगत सिंह अरोड़ा जहां इंडस्ट्री एरिया स्थित एक कंपनी में **भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ** द्वारा मजदूर दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर संगठन के अध्यक्ष भगत सिंह अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि हर साल की तरह इस बार भी 1 मई को मजदूर दिवस को सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान फैक्ट्री में काम करने वाले करीब 15 मजदूरों को दुपट्टा ओढ़ाकर और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम में मौजूद महासंघ के कार्यकर्ताओं का भी दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह सम्मान और उत्साह से भर गया। अध्यक्ष भगत सिंह अरोड़ा ने कहा कि “मजदूर के बिना कोई भी काम पूरा नहीं हो सकता… देश की असली ताकत मजदूर ही हैं।” उन्होंने हाल ही में नोएडा में मजदूरों के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा की और सरकार द्वारा मजदूरों की आठ मांगें मानने पर आभार भी जताया। कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों ने जोश के साथ नारे लगाए— जो श्रमिकों की बात करेगा, वही देश में राज करेगा! मजदूर दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की तरक्की की असली नींव मजदूर ही हैं।1