दिलचस्प, रोमांचक और खतरनाक खगोलीय घटनाओं के घेरे में विश्व के खगोल वैज्ञानिक इन दिनों हमारे सौर मंडल में तीन दिलचस्प खगोलीय घटनाएं विज्ञानियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। जिनमें एक तरफ दुर्लभ धूमकेतु 3आई/ एटलस छाया हुआ है तो दूसरी तरफ हमारे नजदीक आ रहा एक और धूमकेतु विर्ज़चोस सी/2024 इ1आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इनके अलावा सूर्य की सतह पर बना ऐतिहासिक सनस्पॉट संख्या एआर 4366 ने सौर वैज्ञानिकों की चिंता का कारण बना हुआ है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार बाहरी धूमकेतु 3आई एटलस दिसंबर में पृथ्वी के निकट से गुजरने के बाद अंतरिक्ष में वापस लौट रहा है। यह इन दिनों कर्क तारामंडल में तारामंडल के पास मौजूद है, जो बेहद धुंधला होने के बावजूद विज्ञानियों की दूरबीनों से घिरा हुआ है। हमारे सौर मंडल के बाहर से आया यह धूमकेतु दूसरे सौर मंडल के पिंडों के रहस्य उजागर कर वैज्ञानिकों की बड़ी मदद कर सकता है। जिस कारण यह धूमकेतु सुर्खियों में बना हुआ है। कुछ समय बाद यह गायब हो जाएगा और फिर कभी लौटकर नहीं आएगा। एरीज के पूर्व निदेशक व सौर विज्ञानी डा वहाबउद्दीन ने बताया कि सूर्य की सतह पर छाया सन स्पॉट एआर 4366 बेहद खतरनाक बना हुआ है, जो अभी तक एक्स क्लास दो बड़ी ज्वालाओं के साथ एम और सी क्लास की ज्वालाओं की झड़ी लगा चुका है। जी 2 श्रेणी का भू चुंबकीय सौर तूफान का कारण बना और अभी भी यह बड़ी सौर ज्वालाओं को जन्म दे सकता है और सौर तूफानों को जन्म दे सकता है। जिस कारण दुनियाभर के सौर विज्ञानियों की नजरें इस सन स्पॉट पर बनी हुई हैं। बहरहाल इस सन स्पॉट का दायरा दो लाख किमी के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इस काले धब्बे को सूर्यास्त व सूर्योदय के समय नग्न आंखों से देखा जा सकता है। इसके अलावा सात अन्य सन स्पॉट बने सूर्य की सतह पर फैले हुए हैं, जो कभी भी सूर्य की सतह पर विस्फोट कर बड़ी ज्वालाओं की उत्पत्ति कर सकते हैं। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि अब एक और धूमकेतु विर्ज़चोस सी/2024 इ1 17 फरवरी को पृथ्वी के सर्वाधिक करीब पहुंचने जा रहा है। फरवरी के मध्य में यह अधिकतम चमक पर पहुंच जाएगा। इसकी अनुमानित चमक 6.5 से 8.5 मैग्नीट्यूट के बीच होगी। इसे नग्न आंखों से देख पाना मुश्किल होगा, लिहाजा छोटे टेलीस्कोप के जरिए देख पाना आसान होगा। यह धूमकेतु ओर्ट क्लाउड का सदस्य है, जो 20 जनवरी को सूर्य के सबसे निकटतम बिंदु से गुजर चुका है। इसे सूर्यास्त के 45 मिनट बाद दक्षिण-पश्चिम आकाश में देखा जा सकता है। डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार फरवर माह की अंतिम भोर यादगार होने बनने जा रही है। सूर्यास्त के बाद पश्चिम के आकाश में बुध, गुरु, शुक्र, शनि, मंगल,नेपच्यून और यूरेनस नजर आएंगे। इनमें सर्वाधिक खूबसूरत शुक्र ग्रह नजर आएगा। नेपच्यून और यूरेनस को दूरबीन से देखा जा सकेगा। बुध ग्रह को सूर्यास्त के समय देखा जा सकेगा। सूर्यास्त के बाद शुक्र, बृहस्पति और लाल ग्रह मंगल को नग्न आंखों से देखा जा सकेगा। शुक्र, बुध, नेपच्यून और शनि ग्रह एक दूसरे के बेहद करीब ऊपर से नीचे की तरफ कदमताल की स्थिति में नजर आएंगे। लाल ग्रह मंगल को इनसे अलग देखा जा सजेगा, जबकि बृहस्पति और यूरेनस एक दूसरे के करीब पंक्तिबद्ध नजर आयेंगे। इन सबका भोर के समय नजर आने के कारण इस खगोलीय घटना को दुर्लभ माना जा रहा है।
दिलचस्प, रोमांचक और खतरनाक खगोलीय घटनाओं के घेरे में विश्व के खगोल वैज्ञानिक इन दिनों हमारे सौर मंडल में तीन दिलचस्प खगोलीय घटनाएं विज्ञानियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। जिनमें एक तरफ दुर्लभ धूमकेतु 3आई/ एटलस छाया हुआ है तो दूसरी तरफ हमारे नजदीक आ रहा एक और धूमकेतु विर्ज़चोस सी/2024 इ1आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इनके अलावा सूर्य की सतह पर बना ऐतिहासिक सनस्पॉट संख्या एआर 4366 ने सौर वैज्ञानिकों की चिंता का कारण बना हुआ है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार बाहरी धूमकेतु 3आई एटलस दिसंबर में पृथ्वी के निकट से गुजरने के बाद अंतरिक्ष में वापस लौट रहा है। यह इन दिनों कर्क तारामंडल में तारामंडल के पास मौजूद है, जो बेहद धुंधला होने के बावजूद विज्ञानियों की दूरबीनों से घिरा हुआ है। हमारे सौर मंडल के
बाहर से आया यह धूमकेतु दूसरे सौर मंडल के पिंडों के रहस्य उजागर कर वैज्ञानिकों की बड़ी मदद कर सकता है। जिस कारण यह धूमकेतु सुर्खियों में बना हुआ है। कुछ समय बाद यह गायब हो जाएगा और फिर कभी लौटकर नहीं आएगा। एरीज के पूर्व निदेशक व सौर विज्ञानी डा वहाबउद्दीन ने बताया कि सूर्य की सतह पर छाया सन स्पॉट एआर 4366 बेहद खतरनाक बना हुआ है, जो अभी तक एक्स क्लास दो बड़ी ज्वालाओं के साथ एम और सी क्लास की ज्वालाओं की झड़ी लगा चुका है। जी 2 श्रेणी का भू चुंबकीय सौर तूफान का कारण बना और अभी भी यह बड़ी सौर ज्वालाओं को जन्म दे सकता है और सौर तूफानों को जन्म दे सकता है। जिस कारण दुनियाभर के सौर विज्ञानियों की नजरें इस सन स्पॉट पर बनी हुई हैं। बहरहाल इस सन स्पॉट का दायरा
दो लाख किमी के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इस काले धब्बे को सूर्यास्त व सूर्योदय के समय नग्न आंखों से देखा जा सकता है। इसके अलावा सात अन्य सन स्पॉट बने सूर्य की सतह पर फैले हुए हैं, जो कभी भी सूर्य की सतह पर विस्फोट कर बड़ी ज्वालाओं की उत्पत्ति कर सकते हैं। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि अब एक और धूमकेतु विर्ज़चोस सी/2024 इ1 17 फरवरी को पृथ्वी के सर्वाधिक करीब पहुंचने जा रहा है। फरवरी के मध्य में यह अधिकतम चमक पर पहुंच जाएगा। इसकी अनुमानित चमक 6.5 से 8.5 मैग्नीट्यूट के बीच होगी। इसे नग्न आंखों से देख पाना मुश्किल होगा, लिहाजा छोटे टेलीस्कोप के जरिए देख पाना आसान होगा। यह धूमकेतु ओर्ट क्लाउड का सदस्य है, जो 20 जनवरी को सूर्य के सबसे निकटतम बिंदु से गुजर चुका है। इसे सूर्यास्त के 45
मिनट बाद दक्षिण-पश्चिम आकाश में देखा जा सकता है। डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार फरवर माह की अंतिम भोर यादगार होने बनने जा रही है। सूर्यास्त के बाद पश्चिम के आकाश में बुध, गुरु, शुक्र, शनि, मंगल,नेपच्यून और यूरेनस नजर आएंगे। इनमें सर्वाधिक खूबसूरत शुक्र ग्रह नजर आएगा। नेपच्यून और यूरेनस को दूरबीन से देखा जा सकेगा। बुध ग्रह को सूर्यास्त के समय देखा जा सकेगा। सूर्यास्त के बाद शुक्र, बृहस्पति और लाल ग्रह मंगल को नग्न आंखों से देखा जा सकेगा। शुक्र, बुध, नेपच्यून और शनि ग्रह एक दूसरे के बेहद करीब ऊपर से नीचे की तरफ कदमताल की स्थिति में नजर आएंगे। लाल ग्रह मंगल को इनसे अलग देखा जा सजेगा, जबकि बृहस्पति और यूरेनस एक दूसरे के करीब पंक्तिबद्ध नजर आयेंगे। इन सबका भोर के समय नजर आने के कारण इस खगोलीय घटना को दुर्लभ माना जा रहा है।
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- नगर पालिका के नाजूल भूमि पर बसे लोगों को चिन्हीकरण कर कार्रवाई करने के आदेश के विरोध में भवाली शहर में लोगों का विशाल हुजूम सड़कों पर उतर आया। चौराहे पर BJP के चार नेताओं के पुतले जलाए गए और मुरदाबाद के नारे लोगों ने BJP से इन नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि ये नेता शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। बाहर भीमताल क्षेत्र के लोगों को बुलाकर नाजुल में बसे लोगों को उजाड़ने के लिए हंगामा मचा रहे हैं। गुस्साए लोगों ने चेतावनी दी कि अगर ये हमारे क्षेत्र में दोबारा आए, तो इन्हें जूतों की माला पहनाई जाएगी। उन्होंने मांग की कि सरकार नजूल में बसे लोगों को फ्रीहोल्ड देकर वैध बनाए या नियमितीकरण करे। मंगलवार को आयोजित विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे और समाजसेवी शीलू कुमार के नेतृत्व में शहर के लोग प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे। शहर के कई वॉर्ड मेम्बरों ने अपने लेटरहेड पर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कई संगठनों ने उनका साथ दिया। एक दिन पहले युवा एकता मंच जैसे संगठनो ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से बड़ी संख्या में आने की अपील की थी, जिसका असर दिखा। पूरे शहर में आक्रोश रैली निकाली गई। प्रदर्शन में नरेश पांडे, शीलू कुमार, किशन अधिकारी, पवन रावत, सुमित सिंह, प्रदीप अर्या, कबीर साह, फ़रदीन अंसारी, दीपक अर्या, रहमान कुरेशी, इदरीस खान, जावेद, बिलाल, यश, मनीष, आर्मान, सूरज, अमील, आदिल, समीत समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।4
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