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अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए जनता को किस हद तक प्रताड़ित होना पड़ता है, इसका एक खौफनाक उदाहरण आज रायगढ़ में देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के आफत बनकर बरसने के बीच, सहारा इंडिया के ठगे जा चुके पीड़ित निवेशक न्याय की गुहार लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के पास गाँधी प्रतिमा के नीचे कुर्सियां डालकर धरने पर बैठ गए। भीगे हुए शरीर और आँखों में आँसुओं के साथ पीड़ितों ने सिस्टम की कथित निकम्मेपन के खिलाफ हुंकार भरी है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कड़कड़ाती बारिश और गीली ज़मीन पर बुजुर्ग और मध्यमवर्गीय पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहे हैं। धरने पर बैठे पीड़ितों ने चीख-चीखकर 'सहारा इंडिया हाय-हाय' और 'अपराधी पुलिस वाले हाय-हाय' के नारे लगाए। उनका सीधा आरोप है कि सहारा के रसूखदार अधिकारी उनकी खून-पसीने की कमाई डकार कर ऐश कर रहे हैं, जबकि रक्षक बनी पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है। पीड़ितों ने आक्रोश में कहा कि लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों का पैसा डूबा हुआ है; लोग दाने-दाने को तरस रहे हैं, शादियां रुक गई हैं, इलाज के पैसे नहीं हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने इस मूसलाधार बारिश में अपनी ही रकम की वापसी के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होने की बात कही। भीषण बारिश के बीच अपनी मांगों पर अड़े निवेशकों ने आखिरकार तहसीलदार को श्रीमान जिलाध्यक्ष के नाम एक बेहद सख्त 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य माँगें हैं: सहारा इंडिया के 22 फरार आरोपी मैनेजर्स की तत्काल गिरफ्तारी; आरोपी मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि शर्मा के फ्रीज खातों को कथित 'अवैध' रूप से अनफ्रीज करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज करना; सभी फरार आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें कुर्क करने के लिए केस कलेक्टर न्यायालय भेजा जाना; ओमप्रकाश शर्मा की कुर्क हो चुकी संपत्तियों से आ रहा पूरा किराया सीधे कलेक्टर न्यायालय में जमा कराया जाना; और बचे हुए अन्य सभी आरोपी मैनेजर्स की संपत्तियों को भी कुर्क करने की फाइल तुरंत आगे बढ़ाना। इस आंदोलन का नेतृत्व रविशंकर दुबे, कैलाश अग्रवाल, धरनीधर वाजपेयी और नरेश कंकरवाल जैसे पीड़ित कर रहे हैं। पीड़ितों ने साफ कर दिया है कि यह बारिश तो सिर्फ एक शुरुआत है और अगर प्रशासन ने उनकी जमा पूंजी वापस नहीं दिलाई तथा फरार ठगों को गिरफ्तार नहीं किया, तो यह गुस्सा पूरे जिले को हिलाकर रख देगा। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक कथित सफेदपोश ठगों के आगे बेबस जनता यूं ही सड़कों पर भीगती और रोती रहेगी और क्या प्रशासन अब भी जागेगा या इस चीख को भी अनसुना कर देगा?

4 hrs ago
user_RM24 News
RM24 News
Local News Reporter Raigarh, Chhattisgarh•
4 hrs ago
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अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए जनता को किस हद तक प्रताड़ित होना पड़ता है, इसका एक खौफनाक उदाहरण आज रायगढ़ में देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के आफत बनकर बरसने के बीच, सहारा इंडिया के ठगे जा चुके पीड़ित निवेशक न्याय की गुहार लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के पास गाँधी प्रतिमा के नीचे कुर्सियां डालकर धरने पर बैठ गए। भीगे हुए शरीर और आँखों में आँसुओं के साथ पीड़ितों ने सिस्टम की कथित निकम्मेपन के खिलाफ हुंकार भरी है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कड़कड़ाती बारिश और गीली ज़मीन पर बुजुर्ग और मध्यमवर्गीय पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहे हैं। धरने पर बैठे पीड़ितों ने चीख-चीखकर 'सहारा इंडिया हाय-हाय' और 'अपराधी पुलिस वाले हाय-हाय' के नारे लगाए। उनका सीधा आरोप है कि सहारा के रसूखदार अधिकारी

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उनकी खून-पसीने की कमाई डकार कर ऐश कर रहे हैं, जबकि रक्षक बनी पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है। पीड़ितों ने आक्रोश में कहा कि लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों का पैसा डूबा हुआ है; लोग दाने-दाने को तरस रहे हैं, शादियां रुक गई हैं, इलाज के पैसे नहीं हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने इस मूसलाधार बारिश में अपनी ही रकम की वापसी के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होने की बात कही। भीषण बारिश के बीच अपनी मांगों पर अड़े निवेशकों ने आखिरकार तहसीलदार को श्रीमान जिलाध्यक्ष के नाम एक बेहद सख्त 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य माँगें हैं: सहारा इंडिया के 22 फरार आरोपी मैनेजर्स की तत्काल गिरफ्तारी; आरोपी मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि शर्मा के फ्रीज खातों को कथित 'अवैध' रूप से अनफ्रीज करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज करना; सभी फरार

आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें कुर्क करने के लिए केस कलेक्टर न्यायालय भेजा जाना; ओमप्रकाश शर्मा की कुर्क हो चुकी संपत्तियों से आ रहा पूरा किराया सीधे कलेक्टर न्यायालय में जमा कराया जाना; और बचे हुए अन्य सभी आरोपी मैनेजर्स की संपत्तियों को भी कुर्क करने की फाइल तुरंत आगे बढ़ाना। इस आंदोलन का नेतृत्व रविशंकर दुबे, कैलाश अग्रवाल, धरनीधर वाजपेयी और नरेश कंकरवाल जैसे पीड़ित कर रहे हैं। पीड़ितों ने साफ कर दिया है कि यह बारिश तो सिर्फ एक शुरुआत है और अगर प्रशासन ने उनकी जमा पूंजी वापस नहीं दिलाई तथा फरार ठगों को गिरफ्तार नहीं किया, तो यह गुस्सा पूरे जिले को हिलाकर रख देगा। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक कथित सफेदपोश ठगों के आगे बेबस जनता यूं ही सड़कों पर भीगती और रोती रहेगी और क्या प्रशासन अब भी जागेगा या इस चीख को भी अनसुना कर देगा?

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  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ जिले में चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, चौकी जोबी पुलिस ने ग्राम जोबी में दबिश देकर 15 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान ग्राम जोबी के जवाहर मोहल्ला निवासी 52 वर्षीय नोनी बाई डनसेना, पति स्व. संतराम के रूप में हुई है। चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी राठौर अपनी टीम के साथ क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध जागरूकता अभियान चला रही हैं, जिसमें ग्रामीणों को शराबबंदी को प्रभावी बनाने और अवैध शराब की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान, 05 जुलाई 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि नोनी बाई डनसेना अपने घर पर अवैध रूप से महुआ शराब बेच रही है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। पुलिस को देखते ही वहां शराब पीने वाले कुछ लोग भाग गए, लेकिन नोनी बाई डनसेना अपने घर में शराब बेचते हुए पाई गई। पूछताछ में उसने महुआ शराब बनाकर बेचने की बात स्वीकार की और अपने घर से 20 लीटर क्षमता के डिब्बे में रखे 10 लीटर तथा एक जरीकेन में भरे 5 लीटर सहित कुल 15 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत ₹3,000 बताई गई है, बरामद कराई। यह शराब गवाहों की उपस्थिति में जब्त की गई। आरोपिया के खिलाफ चौकी जोबी, थाना खरसिया में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने बताया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ जिले में चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, चौकी जोबी पुलिस ने ग्राम जोबी में दबिश देकर 15 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान ग्राम जोबी के जवाहर मोहल्ला निवासी 52 वर्षीय नोनी बाई डनसेना, पति स्व. संतराम के रूप में हुई है।

चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी राठौर अपनी टीम के साथ क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध जागरूकता अभियान चला रही हैं, जिसमें ग्रामीणों को शराबबंदी को प्रभावी बनाने और अवैध शराब की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान, 05 जुलाई 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि नोनी बाई डनसेना अपने घर पर अवैध रूप से महुआ शराब बेच रही है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। पुलिस को देखते ही वहां शराब पीने वाले कुछ लोग भाग गए, लेकिन नोनी बाई डनसेना अपने घर में शराब बेचते हुए पाई गई। पूछताछ में उसने महुआ शराब बनाकर बेचने की बात स्वीकार की और अपने घर से 20 लीटर क्षमता के डिब्बे में रखे 10 लीटर तथा एक जरीकेन में भरे 5 लीटर सहित कुल 15 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत ₹3,000 बताई गई है, बरामद कराई। यह शराब गवाहों की उपस्थिति में जब्त की गई।

आरोपिया के खिलाफ चौकी जोबी, थाना खरसिया में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने बताया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • ड्राइवरों के हितों को लेकर महासंघ द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, रायगढ़ में संगठन की जिला इकाई का भी गठन किया गया है।
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    ड्राइवरों के हितों को लेकर महासंघ द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, रायगढ़ में संगठन की जिला इकाई का भी गठन किया गया है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए जनता को किस हद तक प्रताड़ित होना पड़ता है, इसका एक खौफनाक उदाहरण आज रायगढ़ में देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के आफत बनकर बरसने के बीच, सहारा इंडिया के ठगे जा चुके पीड़ित निवेशक न्याय की गुहार लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के पास गाँधी प्रतिमा के नीचे कुर्सियां डालकर धरने पर बैठ गए। भीगे हुए शरीर और आँखों में आँसुओं के साथ पीड़ितों ने सिस्टम की कथित निकम्मेपन के खिलाफ हुंकार भरी है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कड़कड़ाती बारिश और गीली ज़मीन पर बुजुर्ग और मध्यमवर्गीय पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहे हैं। धरने पर बैठे पीड़ितों ने चीख-चीखकर 'सहारा इंडिया हाय-हाय' और 'अपराधी पुलिस वाले हाय-हाय' के नारे लगाए। उनका सीधा आरोप है कि सहारा के रसूखदार अधिकारी उनकी खून-पसीने की कमाई डकार कर ऐश कर रहे हैं, जबकि रक्षक बनी पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है। पीड़ितों ने आक्रोश में कहा कि लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों का पैसा डूबा हुआ है; लोग दाने-दाने को तरस रहे हैं, शादियां रुक गई हैं, इलाज के पैसे नहीं हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने इस मूसलाधार बारिश में अपनी ही रकम की वापसी के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होने की बात कही। भीषण बारिश के बीच अपनी मांगों पर अड़े निवेशकों ने आखिरकार तहसीलदार को श्रीमान जिलाध्यक्ष के नाम एक बेहद सख्त 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य माँगें हैं: सहारा इंडिया के 22 फरार आरोपी मैनेजर्स की तत्काल गिरफ्तारी; आरोपी मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि शर्मा के फ्रीज खातों को कथित 'अवैध' रूप से अनफ्रीज करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज करना; सभी फरार आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें कुर्क करने के लिए केस कलेक्टर न्यायालय भेजा जाना; ओमप्रकाश शर्मा की कुर्क हो चुकी संपत्तियों से आ रहा पूरा किराया सीधे कलेक्टर न्यायालय में जमा कराया जाना; और बचे हुए अन्य सभी आरोपी मैनेजर्स की संपत्तियों को भी कुर्क करने की फाइल तुरंत आगे बढ़ाना। इस आंदोलन का नेतृत्व रविशंकर दुबे, कैलाश अग्रवाल, धरनीधर वाजपेयी और नरेश कंकरवाल जैसे पीड़ित कर रहे हैं। पीड़ितों ने साफ कर दिया है कि यह बारिश तो सिर्फ एक शुरुआत है और अगर प्रशासन ने उनकी जमा पूंजी वापस नहीं दिलाई तथा फरार ठगों को गिरफ्तार नहीं किया, तो यह गुस्सा पूरे जिले को हिलाकर रख देगा। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक कथित सफेदपोश ठगों के आगे बेबस जनता यूं ही सड़कों पर भीगती और रोती रहेगी और क्या प्रशासन अब भी जागेगा या इस चीख को भी अनसुना कर देगा?
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    अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए जनता को किस हद तक प्रताड़ित होना पड़ता है, इसका एक खौफनाक उदाहरण आज रायगढ़ में देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के आफत बनकर बरसने के बीच, सहारा इंडिया के ठगे जा चुके पीड़ित निवेशक न्याय की गुहार लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के पास गाँधी प्रतिमा के नीचे कुर्सियां डालकर धरने पर बैठ गए। भीगे हुए शरीर और आँखों में आँसुओं के साथ पीड़ितों ने सिस्टम की कथित निकम्मेपन के खिलाफ हुंकार भरी है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

एक वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कड़कड़ाती बारिश और गीली ज़मीन पर बुजुर्ग और मध्यमवर्गीय पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहे हैं। धरने पर बैठे पीड़ितों ने चीख-चीखकर 'सहारा इंडिया हाय-हाय' और 'अपराधी पुलिस वाले हाय-हाय' के नारे लगाए। उनका सीधा आरोप है कि सहारा के रसूखदार अधिकारी उनकी खून-पसीने की कमाई डकार कर ऐश कर रहे हैं, जबकि रक्षक बनी पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है। पीड़ितों ने आक्रोश में कहा कि लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों का पैसा डूबा हुआ है; लोग दाने-दाने को तरस रहे हैं, शादियां रुक गई हैं, इलाज के पैसे नहीं हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने इस मूसलाधार बारिश में अपनी ही रकम की वापसी के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होने की बात कही।

भीषण बारिश के बीच अपनी मांगों पर अड़े निवेशकों ने आखिरकार तहसीलदार को श्रीमान जिलाध्यक्ष के नाम एक बेहद सख्त 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य माँगें हैं: सहारा इंडिया के 22 फरार आरोपी मैनेजर्स की तत्काल गिरफ्तारी; आरोपी मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि शर्मा के फ्रीज खातों को कथित 'अवैध' रूप से अनफ्रीज करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज करना; सभी फरार आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें कुर्क करने के लिए केस कलेक्टर न्यायालय भेजा जाना; ओमप्रकाश शर्मा की कुर्क हो चुकी संपत्तियों से आ रहा पूरा किराया सीधे कलेक्टर न्यायालय में जमा कराया जाना; और बचे हुए अन्य सभी आरोपी मैनेजर्स की संपत्तियों को भी कुर्क करने की फाइल तुरंत आगे बढ़ाना।

इस आंदोलन का नेतृत्व रविशंकर दुबे, कैलाश अग्रवाल, धरनीधर वाजपेयी और नरेश कंकरवाल जैसे पीड़ित कर रहे हैं। पीड़ितों ने साफ कर दिया है कि यह बारिश तो सिर्फ एक शुरुआत है और अगर प्रशासन ने उनकी जमा पूंजी वापस नहीं दिलाई तथा फरार ठगों को गिरफ्तार नहीं किया, तो यह गुस्सा पूरे जिले को हिलाकर रख देगा। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक कथित सफेदपोश ठगों के आगे बेबस जनता यूं ही सड़कों पर भीगती और रोती रहेगी और क्या प्रशासन अब भी जागेगा या इस चीख को भी अनसुना कर देगा?
    user_RM24 News
    RM24 News
    Local News Reporter Raigarh, Chhattisgarh•
    4 hrs ago
  • जहाँगीर में धान के घटिया बीज की आपूर्ति को लेकर बीज निगम पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद रायपुर से एक जाँच दल मौके पर पहुँचा है। इस जाँच में बीज निगम की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जिससे क्षेत्र के किसानों में बीज निगम के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
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    जहाँगीर में धान के घटिया बीज की आपूर्ति को लेकर बीज निगम पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद रायपुर से एक जाँच दल मौके पर पहुँचा है। इस जाँच में बीज निगम की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जिससे क्षेत्र के किसानों में बीज निगम के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • कोरबा जिले के बारपाली में एक सरपंच के घर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों द्वारा चोरों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की जा रही है।
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    कोरबा जिले के बारपाली में एक सरपंच के घर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों द्वारा चोरों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की जा रही है।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • रायगढ़ में सहारा निवेशकों का गुस्सा एक बार फिर भड़क उठा है। इसी के चलते निवेशकों ने शहर की गांधी प्रतिमा के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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    रायगढ़ में सहारा निवेशकों का गुस्सा एक बार फिर भड़क उठा है। इसी के चलते निवेशकों ने शहर की गांधी प्रतिमा के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • सक्ति जिले के ग्राम पंचायत सोंठी में विकास के दावों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब सड़क के अभाव में ग्रामीणों को एक 60 वर्षीय महिला कमलाबाई महंत के शव को कंधे पर उठाकर कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से श्मशान तक ले जाना पड़ा। जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में कमलाबाई का बीमारी के चलते निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए परिजन जब शव लेकर निकले, तो भारी बारिश के कारण कच्चा रास्ता पूरी तरह से कीचड़ और दलदल में बदल गया था, जिससे वाहन तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया। मजबूरन, ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक शव को अपने कंधों पर उठाकर श्मशान घाट पहुंचाया। इस दौरान उन्हें पानी से भरी बोराई नदी भी पार करनी पड़ी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस अमानवीय घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि रेलवे लाइन से बोराई नदी तक सड़क निर्माण की मांग वे वर्षों से कर रहे हैं, और मनरेगा के तहत इसका प्रस्ताव भी बना था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।
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    सक्ति जिले के ग्राम पंचायत सोंठी में विकास के दावों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब सड़क के अभाव में ग्रामीणों को एक 60 वर्षीय महिला कमलाबाई महंत के शव को कंधे पर उठाकर कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से श्मशान तक ले जाना पड़ा। जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में कमलाबाई का बीमारी के चलते निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए परिजन जब शव लेकर निकले, तो भारी बारिश के कारण कच्चा रास्ता पूरी तरह से कीचड़ और दलदल में बदल गया था, जिससे वाहन तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया।

मजबूरन, ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक शव को अपने कंधों पर उठाकर श्मशान घाट पहुंचाया। इस दौरान उन्हें पानी से भरी बोराई नदी भी पार करनी पड़ी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस अमानवीय घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि रेलवे लाइन से बोराई नदी तक सड़क निर्माण की मांग वे वर्षों से कर रहे हैं, और मनरेगा के तहत इसका प्रस्ताव भी बना था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।
    user_Lala upadhyay
    Lala upadhyay
    Local News Reporter Sakti, Chhattisgarh•
    10 hrs ago
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