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रेस्टोरेंट का खाना बना मौत का वजह? कैमूर में खाना खाने के बाद तीन युवकों की बिगड़ी तबियत, एक की मौत!जायका रेस्टोरेंट किया गया बंद,डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप
Om Prakash Tiwari
रेस्टोरेंट का खाना बना मौत का वजह? कैमूर में खाना खाने के बाद तीन युवकों की बिगड़ी तबियत, एक की मौत!जायका रेस्टोरेंट किया गया बंद,डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप
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- Post by Om Prakash Tiwari1
- कैमूर। जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस (भारत गैस) की किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। गैस सिलेंडर के लिए मची हाहाकार के बीच स्थानीय लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। विशेष रूप से गृहणियों के लिए यह स्थिति किसी मुसीबत से कम नहीं है। सुबह की पहली किरण के साथ लगती हैं कतारें मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि कुदरा स्थित गैस एजेंसी पर नजारा किसी मेले जैसा होता है, लेकिन यहाँ उत्साह नहीं बल्कि आक्रोश और बेबसी दिखती है। सिलेंडर पाने की उम्मीद में महिलाएं और बुजुर्ग सुबह तड़के ही लाइन में लग जाते हैं। घंटों चिलचिलाती धूप और लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद, शाम तक कई उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है। रसोई का बिगड़ा बजट और स्वास्थ्य पर संकट गैस न मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में रसोई का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है। स्थानीय महिलाओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि "सिलेंडर खत्म होने से हमें फिर से पुराने दौर की तरह लकड़ी और उपलों पर खाना बनाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय ज्यादा लगता है, बल्कि धुएं के कारण आंखों और सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है।" प्रशासन और विभाग की चुप्पी पर सवाल ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गैस की सप्लाई नियमित नहीं की जा रही है। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि आखिर आपूर्ति में इस कदर बाधा क्यों आ रही है? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। प्रमुख मांगें: • गैस की आपूर्ति को तत्काल सुचारू बनाया जाए। • वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए ताकि कालाबाजारी की संभावना न रहे। • उपभोक्ताओं के लिए एजेंसी पर बुनियादी सुविधाएं (छाया और पानी) उपलब्ध हों। फिलहाल, कुदरा की जनता टकटकी लगाए प्रशासन की ओर देख रही है कि कब उनकी रसोई में फिर से गैस चूल्हा जलेगा और उन्हें इन लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।2
- Post by आजाद जमावादी1
- डेहरी के नेहरू कॉलेज के पास बुधवार को दोपहर क़रीब तीन बजे एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जहां एक बाइक और ट्रेलर (बड़े मालवाहक वाहन) के बीच जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया,घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। बताया जा रहा है कि ट्रेलर की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे हादसा हुआ,सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायल की पहचान और उसकी स्थिति को लेकर अधिक जानकारी सामने नहीं आई है,प्रशासन ने लोगों से सड़क पर सावधानी बरतने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव व सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू मंगलवार को किसानों के मुद्दे पर एक बार फिर मुखर नजर आए। धान खरीद में दुश्वारियां झेलने वाले किसान अब गेहूं खरीद में लापरवाही की शिकायत लेकर मनोज सिंह डब्लू के पास पहुंचे, जिसे संज्ञान में लेते हुए पूर्व विधायक ने मंगलवार को चिरईगांव स्थित गेहूं क्रय केन्द्र का निरीक्षण किया, जहां बड़ी मात्रा में गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा मिला। इस दौरान पीड़ित किसानों ने पूर्व विधायक को बताया कि उन्होंने गेहूं की खरीद के लिए पिछले सोमवार को अपनी उपज क्रय केन्द्र पर गिराई थी, लेकिन आज आठ दिन का वक्त बीत जाने के बाद भी उसकी खरीद नहीं हो सकी। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि जनपद में गेहूं खरीद के लिए बोरा उपलब्ध नहीं है, जिस वजह से गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। इस पर मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार, जो किसानों की आय डबल करने का दावा आए दिन करती है वह गेहूं की खरीद के लिए बोरा तक उपलब्ध कराने में नाकाम है। उन्होंने जिला प्रशासन व क्रय केन्द्र प्रभारी को चेतावनी दिया कि जल्द से जल्द बोरा की व्यवस्था कर गेहूं की खरीद को मुकम्मल करें। अन्यथा मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। इसी फसल से होने वाली आय पर किसान परिवार के बेटियों की शादी का जिम्मा है। बड़े-बुजुर्गों की दवाई का खर्च इसी अनाज की बिक्री से होने वाली आय से होता है। इतना ही नहीं किसान के बेटे की पढ़ाई का बोझ भी अनाज से होने वाली आय पर आश्रित है। तंज किया कि सरकार की ओर से किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि की राशि से किसानों का खर्च चलने वाला नहीं है। ऐसे में किसानों के इस अतिगंभीर मसले पर जिला प्रशासन व स्थानीय विधायक गंभीरता दिखाएं और सरकार से डिमांड कर बोरे की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए किसानों के गेहूं की खरीद को सुनिश्चित करें, अन्यथा किसानों का गुस्सा कभी भी फूट पड़ेगा।3
- Post by Premjeet kushwaha1
- video ko jayada se jayada share and comment kare 🙏 bhai ko ap log support kare age badhaiye ap log ke hi support se ham log age badhenge ap log bhuliye na bhai ko support kariye1
- कैमूर। जिले के कुदरा नगर पंचायत क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय नगरवासी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे नाले की दिशा और गुणवत्ता को लेकर सड़कों पर उतर आए। कुदरा थाना के समीप चल रहे इस निर्माण कार्य को गलत बताते हुए लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और काम को बीच में ही रुकवा दिया। निर्माण की दिशा पर उठे सवाल बता दें कि ग्रामीणों का आरोप है कि नाले का निर्माण गलत दिशा में कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में जलजमाव और अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। प्रदर्शन के दौरान जब लोगों ने मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से तकनीकी जानकारी मांगी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे नागरिकों का आक्रोश और बढ़ गया। मौके पर पहुँचे जनप्रतिनिधि वही हंगामे की सूचना मिलते ही नगर अध्यक्ष सुरेंद्र पाल घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को शांत कराया। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुखिया अशोक कुमार, संजू पाण्डेय और विभिन्न वार्डों के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में निर्माण कार्य की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। अधिकारियों को दी गई चेतावनी वही मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुखिया अशोक कुमार ने NHAI के वरीय अधिकारियों से फोन पर बात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया और तुरंत कार्रवाई की मांग की। वहीं, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि "इस संबंध में जिलाधिकारी को पहले ही लिखित आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद बिना जांच के काम शुरू करना गलत है। अगर बिना सुधार के दोबारा काम शुरू हुआ, तो हम जन आंदोलन को और उग्र करेंगे।" फिलहाल निर्माण कार्य बंद है और स्थानीय लोग अब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप तथा तकनीकी जांच का इंतजार कर रहे हैं।2