चम्मत राय महान व्यक्तित्व व सनातन संस्कृति के महानायक-महेश ----********************मिश्रा****/////////*******////////// 000================================00000 चम्पत राय जैसे महापुरुष सदियो में जन्म लेते है जो सर्वत्र त्याग कर राष्ट्र, धर्म, और संस्कृति की सेवा कार्य में लग जाते है । चंपत राय जी संघ के प्रचारक है और स्व० अशोक सिंघल जी के साथ राम मंदिर आंदोलन से जुड़े और उनके साथ विश्व हिन्दू परिषद एवं श्री राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के कार्य में निरंतर लगे रहे एक समय आया जब स्व० अशोक सिंघल जी ने शरीर त्याग दिया तो संघ समेत पूरे समाज में यह चिंता उत्पन्न हुई कि अब अशोक जी के बाद राम मंदिर आंदोलन की बाग़डोर कौन संभालेगा तो एक ही नाम सब के मुंह पर था चंपत राय और फिर rss ने चंपत जी को पूरी जिम्मेदारी सौंप दी। तब से आजतक श्री चंपत राय ने न्यायालय से निर्माण तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर के संपूर्ण व्यवस्था को बखूबी निभाया और आज भव्य मंदिर तैयार होकर खड़ा है और उन देश द्रोही और धर्म विरोधियों के छाती पर सांप बन कर लोट रहा है जिन्होंने ये संकल्प ले रक्खा था कि भगवान श्री राम के जन्म स्थल पर हम कभी भी उनका मंदिर नहीं बनने देंगे कांग्रेस जिन्होंने हर बार न्यायालय पर यह दबाव डाला कि अगर मंदिर के पक्ष में फैसला आया तो लॉ एंड ऑर्डर खराब हो जाएगा ,जिसे सरकार संभाल पाने में असमर्थ है और मुस्लिमों को खुश करने में लगी रही तो वही उत्तर प्रदेश में भी bjp को छोड़ दे तो जो भी सरकार रही वो राम विरोधी ही साबित हुई । समाजवादी सरकार ने तो हद ही पार कर दी श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आए कारसेवक पर अंधाधुंध गोलिया चलवा दी और अयोध्या को खून से लथपथ कर दिया मां सरयू का पानी लाल हो गया और एक बार पुनः आजाद भारत में जालिया वाला बाग की घटना को दोहरा दिया गया। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर जबरन बनाए गए विवादित खड़े ढांचे को मस्जिद बता दिया और कहा समाजवादी पार्टी बाबरी मस्जिद की सुरक्षा के लिए संकल्प बद्ध है और मुस्लिमों के साथ है वो कभी भी राम मंदिर नहीं बनने देगी चाहे उसके लिए हजारों हिंदुओं को बार बार हो क्यों न मरना पड़े । इन सभी मुसीबतो के बाद भी विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में माननीय चंपत राय भव्य मंदिर निर्माण के स्वप्न को साकार करने के कार्य में लगे रहे । इस सच्चाई को हिंदू समाज भलीभांति जानता है,। राम जन्मभूमि के लिए पूरा जीवन लगा देने वाले चंपत राय की भक्ति भावना अत्यंत उत्तम रही है। राममंदिर के गणना विभाग में हुई गड़बड़ी के लिए सीधे महासचिव को दोषी मानने का कोई कारण नहीं। आज समय थोड़ा गड़बड़ हो गया तो विपक्ष का भाग्य खुल गया। वास्तव में विपक्ष तो इनको पहले से ही घेरने का इच्छुक था। चम्मत राय हिंदू समाज के ऐसे योद्धा हैं जिससे सनातन संस्कृति के विरोधी घबराते थे लेकिन चढ़ावा चोरी के बहाने उनपर हमलावर है। सपा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी कुछ ज्यादा ही उग्ररूप धारण कर रखा है। उन्हें तो सनातन संस्कृति पर हमला बोलने का अवसर मिल गया जिसकी उन्हें तलाश थी। एक ऐसी घटना जिसे अंजाम देने वाले अपनी करनी का फल भोग रहे हैं।और जो बाकी लोग हैं उनकी भी तलाश जारी है कोई भी बचने वाला नहीं है कानून के मुताबिक उसे सजा तो मिलनी ही है और समाज में भी वह सदैव हीन भावना से देखा जाएगा। चम्मत राय के प्रति जो निकेटिव भाव सनातन विरोधी लोगों के द्वारा प्रसारित किया गया जागरूक सनातनी को आगे आकर उन्हीं की मुद्रा में जबरदस्त जबाब देने की आवश्यकता है। किसी भी संस्थान के किसी एक व्यक्ति के भ्रष्ट होने पर पूरा संस्थान न ही दोषी होता है और न ही पूरे संस्थान में बदलाव होता है। फिर रामजन्मभूमि ट्रस्ट के कोष विभाग में कुछ गणना कर्मियों के भ्रष्ट निकलने पर सीधे महासचिव या अन्य कोई भी पदाधिकारी भ्रष्ट कैसे मान लिया गया? फिर भी चंपत राय ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर एकांतवास में चले गये, कोई सफाई नहीं दिये। इसका मतलब यह नहीं कि वह अपराधी ही हो गये। बिना तथ्यों को समझे चंपत राय जैसे तपस्वी और राममंदिर निर्माण के महानायक को खलनायक समझना उनके साथ अन्याय होगा। चंपतराय वह महान आत्मा हैं । जिस व्यक्ति का अपना बैंक बैलेंस नही न घर न घर परिवार से विशेष नाता उनकी समर्पित शैली पर संदेह करना अपने आप पर संदेह करने के समान है। हिंदू विचारक महेश मिश्रा ने कहा है कि आदरणीय चंपत राय जी चन्दन के समान पवित्र है। हम सभी सनातनी को उन पर गर्व करना चाहिए ऐसे महान व्यक्तित्व के इंसान सदियों में प्राप्त होते है।
चम्मत राय महान व्यक्तित्व व सनातन संस्कृति के महानायक-महेश ----********************मिश्रा****/////////*******////////// 000================================00000 चम्पत राय जैसे महापुरुष सदियो में जन्म लेते है जो सर्वत्र त्याग कर राष्ट्र, धर्म, और संस्कृति की सेवा कार्य में लग जाते है । चंपत राय जी संघ के प्रचारक है और स्व० अशोक सिंघल जी के साथ राम मंदिर आंदोलन से जुड़े और उनके साथ विश्व हिन्दू परिषद एवं श्री राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के कार्य में निरंतर लगे रहे एक समय आया जब स्व० अशोक सिंघल जी ने शरीर त्याग दिया तो संघ समेत पूरे समाज में यह चिंता उत्पन्न हुई कि अब अशोक जी के बाद राम मंदिर आंदोलन की बाग़डोर कौन संभालेगा तो एक ही नाम सब के मुंह पर था चंपत राय और फिर rss ने चंपत जी को पूरी जिम्मेदारी सौंप दी। तब से आजतक श्री चंपत राय ने न्यायालय से निर्माण तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर के संपूर्ण व्यवस्था को बखूबी निभाया और आज भव्य मंदिर तैयार होकर खड़ा है और उन देश द्रोही और धर्म विरोधियों के छाती पर सांप बन कर लोट रहा है जिन्होंने ये संकल्प ले रक्खा था कि भगवान श्री राम के जन्म स्थल पर हम कभी भी उनका मंदिर नहीं बनने देंगे कांग्रेस जिन्होंने हर बार न्यायालय पर यह दबाव डाला कि अगर मंदिर के पक्ष में फैसला आया तो लॉ एंड ऑर्डर खराब हो जाएगा ,जिसे सरकार संभाल पाने में असमर्थ है और मुस्लिमों को खुश करने में लगी रही तो वही उत्तर प्रदेश में भी bjp को छोड़ दे तो जो भी सरकार रही वो राम विरोधी ही साबित हुई । समाजवादी सरकार ने तो हद ही पार कर दी श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आए कारसेवक पर अंधाधुंध गोलिया चलवा दी और अयोध्या को खून से लथपथ कर दिया मां सरयू का पानी लाल हो गया और एक बार पुनः आजाद भारत में जालिया वाला बाग की घटना को दोहरा दिया गया। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर जबरन बनाए गए विवादित खड़े ढांचे को मस्जिद बता दिया और कहा समाजवादी पार्टी बाबरी मस्जिद की सुरक्षा के लिए संकल्प बद्ध है और मुस्लिमों के साथ है वो कभी भी राम मंदिर नहीं बनने देगी चाहे उसके लिए हजारों हिंदुओं को बार बार हो क्यों न मरना पड़े । इन सभी मुसीबतो के बाद भी विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में माननीय चंपत राय भव्य मंदिर निर्माण के स्वप्न को साकार करने के कार्य में लगे रहे । इस सच्चाई को हिंदू समाज भलीभांति जानता है,। राम जन्मभूमि के लिए पूरा जीवन लगा देने वाले चंपत राय की भक्ति भावना अत्यंत उत्तम रही है। राममंदिर के गणना विभाग में हुई गड़बड़ी के लिए सीधे महासचिव को दोषी मानने का कोई कारण नहीं। आज समय थोड़ा गड़बड़ हो गया तो विपक्ष का भाग्य खुल गया। वास्तव में विपक्ष तो इनको पहले से ही घेरने का इच्छुक था। चम्मत राय हिंदू समाज के ऐसे योद्धा हैं जिससे सनातन संस्कृति के विरोधी घबराते थे लेकिन चढ़ावा चोरी के बहाने उनपर हमलावर है। सपा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी कुछ ज्यादा ही उग्ररूप धारण कर रखा है। उन्हें तो सनातन संस्कृति पर हमला बोलने का अवसर मिल गया जिसकी उन्हें तलाश थी। एक ऐसी घटना जिसे अंजाम देने वाले अपनी करनी का फल भोग रहे हैं।और जो बाकी लोग हैं उनकी भी तलाश जारी है कोई भी बचने वाला नहीं है कानून के मुताबिक उसे सजा तो मिलनी ही है और समाज में भी वह सदैव हीन भावना से देखा जाएगा। चम्मत राय के प्रति जो निकेटिव भाव सनातन विरोधी लोगों के द्वारा प्रसारित किया गया जागरूक सनातनी को आगे आकर उन्हीं की मुद्रा में जबरदस्त जबाब देने की आवश्यकता है। किसी भी संस्थान के किसी एक व्यक्ति के भ्रष्ट होने पर पूरा संस्थान न ही दोषी होता है और न ही पूरे संस्थान में बदलाव होता है। फिर रामजन्मभूमि ट्रस्ट के कोष विभाग में कुछ गणना कर्मियों के भ्रष्ट निकलने पर सीधे महासचिव या अन्य कोई भी पदाधिकारी भ्रष्ट कैसे मान लिया गया? फिर भी चंपत राय ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर एकांतवास में चले गये, कोई सफाई नहीं दिये। इसका मतलब यह नहीं कि वह अपराधी ही हो गये। बिना तथ्यों को समझे चंपत राय जैसे तपस्वी और राममंदिर निर्माण के महानायक को खलनायक समझना उनके साथ अन्याय होगा। चंपतराय वह महान आत्मा हैं । जिस व्यक्ति का अपना बैंक बैलेंस नही न घर न घर परिवार से विशेष नाता उनकी समर्पित शैली पर संदेह करना अपने आप पर संदेह करने के समान है। हिंदू विचारक महेश मिश्रा ने कहा है कि आदरणीय चंपत राय जी चन्दन के समान पवित्र है। हम सभी सनातनी को उन पर गर्व करना चाहिए ऐसे महान व्यक्तित्व के इंसान सदियों में प्राप्त होते है।
- सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने BJP-RSS-VHP पर साधा निशाना सपा नेता पवन पांडेय ने BJP-RSS-VHP पर साधा निशाना अयोध्या। सपा पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘चढ़ावे की चोरी होती है तो कोई नहीं बोलता।’ उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लोगों के मुंह से आवाज नहीं निकलती। संघ और विहिप के लोग भी चोरी पर नहीं बोलते। पवन पांडेय सांसद अवधेश प्रसाद के समर्थन में उतरे हैं। उन्होंने पुतला दहन को दलित समाज का अपमान बताया। पवन पांडेय ने कहा,जनता इसका हिसाब जरूर करेगी।मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी होती है, तब संघ, विहिप और भाजपा के लोगों के मुँह से आवाज़ तक नहीं निकलती। जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने हनुमान जी महाराज, बजरंगबली जी को भाजपा का झंडा पकड़ाकर नचाया जाता है, तब आपकी भावना और सम्मान को ठेस नहीं पहुँचती। संघ, विहिप और भाजपा के लोगों को कोई तकलीफ़ नहीं होती। जब राम मंदिर पर सवाल उठाने पर भाजपा प्रवक्ता द्वारा भगवा वस्त्रधारी पुजारी को पीटा जाता है, तब संघ, विहिप और भाजपा का सम्मान नहीं जागता। लेकिन जब दलित बिरादरी के सांसद राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाते हैं और संघ, विहिप व भाजपा की पोल खोलते हैं, तब भारतीय जनता पार्टी, संघ, विहिप और भाजपा के लोगों को बहुत बुरा लगता है। जिस तरह संघ, विहिप और भाजपा के लोगों द्वारा माननीय सांसद श्री अवधेश प्रसाद जी का पुतला फूँककर तथा उनके चित्र के साथ दुर्व्यवहार कर उन्हें अपमानित किया गया, वह केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे PDA समाज और दलित समाज का अपमान है। यह अयोध्या के 18 लाख निवासियों का भी अपमान है। प्रभु श्रीराम जी की देवतुल्य जनता इसका हिसाब ज़रूर करेगी।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर 45 दिनों तक चले आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाये छात्र नेता पिंटू यादव सपा नेता महेंद्र यादव ने साथियों संग छात्र नेता पिंटू यादव का खंडासा में किया भाव स्वागत अयोध्या अमानीगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत जिगनाहीं खण्डासा निवासी छात्रसंघ नेता पिंटू यादव का दिल्ली के जंतर-मंतर पर 45 दिनों तक चले आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के उपलक्ष्य में खण्डासा स्थित महेंद्र प्रताप यादव के कार्यालय पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बावजूद पिंटू यादव अपने साथियों के साथ आंदोलन में डटे रहे। उनके संघर्ष और साहस के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में फूल-मालाओं से स्वागत कर उनका अभिनंदन किया गया। साथ ही साथ उपस्थित साथियों ने छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार कि कडे शब्दों में निंदा किया। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए सपा नेता महेंद्र यादव ने मौजूदा सरकार बेरोजगारी, महंगाई ,भ्रष्टाचार मिटाने मे विसफल है। गरीब व्यक्ति को शिक्षा से दूर रखना चाहती है मौजूदा सरकार। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव, छात्रसंघ नेता पिंटू यादव, हरी शंकर यादव, पवन तिवारी, पवन यादव, विनोद यादव, संजय यादव, अमित कुमार, मोनू यादव, विनय शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिशंकर यादव, गणेश कनौजिया, रविंद्र कुमार राठौर, त्रिलोकी यादव ,मोहम्मद आमिर, राम निहाल मौर्य, अशोक कुमार शर्मा ,नितेश गौतम, गुड्डू यादव, देवशरन रावत ,रनदीप विश्वकर्मा, मोहम्मद रफीक, हृदय राम गुप्ता, बबलू यादव ,सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग एवं युवा साथी उपस्थित रहे।2
- अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर समाजवादी पार्टी ने भाजपा, संघ और विहिप पर सवाल उठाए हैं। सपा का कहना है कि जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, मंदिर से जुड़े विवाद, या धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग जैसे मुद्दे सामने आते हैं, तब भाजपा, संघ और विहिप मौन रहते हैं। लेकिन जब सांसद अवधेश प्रसाद राम मंदिर के चढ़ावे का मुद्दा उठाते हैं, तब उनके विरोध में प्रदर्शन किए जाते हैं। सपा ने आरोप लगाया कि सांसद अवधेश प्रसाद का पुतला फूंकना और उनके चित्र के साथ दुर्व्यवहार करना केवल एक जनप्रतिनिधि का नहीं, बल्कि पीडीए और दलित समाज का भी अपमान है। पार्टी का कहना है कि अयोध्या की जनता इस पूरे घटनाक्रम का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।1
- सांसद अवधेश प्रसाद का अपमान पूरे PDA व दलित समाज का अपमान : पवन पांडेय अयोध्या। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय 'पवन पांडेय' ने रविवार को जारी अपने बयान में सांसद अवधेश प्रसाद के विरोध को लेकर भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर ये संगठन मौन रहे, लेकिन जब सांसद अवधेश प्रसाद ने इस विषय को उठाया तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि सांसद अवधेश प्रसाद का पुतला फूंकना तथा उनके चित्र के साथ दुर्व्यवहार करना केवल एक सांसद का नहीं, बल्कि पूरे PDA समाज, दलित समाज और अयोध्या की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को जनता के मुद्दे उठाने का पूरा अधिकार है और राजनीतिक मतभेद के नाम पर किसी का अपमान करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े अन्य मामलों में भाजपा, संघ और विहिप की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। पवन पांडेय ने कहा कि अयोध्या की देवतुल्य जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना जवाब देगी। अंत में उन्होंने "जय सियाराम" और "जय हनुमान जी महाराज" का उद्घोष करते हुए कहा कि सत्य और जनभावनाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।1
- मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी होती है, तब संघ, विहिप और भाजपा के लोगों के मुँह से आवाज़ तक नहीं निकलती। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी होती है, तब संघ, विहिप और भाजपा के लोगों के मुँह से आवाज़ तक नहीं निकलती। जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने हनुमान जी महाराज, बजरंगबली जी को भाजपा का झंडा पकड़ाकर नचाया जाता है, तब आपकी भावना और सम्मान को ठेस नहीं पहुँचती। संघ, विहिप और भाजपा के लोगों को कोई तकलीफ़ नहीं होती। जब राम मंदिर पर सवाल उठाने पर भाजपा प्रवक्ता द्वारा भगवा वस्त्रधारी पुजारी को पीटा जाता है, तब संघ, विहिप और भाजपा का सम्मान नहीं जागता। लेकिन जब दलित बिरादरी के सांसद राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाते हैं और संघ, विहिप व भाजपा की पोल खोलते हैं, तब भारतीय जनता पार्टी, संघ, विहिप और भाजपा के लोगों को बहुत बुरा लगता है। जिस तरह संघ, विहिप और भाजपा के लोगों द्वारा माननीय सांसद श्री अवधेश प्रसाद जी का पुतला फूँककर तथा उनके चित्र के साथ दुर्व्यवहार कर उन्हें अपमानित किया गया, वह केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे PDA समाज और दलित समाज का अपमान है। यह अयोध्या के 18 लाख निवासियों का भी अपमान है। प्रभु श्रीराम जी की देवतुल्य जनता इसका हिसाब ज़रूर करेगी।1
- सावन के पहले सोमवार से पहले अयोध्या में प्रशासन ने की तैयारियां तेज सावन के पहले सोमवार से पहले अयोध्या में प्रशासन ने की तैयारियां तेज अयोध्या। सावन के पहले सोमवार से पहले अयोध्या में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नयाघाट समेत कई प्रमुख घाटों पर पुरोहितों के छप्पर और तख्त हटाए जा रहे हैं। नगर निगम और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ तख्त और अन्य सामान नगर निगम ने अपने कब्जे में लिया। पुरोहितों का कहना है कि हर वर्ष सावन मेले में अस्थायी छप्पर लगाए जाते हैं। छप्पर श्रद्धालुओं और पुरोहितों को बारिश व तेज धूप से बचाने के लिए लगाए जाते हैं। पुरोहितों का कहना है कि बिना छाया के घाटों पर बैठकर पूजा-पाठ कराना मुश्किल होगा,उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। छप्पर हटाए जाने के बाद पुरोहित समाज में नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।पुरोहितों ने प्रशासन से सावन मेले के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल अयोध्या, 2 अगस्त। अयोध्या पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा संख्या 383/2026, धारा 69, 89, 115(2) एवं 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने रविवार को उसरु नहर पुलिया के पास से आरोपी महेन्द्र देव दुबे पुत्र राम नायक दुबे, निवासी देवलपारा दुबान का पुरवा, कुचेरा बाजार, थाना इनायतनगर, जनपद अयोध्या को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि त्रिपाठी के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी नगर श्रीयश त्रिपाठी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक संजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक अखिलेश तिवारी तथा कांस्टेबल श्रवण कुमार शामिल रहे।1