प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने बदली दिव्यांग परस कमार की जिंदगी* सेवा संकल्प अभियान ताराचंद कठोत्रे - बलौदाबाजार,17 2026/कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम बल्दाकछार के निवासी परस कमार विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय से संबंध रखते हैं। उनका जीवन संघर्ष, अभाव और कठिनाइयों से भरा रहा है। परस कमार पैर से दिव्यांग हैं, जिसके कारण रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्य भी उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं थे। पीएम जनमन योजना के तहत पक्का घर बन जाने से अब उनके जिंदगी मे काफ़ी बदलाव आया है। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया और उनकी माताजी भी अति वृद्ध हैं, जो उम्र और कमजोरी के कारण स्वयं सहारे की मोहताज हैं।आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वर्षों तक वे एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से टपकता पानी, ठंडी रातों में टूटती दीवारों से आती हवा, और गर्मी के मौसम में तपता हुआ घर यही उनकी जिंदगी की सच्चाई थी। हर मौसम उनके लिए एक नई परीक्षा लेकर आता था। रातों को कई बार यह डर सताता था कि कहीं कमजोर दीवारें ढह न जाएं। अपनी इस हालत को देखकर परस कमार का मन बार-बार टूट जाता था, लेकिन गरीबी के आगे वे बेबस थे। एक पक्के और सुरक्षित घर का सपना उनके लिए किसी दूर के सपने जैसा था, जिसे पूरा करना लगभग असंभव लग रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई। जिला पंचायत के सतत मार्गदर्शन, जनपद पंचायत कसडोल के सहयोग एवं ग्राम पंचायत के प्रयासों से विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग से होने के कारण उन्हें योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। आवास निर्माण कार्य समय पर प्रारंभ हुआ और धीरे-धीरे उनका सपना आकार लेने लगा।साथ ही, मनरेगा अंतर्गत 90 मानव दिवस की मजदूरी राशि भी अभिसरण के माध्यम से उन्हें प्राप्त हुई, जिससे आवास निर्माण में आर्थिक सहयोग मिला। इस राशि ने उनके लिए निर्माण कार्य को और आसान बनाया तथा आत्मनिर्भरता का संबल प्रदान किया। परस कमार का पक्का मकान बनकर तैयार है। अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून की सांस ले रहे हैं। बरसात की चिंता नहीं, ठंड की रातों का डर नहीं और गर्मी की तपिश का भय नहीं अब उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास है। यह घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि उनके संघर्षों पर मिली सबसे बड़ी जीत है। अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए परस कमार कहते हैं-“मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जैसे गरीब और दिव्यांग व्यक्ति को भी पक्का घर मिलेगा।इस सुरक्षित पक्का घर में देखकर लगता है जैसे भगवान ने मेरी सबसे बड़ी इच्छा पूरी कर दी। अब हमें डर नहीं लगता, अब हमें लगता है कि हमारा भी इस दुनिया में एक सम्मानजनक ठिकाना मिल गया है।"
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने बदली दिव्यांग परस कमार की जिंदगी* सेवा संकल्प अभियान ताराचंद कठोत्रे - बलौदाबाजार,17 2026/कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम बल्दाकछार के निवासी परस कमार विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय से संबंध रखते हैं। उनका जीवन संघर्ष, अभाव और कठिनाइयों से भरा रहा है। परस कमार पैर से दिव्यांग हैं, जिसके कारण रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्य भी उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं थे। पीएम जनमन योजना के तहत पक्का घर बन जाने से अब उनके जिंदगी मे काफ़ी बदलाव आया है। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया और उनकी माताजी भी अति वृद्ध हैं, जो उम्र और कमजोरी के कारण स्वयं सहारे की मोहताज हैं।आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वर्षों तक वे एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से टपकता पानी, ठंडी रातों में टूटती दीवारों से आती हवा, और गर्मी के मौसम में तपता हुआ घर यही उनकी जिंदगी की सच्चाई थी। हर मौसम उनके लिए एक नई परीक्षा लेकर आता था। रातों को कई बार यह डर सताता था कि कहीं कमजोर दीवारें ढह न जाएं। अपनी इस हालत को देखकर परस कमार का मन बार-बार टूट जाता था, लेकिन गरीबी के आगे वे बेबस थे। एक पक्के और सुरक्षित घर का सपना उनके लिए किसी दूर के सपने जैसा था, जिसे पूरा करना लगभग असंभव लग रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई। जिला पंचायत के सतत मार्गदर्शन, जनपद पंचायत कसडोल के सहयोग एवं ग्राम पंचायत के प्रयासों से विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग से होने के कारण उन्हें योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। आवास निर्माण कार्य समय पर प्रारंभ हुआ और धीरे-धीरे उनका सपना आकार लेने लगा।साथ ही, मनरेगा अंतर्गत 90 मानव दिवस की मजदूरी राशि भी अभिसरण के माध्यम से उन्हें प्राप्त हुई, जिससे आवास निर्माण में आर्थिक सहयोग मिला। इस राशि ने उनके लिए निर्माण कार्य को और आसान बनाया तथा आत्मनिर्भरता का संबल प्रदान किया। परस कमार का पक्का मकान बनकर तैयार है। अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून की सांस ले रहे हैं। बरसात की चिंता नहीं, ठंड की रातों का डर नहीं और गर्मी की तपिश का भय नहीं अब उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास है। यह घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि उनके संघर्षों पर मिली सबसे बड़ी जीत है। अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए परस कमार कहते हैं-“मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जैसे गरीब और दिव्यांग व्यक्ति को भी पक्का घर मिलेगा।इस सुरक्षित पक्का घर में देखकर लगता है जैसे भगवान ने मेरी सबसे बड़ी इच्छा पूरी कर दी। अब हमें डर नहीं लगता, अब हमें लगता है कि हमारा भी इस दुनिया में एक सम्मानजनक ठिकाना मिल गया है।"
- हाथियों का कहर: किसान की धान की खड़ी फसल हुई चौपट पचपेड़ी में हाथियों ने मचाई तबाही, किसान ने सोशल मीडिया पर साझा किए फोटो-वीडियो; शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे की गुहार पचपेड़ी (कसडोल)। ग्राम पचपेड़ी, विकासखंड कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में हाथियों के विचरण से एक किसान की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हाथियों द्वारा खेत में खड़ी धान की फसल को रौंदकर चौपट किए जाने से किसान के सामने आर्थिक नुकसान की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसान ने अपने खेत में हुए नुकसान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। तस्वीरों और वीडियो में फसल को हुए नुकसान को दिखाया गया है। किसान की मेहनत पर हाथियों ने फेरा पानी किसान ने मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी, लेकिन हाथियों के खेत में पहुंचने से फसल को नुकसान होने का आरोप है। ऐसे में किसान को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। हाथियों के लगातार विचरण को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों में भी अपनी फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है। सरकार से मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किसान ने शासन-प्रशासन से खेत का तत्काल मौका निरीक्षण कराकर फसल क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को देखते हुए हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि जंगली हाथियों से फसल नुकसान की स्थिति में समय पर सर्वे और मुआवजा मिलने से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।1
- पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है। इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित? शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है। अब स्पष्टता का इंतजार मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।1
- चकरभाटा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय यूवती बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाटा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय यूवती बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराई रिपोर्ट बुधवार की रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार सूचक चकरभाठा थाना छेत्र की गुम यूवती की मा ने बुधवार की रात 8.40 बजे थाना चकरभाठा मे हमराह देवर के साथ थाना उपस्थित आकर आज मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि इसकी लडकी उम्र 19 साल पता चकरभाठा थाना छेत्र दिनांक 12/09/2026 के दोपहर करीबन 12/00 बजे अपने घर से बिना बताये कही चली गई है जो अभी तक वापस नहीं आई है जिसकी आस पास रिश्तेदारो मे पता तलाश किये कही पता नहीं चला है जिसका हुलिया कद 4 फिट 5 इंच, रंग सांवली, चेहरा गोल बाल काला, शरीर सामान्य है छत्तीसगढी, हिन्दी भाषा बोलती है कक्षा 09 वी तक पढ़ाई की है, गुलाबी रंग की सलवार सुट पहनी है सूचक की सूचना पर गुम इंसान कायम कर पतासाजी में लिया गया एवं लापता व्यक्ति का ठीकाना एवं सुरक्षा अज्ञात होने से उसके किसी अज्ञात व्यकित व्यक्तियों के द्वारा ले जाकर अज्ञात स्थान पर रखे जाने के संभावना से इस स्तर पर इंकार नहीं जा सकता जिसकी तत्काल विवेचना आवश्यक है। अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निदेशों के अनुपालन में तथा वर्तमान परिस्थितियों एवं लापता होने के प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए अज्ञात व्यक्ति/ व्यक्तियो के विरूद्ध अपराध धारा 140(3) BNS 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है1
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हर जगह दिपक जलाये जाएंगे #pmmodibirthday #chhattisgarhnews #pmmodibirthdaychhattisgarh प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हर जगह दिपक जलाये जाएंगे #pmmodibirthday #chhattisgarhnews #pmmodibirthdaychhattisgarh1
- शादी के दिन ही खुल गया राज,लाखों रु का टर्नओवर बताने वाला दूल्हा निकला बेरोजगार बिलासपुर में शादी के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने खुद को बीट्स पिलानी से बीटेक और जयपुर की कंपनी में 48 लाख रुपए सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाला बताया। इतना ही नहीं, पिता के नाम 88 लाख रुपए सालाना टर्नओवर और परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन होने की जानकारी भी दी। इन दावों पर भरोसा कर युवती ने शादी कर ली, लेकिन शादी के दिन ही युवक की असली कहानी सामने आने लगी।1
- एसईसीएल में श्रमवीरों के हुनर को सलाम, 75 कर्मियों को मिला ‘विश्वकर्मा अवार्ड’ एसईसीएल में श्रमवीरों के हुनर को सलाम, 75 कर्मियों को मिला ‘विश्वकर्मा अवार्ड’1
- बिलासपुर में किसानों का 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन, धान खरीदी और बकाया राशि पर उठाई आवाज बिलासपुर। भारतीय किसान संघ ने बिलासपुर तहसील में किसानों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष खगेश के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष माधव सिंह और प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दीघ्रस्कर मौजूद रहे। किसानों ने धान खरीदी वर्ष 2022-23 की लंबित 1700 करोड़ रुपये की राशि देने, समर्थन मूल्य में 800 रुपये जोड़ने, गौवंदन योजना लागू करने, टोकन व्यवस्था सुधारने, सिंचाई परियोजनाओं में तेजी और खाद की कालाबाजारी रोकने सहित अन्य मांगें रखीं।1
- ग्राम महोदा में खड़े ट्रेलर के केबिन मे सार्ट सर्किट से लगी आग हिर्री थाना में आ ग्राम महोदा में खड़े ट्रेलर के केबिन मे सार्ट सर्किट से लगी आग हिर्री थाना में आगजनी रिपोर्ट दर्ज बुधवार की रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी महेश जैसवाल पिता ठाकुर जायसवाल पता इंदिरा नगर कोरबा ने बुधवार की दोपहर 2 बजे के करीब थाना उपस्थित आ कर आग जनी रिपोर्ट दर्ज कराई की बुधवार की सुबह 10:00 बजे के करीब ग्राम महोड़ा के राइस मिल के आगे ट्रेलर क्रमांक सीजी 12 बी एल 5766 खड़ी थी उसी वक्त अचानक सार्ट सर्किट हुवा जिसकी वजह से ट्रेलर के केबिन में अचानक आग लग गई जिसकी वजह से ट्रेलर का केबिन बुरी तरह से जलकर खाक हो गया जिसकी सूचना डाल 112 को दी गई इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है1