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पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है। इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित? शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है। अब स्पष्टता का इंतजार मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।

2 hrs ago
user_Anil Bhatt
Anil Bhatt
टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है। इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित? शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है। अब स्पष्टता का इंतजार मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।

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    पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल 
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल
शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं।
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है।
इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा
पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है।
यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित?
शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण
सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है।
वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है।
अब स्पष्टता का इंतजार
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
    user_Anil Bhatt
    Anil Bhatt
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय
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    छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय
    user_सत्य के अंजोर न्यूज
    सत्य के अंजोर न्यूज
    TV News Anchor औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • हाथियों का कहर: किसान की धान की खड़ी फसल हुई चौपट पचपेड़ी में हाथियों ने मचाई तबाही, किसान ने सोशल मीडिया पर साझा किए फोटो-वीडियो; शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे की गुहार पचपेड़ी (कसडोल)। ग्राम पचपेड़ी, विकासखंड कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में हाथियों के विचरण से एक किसान की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हाथियों द्वारा खेत में खड़ी धान की फसल को रौंदकर चौपट किए जाने से किसान के सामने आर्थिक नुकसान की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसान ने अपने खेत में हुए नुकसान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। तस्वीरों और वीडियो में फसल को हुए नुकसान को दिखाया गया है। किसान की मेहनत पर हाथियों ने फेरा पानी किसान ने मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी, लेकिन हाथियों के खेत में पहुंचने से फसल को नुकसान होने का आरोप है। ऐसे में किसान को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। हाथियों के लगातार विचरण को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों में भी अपनी फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है। सरकार से मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किसान ने शासन-प्रशासन से खेत का तत्काल मौका निरीक्षण कराकर फसल क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को देखते हुए हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि जंगली हाथियों से फसल नुकसान की स्थिति में समय पर सर्वे और मुआवजा मिलने से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।
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    हाथियों का कहर: किसान की धान की खड़ी फसल हुई चौपट

पचपेड़ी में हाथियों ने मचाई तबाही, किसान ने सोशल मीडिया पर साझा किए फोटो-वीडियो; शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे की गुहार

पचपेड़ी (कसडोल)। ग्राम पचपेड़ी, विकासखंड कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में हाथियों के विचरण से एक किसान की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हाथियों द्वारा खेत में खड़ी धान की फसल को रौंदकर चौपट किए जाने से किसान के सामने आर्थिक नुकसान की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।

किसान ने अपने खेत में हुए नुकसान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। तस्वीरों और वीडियो में फसल को हुए नुकसान को दिखाया गया है।

किसान की मेहनत पर हाथियों ने फेरा पानी

किसान ने मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी, लेकिन हाथियों के खेत में पहुंचने से फसल को नुकसान होने का आरोप है। ऐसे में किसान को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। हाथियों के लगातार विचरण को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों में भी अपनी फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है।

सरकार से मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग

किसान ने शासन-प्रशासन से खेत का तत्काल मौका निरीक्षण कराकर फसल क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को देखते हुए हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई जा रही है।

किसानों का कहना है कि जंगली हाथियों से फसल नुकसान की स्थिति में समय पर सर्वे और मुआवजा मिलने से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • सालों बाद फेस टू में चला बुलडोजर रावतपुर की कार्रवाई पर उठे सवाल रायपुर नगर निगम के जॉन क्रमांक 6 के द्वारा किए गए कार्रवाई के ऊपर में कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं की कार्रवाई जो नियमों के तहत हुई है वह तो सही है लेकिन आधी अधूरी क्यों
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    सालों बाद फेस टू में चला बुलडोजर रावतपुर की कार्रवाई पर उठे सवाल 
रायपुर नगर निगम के जॉन क्रमांक 6 के द्वारा किए गए कार्रवाई के ऊपर में कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं की कार्रवाई जो नियमों के तहत हुई है वह तो सही है लेकिन आधी अधूरी क्यों
    user_Aman Prakash
    Aman Prakash
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    17 hrs ago
  • 102 वर्षीय बेदूबाई ने रखा निर्जला तीजा व्रत, आस्था और परंपरा के प्रति दिखा अटूट समर्पण नवापारा-राजिम। तीजा पर्व पर नवापारा के बगदेही पारा स्थित शांति चौक में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां 102 वर्षीय वृद्धा बेदूबाई अग्रवाल ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निर्जला तीजा व्रत रखा। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बढ़ती उम्र के बावजूद बेदूबाई का तीजा पर्व के प्रति उत्साह और धार्मिक आस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्यों के अनुसार वे लंबे समय से तीजा पर्व की परंपरा का निर्वहन करती आ रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए व्रत रखा। बेदूबाई का कहना है कि तीजा उनके लिए केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े संस्कारों एवं परंपराओं का पर्व है। शिव-पार्वती की आराधना से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि 102 वर्ष की उम्र में भी बेदूबाई द्वारा निर्जला व्रत रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प का परिचायक है। उनकी श्रद्धा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। बेदूबाई का यह समर्पण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से गहरे जुड़ाव की मिसाल प्रस्तुत करता है।
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    102 वर्षीय बेदूबाई ने रखा निर्जला तीजा व्रत, आस्था और परंपरा के प्रति दिखा अटूट समर्पण
नवापारा-राजिम। तीजा पर्व पर नवापारा के बगदेही पारा स्थित शांति चौक में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां 102 वर्षीय वृद्धा बेदूबाई अग्रवाल ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निर्जला तीजा व्रत रखा। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बढ़ती उम्र के बावजूद बेदूबाई का तीजा पर्व के प्रति उत्साह और धार्मिक आस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्यों के अनुसार वे लंबे समय से तीजा पर्व की परंपरा का निर्वहन करती आ रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए व्रत रखा।
बेदूबाई का कहना है कि तीजा उनके लिए केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े संस्कारों एवं परंपराओं का पर्व है। शिव-पार्वती की आराधना से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि 102 वर्ष की उम्र में भी बेदूबाई द्वारा निर्जला व्रत रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प का परिचायक है। उनकी श्रद्धा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। बेदूबाई का यह समर्पण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से गहरे जुड़ाव की मिसाल प्रस्तुत करता है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    20 hrs ago
  • चकरभाटा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय यूवती बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाटा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय यूवती बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराई रिपोर्ट बुधवार की रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार सूचक चकरभाठा थाना छेत्र की गुम यूवती की मा ने बुधवार की रात 8.40 बजे थाना चकरभाठा मे हमराह देवर के साथ थाना उपस्थित आकर आज मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि इसकी लडकी उम्र 19 साल पता चकरभाठा थाना छेत्र दिनांक 12/09/2026 के दोपहर करीबन 12/00 बजे अपने घर से बिना बताये कही चली गई है जो अभी तक वापस नहीं आई है जिसकी आस पास रिश्तेदारो मे पता तलाश किये कही पता नहीं चला है जिसका हुलिया कद 4 फिट 5 इंच, रंग सांवली, चेहरा गोल बाल काला, शरीर सामान्य है छत्तीसगढी, हिन्दी भाषा बोलती है कक्षा 09 वी तक पढ़ाई की है, गुलाबी रंग की सलवार सुट पहनी है सूचक की सूचना पर गुम इंसान कायम कर पतासाजी में लिया गया एवं लापता व्यक्ति का ठीकाना एवं सुरक्षा अज्ञात होने से उसके किसी अज्ञात व्यकित व्यक्तियों के द्वारा ले जाकर अज्ञात स्थान पर रखे जाने के संभावना से इस स्तर पर इंकार नहीं जा सकता जिसकी तत्काल विवेचना आवश्यक है। अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निदेशों के अनुपालन में तथा वर्तमान परिस्थितियों एवं लापता होने के प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए अज्ञात व्यक्ति/ व्यक्तियो के विरूद्ध अपराध धारा 140(3) BNS 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है
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    चकरभाटा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय यूवती बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना
चकरभाटा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय यूवती बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराई रिपोर्ट 
बुधवार की रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार 
सूचक चकरभाठा थाना छेत्र की गुम यूवती की मा ने बुधवार की रात 8.40 बजे थाना चकरभाठा मे हमराह देवर के साथ थाना उपस्थित आकर आज  मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि इसकी लडकी उम्र 19 साल पता चकरभाठा थाना छेत्र दिनांक 12/09/2026 के दोपहर करीबन 12/00 बजे अपने घर से बिना बताये कही चली गई है जो अभी तक वापस नहीं आई है जिसकी आस पास रिश्तेदारो मे पता तलाश किये कही पता नहीं चला है जिसका हुलिया कद 4 फिट 5 इंच, रंग सांवली, चेहरा गोल बाल काला, शरीर सामान्य है छत्तीसगढी, हिन्दी भाषा बोलती है कक्षा 09 वी तक पढ़ाई की है, गुलाबी रंग की सलवार सुट पहनी है सूचक की सूचना पर गुम इंसान कायम कर पतासाजी में लिया गया 
एवं लापता व्यक्ति का ठीकाना एवं सुरक्षा अज्ञात होने से उसके किसी अज्ञात व्यकित व्यक्तियों के द्वारा ले जाकर अज्ञात स्थान पर रखे जाने के संभावना से इस स्तर पर इंकार नहीं जा सकता जिसकी तत्काल विवेचना आवश्यक है। अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निदेशों के अनुपालन में तथा वर्तमान परिस्थितियों एवं लापता होने के प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए अज्ञात व्यक्ति/ व्यक्तियो के विरूद्ध अपराध धारा 140(3) BNS 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    3 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हर जगह दिपक जलाये जाएंगे #pmmodibirthday #chhattisgarhnews #pmmodibirthdaychhattisgarh प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हर जगह दिपक जलाये जाएंगे #pmmodibirthday #chhattisgarhnews #pmmodibirthdaychhattisgarh
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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हर जगह दिपक जलाये जाएंगे
#pmmodibirthday #chhattisgarhnews #pmmodibirthdaychhattisgarh
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हर जगह दिपक जलाये जाएंगे
#pmmodibirthday #chhattisgarhnews #pmmodibirthdaychhattisgarh
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    4 hrs ago
  • 🐘 पिथौरा मुख्य मार्ग पर हाथियों का डेरा, 28 हाथियों का दल विचरणरत कुकरीकोना–पोड़ी–पचपेड़ी–कसडोल से पिथौरा मार्ग पर वन विभाग अलर्ट बलौदाबाजार। कुकरीकोना, पोड़ी, पचपेड़ी, कसडोल होते हुए पिथौरा मुख्य मार्ग के आसपास इन दिनों 28 हाथियों का दल विचरण करता नजर आ रहा है। हाथियों की मौजूदगी से क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। बलौदाबाजार वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है तथा मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हाथियों के मार्ग में अनावश्यक रूप से न जाने और उन्हें छेड़ने से बचने की सलाह दी गई है। वन विभाग की निगरानी के बीच हाथियों का विचरण क्षेत्रवासियों के लिए कौतूहल के साथ-साथ सतर्कता का विषय बना हुआ है।
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    🐘 पिथौरा मुख्य मार्ग पर हाथियों का डेरा, 28 हाथियों का दल विचरणरत

कुकरीकोना–पोड़ी–पचपेड़ी–कसडोल से पिथौरा मार्ग पर वन विभाग अलर्ट

बलौदाबाजार। कुकरीकोना, पोड़ी, पचपेड़ी, कसडोल होते हुए पिथौरा मुख्य मार्ग के आसपास इन दिनों 28 हाथियों का दल विचरण करता नजर आ रहा है। हाथियों की मौजूदगी से क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है।

बलौदाबाजार वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है तथा मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हाथियों के मार्ग में अनावश्यक रूप से न जाने और उन्हें छेड़ने से बचने की सलाह दी गई है।

वन विभाग की निगरानी के बीच हाथियों का विचरण क्षेत्रवासियों के लिए कौतूहल के साथ-साथ सतर्कता का विषय बना हुआ है।
    user_गोविन्द राम
    गोविन्द राम
    Court reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
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