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छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय

9 hrs ago
user_सत्य के अंजोर न्यूज
सत्य के अंजोर न्यूज
TV News Anchor औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
9 hrs ago

छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय

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  • छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय
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    छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय
    user_सत्य के अंजोर न्यूज
    सत्य के अंजोर न्यूज
    TV News Anchor औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • सालों बाद फेस टू में चला बुलडोजर रावतपुर की कार्रवाई पर उठे सवाल रायपुर नगर निगम के जॉन क्रमांक 6 के द्वारा किए गए कार्रवाई के ऊपर में कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं की कार्रवाई जो नियमों के तहत हुई है वह तो सही है लेकिन आधी अधूरी क्यों
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    सालों बाद फेस टू में चला बुलडोजर रावतपुर की कार्रवाई पर उठे सवाल 
रायपुर नगर निगम के जॉन क्रमांक 6 के द्वारा किए गए कार्रवाई के ऊपर में कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं की कार्रवाई जो नियमों के तहत हुई है वह तो सही है लेकिन आधी अधूरी क्यों
    user_Aman Prakash
    Aman Prakash
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    17 hrs ago
  • 102 वर्षीय बेदूबाई ने रखा निर्जला तीजा व्रत, आस्था और परंपरा के प्रति दिखा अटूट समर्पण नवापारा-राजिम। तीजा पर्व पर नवापारा के बगदेही पारा स्थित शांति चौक में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां 102 वर्षीय वृद्धा बेदूबाई अग्रवाल ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निर्जला तीजा व्रत रखा। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बढ़ती उम्र के बावजूद बेदूबाई का तीजा पर्व के प्रति उत्साह और धार्मिक आस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्यों के अनुसार वे लंबे समय से तीजा पर्व की परंपरा का निर्वहन करती आ रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए व्रत रखा। बेदूबाई का कहना है कि तीजा उनके लिए केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े संस्कारों एवं परंपराओं का पर्व है। शिव-पार्वती की आराधना से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि 102 वर्ष की उम्र में भी बेदूबाई द्वारा निर्जला व्रत रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प का परिचायक है। उनकी श्रद्धा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। बेदूबाई का यह समर्पण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से गहरे जुड़ाव की मिसाल प्रस्तुत करता है।
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    102 वर्षीय बेदूबाई ने रखा निर्जला तीजा व्रत, आस्था और परंपरा के प्रति दिखा अटूट समर्पण
नवापारा-राजिम। तीजा पर्व पर नवापारा के बगदेही पारा स्थित शांति चौक में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां 102 वर्षीय वृद्धा बेदूबाई अग्रवाल ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निर्जला तीजा व्रत रखा। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बढ़ती उम्र के बावजूद बेदूबाई का तीजा पर्व के प्रति उत्साह और धार्मिक आस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्यों के अनुसार वे लंबे समय से तीजा पर्व की परंपरा का निर्वहन करती आ रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए व्रत रखा।
बेदूबाई का कहना है कि तीजा उनके लिए केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े संस्कारों एवं परंपराओं का पर्व है। शिव-पार्वती की आराधना से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि 102 वर्ष की उम्र में भी बेदूबाई द्वारा निर्जला व्रत रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प का परिचायक है। उनकी श्रद्धा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। बेदूबाई का यह समर्पण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से गहरे जुड़ाव की मिसाल प्रस्तुत करता है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    20 hrs ago
  • पूर्ण अपडेटेड न्यूज़: निगार सुल्ताना ने टी20 कप्तानी छोड़ने का फैसला किया (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की कप्तान निगार सुल्ताना जोती ने टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह फैसला एशियन गेम्स 2026 के दौरान जापान से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को ईमेल/पत्र के जरिए बताया। मुख्य बातें: निगार सुल्ताना एशियन गेम्स के बाद टी20 कप्तानी छोड़ देंगी। अभी वे जापान में टीम के साथ हैं और एशियन गेम्स में भी टीम की कप्तानी संभालेंगी। वे ODI (वनडे) टीम की कप्तान बनी रहेंगी। कारण: उन्होंने बताया कि वे टी20 में सिर्फ विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर पूरा फोकस करना चाहती हैं। कप्तानी का अतिरिक्त दबाव कम करना चाहती हैं। BCB महिला विंग के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स से लौटने के बाद बोर्ड इस पर अंतिम फैसला करेगा। उन्होंने फैसले के समय को लेकर थोड़ी नाराजगी भी जताई है, क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले यह घोषणा हुई। कप्तानी का रिकॉर्ड: निगार 2022 से टी20 टीम की कप्तानी कर रही थीं। उन्होंने लगभग 80-82 टी20 मैचों में टीम का नेतृत्व किया, जिसमें 32 जीत और 47 हार दर्ज हुईं। उनकी कप्तानी में टीम ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड को हराकर एक दशक बाद वर्ल्ड कप जीत हासिल की थी। हाल के एशिया कप और अन्य टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे थे। आज का मैच: एशियन गेम्स में बांग्लादेश का पहला मुकाबला आज (17 सितंबर 2026) चीन की महिला टीम से है। निगार सुल्ताना इस मैच में भी टीम का नेतृत्व करेंगी। यह फैसला पूरी तरह उनका अपना है। BCB अभी इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार करने या नया कप्तान नामित करने का फैसला एशियन गेम्स के बाद लेगा। स्रोत: Prothom Alo, Cricbuzz, The Daily Star, CricTracker और BCB अधिकारियों के बयान। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    पूर्ण अपडेटेड न्यूज़: निगार सुल्ताना ने टी20 कप्तानी छोड़ने का फैसला किया
(स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़)
बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की कप्तान निगार सुल्ताना जोती ने टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह फैसला एशियन गेम्स 2026 के दौरान जापान से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को ईमेल/पत्र के जरिए बताया।
मुख्य बातें:
निगार सुल्ताना एशियन गेम्स के बाद टी20 कप्तानी छोड़ देंगी। अभी वे जापान में टीम के साथ हैं और एशियन गेम्स में भी टीम की कप्तानी संभालेंगी।
वे ODI (वनडे) टीम की कप्तान बनी रहेंगी।
कारण: उन्होंने बताया कि वे टी20 में सिर्फ विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर पूरा फोकस करना चाहती हैं। कप्तानी का अतिरिक्त दबाव कम करना चाहती हैं।
BCB महिला विंग के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स से लौटने के बाद बोर्ड इस पर अंतिम फैसला करेगा। उन्होंने फैसले के समय को लेकर थोड़ी नाराजगी भी जताई है, क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले यह घोषणा हुई।
कप्तानी का रिकॉर्ड:
निगार 2022 से टी20 टीम की कप्तानी कर रही थीं। उन्होंने लगभग 80-82 टी20 मैचों में टीम का नेतृत्व किया, जिसमें 32 जीत और 47 हार दर्ज हुईं। उनकी कप्तानी में टीम ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड को हराकर एक दशक बाद वर्ल्ड कप जीत हासिल की थी। हाल के एशिया कप और अन्य टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे थे।
आज का मैच:
एशियन गेम्स में बांग्लादेश का पहला मुकाबला आज (17 सितंबर 2026) चीन की महिला टीम से है। निगार सुल्ताना इस मैच में भी टीम का नेतृत्व करेंगी।
यह फैसला पूरी तरह उनका अपना है। BCB अभी इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार करने या नया कप्तान नामित करने का फैसला एशियन गेम्स के बाद लेगा।
स्रोत: Prothom Alo, Cricbuzz, The Daily Star, CricTracker और BCB अधिकारियों के बयान।
मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ
SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥
#swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey  SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
    user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    10 min ago
  • पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है। इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित? शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है। अब स्पष्टता का इंतजार मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
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    पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल 
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल
शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं।
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है।
इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा
पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है।
यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित?
शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण
सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है।
वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है।
अब स्पष्टता का इंतजार
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
    user_Anil Bhatt
    Anil Bhatt
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • हाई टेक हॉस्पिटल चोरी और गबन किये और फिर सुरु हुआ,,, साथ ही पूछ ताच होगा रहा है... हाई टेक हॉस्पिटल में गबन हूँ लाखों जिसके आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार क़र पूछ ताच क़र रही है ----
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    हाई टेक हॉस्पिटल  चोरी और गबन किये और फिर सुरु हुआ,,, साथ ही पूछ ताच होगा रहा है...
हाई टेक हॉस्पिटल में गबन हूँ लाखों जिसके आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार क़र पूछ ताच क़र रही है ----
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • ऋषि पंचमी पर राजिम के निकट ग्राम देवरी में निकली नागों की शोभायात्रा पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा निभाई गई, बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग राजिम।ऋषि पंचमी पर मंगलवार को राजिम के ग्राम देवरी में वर्षों पुरानी लोकपरंपरा देखने को मिली। तंत्र-मंत्र और पारंपरिक मान्यताओं के बीच सांपों की विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन में आस्था के साथ लोगों में कौतूहल भी नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि पंचमी पर देवरी में विशेष परंपरा के तहत सांपों को पकड़ा जाता है। इसके बाद गांव के सांवरा बैगा द्वारा पारंपरिक विधि-विधान और तंत्र-मंत्र के बीच उनकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों की मान्यता है कि नाग देवता को प्रसन्न करने से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा के बाद नागों को लेकर शोभायात्रा निकाली गई। यह अटल चौक से होते हुए शीतला माता प्रांगण तक पहुंची। रास्तेभर नागों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। तीजहारिन बहनों सहित ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों का कहना है कि देवरी में नाग पूजा की यह परंपरा नई नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। ऋषि पंचमी आते ही आयोजन की तैयारी शुरू हो जाती है। बैगा परंपरा, तंत्र-मंत्र और नाग पूजा से जुड़ी मान्यताओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं। पूजा के के बाद बाद जंगल में छोड़ते हैं ग्रामीणों के अनुसार पूजा और शोभायात्रा के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की परंपरा है। वे इसे नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के सम्मान से जोड़ते हैं। यही परंपरा देवरी को आसपास के गांवों से अलग पहचान देती है।
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    ऋषि पंचमी पर राजिम के निकट ग्राम देवरी में निकली नागों की शोभायात्रा
पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा निभाई गई, बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण
नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
राजिम।ऋषि पंचमी पर मंगलवार को राजिम के ग्राम देवरी में वर्षों पुरानी लोकपरंपरा देखने को मिली। तंत्र-मंत्र और पारंपरिक मान्यताओं के बीच सांपों की विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन
में आस्था के साथ लोगों में कौतूहल भी नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि पंचमी पर देवरी में विशेष परंपरा के तहत सांपों को पकड़ा जाता है। इसके बाद गांव के सांवरा बैगा द्वारा पारंपरिक विधि-विधान और तंत्र-मंत्र के बीच उनकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों की मान्यता है कि नाग देवता को प्रसन्न करने से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा के बाद नागों को लेकर शोभायात्रा
निकाली गई। यह अटल चौक से होते हुए शीतला माता प्रांगण तक पहुंची। रास्तेभर नागों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। तीजहारिन बहनों सहित ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
ग्रामीणों का कहना है कि देवरी में नाग पूजा की यह परंपरा नई नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। ऋषि पंचमी आते ही आयोजन की तैयारी शुरू हो जाती है। बैगा परंपरा, तंत्र-मंत्र और नाग
पूजा से जुड़ी मान्यताओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं।
पूजा के के बाद बाद जंगल में छोड़ते हैं ग्रामीणों के अनुसार पूजा और शोभायात्रा के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की परंपरा है। वे इसे नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के सम्मान से जोड़ते हैं। यही परंपरा देवरी को आसपास के गांवों से अलग पहचान देती है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    21 hrs ago
  • धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर* *धमधा, दुर्ग।* धमधा से बेमेतरा मुख्य मार्ग पर ग्राम देवरी के समीप बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार मौहभाठा निवासी ब्लॉक साजा बाइक क्रमांक CG 07 AK 8673 में सवार अश्वनी साहू (उम्र 16 वर्ष) और पूरब साहू (उम्र 19 वर्ष) धमधा की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो क्रमांक *CG 08 K 1921* ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क किनारे खेत में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने 112 को सूचना दी। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया। इलाज के दौरान पूरब साहू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल अश्वनी साहू का इलाज स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार स्कॉर्पियो वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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    धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर
धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर*
*धमधा, दुर्ग।* धमधा से बेमेतरा मुख्य मार्ग पर ग्राम देवरी के समीप बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार मौहभाठा निवासी ब्लॉक साजा बाइक क्रमांक CG 07 AK 8673 में सवार अश्वनी साहू (उम्र 16 वर्ष) और पूरब साहू (उम्र 19 वर्ष) धमधा की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो क्रमांक *CG 08 K 1921* ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क किनारे खेत में जा गिरी।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने 112 को सूचना दी। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया। इलाज के दौरान पूरब साहू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल अश्वनी साहू का इलाज स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई में जारी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार स्कॉर्पियो वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
    user_हेमंत उमरे ,7509375525
    हेमंत उमरे ,7509375525
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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