बोकारो के बीएस सिटी थाना क्षेत्र के एलएच स्ट्रीट 15 स्थित भाना झा के घर में रखे डीजल-पेट्रोल में अचानक आग लगने से भाना झा और महबूब बुरी तरह झुलस गए। घटना के समय दोनों घर में ही मौजूद थे, और उन्हें इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, तेल में अचानक आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं, जिसने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह दोनों घायलों को घर से बाहर निकाला, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। सिटी थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर सुदामा दास ने बताया कि एलएच स्ट्रीट 15 में भाना झा के घर में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसमें घर में रखे केरोसिन तेल में आग लगी थी। उन्होंने पुष्टि की कि दो लोग झुलसे हैं और उनका इलाज बीजीएच में चल रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि तेल क्यों रखा था और आग कैसे लगी।
बोकारो के बीएस सिटी थाना क्षेत्र के एलएच स्ट्रीट 15 स्थित भाना झा के घर में रखे डीजल-पेट्रोल में अचानक आग लगने से भाना झा और महबूब बुरी तरह झुलस गए। घटना के समय दोनों घर में ही मौजूद थे, और उन्हें इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, तेल में अचानक आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं, जिसने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह दोनों घायलों को घर से बाहर निकाला, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। सिटी थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर सुदामा दास ने बताया कि एलएच स्ट्रीट 15 में भाना झा के घर में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसमें घर में रखे केरोसिन तेल में आग लगी थी। उन्होंने पुष्टि की कि दो लोग झुलसे हैं और उनका इलाज बीजीएच में चल रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि तेल क्यों रखा था और आग कैसे लगी।
- सांसद ढुलू महतो ने बेरमो कांड के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।2
- बोकारो के दामोदा कोलियरी में फीटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई की शुक्रवार देर रात दुर्गापुर के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी तबीयत 21 मई को जनरल पाली में काम करते समय खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें पहले धनबाद के सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया था, जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों, सहकर्मियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की। इस मांग को लेकर कोलियरी के दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (क्रमिक) अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार के साथ-साथ यूनियन की ओर से एटक के एच. एन. प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो और सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार एवं मृतक के परिजन शामिल थे।4
- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार किया, स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों से जुड़े हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भाषा नियमावली में सभी भाषाओं को उचित सम्मान देने की भी मांग उठाई।1
- झारखंड बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान धनबाद के S.S.L.N.T. कॉलेज में एक घटना सामने आई है। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।1
- heyujywgt sapera sanp ko nacha rha hai dekh lokaise sanp ko pakad kar le ha raha hai jilimtand ganw se kobara sap ko dekh Me dar gya1
- धनबाद के तोंपचाची क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मांडीहा-नेपोडीह में माइंस संबंधी गतिविधियों को लेकर जोरदार बवाल सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने नियमों की अनदेखी और मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।1