ओवरलोड से सड़के बेहाल मोरम माफियाओ की मनमानी से रोड बेहाल मोरम खनन खण्ड नंबर-3 में ओवरलोडिंग का खेल जारी, एनजीटी नियमों की अनदेखी सबहेड: रामनगर कौहन से थरियांव तक दिन-रात दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक, सड़कों की हालत बदहाल जनपद के मर्का बांदा क्षेत्र से संचालित मोरम खनन खण्ड नंबर-3 में ओवरलोडिंग का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि घाट संचालकों द्वारा भारी वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक मोरम लादकर परिवहन कराया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की अनदेखी हो रही है। रामनगर कौहन से लेकर थरियांव तक के सड़क मार्ग पर दिन-रात ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर लोकेशन और निगरानी व्यवस्था होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर यह ओवरलोडिंग का सिलसिला कब तक जारी रहेगा। ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पूरे मामले से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक मोरम लादकर परिवहन किए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार खनन और खनिज परिवहन के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों के तहत निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज लादकर परिवहन करना प्रतिबंधित है और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना अनिवार्य माना गया है। इसके बावजूद यदि ओवरलोडिंग जारी रहती है तो इससे पर्यावरण के साथ-साथ सड़कों और आम जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए, ताकि सड़कों को हो रहे नुकसान और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके।
ओवरलोड से सड़के बेहाल मोरम माफियाओ की मनमानी से रोड बेहाल मोरम खनन खण्ड नंबर-3 में ओवरलोडिंग का खेल जारी, एनजीटी नियमों की अनदेखी सबहेड: रामनगर कौहन से थरियांव तक दिन-रात दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक, सड़कों की हालत बदहाल जनपद के मर्का बांदा क्षेत्र से संचालित मोरम खनन खण्ड नंबर-3 में ओवरलोडिंग का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि घाट संचालकों द्वारा भारी वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक मोरम लादकर परिवहन कराया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की अनदेखी हो रही है। रामनगर कौहन से लेकर थरियांव तक के सड़क मार्ग पर दिन-रात ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर लोकेशन और निगरानी व्यवस्था होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर यह ओवरलोडिंग का सिलसिला कब तक जारी रहेगा। ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पूरे मामले से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक मोरम लादकर परिवहन किए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार खनन और खनिज परिवहन के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों के तहत निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज लादकर परिवहन करना प्रतिबंधित है और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना अनिवार्य माना गया है। इसके बावजूद यदि ओवरलोडिंग जारी रहती है तो इससे पर्यावरण के साथ-साथ सड़कों और आम जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए, ताकि सड़कों को हो रहे नुकसान और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके।
- सेवा हास्पिटटल लोधी गंज फतेहपुर उद्घाटन2
- Post by Sandeep tvnews1
- फतेहपुर के चौफ़ेरवा में कर्ज से डूबे और रसूखदारों की प्रताड़ना से आजिज परिवार के तीन लोगों की मौत और सुसाइड नोट मिलने के बाद मृतक अमर श्रीवास्तव उर्फ हनी के पिता की तहरीर पर नामजद और आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पांच आरोपियों में चार को फतेहपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ कोर्ट में पेश किया।कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया। ज्ञात हो कि फतेहपुर में रहने वाले अमर श्रीवास्तव उर्फ हनी के ऊपर रसूखदारों और सूदखोरों का काफी कर्ज था। और कर्ज चुकाने के बाद भी दबंगों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। जिससे परिवार काफी दबाव में था।और इसी दबाव के चलते परिवार के तीन लोगों ने आत्महत्या का रास्ता चुना।1
- मोरम खनन खण्ड नंबर-3 में ओवरलोडिंग का खेल जारी, एनजीटी नियमों की अनदेखी सबहेड: रामनगर कौहन से थरियांव तक दिन-रात दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक, सड़कों की हालत बदहाल जनपद के मर्का बांदा क्षेत्र से संचालित मोरम खनन खण्ड नंबर-3 में ओवरलोडिंग का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि घाट संचालकों द्वारा भारी वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक मोरम लादकर परिवहन कराया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की अनदेखी हो रही है। रामनगर कौहन से लेकर थरियांव तक के सड़क मार्ग पर दिन-रात ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर लोकेशन और निगरानी व्यवस्था होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर यह ओवरलोडिंग का सिलसिला कब तक जारी रहेगा। ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पूरे मामले से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक मोरम लादकर परिवहन किए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार खनन और खनिज परिवहन के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों के तहत निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज लादकर परिवहन करना प्रतिबंधित है और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना अनिवार्य माना गया है। इसके बावजूद यदि ओवरलोडिंग जारी रहती है तो इससे पर्यावरण के साथ-साथ सड़कों और आम जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए, ताकि सड़कों को हो रहे नुकसान और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके।1
- *रमजान के अलविदा जुम्मा के दिन आस्था का सैलाब: पुलिस की चौकसी के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई नमाज* फतेहपुर (बकेवर): रमजान के मुकद्दस महीने के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुम्मा के अवसर पर बकेवर थाना क्षेत्र के कंसमीरी गांव की मस्जिद में नमाजियों का भारी हुजूम उमड़ा। हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने एक साथ मिलकर देश और क्षेत्र की खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। भीड़ की संवेदनशीलता को देखते हुए फतेहपुर के बकेवर थाना अध्यक्ष तुषार श्रीवास्तव उप निरीक्षक रमेश राय कांस्टेबल ओम नारायण सहित पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। बकेवर थाना प्रभारी तुषार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों और मस्जिदों के बाहर मोर्चा संभाले रखा। पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी के चलते नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रशासनिक सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रही1
- फतेहपुर में तिहरे हत्याकांड से मची सनसनी, मां -बेटे व देवर की गला रेत कर हत्या उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र में एक घर में तीन लोगों की शाम गला रेतकर हुई हत्या ने जहां पुलिस की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तो वहीं इस घटना से जनपद दहल उठा है इस तिहरे हत्याकाण्ड की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी घटना स्थल पहुंचे। जहां तीन लोग खून से लथपथ पड़े थे। जिसमें दो लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो चुकी थी जबकि एक महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा निवासी सुशील कुमार श्रीवास्तव बुधवार को शहर में रहने वाली बेटी के यहां किसी कार्यवश आए थे। उनकी पत्नी सुशीला 55 वर्ष, बेटा अमर 28 वर्ष व भाई सुनील उर्फ गुड्डू श्रीवास्तव पुत्र बाबूलाल 55 वर्ष घर पर थे। तभी सरेशाम अज्ञात लोग उनके घर में घुस गए और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे घटना स्थल पर अमर व सुनील उर्फ गुड्डू श्रीवास्तव की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सुशीला खून से लथपथ तड़प रही थी। जब इसकी भनक पड़ोसियों को लगी तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। तभी किसी ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। बड़ी वारदात की खबर लगते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जब घर में प्रवेश किया तो अंदर का नजारा देखकर सभी हतप्रभ रह गए। गंभीर अवस्था में सुशीला को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। इस तिहरे हत्याकाण्ड की खबर लगते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का बारीकी से जायजा लिया। फारेसिंक व डॉग स्क्वायड टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि चौफेरवा गांव में मां-बेटा व देवर की अज्ञात हमलावरों ने गला रेतकर हत्या कर दी है। घटना के खुलासे के लिए साक्ष्य एकत्र करके टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही इस तिहरे हत्याकाण्ड का खुलासा करके हमलावरों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।1
- तालाबी नं. मे हो रही खेती ग्राम सभा टेनी मे1
- फतेहपुर संदिग्ध परिस्थितियों घर में लगी आग बताया जा रहा है कि राम सिंह यादव मीरपुर विजयपुर कोतवाली खागा के घर में आग लग गई, ग्रामीणों ने पानी डालकर आग पर पाया काबू, गाड़ी के साथ साथ गृहस्थी का सामान हुआ जलकर राख1