मुजफ्फरनगर हत्या के मामले में की परिवार के 11 सदस्य हुए दोष मुक्त! अमरोहा के विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली के समधी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हबीब और उनके पांच बेटे भी शामिल हैं। यह फैसला जिला जज बीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया। चुनाव की रंजिश के चलते 15 साल पहले ककरौली गांव में सरेबाजार जुबैर (43) की गोली मारकर हत्या के मामले में एक ही परिवार के 11 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया है! वारदात 16 जुलाई 2011 को हुई थी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे जुबैर गांव में अपने चाचा अली इमाम हसनैन की कपड़े के सामने बाजार में खड़ा था। इस दौरान रास्ते से हटने को लेकर हुए विवाद और चुनावी रंजिश में हमलावरों ने लाइसेंसी व अन्य हथियारों से फायरिंग की और लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में जुबैर, सलमान और नासिर घायल हो गए थे, जिनमें अस्पताल में उपचार के दौरान जुबैर की मौत हो गई थी। मृतक पक्ष की ओर से वादी आरिफ ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य हबीब, उनके भाई रियाजुद्दीन, खुर्शीद, बेटे कामरान एडवोकेट, असरम, सहजी उर्फ तालेब, आमिर, राजा एडवोकेट उर्फ शमी मोहम्मद, साहिल, तथा परिवार के परवेज और निजामु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। करीब 15 साल चले लंबे ट्रायल के दौरान अदालत में 11 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल और जसबीर सिंह ने पैरवी की, जिसके बाद साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। वादी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि घटना से एक सप्ताह पूर्व मृतक की दादी शाहजहां और हबीब की चाची के बीच जिला पंचायत का चुनाव हुआ था, जिसमें जुबैर ने अपनी दादी का खुलकर समर्थन किया था। इसी चुनावी रंजिश के चलते वारदात के दिन कहासुनी होने पर हमला किया गया। वादी ने प्राथमिकी में लिखवाया था कि पिछले सप्ताह ही मेरी मां शाहजहां ने जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। बेटे जुबैर ने अपनी दादी को खुलकर चुनाव लड़वाया था। उधर, हबीब ने भी अपनी चाची को चुनाव लड़वाया था। इसी चुनाव की रंजिश में हबीब और उसके खानदान के लोग जुबैर से नाराज हो गए थे। वारदात के दिन हबीब अपनी गाड़ी लेकर सड़क से गुजरे, इसी दौरान दुकान के बाहर खड़े जुबैर के साथ कहासुनी हो गई। अपने परिवार के लोगों को बुलाकर लाइसेंसी और अन्य हथियारों से फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। अदालत में दिए बयान में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और रालोद नेता हबीब ने इसे पूरी तरह राजनीतिक रंजिश बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि उस समय बसपा की सरकार थी और तत्कालीन राजनीतिक समीकरणों व प्रभाव के कारण उनके पूरे परिवार को झूठा फंसाया गया था।
मुजफ्फरनगर हत्या के मामले में की परिवार के 11 सदस्य हुए दोष मुक्त! अमरोहा के विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली के समधी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हबीब और उनके पांच बेटे भी शामिल हैं। यह फैसला जिला जज बीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया। चुनाव की रंजिश के चलते 15 साल पहले ककरौली गांव में सरेबाजार जुबैर (43) की गोली मारकर हत्या के मामले में एक ही परिवार के 11 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया है! वारदात 16 जुलाई 2011 को हुई थी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे जुबैर गांव में अपने चाचा अली इमाम हसनैन की कपड़े के सामने बाजार में खड़ा था। इस दौरान रास्ते से हटने को लेकर हुए विवाद और चुनावी रंजिश में हमलावरों ने लाइसेंसी व अन्य हथियारों से फायरिंग की और लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में जुबैर, सलमान और नासिर घायल हो गए थे, जिनमें अस्पताल में उपचार के दौरान जुबैर की मौत हो गई थी। मृतक पक्ष की ओर से वादी आरिफ ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य हबीब, उनके भाई रियाजुद्दीन, खुर्शीद, बेटे कामरान एडवोकेट, असरम, सहजी उर्फ तालेब, आमिर, राजा एडवोकेट उर्फ शमी मोहम्मद, साहिल, तथा परिवार के परवेज और निजामु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। करीब 15 साल चले लंबे ट्रायल के दौरान अदालत में 11 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल और जसबीर सिंह ने पैरवी की, जिसके बाद साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। वादी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि घटना से एक सप्ताह पूर्व मृतक की दादी शाहजहां और हबीब की चाची के बीच जिला पंचायत का चुनाव हुआ था, जिसमें जुबैर ने अपनी दादी का खुलकर समर्थन किया था। इसी चुनावी रंजिश के चलते वारदात के दिन कहासुनी होने पर हमला किया गया। वादी ने प्राथमिकी में लिखवाया था कि पिछले सप्ताह ही मेरी मां शाहजहां ने जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। बेटे जुबैर ने अपनी दादी को खुलकर चुनाव लड़वाया था। उधर, हबीब ने भी अपनी चाची को चुनाव लड़वाया था। इसी चुनाव की रंजिश में हबीब और उसके खानदान के लोग जुबैर से नाराज हो गए थे। वारदात के दिन हबीब अपनी गाड़ी लेकर सड़क से गुजरे, इसी दौरान दुकान के बाहर खड़े जुबैर के साथ कहासुनी हो गई। अपने परिवार के लोगों को बुलाकर लाइसेंसी और अन्य हथियारों से फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। अदालत में दिए बयान में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और रालोद नेता हबीब ने इसे पूरी तरह राजनीतिक रंजिश बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि उस समय बसपा की सरकार थी और तत्कालीन राजनीतिक समीकरणों व प्रभाव के कारण उनके पूरे परिवार को झूठा फंसाया गया था।
- सबसे जूनियर सहायक अल्पसंख्यक अधिकारी श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को जनपद देहरादून में नियमों के विरुद्ध जिला अल्पसंख्यक अधिकारी बनाए जाने का मैं विरोध करता हूँ। क्योंकि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारी मोहसिन खान की मृत्यु से संबंधित प्रकरण में इनकी भूमिका की सीबी-सीआईडी जाँच चल रही है तथा यह मामला माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में भी चल रहा है। ओर इनको अल्पसंख्यक आयोग में सचिव बनाने की बात भी चल रही है साथ ही इनकी ग्रेड पे ₹2800 है, जबकि संबंधित पद के लिए ₹5400 ग्रेड पे होना आवश्यक है। यह नियुक्ति अल्पसंख्यक विभाग के वरिष्ठ सहायकों के साथ अन्याय एवं उनका अपमान है और अल्पसंख्यक समाज का भी अपमान है। माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र अनुरोध है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ध्यान में रखते हुए श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को जनपद देहरादून में तैनात न रखा जाए तथा इस मामले में नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए।1
- मानसून के दौरान नदी-नालों से रहें दूर, SDRF की अपील।।।।।।।।। 🌧️ The Aman Times | जनहित सूचना मानसून के दौरान नदी-नालों से रहें दूर, SDRF की अपील। जोली ग्रांट/डोईवाला_ लगातार हो रही बारिश को देखते हुए SDRF के सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से बरसाती नदी-नालों, गदेरों और तेज बहाव वाले जलस्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही, सेल्फी और वीडियो बनाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या SDRF को सूचना दें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। 🌧️🚨1
- हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत ने रोड का किया शिलान्यास हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत ने रोड का किया शिलान्यास लगातार विकास कार्यों में जुटी है हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत1
- हर पल दिन हो या रात राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट लगातार प्रशासन के कंधे से कंधा मिला कर कर रहा है कार्य राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा संचालित कांवड़ सेवा एवं चलित मेडिकल सेवा शिविरों में संगठन के पदाधिकारियों का प्रमुख योगदान रहा। भगीरथ के सम्मान में हम आ गए मैदान में" के संकल्प के साथ की टीम हरिद्वार से रुड़की तक शिवभक्तों की सेवा में दिन-रात जुटी हुई है। 1. डॉ. सतपाल सैनी जिला संरक्षक, रुड़की 2. डॉ. सुरेश सैनी जिला संरक्षक, हरिद्वार एवं जिला चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार 3. श्री चेतन चौधरी युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष, हरिद्वार 4. श्रीमती अलका सैनी राष्ट्रीय सचिव, 5. श्री प्रदीप शर्मा प्रदेश अध्यक्ष, 6. श्री पंकज सैनी राष्ट्रीय अध्यक्ष, सभी अपनी टीम के साथ चलित कांवड़ सेवा कर रहे हैं। शिविरों में निशुल्क जल, विश्राम, मार्गदर्शन एवं डॉ. दीपमाला के नेतृत्व में 11 डॉक्टरों की मेडिकल टीम द्वारा प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप शर्मा ने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारी तन-मन-धन से सेवा में लगे हैं। रुड़की और हरिद्वार के संरक्षकों व युवा मोर्चा के सहयोग से हजारों कांवड़ियों को राहत मिली है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज सैनी ने सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना की और कहा कि आगे भी इसी तरह मानव सेवा में लगा रहेगा।4
- मंशादेवी मंदिर प्रबंधन द्वारा पिछले दिनों दावा किया गया था कि मंदिर में चढाए गये फूल, चुनरी, नारियल आदि सामग्री फिर से मंदिर में नहीं चढ़ने के लिए नहीं आएंगे लेकिन यह दावा कोरा दावा ही रहा! मंदिर में चढ़ने वाली यह सामग्री फिर से बिकने के लिए चोर रास्तों से मंदिर मार्ग पर बनी प्रसाद की दुकानों तक पहुंचाई जा रही है। जहां फिर से दुकानदार श्रद्धालुओं को इसे बेच देते हैं और फिर यह सभी सामग्री फिर वहीं पहुंच जाती है जहां पहले चढा़ई गई थी। दरअसल श्रद्धालुओं की आस्था का स्थल मंशादेवी मंदिर कुछ लोगों के लिए मोटी कमाई का स्थान है। चढ़ावे को फिर से चढ़ाने में सौ फीसदी का टर्नओवर है, जिससे इस काम में माफिया टाईप के लोगों का इनवाल्वमेंट है,जिनकी मंदिर प्रबंधन में पैठ है, जिसके कारण मंदिर प्रबंधन के दावे एक तरफ और सच्चाई दूसरी तरफ बनी हुई है। (_कुमार दुष्यंत_)1
- देहरादून में कैब ड्राइवर पर बदसलूकी का आरोप, सुनसान रास्ते से ले जाने की कोशिश; विरोध करने पर बारिश में उतारा देहरादून में एक युवती ने रैपिडो कैब ड्राइवर पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि ड्राइवर ऐप में दिख रहे मार्ग की बजाय सुनसान रास्ते से गाड़ी ले जा रहा था। विरोध करने पर उसने गाली-गलौज की और तेज बारिश के बीच युवती व उसके दोस्त को सड़क पर उतारकर चला गया। दोनों को देर तक बारिश में दूसरी कैब का इंतजार करना पड़ा और रात करीब 10 बजे घर पहुंचे। युवती ने पूरी घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया है।1