राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर
रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
- राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।2
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली से जनहित में एक विशेष प्रसारण किया है। यह प्रस्तुति चारभुजा नाथ के चरणों में समर्पित की गई है।1
- नारी शक्ति को जागरूक करने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने वाली ज्योति वैष्णव को हाल ही में विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें समाज में महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाने के उनके विशिष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया।1
- रेलमगरा उपखंड मुख्यालय सहित कुरज, दरीबा और गिलुंड क्षेत्रों में शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। देर रात तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में धूल भरी आंधी चली। इस आंधी के कारण कुछ समय तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सड़कों पर धूल का गुबार छा गया। इसके बाद, रात करीब तीन बजे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज गर्जना और बादलों की कड़कड़ाहट के साथ आकाश में लगातार आकाशीय बिजली चमकने लगी। शुरुआत में हल्की बूंदाबांदी हुई, जो धीरे-धीरे तेज बारिश में बदल गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस बारिश से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बीते कई दिनों से क्षेत्र में तेज गर्मी और उमस के कारण आमजन परेशान थे। देर रात हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह के समय ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों और आमजन दोनों ने राहत महसूस की। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसम खुशनुमा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।4
- मावली में रात करीब 3 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। इस दौरान, एक घर की छत पर नाले के ऊपर लगा फाइबर तेज तूफान के झोंकों के कारण टूटकर उड़ गया।1
- राजस्थान न्यूज़ टुडे (RNN) का यह वीडियो राज्य की आज की ताज़ा ख़बरों, 25 बड़ी ख़बरों और मुख्य समाचारों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करता है। इसमें ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, मौसम, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोज़गार, अपराध, किसान, पंचायत, विधानसभा, लोकसभा और प्रशासन से जुड़ी अहम घटनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। वीडियो में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा की गई बड़ी घोषणाओं और राजस्थान मौसम विभाग के नए अलर्ट को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं से संबंधित नई अपडेट्स, किसानों से जुड़ी महत्वपूर्ण ख़बरें और राजस्थान की राजनीति में चल रही बड़ी हलचलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। दर्शकों को शिक्षा और रोज़गार से जुड़े नवीनतम समाचारों के साथ-साथ प्रदेश के सभी ज़िलों की प्रमुख ख़बरों और बड़ी घटनाओं की जानकारी भी मिलेगी, जैसा कि 30 मई 2026 की रिपोर्ट में बताया गया है।1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में मेवाड़ के कद्दावर नेता एवं राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वल्लभनगर के कार्यकर्ताओं ने उन्हें माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय शक्तावत द्वारा बताए गए मार्ग और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया, साथ ही 'शक्तावत साहब अमर रहे' के गगनभेदी नारे भी लगाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आगामी पंचायत राज चुनावों में कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाने का सामूहिक संकल्प भी दोहराया। मेवाड़ के जननायक स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- राजसमंद जिला गुरुवार रात बारिश, कड़कड़ाती बिजली और तेज हवाओं के साथ आए भीषण तूफान से दहल उठा, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह थम सा गया। रात करीब आठ बजे तूफान शुरू होते ही लोग जहां थे, वहीं रुक गए और सुरक्षित स्थानों की तलाश करने लगे। यह मौसम का बदलाव रात 8 बजे से शुरू होकर करीब 10 बजे तक लगातार जारी रहा। तेज हवाओं के कारण बाजारों में यातायात थम गया और पूरे जिलेभर में बारिश व तूफान के चलते बिजली गुल हो गई। राजसमंद के सभी इलाकों, जिसमें जिला मुख्यालय और सभी उपखंड शामिल हैं, में एक जैसे हालात देखे गए। मौसम विभाग ने शाम से ही तूफान का अलर्ट जारी किया था, जिसमें राजसमंद के लिए हाई अलर्ट भी शामिल था। लगभग सभी कंपनियों के मोबाइल पर अलार्म के साथ यह अलर्ट भेजा गया था। जिला प्रशासन ने भी जिले में तेज तूफान के साथ बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की थी। अचानक बदले मौसम से इंसानों के साथ-साथ जानवरों में भी जोरदार हलचल देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, कल दोपहर तक मौसम के फिर से बिगड़ने की संभावना जताई गई है।2