कोतमा हादसे के बाद भी नहीं जागा SECL! सोहागपुर के वार्ड नंबर 7 में ‘मौत का निर्माण’ जारी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल कोतमा में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया, लेकिन इसके बावजूद भी SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सोहागपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में प्रतिबंधित माइनिंग एरिया (Gof) के ऊपर पानी की टंकी और सामुदायिक भवन का निर्माण लगातार जारी है। हैरानी की बात यह है कि करीब एक महीने पहले प्रशासन द्वारा ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कोल इंडिया के सुरक्षा मानकों के अनुसार ऐसी जमीन पर भारी निर्माण पूरी तरह खतरनाक होता है, क्योंकि यहां कभी भी जमीन धंसने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है—क्या किसी दबाव में काम चल रहा है, या फिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है? अगर समय रहते इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो यह क्षेत्र भी किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकता है।
कोतमा हादसे के बाद भी नहीं जागा SECL! सोहागपुर के वार्ड नंबर 7 में ‘मौत का निर्माण’ जारी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल कोतमा में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया, लेकिन इसके बावजूद भी SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सोहागपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में प्रतिबंधित माइनिंग एरिया (Gof) के ऊपर पानी की टंकी और सामुदायिक भवन का निर्माण लगातार जारी है। हैरानी की बात यह है कि करीब एक महीने पहले प्रशासन द्वारा ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कोल इंडिया के सुरक्षा मानकों के अनुसार ऐसी जमीन पर भारी निर्माण पूरी तरह खतरनाक होता है, क्योंकि यहां कभी भी जमीन धंसने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है—क्या किसी दबाव में काम चल रहा है, या फिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है? अगर समय रहते इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो यह क्षेत्र भी किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकता है।
- Post by Suraj shriwastava1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (दैनिक संवाद ज्योति स्थानीय संपादक)1
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगर के जय स्तंभ चौक के पास तीसरे दिन भी सीवर लाइन के निर्माण कार्य के कारण मार्ग वन वे किया गया मार्ग वन वे होने की वजह से लोगों को आवागवन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- मौत की गहरी खुदाई- होटल बना कब्रगाह, 3 की मौत, गुनहगारों पर FIR की गाज इंट्रो -विकास की अंधी दौड़ और चंद रुपयों के लालच ने कोतमा में तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। बगल की जमीन पर हो रही बेतरतीब खुदाई होटल की इमारत के लिए काल बन गई और देखते ही देखते हंसता-खेलता इलाका मलबे के ढेर और चीखों में तब्दील हो गया। पुलिस ने इस 'मानवीय संवेदनहीनता' पर कड़ा प्रहार करते हुए होटल और जमीन मालिक को कटघरे में खड़ा कर FIR दर्ज कर ली है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही है जिसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मृगेन्द्र सिंह अनूपपुर/ अनूपपुर जिले के कोतमा में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। एक निर्माणाधीन मकान के लिए की जा रही खुदाई ने बगल में स्थित होटल की नींव हिला दी, जिससे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। इस मलबे में दबने से अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए होटल और जमीन मालिक पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। लापरवाही ने ली जान- गहरी खुदाई बनी काल घटनास्थल पर पहुंचे एसपी मोतीउर्र रहमान ने बताया कि होटल के बगल वाली जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। वहां बेसमेंट के लिए किए जा रहे गहरे गड्ढे की वजह से होटल की इमारत की नींव कमजोर हो गई और पलक झपकते ही बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस ने इसे सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी ने दोटूक कहा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन 95% काम पूरा, जांच जारी कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मलबे के बीच चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने पुष्टि की कि मलबे से कुल 6 लोगों को निकाला गया (2 महिलाएं, 4 पुरुष)। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। घायलों में से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यद्यपि 95% मलबा हटाया जा चुका है लेकिन जब तक आखिरी पत्थर नहीं हट जाता रेस्क्यू टीमें मौके पर डटी रहेंगी। पीड़ितों को आर्थिक सहायता का मरहम शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने पीड़ितों के लिए तत्काल मुआवजे की घोषणा की है मृतकों के परिजन ₹9 लाख (प्रति व्यक्ति) घायल व्यक्ति ₹2.5 लाख (प्रति व्यक्ति) दस्तावेजों की होगी जांच हादसे के बाद अब बिल्डिंग निर्माण की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि रेस्क्यू खत्म होते ही बिल्डिंग से जुड़े सभी रिकॉर्ड और नक्शों की जांच की जाएगी। यदि निर्माण में तकनीकी खामियां या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधितों पर अतिरिक्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Suraj shriwastava1