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राजकुमारों के मोह में डूबे राजा… और खो दिया पूरा राजपाठ! सत्ता जब योग्यता से नहीं, बल्कि रिश्तों और मोह से बांटी जाती है… तो उसका अंत निश्चित होता है। आज भी हालात कुछ अलग नहीं हैं… राजनीति में “राजकुमार” तैयार किए जा रहे हैं… लेकिन सवाल वही है — क्या वे जिम्मेदारी संभालने के काबिल हैं?
Suraj shriwastava
राजकुमारों के मोह में डूबे राजा… और खो दिया पूरा राजपाठ! सत्ता जब योग्यता से नहीं, बल्कि रिश्तों और मोह से बांटी जाती है… तो उसका अंत निश्चित होता है। आज भी हालात कुछ अलग नहीं हैं… राजनीति में “राजकुमार” तैयार किए जा रहे हैं… लेकिन सवाल वही है — क्या वे जिम्मेदारी संभालने के काबिल हैं?
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- Post by Suraj shriwastava1
- आंगनबाड़ी में चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया चोरी का सारा सामान शहडोल (मध्य प्रदेश): जिले की गोहपारू पुलिस ने शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र में हुई चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया शत-प्रतिशत सामान भी बरामद कर लिया है। घटना का विवरण: मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि ग्राम चोरमरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बीती 30 मार्च 2026 की रात चोरी की वारदात हुई थी। अज्ञात चोर ने खिड़की की रॉड तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां से सैमसंग कंपनी की एक एलईडी टीवी और खाना बनाने के बर्तन चोरी कर लिए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 25,400 रुपये आंकी गई थी। इस संबंध में फरियादिया की शिकायत पर गोहपारू थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर तंत्र और साक्ष्यों के आधार पर 19 वर्षीय संदेही राजकुमार चौधरी (पिता राकेश चौधरी) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी वर्तमान में ग्राम चोरमरा में ही अपने ननिहाल में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई एलईडी टीवी और बर्तन बरामद कर लिए हैं। पुलिस टीम की भूमिका: आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में गोहपारू थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक भुवनेश्वर सिंह, कोमल सिंह, आरक्षक अजीत यादव, मोनू शर्मा और गुरुदयाल उइके की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।2
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (दैनिक संवाद ज्योति स्थानीय संपादक)1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- मौत की गहरी खुदाई- होटल बना कब्रगाह, 3 की मौत, गुनहगारों पर FIR की गाज इंट्रो -विकास की अंधी दौड़ और चंद रुपयों के लालच ने कोतमा में तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। बगल की जमीन पर हो रही बेतरतीब खुदाई होटल की इमारत के लिए काल बन गई और देखते ही देखते हंसता-खेलता इलाका मलबे के ढेर और चीखों में तब्दील हो गया। पुलिस ने इस 'मानवीय संवेदनहीनता' पर कड़ा प्रहार करते हुए होटल और जमीन मालिक को कटघरे में खड़ा कर FIR दर्ज कर ली है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही है जिसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मृगेन्द्र सिंह अनूपपुर/ अनूपपुर जिले के कोतमा में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। एक निर्माणाधीन मकान के लिए की जा रही खुदाई ने बगल में स्थित होटल की नींव हिला दी, जिससे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। इस मलबे में दबने से अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए होटल और जमीन मालिक पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। लापरवाही ने ली जान- गहरी खुदाई बनी काल घटनास्थल पर पहुंचे एसपी मोतीउर्र रहमान ने बताया कि होटल के बगल वाली जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। वहां बेसमेंट के लिए किए जा रहे गहरे गड्ढे की वजह से होटल की इमारत की नींव कमजोर हो गई और पलक झपकते ही बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस ने इसे सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी ने दोटूक कहा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन 95% काम पूरा, जांच जारी कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मलबे के बीच चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने पुष्टि की कि मलबे से कुल 6 लोगों को निकाला गया (2 महिलाएं, 4 पुरुष)। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। घायलों में से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यद्यपि 95% मलबा हटाया जा चुका है लेकिन जब तक आखिरी पत्थर नहीं हट जाता रेस्क्यू टीमें मौके पर डटी रहेंगी। पीड़ितों को आर्थिक सहायता का मरहम शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने पीड़ितों के लिए तत्काल मुआवजे की घोषणा की है मृतकों के परिजन ₹9 लाख (प्रति व्यक्ति) घायल व्यक्ति ₹2.5 लाख (प्रति व्यक्ति) दस्तावेजों की होगी जांच हादसे के बाद अब बिल्डिंग निर्माण की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि रेस्क्यू खत्म होते ही बिल्डिंग से जुड़े सभी रिकॉर्ड और नक्शों की जांच की जाएगी। यदि निर्माण में तकनीकी खामियां या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधितों पर अतिरिक्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Suraj shriwastava1