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श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में मोकिमपुर गांव में एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
मनोज कुमार
श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में मोकिमपुर गांव में एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
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- दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम प्रखंड स्थित करसौर बसौली पंचायत सरकार भवन में आज जन-समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर "विकसित भारत-समृद्ध बिहार" और "सबका सम्मान-जीवन आसान" के संकल्पों के तहत आयोजित हुआ। दरभंगा जिला प्रशासन के तत्वावधान में हुए इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। इस सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना था। शिविर के दौरान, ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर उन्हें आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिला। साथ ही, लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और अपनी समस्याओं के निवारण के लिए सीधे प्रशासन से संपर्क करें।1
- राज्य में, सम्राट चौधरी ने एक खुले मंच से यह स्पष्ट घोषणा की है कि वे 24 घंटे के भीतर 'झोला उठाकर चल देंगे'। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे जनता के सेवक हैं। अपने इसी संबोधन में, सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता ऐसी होती है कि उन्हें अपने बेटे के लिए एक अलग घर चाहिए होता है और साथ ही खुद के लिए भी एक अलग घर की आवश्यकता होती है।1
- गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव से 35 वर्षीय सोनी देवी अपने दो छोटे बेटों के साथ बीते 27 मई 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। इस घटना के बाद से परिवार में लगातार चिंता बढ़ती जा रही है, और कई दिनों तक अपने स्तर पर खोजबीन करने के बाद परिजनों ने अब वजीरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए महिला और बच्चों की सकुशल बरामदगी की मांग की है। परिजनों के अनुसार, 27 मई को सोनी देवी अपने दो बेटों को साथ लेकर घर से निकली थीं, जबकि उनका एक बेटा घर पर ही रह गया था। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। पहले सभी रिश्तेदारों, नातेदारों, कुटुंबों और परिचितों के यहां खोजबीन की गई, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। लगातार कई दिनों तक खोजबीन के बावजूद जब महिला और दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, तब परिजन वजीरगंज थाना पहुंचे और लिखित आवेदन देकर पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। परिवार वालों का कहना है कि महिला के अचानक गायब हो जाने से पूरा परिवार सदमे में है और किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित है। वजीरगंज थाना अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि महिला और उनके दो बच्चों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। परिजनों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा महिला और बच्चों की बरामदगी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और महिला तथा बच्चों के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों व अन्य स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश अभियान चलाया जा रहा है। इधर, महिला और बच्चों के कई दिनों से लापता रहने के कारण गोविंदपुर गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजनों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को सोनी देवी और उनके बच्चों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल वजीरगंज थाना या उनके परिवार को सूचित करें।1
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। इस दावे के साथ ही यह बात भी कही जा रही है कि इस संभावित घोषणा के कारण भाजपा में बेचैनी और नाराजगी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। हालांकि, इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अत्यंत आवश्यक है। भारत में चुनाव प्रक्रिया और मतदान प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय द्वारा लिए जाते हैं। चुनाव प्रणाली में किसी भी बड़े बदलाव की स्पष्ट जानकारी केवल आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आती है। विशेषज्ञों ने भी मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की जांच अवश्य कर लें। फिलहाल, सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों और इनसे उत्पन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल घूम रहा है कि क्या वास्तव में फिर से बैलेट पेपर से चुनाव होंगे, और इस दावे की सच्चाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- बिहार की राजनीति में राबड़ी देवी के बंगले से जुड़े विवाद को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, जिसके केंद्र में सम्राट चौधरी का एक बड़ा बयान है। सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि वे "24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर चले जाएंगे।" इस दौरान उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि "बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं," जिससे इस मामले में परिवारिक गतिरोध का संकेत मिला। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में गर्मागर्मी बढ़ गई है, और सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।1
- ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों और अंजना ओम कश्यप के बीच एक काफी तगड़ा विवाद छिड़ गया है। इसी विवाद के बीच, खान सर ने अंजना ओम कश्यप को अभी-अभी एक तगड़ा जवाब दिया है।1
- बिहारशरीफ शहर के निवासी लगातार लग रहे भीषण जाम से परेशान हैं और इसे लेकर स्थानीय मेयर पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मेयर ने चुनाव जीतने से पहले शहर को जाम से मुक्ति दिलाने का वादा किया था, लेकिन जीतने के बाद वे "कहाँ लापता हो गई" हैं। इस स्थिति से आक्रोशित जनता मेयर के इस वादे को "मोदी की तरह" एक "जुमला" मान रही है, यानी एक ऐसा चुनावी नारा जो पूरा नहीं हुआ।1
- धनरूआ थाना क्षेत्र के बिरंची मोड़ पर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने एक किराना दुकान में छापेमारी कर लगभग 1 किलो गांजा बरामद किया है। मौके से ही दुकानदार मिथलेश साव (55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया, जो बरनी गांव का निवासी बताया जा रहा है और अपनी दुकान से गांजे की बिक्री कर रहा था। पुलिस ने बरामद गांजे को जब्त कर आरोपी मिथलेश साव के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजे की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इस अवैध नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 4 जून को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच पहुँचकर सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा, रोज़गार, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। इस यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। कार्यक्रम में समाज के वंचित, शोषित, पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा जनजागरण, सामाजिक एकता और राजनीतिक भागीदारी को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बिजनौर में इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की गई हैं। समर्थकों का मानना है कि यह यात्रा प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा करेगी और जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने का कार्य करेगी।1