गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव से 35 वर्षीय सोनी देवी अपने दो छोटे बेटों के साथ बीते 27 मई 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। इस घटना के बाद से परिवार में लगातार चिंता बढ़ती जा रही है, और कई दिनों तक अपने स्तर पर खोजबीन करने के बाद परिजनों ने अब वजीरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए महिला और बच्चों की सकुशल बरामदगी की मांग की है। परिजनों के अनुसार, 27 मई को सोनी देवी अपने दो बेटों को साथ लेकर घर से निकली थीं, जबकि उनका एक बेटा घर पर ही रह गया था। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। पहले सभी रिश्तेदारों, नातेदारों, कुटुंबों और परिचितों के यहां खोजबीन की गई, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। लगातार कई दिनों तक खोजबीन के बावजूद जब महिला और दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, तब परिजन वजीरगंज थाना पहुंचे और लिखित आवेदन देकर पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। परिवार वालों का कहना है कि महिला के अचानक गायब हो जाने से पूरा परिवार सदमे में है और किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित है। वजीरगंज थाना अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि महिला और उनके दो बच्चों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। परिजनों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा महिला और बच्चों की बरामदगी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और महिला तथा बच्चों के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों व अन्य स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश अभियान चलाया जा रहा है। इधर, महिला और बच्चों के कई दिनों से लापता रहने के कारण गोविंदपुर गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजनों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को सोनी देवी और उनके बच्चों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल वजीरगंज थाना या उनके परिवार को सूचित करें।
गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव से 35 वर्षीय सोनी देवी अपने दो छोटे बेटों के साथ बीते 27 मई 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। इस घटना के बाद से परिवार में लगातार चिंता बढ़ती जा रही है, और कई दिनों तक अपने स्तर पर खोजबीन करने के बाद परिजनों ने अब वजीरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए महिला और बच्चों की सकुशल बरामदगी की मांग की है। परिजनों के अनुसार, 27 मई को सोनी देवी अपने दो बेटों को साथ लेकर घर से निकली थीं, जबकि उनका एक बेटा घर पर ही रह गया था। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। पहले सभी रिश्तेदारों, नातेदारों, कुटुंबों और परिचितों के यहां खोजबीन की गई, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। लगातार कई दिनों तक खोजबीन के बावजूद जब महिला और दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, तब परिजन वजीरगंज थाना पहुंचे और लिखित आवेदन देकर पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। परिवार वालों का कहना है कि महिला के अचानक गायब हो जाने से पूरा परिवार सदमे में है और किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित है। वजीरगंज थाना अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि महिला और उनके दो बच्चों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। परिजनों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा महिला और बच्चों की बरामदगी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और महिला तथा बच्चों के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों व अन्य स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश अभियान चलाया जा रहा है। इधर, महिला और बच्चों के कई दिनों से लापता रहने के कारण गोविंदपुर गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजनों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को सोनी देवी और उनके बच्चों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल वजीरगंज थाना या उनके परिवार को सूचित करें।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बकरीद के दौरान हुए नाबालिग 'छुरा कांड', जिसे 'सूर्या हत्याकांड' भी कहा गया है, की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि दोस्ती की आड़ में ऐसी छुरीबाजी बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि माता-पिता अपनी बिगड़ैल औलाद को समझाने में विफल रहते हैं, तो सरकार ऐसे मामलों से खुद सख्ती से निपटेगी।1
- मंगलमय पुरुषोत्तम मास के पुण्य अवसर पर टिकारी राज इंटर स्कूल के मैदान में श्रीमदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में कथा का प्रवचन श्री बृन्दावन दास जी कर रहे हैं।1
- गयाजी में चांद चौरा संक्रामक अस्पताल के निकट लगभग ₹120 करोड़ की लागत से गयाजी धर्मशाला भवन का निर्माण किया जा रहा है। गयाजी को आस्था की नगरी के रूप में जाना जाता है, जहाँ पितृपक्ष मेला के समय लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह नया भवन इन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इस धर्मशाला में एक साथ 1080 श्रद्धालुओं के ठहरने की हाईटेक व्यवस्था होगी। सुविधाओं में लिफ्ट, डाइनिंग हॉल, कैंटीन, स्वच्छ शौचालय और सोलर पावर जेनरेशन शामिल हैं। इसके साथ ही, यहाँ 38 बस और 303 कारों को एक साथ पार्क करने की भी व्यवस्था होगी।1
- आज रजौली समेकित जांच चौकी पर वाहन जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई। इस दौरान, एक ई-रिक्शा से भारी मात्रा में बीयर बरामद की गई। पुलिस ने मौके से एक शराब कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है।1
- श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में मोकिमपुर गांव में एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया।1
- नवादा जिला से जानकारी मिली है कि वहाँ के आलाधिकारी ककोलत को विकसित नहीं होने देना चाहते हैं। यह बात सामने आई है कि जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी ककोलत के विकास में बाधा डाल रहे हैं।1
- बिहार में 1799 दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की तीखी मांग उठाई गई है। इस मामले में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष से तत्काल इस्तीफा दिए जाने की भी मांग की गई है।1
- शिक्षकों को उनके ज्ञान का पाठ पढ़ाने की कोशिश करने वाली एक मोहतरमा पर तीखा हमला बोला गया है। पोस्ट में तीखे शब्दों में कहा गया है कि यह मोहतरमा शिक्षकों को यह समझाएँगी कि उन्हें क्या आता है और क्या नहीं। इस पर पलटवार करते हुए, शिक्षकों से जुड़े लाखों छात्रों, युवाओं और उनके माता-पिता ने उनके ज्ञान की कसौटी को बखूबी जानने का दावा किया है। मोहतरमा की पत्रकारिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए, उन पर इस क्षेत्र का 'कौड़ी भर भी ज्ञान' न होने का आरोप लगाया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि यही कारण है कि वह देश के ज्वलंत मुद्दों जैसे पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर बात नहीं करतीं। इसके बजाय, आरोप है कि वह झालमुड़ी के इतिहास और मेलोडी टॉफी के मिठास जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। इस पूरे रवैये की कड़ी निंदा करते हुए, पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि देश के शिक्षकों के बारे में कुछ भी बोलने से पहले उन्हें शर्म आनी चाहिए।1
- नवादा जिले के प्रसिद्ध ककोलत पर्यटन स्थल पर हाल ही में की गई फीस वृद्धि को लेकर जनता में बड़ा विरोध और आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस फैसले के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या ककोलत को एक वास्तविक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है या फिर इसे केवल कमाई का एक जरिया बनाया जा रहा है।1