ऊंचाहार: कागजों तक सीमित 'संचारी पखवाड़ा', गंदगी के अंबार से ग्रामीण बेहाल,,,, रिपोर्ट- सागर तिवारी ऊंचाहार, रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संक्रामक रोगों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे 'संचारी पखवाड़ा' अभियान को स्थानीय ब्लॉक अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है। नालियां गंदगी से पटी हुई हैं और उनसे उठने वाली दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्राम सभा सलीमपुर भैरव गांव के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से अधिक समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। धरमू गुप्ता, किशुन पासी, रंजीत मिश्रा, मुकेश कुमार और सूर्य प्रकाश शुक्ला के दरवाजे से लेकर दिनेश पाल के होटल तक की नालियां पूरी तरह चोक हैं। यही हाल सुधीर श्रीवास्तव के घर से लाला के घर तक का है, जहाँ बजबजाती नालियां बीमारियों को दावत दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी और कर्मचारी केवल 'कागजी घोड़े' दौड़ाने में माहिर हैं। फाइलों में सफाई अभियान जोरों पर दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। संचारी पखवाड़े के नाम पर होने वाली खानापूर्ति से सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऊंचाहार: कागजों तक सीमित 'संचारी पखवाड़ा', गंदगी के अंबार से ग्रामीण बेहाल,,,, रिपोर्ट- सागर तिवारी ऊंचाहार, रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संक्रामक रोगों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे 'संचारी पखवाड़ा' अभियान को स्थानीय ब्लॉक अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है। नालियां गंदगी से पटी हुई हैं और उनसे उठने वाली दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्राम सभा सलीमपुर भैरव गांव के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से अधिक समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। धरमू गुप्ता, किशुन पासी, रंजीत मिश्रा, मुकेश कुमार और सूर्य प्रकाश शुक्ला के दरवाजे से लेकर दिनेश पाल के होटल तक की नालियां पूरी तरह चोक हैं। यही हाल सुधीर श्रीवास्तव के घर से लाला के घर तक का है, जहाँ बजबजाती नालियां बीमारियों को दावत दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी और कर्मचारी केवल 'कागजी घोड़े' दौड़ाने में माहिर हैं। फाइलों में सफाई अभियान जोरों पर दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। संचारी पखवाड़े के नाम पर होने वाली खानापूर्ति से सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
- ऊँचाहार (रायबरेली): कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गणेशगंज (मजरे इटौरा बुजुर्ग) गाँव में रविवार को बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण गेहूं के खेत में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में किसान की लगभग 6 बीघे तैयार खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई है। घटना का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली चिंगारी सूखी फसल पर जा गिरी। तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों का साहस आग की लपटें उठती देख बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए खुद ही आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। संसाधनों के अभाव के बावजूद, ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को और आगे फैलने से रोका। किसानों का भारी नुकसान हादसे में फसल के पूरी तरह नष्ट होने से पीड़ित किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर बिजली के तारों को दुरुस्त किया जाए और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाया जाए।1
- Post by Dhirendra Shukla1
- जगतपुर, रायबरेली। थाना क्षेत्र के कूड गाँव के पास शनिवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेतों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने गेहूं के खेत में भीषण आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में लेने लगी। आग का गुबार उठता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग बाल्टी, ड्रम व अन्य साधनों से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत और सामूहिक प्रयास से काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक गाँव के बृजेश मिश्रा और उदयराज चौहान की लगभग 5 बीघे गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी। घटना से पीड़ित किसानों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है और बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही जर्जर बिजली लाइनों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- UNCHAHAR RAEBARELI News1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by T B NEWS1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के अकोदिया गांव में जल मिशन योजना की जमीनी हकीकत आई सामने अप्रैल माह में गर्मी अपने चरम पर है, वहीं सरकार की प्रमुख योजना हर घर जल हर घर नल योजना की हकीकत आई सामने पाइप लाइन तो बिछाकर कहीं कहीं नल की टोंटी लगा दी गई ,लेकिन अभी तक पानी की बूंद भी नहीं आई है, पूरे गांव में जहां पानी सप्लाई दी ही नहीं गई है, जहां पर लगाई भी है,अभी तक पानी की एक बूंद भी नहीं आई तो जल मिशन योजना कागजों में दफन हो जाएगी। की ज़िम्मेदारों की मनमानी जारी रहेगी। इस भीषण गर्मी के मौसम के बाद पानी की सप्लाई संचालित की जाएगी । की लाखों करोड़ों की योजना भी केवल और केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी । जल जीवन मिशन योजना 15 अगस्त 2019 को हुई शुरुआत वहीं स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि इस गांव में सरकार की योजना तो आती है, लेकिन अधिकारियों और जिम्मेदारो की मिली भगत से कागजों तक ही सीमित रह जाती है। इससे पहले भी राजीव गांधी जल मिशन योजना से हर गांव में पानी टंकी लगवाई गई थी लेकिन इस गांव में पानी की टंकी कुछ दिन तक तो पड़ी थी धीरे धीरे गायब हो गई ठीहा तो बनवाया गया लेकिन आज तक टंकी लगवाई नहीं गई, सरकारी रुपए की बरबादी की गवाह बनी वह योजना धीरे-धीरे गायब हो गई, वहीं स्थानीय निवासी ने बताया कि इस योजना में भी महेज खाना पूर्ति की गई है। वहीं स्थानीय निवासी रंजीत, किशुन व अन्य ने भी यही बात कही है।1