जल मिशन योजना हर घर नल हर घर नल सरकार की मुख्य योजना की जमीनी हकीकत रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के अकोदिया गांव में जल मिशन योजना की जमीनी हकीकत आई सामने अप्रैल माह में गर्मी अपने चरम पर है, वहीं सरकार की प्रमुख योजना हर घर जल हर घर नल योजना की हकीकत आई सामने पाइप लाइन तो बिछाकर कहीं कहीं नल की टोंटी लगा दी गई ,लेकिन अभी तक पानी की बूंद भी नहीं आई है, पूरे गांव में जहां पानी सप्लाई दी ही नहीं गई है, जहां पर लगाई भी है,अभी तक पानी की एक बूंद भी नहीं आई तो जल मिशन योजना कागजों में दफन हो जाएगी। की ज़िम्मेदारों की मनमानी जारी रहेगी। इस भीषण गर्मी के मौसम के बाद पानी की सप्लाई संचालित की जाएगी । की लाखों करोड़ों की योजना भी केवल और केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी । जल जीवन मिशन योजना 15 अगस्त 2019 को हुई शुरुआत वहीं स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि इस गांव में सरकार की योजना तो आती है, लेकिन अधिकारियों और जिम्मेदारो की मिली भगत से कागजों तक ही सीमित रह जाती है। इससे पहले भी राजीव गांधी जल मिशन योजना से हर गांव में पानी टंकी लगवाई गई थी लेकिन इस गांव में पानी की टंकी कुछ दिन तक तो पड़ी थी धीरे धीरे गायब हो गई ठीहा तो बनवाया गया लेकिन आज तक टंकी लगवाई नहीं गई, सरकारी रुपए की बरबादी की गवाह बनी वह योजना धीरे-धीरे गायब हो गई, वहीं स्थानीय निवासी ने बताया कि इस योजना में भी महेज खाना पूर्ति की गई है। वहीं स्थानीय निवासी रंजीत, किशुन व अन्य ने भी यही बात कही है।
जल मिशन योजना हर घर नल हर घर नल सरकार की मुख्य योजना की जमीनी हकीकत रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के अकोदिया गांव में जल मिशन योजना की जमीनी हकीकत आई सामने अप्रैल माह में गर्मी अपने चरम पर है, वहीं सरकार की प्रमुख योजना हर घर जल हर घर नल योजना की हकीकत आई सामने पाइप लाइन तो बिछाकर कहीं कहीं नल की टोंटी लगा दी गई ,लेकिन अभी तक पानी की बूंद भी नहीं आई है, पूरे गांव में जहां पानी सप्लाई दी ही नहीं गई है, जहां पर लगाई भी है,अभी तक पानी की एक बूंद भी नहीं आई तो जल मिशन योजना कागजों में दफन हो जाएगी। की ज़िम्मेदारों की मनमानी जारी रहेगी। इस भीषण गर्मी के मौसम के बाद पानी की सप्लाई संचालित की जाएगी । की लाखों करोड़ों की योजना भी केवल और केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी । जल जीवन मिशन योजना 15 अगस्त 2019 को हुई शुरुआत वहीं स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि इस गांव में सरकार की योजना तो आती है, लेकिन अधिकारियों और जिम्मेदारो की मिली भगत से कागजों तक ही सीमित रह जाती है। इससे पहले भी राजीव गांधी जल मिशन योजना से हर गांव में पानी टंकी लगवाई गई थी लेकिन इस गांव में पानी की टंकी कुछ दिन तक तो पड़ी थी धीरे धीरे गायब हो गई ठीहा तो बनवाया गया लेकिन आज तक टंकी लगवाई नहीं गई, सरकारी रुपए की बरबादी की गवाह बनी वह योजना धीरे-धीरे गायब हो गई, वहीं स्थानीय निवासी ने बताया कि इस योजना में भी महेज खाना पूर्ति की गई है। वहीं स्थानीय निवासी रंजीत, किशुन व अन्य ने भी यही बात कही है।
- रीवा, मध्य प्रदेश के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान से गुरु-शिष्य की मर्यादा को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के पीएमश्री मॉडल साइंस कॉलेज में एक शिक्षक द्वारा छात्रा को आधी रात को आपत्तिजनक मैसेज भेजकर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। आधी रात को अनैतिक मांग मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने छात्रा को देर रात मैसेज कर लिखा, "तुम अच्छी लगती हो, रूम पर आ जाओ।" जब छात्रा ने इस अनुचित मांग को ठुकरा दिया, तो शिक्षक अपनी मर्यादा भूल गया और धमकी भरी भाषा पर उतर आया। उसने छात्रा को डराते हुए मैसेज किया, "मैं नहीं चाहता तुम्हें कोई परेशानी हो... सोच लो तुम।" छात्रों ने सिखाया सबक शिक्षक की इस हरकत से डरी छात्रा ने जब यह बात अपने सहपाठियों को बताई, तो छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर प्रोफेसर के पास पहुँचे और उसे उसके ही भेजे गए मैसेज दिखाए। सबूत सामने आते ही "धमकी" देने वाले शिक्षक की बोलती बंद हो गई और वह सफाई देने की स्थिति में भी नहीं रहा। गंभीर सवाल यह घटना शिक्षा के मंदिर में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वर्तमान में कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर छात्रों ने मांग की है कि ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और शिक्षक पद की गरिमा का दुरुपयोग न कर सके।1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी2
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- रायबरेली - ऑटो स्टैंड बना अखाड़ा, वसूली के खेल में जमकर चले लात-घूंसे सवारी ने ई रिक्शा चालक को चप्पलों से पीटा। मारपीट शुरू होने पर मची अफरा-तफरी। स्थानीय लोगों का आरोप अवैध वसूली के चलते हुई मारपीट। मिल एरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे की घटना।1
- Airport के पास plot चाहिए? 🚀 Newtons Valley-Lucknow में सिर्फ ₹1500/- per sqft से शुरुआत! Limited plots – मौका हाथ से न जाने दें! Contact 81123778631
- हज़ारों करोड़ का इस्तेहार और प्रचार - पर चरमराता infrastructure, जनता लाचार। मोदी सरकार ने अपनी छवि बनाने और बचाने के चक्कर में मासूम जनता को मौत के मुंह मे झोंक दिया है। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- ऊंचाहार, रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संक्रामक रोगों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे 'संचारी पखवाड़ा' अभियान को स्थानीय ब्लॉक अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जमीनी हकीकत सरकारी दावों के पखवाड़ा बिल्कुल उलट है। नालियां गंदगी से पटी हुई हैं और उनसे उठने वाली दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्राम सभा सलीमपुर भैरव गांव के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से अधिक समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। धरमू गुप्ता, किशुन पासी, रंजीत मिश्रा, मुकेश कुमार और सूर्य प्रकाश शुक्ला के दरवाजे से लेकर दिनेश पाल के होटल तक की नालियां पूरी तरह चोक हैं। यही हाल सुधीर श्रीवास्तव के घर से लाला के घर तक का है, जहाँ बजबजाती नालियां बीमारियों को दावत दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी और कर्मचारी केवल 'कागजी घोड़े' दौड़ाने में माहिर हैं। फाइलों में सफाई अभियान जोरों पर दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। संचारी पखवाड़े के नाम पर होने वाली खानापूर्ति से सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र में मंछरो का प्रकोप बना है, महामारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।2
- ऊंचाहार, रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संक्रामक रोगों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे 'संचारी पखवाड़ा' अभियान को स्थानीय ब्लॉक अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है। नालियां गंदगी से पटी हुई हैं और उनसे उठने वाली दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्राम सभा सलीमपुर भैरव गांव के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से अधिक समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। धरमू गुप्ता, किशुन पासी, रंजीत मिश्रा, मुकेश कुमार और सूर्य प्रकाश शुक्ला के दरवाजे से लेकर दिनेश पाल के होटल तक की नालियां पूरी तरह चोक हैं। यही हाल सुधीर श्रीवास्तव के घर से लाला के घर तक का है, जहाँ बजबजाती नालियां बीमारियों को दावत दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी और कर्मचारी केवल 'कागजी घोड़े' दौड़ाने में माहिर हैं। फाइलों में सफाई अभियान जोरों पर दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। संचारी पखवाड़े के नाम पर होने वाली खानापूर्ति से सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1