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हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल सांवलिया सेठ के मंगल आरती और दिव्य श्रृंगार दर्शन एक साथ प्रस्तुत कर रहा है। यह दिव्य अनुभव केवल हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल पर ही उपलब्ध है।
Hello Chittorgarh News
हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल सांवलिया सेठ के मंगल आरती और दिव्य श्रृंगार दर्शन एक साथ प्रस्तुत कर रहा है। यह दिव्य अनुभव केवल हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल पर ही उपलब्ध है।
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- हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल सांवलिया सेठ के मंगल आरती और दिव्य श्रृंगार दर्शन एक साथ प्रस्तुत कर रहा है। यह दिव्य अनुभव केवल हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल पर ही उपलब्ध है।2
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विवाह संबंधों से जुड़ी कानूनी जटिलताओं और न्याय की मांग उठाई गई है, खासकर राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसे मामलों के संदर्भ में। पोस्ट में चिंता व्यक्त की गई है कि हनीमून ट्रिप के दौरान हुए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी को जमानत मिल जाने से ऐसे अपराध करने वालों के हौसले क्यों नहीं बुलंद होंगे। यह विचार हर पिता, भाई, बहन और माता को अपनाना चाहिए। पोस्ट के अनुसार, यह लड़ाई हर उस पिता की होनी चाहिए जो अपने बेटे की शादी से डर रहा है, और हर उस नौजवान की है जो विवाह तथा रिश्तों में बढ़ती कानूनी जटिलताओं और झूठे आरोपों के डर से शादी से दूर भाग रहा है। पोस्ट स्पष्ट करती है कि उसकी आवाज कुछ महिलाओं को कड़वी लग सकती है, लेकिन इसका उद्देश्य किसी पुरुष या महिला के विरुद्ध नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध है। यह विशेष रूप से उन नारियों के खिलाफ है जो अपने पति को अपने प्रेमी से मरवा रही हैं या झूठे आरोप लगाकर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही हैं। हालांकि, पोस्ट में उन नारी शक्ति का हृदय से वंदन भी किया गया है जो देश, समाज और परिवार को नई दिशा दे रही हैं, और यह प्रतिबद्धता दोहराई गई है कि ऐसे अपराधों के विरोध में आवाज उठाई जाती रहेगी। अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि समाज समय रहते नहीं जागा, तो कल निर्दोष बेटों को झूठे आरोपों, लंबी कानूनी लड़ाइयों और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ सकता है। पोस्ट का मूल विचार है कि पुरुष हो या महिला, पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और अपराधी को दंड, क्योंकि अत्याचारी की पहचान उसका लिंग नहीं, बल्कि उसका कर्म होता है।1
- फ्रांस ने नॉर्वे के खिलाफ एक मुकाबले में 4-1 से बड़ी जीत हासिल की है। इस मैच में फ्रांस की तरफ से काफी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण जीत मिली।1
- राजस्थान के उदयपुर जिले में एक बेहद आक्रोशित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर एक गाय को रस्सी से बांधकर जिंदा जला दिया गया है। इस निर्मम और बर्बरतापूर्ण घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और रोष का माहौल बना हुआ है।1
- भीलवाड़ा के उपनगर पुर में भीषण गर्मी और चारे के गंभीर संकट के बीच बेजुबान गौवंश के लिए 90 दिवसीय अखंड गौ-सेवा संकल्प एक जीवनदान साबित हुआ है। शिव बालाजी गौ सेवा संगठन (S B G S S) गौ रक्षा दल टीम पुर के दीपक भारद्वाज द्वारा लिया गया यह संकल्प सफलतापूर्वक पूरा हो गया। संकल्प की पूर्णता के 93वें दिन, 'निर्जला ग्यारस' के महापर्व पर, टीम ने क्षेत्र में असहाय और आवारा गौवंश को 2000 किलोग्राम पौष्टिक हरा चारा समर्पित किया। दीपक भारद्वाज ने जानकारी दी कि इस पहल की शुरुआत 25 मार्च को सड़कों पर भूख से बेहाल गौवंश के लिए की गई थी। इस कार्य में अधिक मास के दौरान आमजन का भी भरपूर सहयोग मिला। गौ रक्षा दल की टीम के शुभम लोयमा, विपुल उपाध्याय, छोटू गाडरी, राधेश्याम गुर्जर, अंकित विश्नोई, शंकर गुर्जर, विष्णु बिश्नोई, आदित्य बिश्नोई, पीयूष बिश्नोई, सावर गाडरी, यश रेवाल, मदन गाडरी, शोभराज तेली, माना गुजर और नारायण अठारिया ने इस गौ-सेवा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। युवाओं के इस पुनीत कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।3
- वार्ड नंबर 9 में इस समय भारी गंदगी फैली हुई है। इसी के साथ, वहाँ नाली निर्माण का कार्य भी जारी है।1
- नीमच जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के तुमड़िया गांव में शुक्रवार को दिनदहाड़े दो नाबालिग बालिकाओं के अपहरण का मामला सामने आया। सफेद ईको कार में सवार तीन युवकों ने जबरन बालिकाओं को गाड़ी में बैठा लिया। बालिकाओं की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने तुरंत मोटरसाइकिलों से पीछा करना शुरू किया। लगभग 25 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा करने के बाद, आटा सरोदा के पास ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर लगाकर कार को रुकवाया। इस दौरान दो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि एक आरोपी फरार होने में कामयाब रहा। पकड़े गए आरोपियों को बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- बिहार की राजधानी पटना स्थित आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर में बंदियों के शारीरिक शोषण, प्रताड़ना और अवैध वसूली के गंभीर मामले सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में जेल अधीक्षक सहित कुल 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर व्यापक चिंता व्यक्त की जा रही है। आमतौर पर रिश्वतखोर को पकड़ना सबसे आसान माना जाता है, लेकिन उसे सजा दिलवाना सबसे कठिन काम साबित होता है। प्रक्रिया में पहले ट्रैप, फिर निलंबन होता है, जिसके बाद वर्षों तक जांच और मुकदमे चलते रहते हैं। इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से संघर्ष झेलना पड़ता है। लेखक का मानना है कि जब तक भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का अंत केवल निलंबन पर होगा और अंतिम फैसला आने में वर्षों लगेंगे, तब तक भ्रष्टाचार पर नहीं, बल्कि व्यवस्था की कमजोरियों पर ही चर्चा होती रहेगी। जनता के मन में यह सवाल बना हुआ है कि क्या इन निलंबनों के बाद समयबद्ध जांच और सजा भी होगी, या यह मामला भी अन्य की तरह वर्षों तक फाइलों और अदालती तारीखों के बीच उलझा रहेगा।1