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बारिश से गेहूं की फसल तबाह, डीएम ने दिए आकलन के निर्देश।

8 hrs ago
user_Pankaj gupta
Pankaj gupta
Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

बारिश से गेहूं की फसल तबाह, डीएम ने दिए आकलन के निर्देश।

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  • Post by समाचार Crime News
    1
    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित गांव देवीपुरा के पास देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर तीन दुकानों में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि देवीपुरा गांव के समीप स्थित दुकानों में देर रात आग लग गई, जिसमें बालाजी ऑटो सर्विस की दुकान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दुकान स्वामी प्रोसेनजीत चौधरी के अनुसार करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं आसपास की दुकानों में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया। दुकान मालिक ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को धूपबत्ती लगाकर दुकान बंद करते हैं और बत्ती बुझने के बाद ही वहां से जाते हैं। सुबह करीब 6 बजे जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रोसनजीत चौधरी को “सुबह 6 बजे जानकारी मिली, जब तक आया तब तक सब जल चुका था… करीब 2 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।” फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तहरीर दे दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा l
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    पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित गांव देवीपुरा के पास देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर तीन दुकानों में लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
बताया जा रहा है कि देवीपुरा गांव के समीप स्थित दुकानों में देर रात आग लग गई, जिसमें बालाजी ऑटो सर्विस की दुकान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दुकान स्वामी प्रोसेनजीत चौधरी के अनुसार करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं आसपास की दुकानों में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया।
दुकान मालिक ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को धूपबत्ती लगाकर दुकान बंद करते हैं और बत्ती बुझने के बाद ही वहां से जाते हैं। सुबह करीब 6 बजे जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।  प्रोसनजीत चौधरी को 
“सुबह 6 बजे जानकारी मिली, जब तक आया तब तक सब जल चुका था… करीब 2 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।”
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तहरीर दे दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा l
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया। न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'? बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने: कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया। किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है। न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल' हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। "यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।" — ऋषि कनौजिया, पीड़ित गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं: बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची? क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है? उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? कानूनी कार्रवाई की आहट इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।
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    पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया।
न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'?
बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने:
कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया।
किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए।
इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है।
न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल'
हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
"यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।"
— ऋषि कनौजिया, पीड़ित
गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं:
बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची?
क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है?
उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?
कानूनी कार्रवाई की आहट
इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • सीओ कार्यालय में संयुक्त किसान संगठनों का घेराव, गेहूं खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन व गिरफ्तारी की मांग पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन किसानों और किसान नेताओं पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा किसानों पर फार्मर रजिस्ट्री सहित नए-नए नियम लागू कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही विरोध करने वाले किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के विरोध में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसान सीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरने को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं होती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ से नहीं एसपी और डीएम से वार्ता करने की मांग के बाद ही समाप्त होगा धरना प्रदर्शन।
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    सीओ कार्यालय में संयुक्त किसान संगठनों का घेराव, गेहूं खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन व गिरफ्तारी की मांग
पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन किसानों और किसान नेताओं पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा किसानों पर फार्मर रजिस्ट्री सहित नए-नए नियम लागू कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही विरोध करने वाले किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के विरोध में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसान सीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरने को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं होती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ से नहीं एसपी और डीएम से वार्ता करने की मांग के बाद ही समाप्त होगा धरना प्रदर्शन।
    user_Firasat khan
    Firasat khan
    Pilibhit, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र में पार्लर कर्मचारी की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर घटना का सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। क्षेत्राधिकारी प्रथम श्री आशुतोष शिवम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें गठित की गईं और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपी की पहचान की। दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अभियुक्त ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
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    बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र में पार्लर कर्मचारी की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर घटना का सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। क्षेत्राधिकारी प्रथम श्री आशुतोष शिवम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें गठित की गईं और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपी की पहचान की। दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अभियुक्त ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
    user_लाल सिंह
    लाल सिंह
    नवाबगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    8 min ago
  • रूरिया सलेमपुर में गैस सिलेंडर ब्लॉक होने से ग्रामीण परेशान, एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप जिला पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र के रूरिया सलेमपुर (पिन कोड 262122) में स्थित राज इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी गैस आईडी बार-बार ब्लॉक कर दी जाती है, जिससे उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि गैस एजेंसी में जानबूझकर गैस ब्लॉक में बेचने की शिकायत भी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाता, जबकि कुछ लोगों को सीधे ब्लॉक में गैस दी जा रही है। इस कारण गांव की महिलाओं और परिवारों को खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही है और कई लोगों को मजबूरी में लकड़ी व अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
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    रूरिया सलेमपुर में गैस सिलेंडर ब्लॉक होने से ग्रामीण परेशान, एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप
जिला पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र के रूरिया सलेमपुर (पिन कोड 262122) में स्थित राज इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी गैस आईडी बार-बार ब्लॉक कर दी जाती है, जिससे उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गैस एजेंसी में जानबूझकर गैस ब्लॉक में बेचने की शिकायत भी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाता, जबकि कुछ लोगों को सीधे ब्लॉक में गैस दी जा रही है।
इस कारण गांव की महिलाओं और परिवारों को खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही है और कई लोगों को मजबूरी में लकड़ी व अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
    user_Devendra Puri
    Devendra Puri
    Teacher कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by समाचार Crime News
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    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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