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अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और बयानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी माफियाओं को चुनौती देने और बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर मुखर रहने वाले योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान अब राम मंदिर से जुड़े विवाद पर केंद्रित हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और सत्ता में वापसी के दावों को प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुराने शासनकाल के प्रकरणों को उठाना शुरू कर दिया है। वे लगातार मंचों से राम भक्तों पर गोली चलाने की घटना और राम के अस्तित्व को नकारने के आरोपों का जिक्र कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने का विवादित मामला याद दिलाया है और सार्वजनिक तौर पर सवाल किया है कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है। इस मुद्दे पर तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2003 में जब हनुमानगढ़ी में नमाज का प्रकरण हुआ था, तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी और अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से केंद्रीय एजेंसियों के अधीन थी। ऐसे में उस घटना के लिए तत्कालीन राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी बराबर की जिम्मेदारी मानी जा रही है।

4 hrs ago
user_पवन कुमार पाल पत्रकार
पवन कुमार पाल पत्रकार
Voice of people इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और बयानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी माफियाओं को चुनौती देने और बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर मुखर रहने वाले योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान अब राम मंदिर से जुड़े विवाद पर केंद्रित हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और सत्ता में वापसी के दावों को प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुराने शासनकाल के प्रकरणों को उठाना शुरू कर दिया है। वे लगातार मंचों से राम भक्तों पर गोली चलाने की घटना और राम के अस्तित्व को नकारने के आरोपों का जिक्र कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने का विवादित मामला याद दिलाया है और सार्वजनिक तौर पर सवाल किया है कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है। इस मुद्दे पर तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2003 में जब हनुमानगढ़ी में नमाज का प्रकरण हुआ था, तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी और अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से केंद्रीय एजेंसियों के अधीन थी। ऐसे में उस घटना के लिए तत्कालीन राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी बराबर की जिम्मेदारी मानी जा रही है।

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  • प्रयागराज के नैनी स्थित सड़वा कॉलोनी, टीएसएल (सारस्वती हाईटेक सिटी) की रहने वाली उभरती गायिका माही निषाद अपनी सुरीली आवाज़ के दम पर संगीत जगत में लगातार पहचान बना रही हैं। हाल ही में मुंबई प्रवास के दौरान उन्होंने कई प्रसिद्ध कलाकारों से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। माही निषाद विशेष रूप से भक्ति गीतों, देवी जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। उनकी गायकी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है, जिसके चलते वे प्रयागराज की उभरती हुई प्रतिभाओं में अपनी एक अलग जगह बना रही हैं। वे सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और अपने गीतों व संगीत से जुड़े वीडियो साझा करती रहती हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार और सराहना मिल रही है। उनके बढ़ते प्रशंसक उनकी मेहनत और हुनर का प्रमाण हैं। प्रयागराज के लोगों ने उनकी इन उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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    प्रयागराज के नैनी स्थित सड़वा कॉलोनी, टीएसएल (सारस्वती हाईटेक सिटी) की रहने वाली उभरती गायिका माही निषाद अपनी सुरीली आवाज़ के दम पर संगीत जगत में लगातार पहचान बना रही हैं। हाल ही में मुंबई प्रवास के दौरान उन्होंने कई प्रसिद्ध कलाकारों से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

माही निषाद विशेष रूप से भक्ति गीतों, देवी जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। उनकी गायकी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है, जिसके चलते वे प्रयागराज की उभरती हुई प्रतिभाओं में अपनी एक अलग जगह बना रही हैं। वे सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और अपने गीतों व संगीत से जुड़े वीडियो साझा करती रहती हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार और सराहना मिल रही है। उनके बढ़ते प्रशंसक उनकी मेहनत और हुनर का प्रमाण हैं। प्रयागराज के लोगों ने उनकी इन उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
    user_NAGENDRA PRAJAPATI
    NAGENDRA PRAJAPATI
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • चीन ने पहली बार समुद्र में ऑर्बिटल-क्लास रीयूज़ेबल फर्स्ट-स्टेज रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक रिकवर करने का कारनामा कर दिखाया है। देश की रीयूज़ेबल स्पेस लॉन्च टेक्नोलॉजी के इतिहास में इसे एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जबकि एलन मस्क की कंपनी स्पेस-एक्स (SpaceX) इस तरह के कार्यों को लगातार अंजाम देती रही है। हालांकि, चीन की यह लैंडिंग तकनीक स्पेस-एक्स से पूरी तरह अलग है। इस प्रक्रिया में लैंडिंग लेग्स का इस्तेमाल नहीं किया गया और न ही बूस्टर ने सीधे किसी जमीन या प्लेटफॉर्म को स्पर्श किया। इसके विपरीत, नीचे उतरते हुए रॉकेट को पानी में मौजूद एक चलते हुए प्लेटफॉर्म पर लगी विशेष व्यवस्था की मदद से हवा में ही पकड़ लिया गया।
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    चीन ने पहली बार समुद्र में ऑर्बिटल-क्लास रीयूज़ेबल फर्स्ट-स्टेज रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक रिकवर करने का कारनामा कर दिखाया है। देश की रीयूज़ेबल स्पेस लॉन्च टेक्नोलॉजी के इतिहास में इसे एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जबकि एलन मस्क की कंपनी स्पेस-एक्स (SpaceX) इस तरह के कार्यों को लगातार अंजाम देती रही है।

हालांकि, चीन की यह लैंडिंग तकनीक स्पेस-एक्स से पूरी तरह अलग है। इस प्रक्रिया में लैंडिंग लेग्स का इस्तेमाल नहीं किया गया और न ही बूस्टर ने सीधे किसी जमीन या प्लेटफॉर्म को स्पर्श किया। इसके विपरीत, नीचे उतरते हुए रॉकेट को पानी में मौजूद एक चलते हुए प्लेटफॉर्म पर लगी विशेष व्यवस्था की मदद से हवा में ही पकड़ लिया गया।
    user_Sanjay Lal
    Sanjay Lal
    Local News Reporter Allahabad, Prayagraj•
    57 min ago
  • प्रयागराज में इनर व्हील क्लब ऑफ इलाहाबाद का इंस्टॉलेशन समारोह 'प्रणिता' बेहद गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस आयोजन के माध्यम से क्लब की आगामी गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण व सामाजिक सेवा की दिशा में किए जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डाला गया।
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    प्रयागराज में इनर व्हील क्लब ऑफ इलाहाबाद का इंस्टॉलेशन समारोह 'प्रणिता' बेहद गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस आयोजन के माध्यम से क्लब की आगामी गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण व सामाजिक सेवा की दिशा में किए जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डाला गया।
    user_JGE News
    JGE News
    Newspaper publisher इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और बयानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी माफियाओं को चुनौती देने और बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर मुखर रहने वाले योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान अब राम मंदिर से जुड़े विवाद पर केंद्रित हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और सत्ता में वापसी के दावों को प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुराने शासनकाल के प्रकरणों को उठाना शुरू कर दिया है। वे लगातार मंचों से राम भक्तों पर गोली चलाने की घटना और राम के अस्तित्व को नकारने के आरोपों का जिक्र कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने का विवादित मामला याद दिलाया है और सार्वजनिक तौर पर सवाल किया है कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है। इस मुद्दे पर तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2003 में जब हनुमानगढ़ी में नमाज का प्रकरण हुआ था, तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी और अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से केंद्रीय एजेंसियों के अधीन थी। ऐसे में उस घटना के लिए तत्कालीन राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी बराबर की जिम्मेदारी मानी जा रही है।
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    अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और बयानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी माफियाओं को चुनौती देने और बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर मुखर रहने वाले योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान अब राम मंदिर से जुड़े विवाद पर केंद्रित हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और सत्ता में वापसी के दावों को प्रभावित कर सकता है।

इस स्थिति से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुराने शासनकाल के प्रकरणों को उठाना शुरू कर दिया है। वे लगातार मंचों से राम भक्तों पर गोली चलाने की घटना और राम के अस्तित्व को नकारने के आरोपों का जिक्र कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने का विवादित मामला याद दिलाया है और सार्वजनिक तौर पर सवाल किया है कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है।

इस मुद्दे पर तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2003 में जब हनुमानगढ़ी में नमाज का प्रकरण हुआ था, तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी और अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से केंद्रीय एजेंसियों के अधीन थी। ऐसे में उस घटना के लिए तत्कालीन राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी बराबर की जिम्मेदारी मानी जा रही है।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Voice of people इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज के बहरिया ब्लॉक स्थित ग्राम सभा जुगनी डीह में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र बबलू द्वारा ग्रामीणों को फलदार वृक्ष वितरित किए गए।
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    प्रयागराज के बहरिया ब्लॉक स्थित ग्राम सभा जुगनी डीह में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र बबलू द्वारा ग्रामीणों को फलदार वृक्ष वितरित किए गए।
    user_Rajendra Kumar Gautam
    Rajendra Kumar Gautam
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • प्रयागराज के वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद हंजला लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और शहर को 'ग्रीन सिटी' बनाने के संकल्प के साथ एक व्यापक जन-अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मुहिम की शुरुआत उन्होंने तब की थी जब पर्यावरण जागरूकता अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन आज बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक संगठन इस वृक्षारोपण अभियान से जुड़ चुके हैं। मोहम्मद हंजला का मानना है कि शहर की पहचान केवल कंक्रीट के ढांचे से नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा और हरियाली से होती है, जिसके लिए विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। बढ़ते प्रदूषण और तापमान को पर्यावरण के लिए गंभीर संकट बताते हुए उन्होंने प्रशासन और आम जनता से इस साझा जिम्मेदारी को निभाने का आह्वान किया है। उनका तर्क है कि विकास परियोजनाओं के दौरान यदि पेड़ काटना अपरिहार्य हो, तो उसके स्थान पर कई गुना अधिक पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। मोहम्मद हंजला ने नागरिकों से भावनात्मक अपील की है कि वे किसी भी स्थान पर पौधारोपण की आवश्यकता होने पर उन्हें सूचित करें, ताकि वह स्वयं वहां पहुंचकर पौधे लगा सकें। उनका लक्ष्य प्रयागराज को देश की सबसे सुंदर और हरित नगरी बनाना है, जिसके लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार सहित सभी सामाजिक संस्थाओं से मिलकर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का आग्रह किया है।
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    प्रयागराज के वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद हंजला लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और शहर को 'ग्रीन सिटी' बनाने के संकल्प के साथ एक व्यापक जन-अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मुहिम की शुरुआत उन्होंने तब की थी जब पर्यावरण जागरूकता अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन आज बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक संगठन इस वृक्षारोपण अभियान से जुड़ चुके हैं। मोहम्मद हंजला का मानना है कि शहर की पहचान केवल कंक्रीट के ढांचे से नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा और हरियाली से होती है, जिसके लिए विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है।

बढ़ते प्रदूषण और तापमान को पर्यावरण के लिए गंभीर संकट बताते हुए उन्होंने प्रशासन और आम जनता से इस साझा जिम्मेदारी को निभाने का आह्वान किया है। उनका तर्क है कि विकास परियोजनाओं के दौरान यदि पेड़ काटना अपरिहार्य हो, तो उसके स्थान पर कई गुना अधिक पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। मोहम्मद हंजला ने नागरिकों से भावनात्मक अपील की है कि वे किसी भी स्थान पर पौधारोपण की आवश्यकता होने पर उन्हें सूचित करें, ताकि वह स्वयं वहां पहुंचकर पौधे लगा सकें। उनका लक्ष्य प्रयागराज को देश की सबसे सुंदर और हरित नगरी बनाना है, जिसके लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार सहित सभी सामाजिक संस्थाओं से मिलकर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का आग्रह किया है।
    user_NAGENDRA PRAJAPATI
    NAGENDRA PRAJAPATI
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    24 min ago
  • प्रयागराज में पुलिस और एडवोकेट के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस टकराव को लेकर अब यह देखना बाकी है कि इस पूरे मामले में किसकी जीत होती है।
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    प्रयागराज में पुलिस और एडवोकेट के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस टकराव को लेकर अब यह देखना बाकी है कि इस पूरे मामले में किसकी जीत होती है।
    user_Rajendra Pandey
    Rajendra Pandey
    Farmer इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
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