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#अमेठी यही उस दिन की घटना का वीडियो चार दिन बाद नहर में मिला महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी लापता! वही मृतक गुड़िया के पिता व भाई ने दाह संस्कार से किया इनकार जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक दाह संस्कार नहीं करेंगे! uppolice amthipolice
Rakesh Rawat
#अमेठी यही उस दिन की घटना का वीडियो चार दिन बाद नहर में मिला महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी लापता! वही मृतक गुड़िया के पिता व भाई ने दाह संस्कार से किया इनकार जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक दाह संस्कार नहीं करेंगे! uppolice amthipolice
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- #अमेठी यही उस दिन की घटना का वीडियो चार दिन बाद नहर में मिला महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी लापता! वही मृतक गुड़िया के पिता व भाई ने दाह संस्कार से किया इनकार जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक दाह संस्कार नहीं करेंगे! uppolice amthipolice3
- एसपी ने शुक्रवार परेड की सलामी लेकर पुलिस लाइन का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश एसपी ने शुक्रवार परेड की सलामी लेकर पुलिस लाइन का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश अमेठी। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. ने शुक्रवार सुबह रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परेड की सलामी लेकर निरीक्षण किया। परेड के दौरान पुलिसकर्मियों की शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस बनाए रखने के उद्देश्य से दौड़ कराई गई तथा अनुशासन और एकरूपता के लिए ड्रिल भी कराई गई। इस अवसर पर पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय तथा जनपद के विभिन्न थानों एवं शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद एसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को साफ-सुथरी व निर्धारित मानकों के अनुरूप वर्दी पहनने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन का विस्तृत निरीक्षण करते हुए बैरक, शस्त्रागार, मेस, कैश कार्यालय, परिवहन शाखा सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही यूपी-112 पीआरवी एवं थानों के वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण उपकरणों की भी जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों का भी निरीक्षण कर उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी लाइंस श्वेताभ भास्कर, क्षेत्राधिकारी अमेठी मनोज कुमार मिश्रा, प्रतिसार निरीक्षक तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- पुश्तैनी नाली पर कब्जे का आरोप, 70 घरों में जलभराव, ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार अमेठी। तहसील क्षेत्र के ग्राम ककवा में पुश्तैनी नाली पर कथित कब्जे और अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। नाली बंद होने से करीब 70 घरों की जलनिकासी प्रभावित हो गई है। बरसात के बीच घरों और गलियों में पानी भरने से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम अमेठी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की वर्षों पुरानी नाली से करीब 70 घरों का बरसात का और घरेलू पानी निकलता है। आरोप है कि गांव निवासी दयाराम पुत्र केदारनाथ, नीरज और रणजीत ने नाली को बंद कर उस पर दीवार खड़ी कर लिंटर डालने का प्रयास शुरू कर दिया है। इससे जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। कई घरों में पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। इनसेट-1 70 घरों में जलभराव, संक्रमण फैलने की आशंका ग्रामीणों ने बताया कि नाली बंद होने के कारण बरसात का पानी घरों और गलियों में जमा हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। लंबे समय तक जलभराव रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। इनसेट-2 पुलिस से शिकायत के बाद एसडीएम से लगाई गुहार ग्रामीणों का कहना है कि मामले की शिकायत पहले पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विरोध करने पर आरोपी पक्ष विवाद और मारपीट पर आमादा हो जाता है। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम अमेठी को शिकायती पत्र देकर राजस्व टीम से मौके की जांच कराने, अवैध निर्माण रुकवाने और पुश्तैनी नाली को खुलवाने की मांग की है। शिकायतकर्ता में रामखेलावन, तेजबहादुर, जंगबहादुर, राजकुमार, गिरधारी, चंद्रकली, शिवानी, अनीता, सुधा, मनोज, विटम, पूनम, चमेला, नीलम, चटकीला सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। वही एसडीम पंकज मिश्रा ने बताया कि शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है ,तत्काल क्षेत्र के लेखपाल और पुलिस टीम को भेज कर काम रुकवाने और वैधानिक कार्यवाही की बात कही ।4
- मानसून में सतर्क रहें: अमेठी प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, सर्पदंश, आकाशीय बिजली और डूबने से बचाव के बताए उपाय मानसून में सतर्क रहें: अमेठी प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, सर्पदंश, आकाशीय बिजली और डूबने से बचाव के बताए उपाय अमेठी। मानसून के दौरान बढ़ रहे हादसों को देखते हुए अमेठी जिला प्रशासन ने लोगों के लिए व्यापक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने सर्पदंश, आकाशीय बिजली गिरने और नदी-नहरों में डूबने जैसी घटनाओं से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह ने कहा कि बारिश के मौसम में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की मदद लेने का आग्रह किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि बरसात के दौरान सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं, जलाशयों का जलस्तर बढ़ जाता है और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में भी इजाफा होता है। ऐसे में लोगों को खेतों में काम करते समय जूते पहनने, पूरे कपड़े पहनने और रात में टॉर्च का उपयोग करने की सलाह दी गई है। घर के आसपास झाड़ियां और कचरा साफ रखने तथा दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की भी अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा 'दामिनी' और 'सचेत' मोबाइल ऐप के माध्यम से आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी प्राप्त करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने, नदियों, नहरों और गहरे जलाशयों के पास अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति में 108, 102, 112 और कंट्रोल रूम 1077 पर तत्काल संपर्क करने की सलाह प्रशासन ने दी है।1
- 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सगरा, श्री राम जानकी मँदिर एवं धर्मशाला आज भी संजोए हुए है समाज सेवा और जल संरक्षण की विरासत 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सगरा, मुसाफिरखाना (अमेठी)। जनपद की प्रमुख तहसील मुसाफिरखाना में स्थित ऐतिहासिक सागरा, श्री राम जानकी मँदिर एवं धर्मशाला आज भी अपनी गौरवशाली विरासत की कहानी बयां कर रही है। लगभग 200 वर्ष पूर्व समाजसेवी श्री राम खत्री के पिता द्वारा इस परिसर का निर्माण जनसेवा और लोककल्याण की भावना से कराया गया था। उस समय परिवहन के आधुनिक साधनों का अभाव था और लोग पैदल, बैलगाड़ियों तथा घोड़ागाड़ियों से लंबी यात्राएं किया करते थे। ऐसे में नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित यह स्थान यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। बताया जाता है कि यहां आने वाले मुसाफिर सगरा में स्नान कर अपनी थकान दूर करते थे, धर्मशाला में विश्राम करते थे तथा भोजन की व्यवस्था भी यहीं उपलब्ध हो जाती थी। साथ ही आसपास की सब्जी मंडी स्थानीय व्यापार का प्रमुख केंद्र थी, जहां दूर-दराज के किसान अपनी उपज लेकर आते थे। इस प्रकार यह परिसर केवल धार्मिक या सामाजिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण केंद्र था।खत्री परिवार के सदस्य अंशुमान खत्री ने बताया कि उनके पूर्वजों ने समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस धरोहर का निर्माण कराया था। उनका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि राहगीरों, व्यापारियों और आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि आज भी यह सगरा वर्षा जल के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और क्षेत्र के भू-जल स्तर को बनाए रखने में सहायक है। बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में ऐसे पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। इसलिए इस सगरा, श्री राम जानकी मंडी एवं धर्मशाला का संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जाना चाहिए, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे और आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों की समाज सेवा, जल संरक्षण और लोकहित की भावना से प्रेरणा ले सकें।स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि यह धरोहर मुसाफिरखाना की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है। यदि इसके संरक्षण के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर प्रयास करें तो यह स्थान भविष्य में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का आकर्षण भी बन सकता है। इससे क्षेत्र की विरासत सुरक्षित रहेगी और लोगों में अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। गुरु पूर्णिमा पर मुक्ति साधना आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब सहारा जीवन न्यूज़ अमेठी/फुरसतगंज। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर फुरसतगंज क्षेत्र के निगोहां स्थित मुक्ति साधना आश्रम में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। आश्रम में दूर-दराज़ से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अपने पूज्य गुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने के लिए आश्रम के स्वयंसेवक पूरे समय व्यवस्थाओं में जुटे रहे। श्रद्धालुओं का मानना है कि गुरुजी के दर्शन मात्र से बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी अटूट आस्था के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने गुरुजी से गुरु मंत्र भी ग्रहण किया और आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया पूरे आयोजन के दौरान गुरु वंदना, भजन-कीर्तन, सत्संग एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ तथा हजारों श्रद्धालु गुरुजी का आशीर्वाद लेकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।1
- पुस्तैनी नाली बंद होने से 70 घरों में भरा पानी एसडीएम से शिकायत अमेठी ककवा गांव में पुस्तैनी नाली को बंद कर उस पर अवैध निर्माण किए जाने से करीब 70 घरों में बरसात के पानी निकलने का रास्ता बंद हो गया है। बरसात होने पर लोगों के घरों में पानी भर जाता है। पीड़ितों ने उपजिलाधिकारी अमेठी को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच और नाली खुलवाने की मांग की है। ग्राम वासियों ने एसडीएम को प्रार्थना देते बताया कि गांव के दबंगो ने जबरन तरीके से नाली को बंद कर उस पर दीवार बना लिया है लिंटर डालने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह नाली लगभग 70 घरों के बरसात के पानी और घरों के निकासी के पानी का एकमात्र रास्ता था। नाली बंद होने से अब प्रार्थियों के मकानों में पानी भर रहा है और घर से निकलना मुश्किल हो गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस संबंध में पुलिस को भी सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम से मामले की जांच कराकर नाली के ऊपर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की गई है उपजिलाधिकारी पंकज कुमार मिश्रा ने बताया वे मामले की जांच करा रहे हैं2
- जहरीले सांप के डसने से 11 वर्षीय मासूम की मौत, परिवार में पसरा मातम अमेठी ll अमेठी में गुरुवार रात गांव में सो रहे 11 साल के बच्चे को जहरीले सांप ने डंस लिया। परिजन जबतक बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, उसकी मौत हो गई। अमेठी के भेटुआ ब्लॉक के पूरे रामदत्त मजरे भैंसड़ा गांव में गुरुवार रात चारपाई पर सो रहे एक 11 साल के बच्चे को सांप ने काट लिया। सांप के काटते ही बच्चा चिल्लाया और कुछ काट लेने के बात परिजनों को बताई। परिजन जबतक कुछ समझ पाते, सांप के जहर से असर दिखाना शुरू कर दिया।। आनन फानन में परिजन जबतक बच्चे को लेकर सीएचसी नौगिरवा पहुंचते, उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार में मातम पसर गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जानकारी होते ही शव को कब्जे में लेकर पीएम के भेज कर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। सावधानी व बचाव ll बरसात के मौसम में कॉमन करैत जिसे हम नाग व कोबरा के नाम से जानते हैं। ये रात के अंधेरे में चारपाई पर चढ़कर बिस्तर में घुसकर काट लेते हैं। सावधानी व बचाव के लिए मच्छरदानी लगाकर सोएं। बिना रोशनी के अंधेरे में निकलने से बचें ll1