*डामर की धुंध में दम तोड़ता मैहर,अनुमति गायब, भ्रष्टाचार हाज़िर!* मैहर की पवित्र धरती, जहाँ कभी भक्ति की सुगंध बहती थी, आज वहाँ डामर के धुएँ ने ऐसा डेरा डाला है कि हवा भी अब सवाल पूछने लगी है—क्या मेरी भी नीलामी हो चुकी है?बिना पर्यावरण अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे डामर प्लांट अब सिर्फ मशीनें नहीं रहे, ये भ्रष्टाचार के ऐसे धुआँधार प्रतीक बन चुके हैं, जो सीधे जनता के फेफड़ों में उतर रहे हैं। बरहिया (रेउसा) का दक्षिणा इम्फा प्लांट हो या भठिया (तमोलिया) का महाकाल कंट्रेक्शन—कानून यहाँ जैसे छुट्टी पर चला गया है और जिम्मेदार अधिकारी सिस्टम के नाम पर मौन साधे बैठे हैं। कहते हैं कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सतना के कुछ जिम्मेदारों ने इस जहरीली हवा को सिर्फ महसूस ही नहीं किया, बल्कि उसे अपने कर्तव्य के साथ आत्मसात भी कर लिया है। कनिष्ठ वैज्ञानिक जी.के बैगा पर उठते सवाल अब फुसफुसाहट नहीं, बल्कि गूंज बन चुके हैं—क्या ये संरक्षण है या सौदेबाजी का कोई अनदेखा करार? मैहर, जो माँ शारदा की नगरी है, वहाँ की हवा को जहर में बदलने की ये आतुरता आखिर किसके इशारे पर है? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर कोई गहरा षड्यंत्र, जिसमें जनता की सांसों की कीमत तय हो चुकी है? अब निगाहें कलेक्टर मैडम पर टिक गई हैं। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन इस जहरीले खेल को रोकेगा या फिर खामोशी की चादर ओढ़कर इसे और फैलने देगा? जनता चेतावनी दे चुकी है—अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह सिर्फ प्रदूषण का मुद्दा नहीं रहेगा, बल्कि जनआंदोलन की चिंगारी बन जाएगा। भारतीय मजदूर का पर्यावरण मंच मोर्चा खोलने को तैयार है, और तब यह धुआँ सिर्फ आसमान में नहीं, सत्ता के गलियारों में भी घुसता नजर आएगा। मैहर पूछ रहा है—हवा बेचोगे या बचाओगे?
*डामर की धुंध में दम तोड़ता मैहर,अनुमति गायब, भ्रष्टाचार हाज़िर!* मैहर की पवित्र धरती, जहाँ कभी भक्ति की सुगंध बहती थी, आज वहाँ डामर के धुएँ ने ऐसा डेरा डाला है कि हवा भी अब सवाल पूछने लगी है—क्या मेरी भी नीलामी हो चुकी है?बिना पर्यावरण अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे डामर प्लांट अब सिर्फ मशीनें नहीं रहे, ये भ्रष्टाचार के ऐसे धुआँधार प्रतीक बन चुके हैं, जो सीधे जनता के फेफड़ों में उतर रहे हैं। बरहिया (रेउसा) का दक्षिणा इम्फा प्लांट हो या भठिया (तमोलिया) का महाकाल कंट्रेक्शन—कानून यहाँ जैसे छुट्टी पर चला गया है और जिम्मेदार अधिकारी सिस्टम के नाम पर मौन साधे बैठे हैं। कहते हैं कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सतना के कुछ जिम्मेदारों ने इस जहरीली हवा को सिर्फ महसूस ही नहीं किया, बल्कि उसे अपने कर्तव्य के साथ आत्मसात भी कर लिया है। कनिष्ठ वैज्ञानिक जी.के बैगा पर उठते सवाल अब फुसफुसाहट नहीं, बल्कि गूंज बन चुके हैं—क्या ये संरक्षण है या सौदेबाजी का कोई अनदेखा करार? मैहर, जो माँ शारदा की नगरी है, वहाँ की हवा को जहर में बदलने की ये आतुरता आखिर किसके इशारे पर है? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर कोई गहरा षड्यंत्र, जिसमें जनता की सांसों की कीमत तय हो चुकी है? अब निगाहें कलेक्टर मैडम पर टिक गई हैं। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन इस जहरीले खेल को रोकेगा या फिर खामोशी की चादर ओढ़कर इसे और फैलने देगा? जनता चेतावनी दे चुकी है—अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह सिर्फ प्रदूषण का मुद्दा नहीं रहेगा, बल्कि जनआंदोलन की चिंगारी बन जाएगा। भारतीय मजदूर का पर्यावरण मंच मोर्चा खोलने को तैयार है, और तब यह धुआँ सिर्फ आसमान में नहीं, सत्ता के गलियारों में भी घुसता नजर आएगा। मैहर पूछ रहा है—हवा बेचोगे या बचाओगे?
- 7000 हजार रिश्वत लेते हुए एक कार्यवाहक ASI रंगे हाथ गिरफ्तार1
- Post by SNY R LIVE MP1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि गुरु संदेश भागवत आचार्य राकेश तिवारी की ओंकारेश्वर वो आई पी दर्शन के नाम पर सनातन धर्म को बार-बार ठगा जा रहा है।महर्षि दधीचि हड्डियां गलाएं है और इंद्र का वज्र बनाएं ऐसे महर्षि दधीचि पार्क को तोड़कर पार्किंग बनाया गया सुप्रीम कोर्ट के अहमानना नगर निगम कर रही है जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन कुंभकरण के लिए सोया है।1
- सनावद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नगर में बाइक चोरी की घटना को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को पकड़ा है इससे मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने बाइक चोरी की घटना कबूल की उसकी बताई गई निशानदेही जगह से पुलिस ने कुछ और बाईक भी जप्त की है आपको बता दें कि आरोपी छोटे लाल पिता तोताराम वास्कले 40 वर्ष गायत्री मंदिर के पास मांधाता क्षेत्र का रहने वाला है और यह एक आदतन अपराधी है जिसके ऊपर पूर्व में 19 अपराधिक प्रकरण दर्ज है आरोपी माननीय न्यायालय मे पेश किया जाना है2
- *//बुरहानपुर पुलिस//* ◆.*बुरहानपुर पुलिस द्वारा शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं आगामी त्यौहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने हेतु फ़्लैग-मार्च निकल गया।* ◆.*आगामी त्योहार के लिए बुरहानपुर पुलिस पूरी तरह तैयार। शहर भर में सीसीटीवी एवं ड्रोन कैमरे से की जाएगी निगरानी असामाजिक तत्वों पर रहेगी पुलिस की निगाह।* ◆.*पुलिस की टेक्निकल टीम की सोशल मीडिया पर रहेगी निगरानी।* ◆.*आपत्तिजनक पोस्ट करने, फॉरवर्ड/लाइक करने वाले तत्वों पर की जाएगी सख़्त कार्यवाही।* ◆.*जिले भर में लगाए गए पुलिस के फिक्स पिकेट्स। सभी थाना क्षेत्रों पुलिस की मोबाइल एवं बाइक पार्टीया कर रही सतत पेट्रोलिंग।* फ़्लैग-मार्च पुलिस कंट्रोल रूम से प्रारंभ होकर शहर के संवेदनशील इलाकों,मुख्य चौराहा से होते थाना क्षेत्रों में निकाला गया फ़्लैग-मार्च।* फ़्लैग -मार्च का उद्देश्य न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था, बल्कि जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाना था। पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र कुमार पाटीदार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश,एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाटिल, के नेतृत्व में पुलिस फ़ोर्स द्वारा शहर के थाना क्षेत्रों से होते हुए निकाला गया। पुलिस कंट्रोल रूम से प्रारंभ होकर, सुभाष चौक, गांधी चौक, फूल चौक, भाई साहब की हवेली,नया मोहल्ला, तिलक हाल, प्रतापपुरा ,रियाजपहलवान की होटल,शिकारपुरा पानी की टंकी क्षेत्र में भ्रमण करता हुआ समाप्त किया गया। फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश, एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाटिल, रक्षित निरीक्षक श्री सुनील दीक्षित, थाना प्रभारीकोतवाली,शिकारपुरा,गणपति नाका, लालबाग , यातायात, एवं शहर के चारों थाने का पुलिस बल सम्मिलित रहा | *बुरहानपुर पुलिस कि आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।*1
- LOCATION - खंडवा, मध्य प्रदेश REPORTER - HARENDRA NATH THAKUR SLUG - खंडवा के कोतवाली थाने परिसर में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पत्नी के साथ हुए विवाद के बाद मोबाइल टावर पर चढ़कर किया हंगामा DATE - 27 MARCH 2026 ANCHOR - खंडवा क़े कोतवाली थाने में उसे वक्त हड़कंप मच गया जब कोतवाली थाने के सामने बने एक मोबाइल टावर पर एक युवक अपनी मांग मनवाने के लिए चढ़ गया और यहां से हंगामा करने लगा। सिटी कोतवाली परिसर में शुक्रवार को जिसने भी यह नजारा देखा उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। देखते ही देखते इस मोबाइल टावर के सामने कोतवाली थाने के तमाम अधिकारियों और पुलिस जवानों के साथ-साथ ट्रैफिक जवानों का जमावड़ा लग गया। खंडवा क़े सूरजकुंड निवासी दादू नाम का एक युवक अपनी मांग मनवाने के लिए मोबाईल क़े 70 फिट ऊँचे टावर पर चढ़ गया। युवक लगातार अपनी पत्नी रोशनी को बुलाने की मांग करता रहा और करीब 4 घंटे तक मोबाइल टावर पर चढ़ा रहा। तपती धूप और गर्मी के कारण उसका हाल बेहाल हो गया। पुलिस जवानों को यह डर समा गया कि कहीं उस ऊंचाई से वह गिर ना पड़े। वह प्यास से तड़प रहा था फिर भी नीचे उतरने से इनकार करता रहा, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। युवक ने अपनी रिश्तेदारी में रोशनी नाम की विधवा महिला से विवाह किया था। महिला की पहले पति की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि रोशनी को मिलने वाली दुर्घटना क्लेम राशि को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि दादू पूरी रकम मांग रहा था। गुरुवार रात विवाद और मारपीट के बाद रोशनी थाने पहुंची, जहां दादू ने खुद को घायल कर लिया। पुलिस ने दोनों को समझाइश देकर दादू को थाने में बैठाया, लेकिन खाने से निकलने के बाद वह मोबाइल टावर पर चढ़ गया और पत्नी को बुलाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाता रहा। बाद में पत्नी, परिजन और सीएसपी अभिनव बारंगे की मौजूदगी में युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया और मामला शांत कराया गया। फिलहाल दोनों पति-पत्नी का मेडिकल टेस्ट कराकर उनके इस मामले की जांच कोतवाली पुलिस कर रही है। BYTE 1- अभिनव बारंगे - सीएसपी खंडवा1
- बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही ने बुझाया घर का चिराग: एम्बुलेंस के इंतजार में तड़प-तड़प कर हुई मासूम की मौत सतना/बिरसिंहपुर: एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिरसिंहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनहीनता और घोर लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया है। कटनी जिले के भट्टा मोहल्ला निवासी एक परिवार, जो बिरसिंहपुर के पास अपने रिश्तेदारों के यहाँ आया हुआ था, क्या जानता था कि सरकारी तंत्र की खामियाँ उनके बच्चे को उनसे छीन लेंगी। कल रात जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी, तो परिजन उम्मीद के साथ अस्पताल पहुँचे, लेकिन वहाँ का मंजर उम्मीद के ठीक उलट था। डॉक्टरों ने औपचारिक खानापूर्ति करते हुए बच्चे को गंभीर बताकर सतना रेफर तो कर दिया, लेकिन उसके बाद की 'सरकारी सुस्ती' जानलेवा साबित हुई। बेबस माँ-बाप लगभग एक घंटे तक अस्पताल की दहलीज पर खड़े होकर एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे, मिन्नतें करते रहे, लेकिन "सिस्टम" की कान पर जूं तक नहीं रेंगी। प्रशासन की इस कदर अनियमितता और लापरवाही का आलम यह था कि समय पर इलाज मिलना तो दूर, बच्चे को बड़े अस्पताल ले जाने के लिए वाहन तक नसीब नहीं हुआ। अस्पताल की इस उदासीनता के कारण अंततः मासूम ने दम तोड़ दिया। यह पहली बार नहीं है जब बिरसिंहपुर सरकारी अस्पताल से ऐसी हृदयविदारक खबरें सामने आई हों, पहले भी कई बार ऐसी अव्यवस्थाओं ने लोगों की जान ली है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन की इस गंभीर चूक की भरपाई उस माँ की सूनी गोद को भरकर की जा सकती है? आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या शासन और प्रशासन सिर्फ फाइलों में ही स्वास्थ्य क्रांति लाएगा या धरातल पर दम तोड़ते इन मासूमों की भी सुध ली जाएगी?3
- लौहपुरुष की जयंती पर दिया एकता अखंडता का संदेश,नगर के मुख्य मार्गो से निकली साइकिल रैली, पानसेमल।देश की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वी जयंती के उपलक्ष्य में नगर के मुख्य मार्गो से साइकिल रैली निकली गई । जिसमें नगर के साइकिल प्रेमीयो ने भाग लिया।थाना प्रभारी मंशाराम वगेन ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश एवं जिला पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन में साइकिल रैली का आयोजन पुलिस थाने से ब्रजधाम कॉलोनी तक किया।साइकिल चलाने से मन स्वस्थ,शरीर फिट रहता है उन्होंने बताया कि आगे और साइकिल प्रेमियों को जागरूक करेंगे।नगर परिषद अध्यक्ष शैलेश भंडारकर ने कहा कि शारीरिक,मानसिक विकास को लेकर साइकिल चलाने हेतु आमजनों को प्रेरित करेंगे।रेली में नगरवासी,पुलिस स्टाफ एवं डॉक्टर शामिल हुए।1
- Post by Lucky Gole (Aditya)1