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राजनीति में शिक्षित युवाओं को मौका मिले, इसलिए जनप्रतिनिधियों के लिए शिक्षा जरूरी – रविन्द्र सिंह भाटी

14 hrs ago
user_V Rathi
V Rathi
Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
14 hrs ago

राजनीति में शिक्षित युवाओं को मौका मिले, इसलिए जनप्रतिनिधियों के लिए शिक्षा जरूरी – रविन्द्र सिंह भाटी

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजनीति में शिक्षित युवाओं को मौका मिले, इसलिए जनप्रतिनिधियों के लिए शिक्षा जरूरी – रविन्द्र सिंह भाटी
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    राजनीति में शिक्षित युवाओं को मौका मिले, इसलिए जनप्रतिनिधियों के लिए शिक्षा जरूरी – रविन्द्र सिंह भाटी
    user_V Rathi
    V Rathi
    Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
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    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • रेवदर तहसील के निम्बोड़ा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में एक बंदर के हमलावर होने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर ग्रामीण इस बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा है। खासकर छोटे बच्चों को निशाना बनाने से परिवारों में दहशत फैल गई है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे हैं। गांव में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी लोगों को बंदर के हमले का डर सताने लगा है। समाजसेवी गणपत सिंह निम्बोड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में करीब दर्जनभर लोग इस बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बंदर को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़ा जाए, ताकि गांव में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके और मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ।
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    रेवदर तहसील के निम्बोड़ा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में एक बंदर के हमलावर होने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर ग्रामीण इस बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा है। खासकर छोटे बच्चों को निशाना बनाने से परिवारों में दहशत फैल गई है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे हैं। गांव में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी लोगों को बंदर के हमले का डर सताने लगा है।
समाजसेवी गणपत सिंह निम्बोड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में करीब दर्जनभर लोग इस बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बंदर को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़ा जाए, ताकि गांव में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके और मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ।
    user_जितेन्द्र संत
    जितेन्द्र संत
    पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • दुखियारों का सहारा गोगा महाराज बड़सम वाला
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    दुखियारों का सहारा गोगा महाराज बड़सम वाला
    user_Bhuvaji Bhana Ram Dewasi
    Bhuvaji Bhana Ram Dewasi
    Social worker Sanchore, Jalore•
    18 hrs ago
  • सोमवार शाम को जिला कलेक्टर डॉक्टर प्रदीप के ने सिरे मंदिर रोड स्थित शीतला माता मंदिर मेले का विधिवत शुभारंभ किया, इस दौरान मंदिर में जिला कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने शीतला माता की पूजा अर्चना कर मंगल कामना की बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
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    सोमवार शाम को जिला कलेक्टर डॉक्टर प्रदीप के ने सिरे मंदिर रोड स्थित शीतला माता मंदिर मेले का विधिवत शुभारंभ किया, इस दौरान मंदिर में जिला कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने शीतला माता की पूजा अर्चना कर मंगल कामना की बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • आहोर माता शीतला को ठंडे पकवानों का लगा भोग: रोडला में बासोड़ा पर्व भक्ति भाव से मनाया गया, आंखरिया चौक पर गैर नृत्य का हुआ आयोजन:- आहोर उपखंड क्षेत्र के ग्राम रोडला में सोमवार को बासोड़ा पर्व भक्ति से मनाया गया। इस दौरान माता शीतला को ठंडे पकवानों का भोग लगाया गया। मान्यता है कि शीतला माता की आराधना से परिवार में सुख-शांति आती है और चेचक व खसरा जैसी बीमारियों से बचाव होता हैं।पर्व के अवसर पर सुबह से ग्रामीणों महिलाओं में उत्साह दिखा। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक वेशभूषा में शीतला माता मंदिर स्थल गांव पेंचका पर पूजा अर्चना के लिए पहुंची। महिलाओं ने श्रद्घापुर्वक माता को ठंडे जल से स्नान कराया। जिसे शीतलता और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। पूजा के लिए एक दिन पहले (सप्तमी को) विशेष पकवान रविवार को तैयार किए गए थे। इनमें मीठे चावल (गुड़ वाले), कड़ी- चावल, पूड़ी, हलवा और सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन शामिल थे। जिनका भोग माता को अर्पित किया गया। धार्मिक परम्परा के अनुसार बासौदा पर्व के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता है। पूरा परिवार माताओं को अर्पित किया गया" बासी" प्रसाद ही ग्रहण करता है। मंदिरों के आसपास का माहौल भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने समूह में बैठकर शीतला माता के भजन गाए और लोकगीतों के माध्यम से बच्चों की दीर्घायु की कामना की । स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह पर्व ऋतु परिवर्तन का भी प्रतीक है। इसके बाद ग्रीष्म ऋतु का पुर्ण प्रभाव शुरू हो जाता हैं ।इस कारण ठंडे भोजन और जल के सेवन के माध्यम से शरीर को बढ़ती गर्मी के प्रति अनुकूलित करने का संदेश दिया जाता हैं। रोडला में सोमवार को आंखरिया चौक पर गैर नृत्य का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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    आहोर 
माता शीतला को ठंडे पकवानों का लगा भोग: रोडला में बासोड़ा पर्व भक्ति भाव से मनाया गया, आंखरिया चौक पर गैर नृत्य का हुआ आयोजन:-
आहोर उपखंड क्षेत्र के ग्राम रोडला में सोमवार को बासोड़ा पर्व भक्ति से मनाया गया। इस दौरान माता शीतला को ठंडे पकवानों का भोग लगाया गया। मान्यता है कि शीतला माता की आराधना से परिवार में सुख-शांति आती है और चेचक व खसरा जैसी बीमारियों से बचाव होता हैं।पर्व के अवसर पर सुबह से ग्रामीणों महिलाओं में उत्साह दिखा। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक वेशभूषा में शीतला माता मंदिर स्थल गांव पेंचका  पर पूजा अर्चना के लिए पहुंची। महिलाओं ने श्रद्घापुर्वक माता को ठंडे जल से स्नान कराया। जिसे शीतलता और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। पूजा के लिए एक दिन पहले (सप्तमी को) विशेष पकवान रविवार को तैयार किए गए थे। इनमें मीठे चावल (गुड़ वाले), कड़ी- चावल, पूड़ी, हलवा और सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन शामिल थे। जिनका भोग  माता को अर्पित किया गया। धार्मिक परम्परा के अनुसार बासौदा पर्व के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता है। पूरा परिवार माताओं को अर्पित किया गया" बासी" प्रसाद ही ग्रहण करता है। मंदिरों के आसपास का माहौल भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने समूह में बैठकर शीतला माता के भजन गाए और लोकगीतों के माध्यम से बच्चों की दीर्घायु की कामना की । स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह पर्व ऋतु परिवर्तन का भी प्रतीक है। इसके बाद ग्रीष्म ऋतु का पुर्ण प्रभाव शुरू हो जाता हैं ।इस कारण ठंडे भोजन और जल के  सेवन के माध्यम से शरीर को बढ़ती गर्मी के प्रति अनुकूलित करने का संदेश दिया जाता हैं। रोडला में सोमवार को आंखरिया चौक पर गैर नृत्य का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
    user_सुरेश गर्ग
    सुरेश गर्ग
    Voice of people आहोर, जालोर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • सिवाना में श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की शीतला माता की कथा, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना सिवाना कस्बे में शीतला माता के प्रति आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कस्बे में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर श्रद्धा भाव से शीतला माता की कथा का आयोजन किया। कथा के दौरान महिलाओं ने माता के भजन गाए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।कथा आयोजन में महिलाओं ने शीतला माता के जीवन प्रसंगों और उनके महत्व को सुनते हुए भक्ति भाव से भाग लिया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और महिलाओं ने भजन-कीर्तन कथा के पश्चात महिलाओं ने माता को प्रसाद अर्पित कर उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित की। महिलाओं का कहना है कि शीतला माता की पूजा से क्षेत्र में रोग-व्याधियों से मुक्ति और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार महिलाएं शीतला माता की कथा व पूजा करती हैं।इस अवसर पर कस्बे की अनेक महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से माता की आराधना कर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की कामना की।
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    सिवाना में श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की शीतला माता की कथा, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
सिवाना कस्बे में शीतला माता के प्रति आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कस्बे में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर श्रद्धा भाव से शीतला माता की कथा का आयोजन किया। कथा के दौरान महिलाओं ने माता के भजन गाए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।कथा आयोजन में महिलाओं ने शीतला माता के जीवन प्रसंगों और उनके महत्व को सुनते हुए भक्ति भाव से भाग लिया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और महिलाओं ने भजन-कीर्तन कथा के पश्चात महिलाओं ने माता को प्रसाद अर्पित कर उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित की। महिलाओं का कहना है कि शीतला माता की पूजा से क्षेत्र में रोग-व्याधियों से मुक्ति और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार महिलाएं शीतला माता की कथा व पूजा करती हैं।इस अवसर पर कस्बे की अनेक महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से माता की आराधना कर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की कामना की।
    user_सुरेश कुमार
    सुरेश कुमार
    सिवाना, बाड़मेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मंडार पशु मेला तीसरे दिन भी चर्चाओं में - रेवदर के मंडार में आयोजित हो रहा जिला स्तरीय श्री लीलाधारी पशु मेला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। संयुक्त निदेशक के एपीओ आदेश के बाद पशुपालन विभाग के कार्मिकों ने अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। सोमवार को मेले में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और एपीओ आदेश को निरस्त करने की मांग की। दरअसल, मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान पिंडवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया मंच पर स्वागत और प्रोटोकॉल को लेकर नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए थे। इस घटनाक्रम के अगले ही दिन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ कर दिया गया, जिसके बाद विभागीय कार्मिकों में नाराजगी फैल गई। उप निदेशक डॉ. कामठे चांगदेव ने बताया कि ऐसा आरोप लगाया कि विधायक का मंच पर स्वागत नहीं किया गया, लेकिन मंच पर विधायक का पूरे तरीके से सम्मान किया गया था । उसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया, जिसके लिए मंच से माफी भी मांगी । उनको कहा भी कि पहली बार प्रोग्राम हुआ है हमें ऐसे आयोजन की ज्यादा जानकारी नहीं थी, उसके बावजूद भी संयुक्त निदेशक के साथ ऐसा हो रहा है तो यह गलत है । विभाग से मांग की गई है कि एपीओ का आदेश रद्द किया जाए । वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हबीबभाई राजपुरा ने कहा कि मंडार क्षेत्र के लिए पहला अवसर था, सभी क्षेत्रवासी खुश थे । एक नया अवसर होने के बावजूद भी हमने हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं रखी, इसके बाद भी एक उम्दा और ऑनेस्ट अधिकारी को चालू मेले के अवसर पर एपीओ करने की दुर्घटना होती है तो नाराजगी के तौर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं । मांग यही है कि ऐसा आदेश निरस्त हो जाना चाहिए । इंसान से भूल हो जाती है, लेकिन इतनी बड़ी कमी हमसे नहीं हुई थी, जिसका यह परिणाम मिला है । विधायक को बड़ा दिल रखकर इस गलती को क्षमा करना चाहिए और आदेश को निरस्त करवाना चाहिए । विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जो परिस्थितियों पैदा हुई और जो इस तरीके का आदेश जारी हुआ है, इससे विभाग के सारे कार्मिक आघात से ग्रस्त हुए हैं, उनके उत्साह में भी कमी आई है ।
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    मंडार पशु मेला तीसरे दिन भी चर्चाओं में - 
रेवदर के मंडार में आयोजित हो रहा जिला स्तरीय श्री लीलाधारी पशु मेला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। संयुक्त निदेशक के एपीओ आदेश के बाद पशुपालन विभाग के कार्मिकों ने अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। सोमवार को मेले में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और एपीओ आदेश को निरस्त करने की मांग की।
दरअसल, मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान पिंडवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया मंच पर स्वागत और प्रोटोकॉल को लेकर नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए थे। इस घटनाक्रम के अगले ही दिन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ कर दिया गया, जिसके बाद विभागीय कार्मिकों में नाराजगी फैल गई।
उप निदेशक डॉ. कामठे चांगदेव ने बताया कि ऐसा आरोप लगाया कि विधायक का मंच पर स्वागत नहीं किया गया, लेकिन मंच पर विधायक का पूरे तरीके से सम्मान किया गया था । उसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया, जिसके लिए मंच से माफी भी मांगी । उनको कहा भी कि पहली बार प्रोग्राम हुआ है हमें ऐसे आयोजन की ज्यादा जानकारी नहीं थी, उसके बावजूद भी संयुक्त निदेशक के साथ ऐसा हो रहा है तो यह गलत है । विभाग से मांग की गई है कि एपीओ का आदेश रद्द किया जाए ।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हबीबभाई राजपुरा ने कहा कि मंडार क्षेत्र के लिए पहला अवसर था, सभी क्षेत्रवासी खुश थे । एक नया अवसर होने के बावजूद भी हमने हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं रखी, इसके बाद भी एक उम्दा और ऑनेस्ट अधिकारी को चालू मेले के अवसर पर एपीओ करने की दुर्घटना होती है तो नाराजगी के तौर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं । मांग यही है कि ऐसा आदेश निरस्त हो जाना चाहिए । इंसान से भूल हो जाती है, लेकिन इतनी बड़ी कमी हमसे नहीं हुई थी, जिसका यह परिणाम मिला है । विधायक को बड़ा दिल रखकर इस गलती को क्षमा करना चाहिए और आदेश को निरस्त करवाना चाहिए ।
विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जो परिस्थितियों पैदा हुई और जो इस तरीके का आदेश जारी हुआ है, इससे विभाग के सारे कार्मिक आघात से ग्रस्त हुए हैं, उनके उत्साह में भी कमी आई है ।
    user_जितेन्द्र संत
    जितेन्द्र संत
    पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
    18 hrs ago
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