प्रयागराज जसरा खटगिया मे. अम्बेडकर जयंती पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प डॉ. अम्बेडकर जयंती पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प प्रयागराज। ग्रामसभा खटंगिया (तहसील बारा, विकास खण्ड जसरा) में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) द्वारा की 135वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के वाराणसी जोन प्रभारी अनिल कुमार गौतम ने की। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अनिल कुमार गौतम ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर का प्रमुख लक्ष्य भारत में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता पर आधारित समतामूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने वंचित वर्गों, विशेषकर दलितों, शोषितों और महिलाओं को मुख्यधारा में लाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर का दर्शन स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित था। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला महामंत्री एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज तथा महानगर अध्यक्ष तनवीर अंसारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने जाति व्यवस्था को समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताया और इसके उन्मूलन की वकालत की। उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश देते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता के भी प्रबल समर्थक थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और संपत्ति के अधिकार का समर्थन किया तथा संवैधानिक उपायों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। कार्यक्रम में नगर महामंत्री मनोज कुमार गौतम, समाजसेवी दिलीप कुमार पाल, विधानसभा अध्यक्ष मुकेश पासी, विधानसभा महामंत्री अनिकेत कुमार बिंद, नरेश बौद्ध सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। समारोह में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन समतामूलक समाज के निर्माण और संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ किया गया।
प्रयागराज जसरा खटगिया मे. अम्बेडकर जयंती पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प डॉ. अम्बेडकर जयंती पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प प्रयागराज। ग्रामसभा खटंगिया (तहसील बारा, विकास खण्ड जसरा) में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) द्वारा की 135वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के वाराणसी जोन प्रभारी अनिल कुमार गौतम ने की। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अनिल कुमार गौतम ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर का प्रमुख लक्ष्य भारत में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता पर आधारित समतामूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने वंचित वर्गों, विशेषकर दलितों, शोषितों और महिलाओं को मुख्यधारा में लाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर का दर्शन स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित था। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला महामंत्री एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज तथा महानगर अध्यक्ष तनवीर अंसारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए
कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने जाति व्यवस्था को समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताया और इसके उन्मूलन की वकालत की। उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश देते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता के भी प्रबल समर्थक थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और संपत्ति के अधिकार का समर्थन किया तथा संवैधानिक उपायों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। कार्यक्रम में नगर महामंत्री मनोज कुमार गौतम, समाजसेवी दिलीप कुमार पाल, विधानसभा अध्यक्ष मुकेश पासी, विधानसभा महामंत्री अनिकेत कुमार बिंद, नरेश बौद्ध सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। समारोह में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन समतामूलक समाज के निर्माण और संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ किया गया।
- मेजा क्षेत्र में एक गरीब महिला की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है। आज सोमवार दोपहर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उसे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। भयभीत महिला ने प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- मेजा विधानसभा क्षेत्र के उरुवा ब्लॉक अंतर्गत परवा ग्राम में आग लगने की अत्यंत दुःखद घटना में राज बहादुर सोनकर सहित पाँच अन्य परिवारों के घर एवं समस्त संसाधन नष्ट हो गए। इस विषम परिस्थिति में हरी कृष्णा शुक्ला द्वारा पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही, सोनकर समाज के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद विद्याशंकर सोनकर तथा जिलाधिकारी प्रयागराज से वार्ता कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में सहयोग मिल सके।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- प्रयागराज के SRN हॉस्पिटल मे पीजी सेंटर में लगी आग, फायर ब्रिगेड की टीम के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू।1