चारधाम यात्रा में ‘प्राकृतिक पेय’ की मांग: क्या देवभूमि में केमिकल वाले सॉफ्ट ड्रिंक पर लगेगा लगाम? बुरांश और माल्टा से बन सकते हैं हेल्दी ड्रिंक, उत्तराखंड बन सकता है प्राकृतिक सॉफ्ट ड्रिंक का हब ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से चारधाम यात्रा में ‘प्राकृतिक पेय’ की मांग: क्या देवभूमि में केमिकल वाले सॉफ्ट ड्रिंक पर लगेगा लगाम? बुरांश और माल्टा से बन सकते हैं हेल्दी ड्रिंक, उत्तराखंड बन सकता है प्राकृतिक सॉफ्ट ड्रिंक का हब हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड में कुछ ही दिनों बाद शुरू होने जा रहे चार धाम यात्रा के साथ लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और पर्वतीय क्षेत्रों की ओर रुख करेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या इस बार यात्रा मार्गों और तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं को केमिकल युक्त सॉफ्ट ड्रिंक की जगह प्राकृतिक पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे? देवभूमि में प्राकृतिक संपदा की कोई कमी नहीं है। पहाड़ों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाला बुरांश और माल्टा स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों का बड़ा स्रोत हैं। यदि सरकार और प्रशासन चाहें तो इन्हीं से बने प्राकृतिक जूस को यात्रा मार्गों की दुकानों और ढाबों तक पहुंचाया जा सकता है। केमिकल सॉफ्ट ड्रिंक से बढ़ रही बीमारियां आज बाजार में बिकने वाले कई विदेशी कंपनियों के सॉफ्ट ड्रिंक अत्यधिक शुगर, कृत्रिम रंग और केमिकल प्रिजर्वेटिव से बने होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इनके अधिक सेवन से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जैसे— मधुमेह फैटी लिवर मोटापा दांतों की सड़न और कमजोरी पाचन तंत्र की समस्याएं किडनी और हड्डियों पर नकारात्मक प्रभाव इन्हीं कारणों से कई देशों में इन पेय पदार्थों की बिक्री को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में मीठे सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक की बिक्री पर पाबंदियां लगाई गई हैं। बुरांश और माल्टा: पहाड़ का प्राकृतिक अमृत उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मिलने वाला बुरांश का फूल औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इससे बना जूस शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है। बुरांश जूस के फायदे: शरीर को ठंडक देता है हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी थकान और डिहाइड्रेशन दूर करता है एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर वहीं माल्टा (हिल ऑरेंज) विटामिन-C और मिनरल्स का बड़ा स्रोत है। माल्टा जूस के फायदे: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है पाचन शक्ति मजबूत करता है शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाता है उत्तराखंड के लिए बन सकता है बड़ा व्यापारिक अवसर यदि यात्रा मार्गों पर दुकानों में स्थानीय प्राकृतिक जूस उपलब्ध कराए जाएं तो इससे उत्तराखंड के किसानों और युवाओं के लिए बड़ा रोजगार पैदा हो सकता है। पहाड़ों में बुरांश और माल्टा की खेती को बढ़ावा मिलेगा स्थानीय प्रसंस्करण उद्योग विकसित होंगे युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा राज्य की अर्थव्यवस्था को नया बाजार मिलेगा इस पहल से उत्तराखंड प्राकृतिक सॉफ्ट ड्रिंक उद्योग का राष्ट्रीय हब भी बन सकता है। सरकार क्या कर सकती है? विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार कुछ ठोस कदम उठाकर इस दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है— चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थानीय प्राकृतिक पेय को बढ़ावा बुरांश और माल्टा जूस के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सहायता दुकानों और ढाबों में स्थानीय उत्पादों की अनिवार्य उपलब्धता युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ना देवभूमि की पहचान बने प्राकृतिक पेय देवभूमि उत्तराखंड केवल तीर्थ और आध्यात्मिकता की भूमि ही नहीं, बल्कि प्रकृति की अनमोल देन से भी समृद्ध है। यदि यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को बुरांश और माल्टा जैसे प्राकृतिक पेय उपलब्ध कराए जाएं, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को भी नई उड़ान देगा। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस अवसर को पहचान कर विदेशी कंपनियों के केमिकल युक्त सॉफ्ट ड्रिंक के विकल्प के रूप में उत्तराखंड के प्राकृतिक पेय को बढ़ावा देती है, या फिर यह संभावनाएं केवल विचारों तक ही सीमित रह जाएंगी। ✍️ — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार |
चारधाम यात्रा में ‘प्राकृतिक पेय’ की मांग: क्या देवभूमि में केमिकल वाले सॉफ्ट ड्रिंक पर लगेगा लगाम? बुरांश और माल्टा से बन सकते हैं हेल्दी ड्रिंक, उत्तराखंड बन सकता है प्राकृतिक सॉफ्ट ड्रिंक का हब ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से चारधाम यात्रा में ‘प्राकृतिक पेय’ की मांग: क्या देवभूमि में केमिकल वाले सॉफ्ट ड्रिंक पर लगेगा लगाम? बुरांश और माल्टा से बन सकते हैं हेल्दी ड्रिंक, उत्तराखंड बन सकता है प्राकृतिक सॉफ्ट ड्रिंक का हब हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड में कुछ ही दिनों बाद शुरू होने जा रहे चार धाम यात्रा के साथ लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और पर्वतीय क्षेत्रों की ओर रुख करेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या इस बार यात्रा मार्गों और तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं को केमिकल युक्त सॉफ्ट ड्रिंक की जगह प्राकृतिक पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे? देवभूमि में प्राकृतिक संपदा की कोई कमी नहीं है। पहाड़ों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाला बुरांश और माल्टा स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों का बड़ा स्रोत हैं। यदि सरकार और प्रशासन चाहें तो इन्हीं से बने प्राकृतिक जूस को यात्रा मार्गों की दुकानों और ढाबों तक पहुंचाया जा सकता है। केमिकल सॉफ्ट ड्रिंक से बढ़ रही बीमारियां आज बाजार में बिकने वाले कई विदेशी कंपनियों के सॉफ्ट ड्रिंक अत्यधिक शुगर, कृत्रिम रंग और केमिकल प्रिजर्वेटिव से बने होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इनके अधिक सेवन से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जैसे— मधुमेह फैटी लिवर मोटापा दांतों की सड़न और कमजोरी पाचन तंत्र की समस्याएं किडनी और हड्डियों पर नकारात्मक प्रभाव इन्हीं कारणों से कई देशों में इन पेय पदार्थों की बिक्री को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में मीठे सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक की बिक्री पर पाबंदियां लगाई गई हैं। बुरांश और माल्टा: पहाड़ का प्राकृतिक अमृत उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मिलने वाला बुरांश का फूल औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इससे बना जूस शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है। बुरांश जूस के फायदे: शरीर को ठंडक देता है हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी थकान और डिहाइड्रेशन दूर करता है एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर वहीं माल्टा (हिल ऑरेंज) विटामिन-C और मिनरल्स का बड़ा स्रोत है। माल्टा जूस के फायदे: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है पाचन शक्ति मजबूत करता है शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाता है उत्तराखंड के लिए बन सकता है बड़ा व्यापारिक अवसर यदि यात्रा मार्गों पर दुकानों में स्थानीय प्राकृतिक जूस उपलब्ध कराए जाएं तो इससे उत्तराखंड के किसानों और युवाओं के लिए बड़ा रोजगार पैदा हो सकता है। पहाड़ों में बुरांश और माल्टा की खेती को बढ़ावा मिलेगा स्थानीय प्रसंस्करण उद्योग विकसित होंगे युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा राज्य की अर्थव्यवस्था को नया बाजार मिलेगा इस पहल से उत्तराखंड प्राकृतिक सॉफ्ट ड्रिंक उद्योग का राष्ट्रीय हब भी बन सकता है। सरकार क्या कर सकती है? विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार कुछ ठोस कदम उठाकर इस दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है— चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थानीय प्राकृतिक पेय को बढ़ावा बुरांश और माल्टा जूस के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सहायता दुकानों और ढाबों में स्थानीय उत्पादों की अनिवार्य उपलब्धता युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ना देवभूमि की पहचान बने प्राकृतिक पेय देवभूमि उत्तराखंड केवल तीर्थ और आध्यात्मिकता की भूमि ही नहीं, बल्कि प्रकृति की अनमोल देन से भी समृद्ध है। यदि यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को बुरांश और माल्टा जैसे प्राकृतिक पेय उपलब्ध कराए जाएं, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को भी नई उड़ान देगा। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस अवसर को पहचान कर विदेशी कंपनियों के केमिकल युक्त सॉफ्ट ड्रिंक के विकल्प के रूप में उत्तराखंड के प्राकृतिक पेय को बढ़ावा देती है, या फिर यह संभावनाएं केवल विचारों तक ही सीमित रह जाएंगी। ✍️ — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार |
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दिए गए निर्देशों के क्रम में, थानाध्यक्ष पथरी के द्वारा दिनांक 06/04/2026 को प्रभावी कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र से अलग-अलग मामलों में 02 संदिग्धों को दबोचा। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना पथरी पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। *मामलों का विवरण* 1. आनंद कुमारनिवासी ग्राम गोविन्दपुर, हरिद्वार मु.अ.सं.- 154/2026 आर्म्स एक्ट *बरामदगी* 1. 01 अदद तमंचा 315 बोर 2. 01 जिंदा कारतूस 2. एहद खान निवासी ग्राम धनपुरा, थाना पथरी, हरिद्वार मु.अ.सं.- 155/2026 NDPS एक्ट *बरामदगी* 09.80 ग्राम अवैध स्मैक *पुलिस टीम* 1. थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार 2. उपनिरीक्षक उपेन्द्र सिंह 3. उपनिरीक्षक नवीन चौहान 4. अपर उपनिरीक्षक किशन स्वरूप 5. कांस्टेबल जयपाल चौहान 6. कांस्टेबल दौलतराम 7. कांस्टेबल नारायण सिंह 8. कांस्टेबल राकेश नेगी1
- इसी माह से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इसके साथ ही छुट्टियों का भीड़भरा सीजन भी शुरू हो जाएगा, इसके निपटते ही सावन कांवड़ का महामेला शुरू हो जाएगा।इस लिहाज से अब चार माह हरिद्वार में भारी भीड़-भाड़ के रहेंगे।इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। यातायात और आवागमन सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस नियम तोड़ने वालों पर सख्त हो रही है। जिससे की सड़कों पर अव्यवस्था न रहे।1
- Us President Donald Trump Big update opration Epic Fury1
- बिजली चोरी हो रही सिडकुल के एक मकान में3
- The Aman Times डोईवाला के भानिया वाला हरिद्वार तिराहे पर स्थित अल करीम होटल में अचानक लगी आग। बताया जा रहा हैं कि LPG गैस सिलेंडर के कारण ये आग लगी है। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। आग लगने से होटल का सामान जल गया।1
- Post by Asjad Rana1
- ब्रेकिंग न्यूज़ बिजनौर पूर्व बीजेपी सांसद के पक्ष में कई संगठन हुए एक जुट कई संगठन के लोग कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन प्रधान संगठन,विश्व हिंदू राष्ट्र सेना और जाट महासभा का समर्थन तालिब बंधुओं पर उचित कार्यवाही के लिए कई संगठन आए सामने तालिब बंधुओं ने हाल फिलहाल पूर्व सांसद पर किया था जानलेवा हमले का प्रयास बिजनौर कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे सैकड़ों लोग1
- जनपद पुलिस ,यातायात एवं सीपीयू टीम द्वारा मार्च 2026 के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत बिना वैध दस्तावेज, गलत तरीके से वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग एवं नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की गई। जिसमें कुल 9656 चालान करते हुए 90 वाहन चालकों को नशे में वाहन चलाने पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह ने आमजन से अपील की है, कि “यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लापरवाही से वाहन चलाना सभी के लिए घातक हो सकता है। जनपद में सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।” साथ ही SSP हरिद्वार द्वारा समस्त थाना प्रभारी के साथ-साथ प्रभारी निरीक्षक यातायात हरिद्वार संदीप नेगी, निरीक्षक यातायात रुड़की राजेंन्द्रनाथ एंव निरीक्षक सीपीयू हितेश को निर्देशित किया गया कि वे यातायात नियमों के बारे में जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को जागरूक करें। पुलिस अधीक्षक यातायात सुश्री निशा यादव एवं क्षेत्राधिकारी यातायात विपेंद्र सिंह को शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग हेतु निर्देशित किया गया है * हरिद्वार पुलिस आमजन से अपील करती है कि यातायात नियमों का पालन करें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। भविष्य में भी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 🔴यातायात/CPU द्वारा कार्यवाही- 🔹 कुल चालान: 7378 🔹 वाहन सीज: 196 🔹 कोर्ट चालान: 4299 🔹 संयोजित मामले: 2960 🔹 एल्कोहल (नशे में ड्राइविंग) चालान: 58 🔹 डीएल निरस्तीकरण: 105 🔴थाना/कोतवाली स्तर पर कार्यवाही- 🔹 बिना हेलमेट – 246 🔹 पिछली सवारी द्वारा हेलमेट धारण न करना – 101 🔹 तीन सवारी – 245 🔹 दोषपूर्ण नम्बर प्लेट – 295 🔹 सीट बेल्ट का प्रयोग न करना – 03 🔹 काले शीशे/टिन्टेड ग्लास – 07 🔹 यातायात संकेतों का उल्लंघन – 529 🔹 विधि के निर्देशों का उल्लंघन – 390 🔹 नाबालिग द्वारा वाहन चलाना – 06 🔹 गलत दिशा में वाहन चलाना – 54 🔹 वन-वे का उल्लंघन – 04 🔹 नो-एंट्री – 06 🔹 मल्टी टोन/प्रेशर हॉर्न का प्रयोग – 08 🔹 अत्यधिक धूम्र उत्सर्जन/वायु प्रदूषण – 03 🔹 फुटबोर्ड में सवारी वहन करना – 16 🔹 परमिट शर्तों का उल्लंघन – 04 🔹 बिना डीएल – 32 🔹 बिना फिटनेस – 02 🔹 बिना इंश्योरेंस – 66 🔹 बिना रिफ्लेक्टर – 40 🔹 रात्रि में बिना हेडलाइट वाहन चलाना – 04 🔹 नो पार्किंग – 52 🔹 यात्री वाहन में ओवरलोडिंग – 75 🔹 ओवर स्पीड – 13 🔹 रेड लाइट जंपिंग – 04 🔹 मोबाइल प्रयोग – 10 🔹 खतरनाक तरीके से वाहन चलाना – 21 🔹 रैश/स्टंट ड्राइविंग – 06 🔹 शराब पीकर वाहन चलाना – 32 🔹 माल वाहन में ओवरलोडिंग – 62 🔹 माल वाहन में सवारी ले जाना – 120 *यातायात को बेहतर बनाने हेतु आगे भी हरिद्वार पुलिस की यह करवाई जारी रहेगी आमजन यातायात नियम का पालन करें*,1