रायबरेली के लालगंज कोतवाली परिसर में आयोजित समाधान दिवस में प्रशासन की त्वरित कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण देखने को मिला। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका इस दौरान जनसुनवाई कर रही थीं, तभी एक किसान अपनी विरासत दर्ज न होने के कारण खतौनी अद्यतन न होने की समस्या लेकर उनके पास पहुँचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इन निर्देशों के प्राप्त होते ही, उपजिलाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने राजस्व विभाग की टीम को सक्रिय किया और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कराईं। इस तत्परता के परिणामस्वरूप, केवल 10 मिनट के भीतर ही किसान को उसकी अद्यतन खतौनी उपलब्ध करा दी गई, जिस पर किसान ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने भी राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की इस तत्परता की सराहना करते हुए अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस की यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही और प्रभावी कार्यशैली का एक उदाहरण बनकर सामने आई।
रायबरेली के लालगंज कोतवाली परिसर में आयोजित समाधान दिवस में प्रशासन की त्वरित कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण देखने को मिला। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका इस दौरान जनसुनवाई कर रही थीं, तभी एक किसान अपनी विरासत दर्ज न होने के कारण खतौनी अद्यतन न होने की समस्या लेकर उनके पास पहुँचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इन निर्देशों के प्राप्त होते ही, उपजिलाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने राजस्व विभाग
की टीम को सक्रिय किया और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कराईं। इस तत्परता के परिणामस्वरूप, केवल 10 मिनट के भीतर ही किसान को उसकी अद्यतन खतौनी उपलब्ध करा दी गई, जिस पर किसान ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने भी राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की इस तत्परता की सराहना करते हुए अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस की यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही और प्रभावी कार्यशैली का एक उदाहरण बनकर सामने आई।
- प्रतापगढ़ के थाना कोतवाली देहात में आयोजित थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने संयुक्त रूप से फरियादियों की जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 14 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 12 राजस्व विभाग से और 2 पुलिस विभाग से संबंधित थीं। अधिकारियों ने सभी मामलों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवादों से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस की एक संयुक्त टीम को मौके पर पहुंचकर स्थलीय जांच करने तथा उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आमजन को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार अपनाते हुए शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उनका लक्ष्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत बनाना था।1
- मोहर्रम जुलूस के मद्देनजर रायबरेली जनपद में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने विभिन्न जुलूस मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों का गहनता से आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जुलूस के मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवरोध या दुर्घटना का कारण बनने वाली स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया ताकि मोहर्रम के जुलूस में किसी भी व्यक्ति को कोई असुविधा न हो। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और संवेदनशील तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारु यातायात के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करने और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ताजियादारों और स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया, उन्हें प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी और सभी से आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द तथा शांति बनाए रखते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने अंत में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध और गंभीरता से निर्वहन करें, क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम जुलूस को पूर्ण सुरक्षा, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न कराना है। इस निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली परिसर में आयोजित समाधान दिवस में प्रशासन की त्वरित कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण देखने को मिला। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका इस दौरान जनसुनवाई कर रही थीं, तभी एक किसान अपनी विरासत दर्ज न होने के कारण खतौनी अद्यतन न होने की समस्या लेकर उनके पास पहुँचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इन निर्देशों के प्राप्त होते ही, उपजिलाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने राजस्व विभाग की टीम को सक्रिय किया और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कराईं। इस तत्परता के परिणामस्वरूप, केवल 10 मिनट के भीतर ही किसान को उसकी अद्यतन खतौनी उपलब्ध करा दी गई, जिस पर किसान ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने भी राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की इस तत्परता की सराहना करते हुए अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस की यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही और प्रभावी कार्यशैली का एक उदाहरण बनकर सामने आई।2
- सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घाटमपुर उत्तरी (महादेवा) में शनिवार को बिजली के एक पोल पर डॉ. भीमराव अंबेडकर का होर्डिंग लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनके सामने भी दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और मारपीट जारी रही। हालात की गंभीरता को देखते हुए थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। इसके बाद कोतवाल और क्षेत्राधिकारी भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और विवादित होर्डिंग को हटवाकर मामले को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, होर्डिंग लगाने को लेकर स्थानीय लोगों के दो गुटों में मतभेद था। फिलहाल मौके पर शांति बनी हुई है और पुलिस दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।1