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बलरामपुर जिले में पशुधन विभाग की बड़ी लापरवाही आया है पशुपालकों की बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बलरामपुर जिले में इन दोनों पशुधन विभाग की बड़ी लापरवाही लगातार सामने आ रहा है जिसके कारण पशुपालक जो ग्रामीण है उन लोगों के काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है हमेशा ड्यूटी से डॉक्टर रहते हैं नदारत

7 hrs ago
user_Ali Khan
Ali Khan
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
7 hrs ago

बलरामपुर जिले में पशुधन विभाग की बड़ी लापरवाही आया है पशुपालकों की बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बलरामपुर जिले में इन दोनों पशुधन विभाग की बड़ी लापरवाही लगातार सामने आ रहा है जिसके कारण पशुपालक जो ग्रामीण है उन लोगों के काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है हमेशा ड्यूटी से डॉक्टर रहते हैं नदारत

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • Post by Mr Dayashankar Yadav
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    Post by Mr Dayashankar Yadav
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • जिला गढ़वा अंतर्गत प्रखंड चिनियां के ग्राम सीदे में हो रही निम्नलिखित समस्या का उल्लेख किया गया है।
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    जिला गढ़वा अंतर्गत प्रखंड चिनियां के ग्राम सीदे में हो रही निम्नलिखित समस्या का उल्लेख किया गया है।
    user_The_anup
    The_anup
    Youth organisation चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गढ़वा के लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष दौलत सोनी जी को एक शिकायत की थी डंपिंग कचड़ा के वजह से उसमें लगे आग की धुवां से हम लोगों को कभी परेशानी हो रही है तो उन्होंने काम कर दिखाया जो आज तक किसी ने नहीं किया था
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    गढ़वा के लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष दौलत सोनी जी को एक शिकायत की थी डंपिंग कचड़ा के वजह से उसमें लगे आग की धुवां से हम लोगों को कभी परेशानी हो रही है तो उन्होंने काम कर दिखाया जो आज तक किसी ने नहीं किया था
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे।  अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक: मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे। मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था। क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे।  1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।
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    अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे। 
अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक:
मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे।
मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था।
क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे। 
1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की राजनीति में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा एलपीजी की किल्लत और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। अब इन सवालों का करारा जवाब दिया है मशहूर अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन ने। सांसद रवि किशन ने कहा कि झूठ है, अफवाह है, भ्रामक सोच है... यह गलत बात है, सब जगह एलपीजी है। देश की जनता को कृपया आप लोग भ्रमित न करें। सारी सुविधा प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी तरह से करके रखी है। एलपीजी गैस हर जगह उपलब्ध है। नियम से कॉल करना है, बुकिंग करनी है, वह आपके घर पर सिलेंडर डिलीवर होगा। इस झूठ-अफवाह में कृपया कोई न पड़े रवि किशन ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना काल में भी इसी तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और एलपीजी वितरण की सुविधाओं पर भरोसा रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज गैस सिलेंडर केवल एक फोन कॉल की दूरी पर है।#pragyaraj #ravikishan
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    उत्तर प्रदेश की राजनीति में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा एलपीजी की किल्लत और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। अब इन सवालों का करारा जवाब दिया है मशहूर अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन ने। सांसद रवि किशन ने कहा कि झूठ है, अफवाह है, भ्रामक सोच है... यह गलत बात है, सब जगह एलपीजी है। देश की जनता को कृपया आप लोग भ्रमित न करें। सारी सुविधा प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी तरह से करके रखी है। एलपीजी गैस हर जगह उपलब्ध है। नियम से कॉल करना है, बुकिंग करनी है, वह आपके घर पर सिलेंडर डिलीवर होगा। इस झूठ-अफवाह में कृपया कोई न पड़े रवि किशन ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना काल में भी इसी तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और एलपीजी वितरण की सुविधाओं पर भरोसा रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज गैस सिलेंडर केवल एक फोन कॉल की दूरी पर है।#pragyaraj #ravikishan
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • भानू ने अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी,सहित मंत्री इरफ़ान अंसारी लुर अकिल नहीं हैं,ऐसा क्या हुआ
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    भानू ने अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी,सहित मंत्री इरफ़ान अंसारी लुर अकिल नहीं हैं,ऐसा क्या हुआ
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • गढ़वा जिला अंतर्गत प्रखंड रंका के ग्राम कुप्पा में चंपाकल नहीं होने के कारण आदिम जनजाति की महिला पीने का पानी कन्हर नदी से निकालती हुई। आज डिजिटल इंडिया बन चुकी है लेकिन आदिम जनजाति के लोग आज भी 20वीं सदी की जिंदगी जी रहे है। एवं समुदाय के लोग के बीच कोई प्रशासनिक सुविधा को लेकर नहीं पहुंच पाया है।
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    गढ़वा जिला अंतर्गत प्रखंड रंका के ग्राम कुप्पा में चंपाकल नहीं होने के कारण आदिम जनजाति की महिला पीने का पानी कन्हर नदी से निकालती हुई। आज डिजिटल इंडिया बन चुकी है लेकिन आदिम जनजाति के लोग आज भी 20वीं सदी की जिंदगी जी रहे है। एवं समुदाय के लोग के बीच कोई प्रशासनिक सुविधा को लेकर नहीं पहुंच पाया है।
    user_The_anup
    The_anup
    Youth organisation चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • टेंपू चलाने वाले व्यक्ति से भी लिया गया St. Pauls स्कूल में ऐनुअल फ्री के नाम पर 3200 रुपए जिसके बाद अभिभावकों ने किया विरोध?
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    टेंपू चलाने वाले व्यक्ति से भी लिया गया St. Pauls स्कूल में ऐनुअल फ्री के नाम पर 3200 रुपए जिसके बाद अभिभावकों ने किया विरोध?
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • अंग्रेज 24 अगस्त 1608 को व्यापारी के रूप में भारत आए थे। उन्होंने 1757 (प्लासी का युद्ध) से 1947 तक, यानी कुल 190 वर्ष (लगभग 200 साल) शासन किया। भारत छोड़ो आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम के बाद, अंततः वे 15 अगस्त 1947 को भारत छोड़कर चले गए।
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    अंग्रेज 24 अगस्त 1608 को व्यापारी के रूप में भारत आए थे। उन्होंने 1757 (प्लासी का युद्ध) से 1947 तक, यानी कुल 190 वर्ष (लगभग 200 साल) शासन किया। भारत छोड़ो आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम के बाद, अंततः वे 15 अगस्त 1947 को भारत छोड़कर चले गए।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    7 hrs ago
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