आज दिनाक 15/03/2026 को jharkhand के Garhwa जिला में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सहयोग से तथा सभी सनlतनी भाईयो के सहयोग से जय श्री राम नाम की गूंज l अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे। अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक: मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे। मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था। क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे। 1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।
आज दिनाक 15/03/2026 को jharkhand के Garhwa जिला में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सहयोग से तथा सभी सनlतनी भाईयो के सहयोग से जय श्री राम नाम की गूंज l अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे। अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक: मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे। मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था। क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे। 1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।
- Bharat Yadavबरडीहा, गढ़वा, झारखंडJay Shree RAM HAR Har Mahadev48 min ago
- गढ़वा के लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष दौलत सोनी जी को एक शिकायत की थी डंपिंग कचड़ा के वजह से उसमें लगे आग की धुवां से हम लोगों को कभी परेशानी हो रही है तो उन्होंने काम कर दिखाया जो आज तक किसी ने नहीं किया था1
- अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे। अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक: मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे। मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था। क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे। 1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा एलपीजी की किल्लत और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। अब इन सवालों का करारा जवाब दिया है मशहूर अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन ने। सांसद रवि किशन ने कहा कि झूठ है, अफवाह है, भ्रामक सोच है... यह गलत बात है, सब जगह एलपीजी है। देश की जनता को कृपया आप लोग भ्रमित न करें। सारी सुविधा प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी तरह से करके रखी है। एलपीजी गैस हर जगह उपलब्ध है। नियम से कॉल करना है, बुकिंग करनी है, वह आपके घर पर सिलेंडर डिलीवर होगा। इस झूठ-अफवाह में कृपया कोई न पड़े रवि किशन ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना काल में भी इसी तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और एलपीजी वितरण की सुविधाओं पर भरोसा रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज गैस सिलेंडर केवल एक फोन कॉल की दूरी पर है।#pragyaraj #ravikishan1
- गढ़वा में गैस लेने के लिए लग रही लंबी कतार लोग kyc कराने के लिए कर रहे जद्दोजहद1
- नवनिर्वाचित अध्यक्ष व पार्षदों का शपथ ग्रहण 16 मार्च को,शपथग्रहण के बाद उपाध्यक्ष का होगा चुनाव विश्रामपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व पार्षदों का शपथ ग्रहण 16 मार्च दिन सोमवार को होगा। शपथग्रहण के बाद उसी दिन उपाध्यक्ष का भी चुनाव होगा। शपथ ग्रहण समारोह विश्रामपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में होगा। जिसकी प्रशानिक तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है।1
- रंका मानपुर पंचायत के पुरेगाड़ा गांव में महुआ चुनने के लेकर लगाई आग में डेड़ एकड़ में लगा अरहर के फसल जल कर हुआ खाक1
- लातेहार जिला अंतर्गत प्रखंड बरवाडीह के ग्राम Harhe में आदिम जनजातियों के मुहल्ले में पीने की पानी का बहुत बड़ी समस्या है। और गांव में बिजली नहीं पहुंचने के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है तथा वहीं छोटे बच्चों को पढ़ने के आंगनबाड़ी नहीं है। समुदाय शिक्षा से कोसो दूर जाता हुआ दिखा रहा है। लेकिन समुदाय के लोगों का समस्या के समाधान हेतु अभी तक कोई जन प्रतिनिधि आगे नहीं आए है।1
- टेंपू चलाने वाले व्यक्ति से भी लिया गया St. Pauls स्कूल में ऐनुअल फ्री के नाम पर 3200 रुपए जिसके बाद अभिभावकों ने किया विरोध?1