कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।
कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।
- कोटा के तलवंडी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 9वें प्रदेश महाधिवेशन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है। बिरला ने भारतीय साहित्य को देश की संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का मजबूत आधार बताया, साथ ही कहा कि साहित्यकारों और लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न कालखंडों में भारतीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साहित्य राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य हमारी पहचान और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में युवाओं को साहित्य से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि यह न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति में संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय साहित्य का अध्ययन कर जीवन के लिए सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया। इस महाधिवेशन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साहित्य साधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।1
- जयपुर में अचानक तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे शहर का मौसम बेहद सुहावना हो गया। इस मौसमी बदलाव के कारण लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में टैक्सी चालक ट्रैफिक पुलिस की कथित मनमानी से परेशान हैं। मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस अपनी मनमर्जी से कार्रवाई कर रही है, जिससे टैक्सी चालकों को परेशानी हो रही है। बताया गया है कि पुलिस मोबाइल कैमरे से फोटो खींचकर उस समय चालान जारी करती है, जब उनका टारगेट पूरा करने का समय होता है। इस प्रक्रिया में ₹2000 के चालान किए जा रहे हैं, जिसके चलते टैक्सी चालक काफी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।1
- राजस्थान के फायर ब्रांड नेता रविंद्र सिंह भाटी ने शिव में प्रदेश की सरकार को अनुष्ठान के माध्यम से जगाने का प्रयास किया है।1
- जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के रातडिया गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात धूल भरी आंधी का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस तेज आंधी के गुबार ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पेड़-पौधों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। आंधी के चलते सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन सभी प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।2
- लोहारवा से धोरीमन्ना जाने वाली सड़क, जो खरड़ की ओर जाती है, की दयनीय स्थिति देखकर लोगों में खासा रोष है। यह स्थिति गुड़ामालानी के वर्तमान विधायक और राजस्थान सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई के उन दावों पर गंभीर सवाल उठाती है, जिनमें वे अपने भाषणों में गुड़ामालानी क्षेत्र में 300 सड़कें बनाने की बात करते हैं। पोस्ट में मंत्री विश्नोई के इन दावों को गलत बताते हुए आरोप लगाया गया है कि सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण मंत्री द्वारा सड़कों के कार्य अपने ठेकेदारों को दिया जाना बताया गया है। विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की वास्तविक हालत, जिसमें लोहारवा-धोरीमन्ना सड़क भी शामिल है, उनके 300 सड़कों के दावे के बिल्कुल विपरीत है, और सड़क की स्थिति बेहद खराब है।1
- जालौर की न्यू रामदेव कॉलोनी में रात के समय रोड लाइटें बंद पाई गईं। यह अभी का नजारा है, जहाँ रात के अंधेरे में लाइटें गुल हैं।1
- कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।1