हरियाली दर्शन के साथ,हरियाली अमावस्या पर बाबा खाटूश्याम धाम, भुवाखेड़ी में संध्या आरती दर्शन। छबड़ा:12 अगस्त,2026,हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर बाबा खाटूश्याम धाम, भुवाखेड़ी में संध्या आरती का दर्शन बड़े सौभाग्य की बात है। हरियाली अमावस्या प्रकृति में नई हरियाली और नए जीवन का प्रतीक है, और इसी दिन हारे के सहारे बाबा श्याम की आरती का दर्शन मन में भी नई आशा और नई ऊर्जा भर देता है।मानव जीवन में आरती दर्शन का महत्व और लाभ -1. मन को शांति मिलती है: दिनभर की थकान, चिंता और भागदौड़ के बाद जब बाबा की ज्योति, शंख-घंटे और जयकारों के बीच आरती के दर्शन होते हैं, तो मन स्वतः ही शांत हो जाता है।2. नकारात्मकता दूर होती है: आरती का प्रकाश अंधकार को दूर करता है, वैसे ही बाबा के दर्शन जीवन के दुख, निराशा और अहंकार को दूर कर देते हैं।3. हारे को सहारा मिलता है: बाबा खाटूश्याम को हारे का सहारा कहा जाता है। जो संसार में कहीं सहारा नहीं पाता, उसे बाबा की शरण में संबल मिलता है। आरती दर्शन यह विश्वास दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं।4. कर्म में पवित्रता आती है: रोज आरती दर्शन से मन में अच्छे विचार आते हैं और हम बुरे कर्मों से बचते हैं।आज हरियाली अमावस्या पर प्रार्थना है - बाबा श्याम सबके जीवन में सावन की तरह हरियाली, सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें। *जय श्री श्याम! हारे के सहारे की जय!*
हरियाली दर्शन के साथ,हरियाली अमावस्या पर बाबा खाटूश्याम धाम, भुवाखेड़ी में संध्या आरती दर्शन। छबड़ा:12 अगस्त,2026,हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर बाबा खाटूश्याम धाम, भुवाखेड़ी में संध्या आरती का दर्शन बड़े सौभाग्य की बात है। हरियाली अमावस्या प्रकृति में नई हरियाली और नए जीवन का प्रतीक है, और इसी दिन हारे के सहारे बाबा श्याम की आरती का दर्शन
मन में भी नई आशा और नई ऊर्जा भर देता है।मानव जीवन में आरती दर्शन का महत्व और लाभ -1. मन को शांति मिलती है: दिनभर की थकान, चिंता और भागदौड़ के बाद जब बाबा की ज्योति, शंख-घंटे और जयकारों के बीच आरती के दर्शन होते हैं, तो मन स्वतः ही शांत हो जाता है।2. नकारात्मकता दूर होती
है: आरती का प्रकाश अंधकार को दूर करता है, वैसे ही बाबा के दर्शन जीवन के दुख, निराशा और अहंकार को दूर कर देते हैं।3. हारे को सहारा मिलता है: बाबा खाटूश्याम को हारे का सहारा कहा जाता है। जो संसार में कहीं सहारा नहीं पाता, उसे बाबा की शरण में संबल मिलता है। आरती दर्शन यह विश्वास
दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं।4. कर्म में पवित्रता आती है: रोज आरती दर्शन से मन में अच्छे विचार आते हैं और हम बुरे कर्मों से बचते हैं।आज हरियाली अमावस्या पर प्रार्थना है - बाबा श्याम सबके जीवन में सावन की तरह हरियाली, सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें। *जय श्री श्याम! हारे के सहारे की जय!*
- छबड़ा में भारत विकास परिषद महिला सहभागिता ने धूमधाम से मनाया हरियाली-सावन महोत्सव। छबड़ा:भारत विकास परिषद की महिला सहभागिता शाखा द्वारा सावन मास के उपलक्ष्य में हरियाली उत्सव एवं सावन महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।महिला सहभागिता प्रमुख मृदुला जैन ने बताया कि प्रकृति की अनुपम छटा से सुशोभित नीमथूर बालाजी मंदिर परिसर में मातृशक्ति ने कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छबड़ा की प्राचार्य विजयलक्ष्मी सिंह रहीं।सुबह से ही हरे परिधानों और सोलह श्रृंगार से सजी-धजी महिलाओं ने गणेश वंदना एवं बालाजी के भजनों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला प्रमुख उषा शर्मा ने भजन प्रस्तुति दी।इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सुहाग की प्रतीक हरी-हरी चूड़ियाँ पहनाकर और तिलक-कुमकुम लगाकर सभी के सुहाग की रक्षा की कामना की। सावन के झूलों, 'सावन आया झूम के' जैसे गीतों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और प्रकृति की हरियाली के बीच आनंद उठाया। प्रतियोगिताओं में इन्होंने मारी बाजी -इस अवसर पर विविध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिसमें • हरियाली क्वीन - मंजू लुहाड़िया • सावन क्वीन - ज्योति भार्गव • मैचिंग प्रतियोगिता में प्रथम - सीमा गुप्ता, द्वितीय - सुनीति भार्गव, तृतीय - पूजा पारीक सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। महिलाओं ने इस आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।कार्यक्रम में मनीषा माहेश्वरी, लाड़ गुप्ता, बबीता चौरसिया, अंजलि विजय, राजेश्वरी भार्गव, विजया शर्मा, शशिरेखा अग्रवाल, निरंजना जांगिड़, ममता शर्मा सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।अंत में मौज-मस्ती के साथ सभी ने सुस्वादु भोजन का आनंद लिया तथा वंदे मातरम की मनमोहक प्रस्तुति एवं देशभक्ति गीतों के साथ 80वें स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाइयाँ प्रेषित कीं।4
- कुंजेड कांग्रेस की बैठक में शामिल होने आए पूर्व मंत्री व विधायक प्रमोद जैन भाया का स्वागत करते ग्रामीण कुंजेडद में हुई कांग्रेस कमेटी की बैठक में शामिल होने आए पूर्व मंत्री व विधायक प्रमोद जैन भैया का हुआ जोरदार स्वागत कार्यकर्ताओं को दी कईजिम्मेदारियां1
- रास्ता गवां का। ग्राम पंचायत खेजड़ा राम तहसील कुंभराज जिला गुना मध्य प्रदेश/ ना तो पक्का रास्ता है न ही। श्मशान घाट हे। न। कोई। सुविधा हे।2
- *নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙা, নিউ আলিপুরে চাঞ্চল্য* অভিযোগ উঠেছে যে, দক্ষিণ কলকাতার নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডের বটতলা ‘থ্রি-হেডস ক্রসিং’-এ অবস্থিত নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুর আবক্ষ মূর্তির ডান হাতটি রাতের অন্ধকারে কেউ ভেঙে দিয়েছে। আজ সকালে বিষয়টি জানাজানি হতেই এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়ে পড়ে। খবর পেয়েই ঘটনাস্থলে পৌঁছান বিজেপি কর্মী ও সমর্থকরা। তাঁদের অভিযোগ, দুষ্কৃতীরা রাতের অন্ধকারের সুযোগ নিয়ে নেতাজির মূর্তির ডান হাতটি ভেঙে দিয়েছে। বিজেপি কর্মীরা জানান, ঘটনার সঙ্গে কারা জড়িত তা খুঁজে বের করতে পুলিশ প্রশাসনের কাছে অভিযোগ দায়ের করা হবে। পাশাপাশি, বিষয়টি দলের রাজ্য নেতৃত্বকেও জানানোর দাবি তোলেন তাঁরা। বিজেপির দক্ষিণ কলকাতা শাখার সম্পাদক তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, গতকালই বিধানসভায় মুখ্যমন্ত্রী ও শুভেন্দু অধিকারী সতর্ক করেছিলেন যে নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুকে নিয়ে কোনো অবমাননাকর মন্তব্য করা উচিত নয়। এও বলা হয়েছিল যে, কেউ এমন মন্তব্য করলে প্রশাসন আইনি ব্যবস্থা নেবে। এছাড়া রাজ্যের ২৯৪টি বিধানসভা কেন্দ্রের পরিষেবা কেন্দ্রগুলোর নাম ‘নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসু পরিষেবা কেন্দ্র’ রাখা হবে বলেও ঘোষণা করা হয়েছিল। তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, এই ঘোষণার পরেই নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডে রাতের অন্ধকারে নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙার ঘটনাটি অত্যন্ত তাৎপর্যপূর্ণ। তিনি ঘটনার সঙ্গে জড়িতদের চিহ্নিত করতে অবিলম্বে তদন্ত এবং দোষীদের বিরুদ্ধে কঠোর আইনি ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানান। ধারণা করা হচ্ছে, পুলিশ যদি ঘটনার তদন্ত শুরু করে, তবেই স্পষ্ট হবে কারা মূর্তি ভাঙার পেছনে রয়েছে এবং কীভাবে এই ঘটনাটি ঘটল। *নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙা, নিউ আলিপুরে চাঞ্চল্য* অভিযোগ উঠেছে যে, দক্ষিণ কলকাতার নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডের বটতলা ‘থ্রি-হেডস ক্রসিং’-এ অবস্থিত নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুর আবক্ষ মূর্তির ডান হাতটি রাতের অন্ধকারে কেউ ভেঙে দিয়েছে। আজ সকালে বিষয়টি জানাজানি হতেই এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়ে পড়ে। খবর পেয়েই ঘটনাস্থলে পৌঁছান বিজেপি কর্মী ও সমর্থকরা। তাঁদের অভিযোগ, দুষ্কৃতীরা রাতের অন্ধকারের সুযোগ নিয়ে নেতাজির মূর্তির ডান হাতটি ভেঙে দিয়েছে। বিজেপি কর্মীরা জানান, ঘটনার সঙ্গে কারা জড়িত তা খুঁজে বের করতে পুলিশ প্রশাসনের কাছে অভিযোগ দায়ের করা হবে। পাশাপাশি, বিষয়টি দলের রাজ্য নেতৃত্বকেও জানানোর দাবি তোলেন তাঁরা। বিজেপির দক্ষিণ কলকাতা শাখার সম্পাদক তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, গতকালই বিধানসভায় মুখ্যমন্ত্রী ও শুভেন্দু অধিকারী সতর্ক করেছিলেন যে নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুকে নিয়ে কোনো অবমাননাকর মন্তব্য করা উচিত নয়। এও বলা হয়েছিল যে, কেউ এমন মন্তব্য করলে প্রশাসন আইনি ব্যবস্থা নেবে। এছাড়া রাজ্যের ২৯৪টি বিধানসভা কেন্দ্রের পরিষেবা কেন্দ্রগুলোর নাম ‘নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসু পরিষেবা কেন্দ্র’ রাখা হবে বলেও ঘোষণা করা হয়েছিল। তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, এই ঘোষণার পরেই নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডে রাতের অন্ধকারে নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙার ঘটনাটি অত্যন্ত তাৎপর্যপূর্ণ। তিনি ঘটনার সঙ্গে জড়িতদের চিহ্নিত করতে অবিলম্বে তদন্ত এবং দোষীদের বিরুদ্ধে কঠোর আইনি ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানান। ধারণা করা হচ্ছে, পুলিশ যদি ঘটনার তদন্ত শুরু করে, তবেই স্পষ্ট হবে কারা মূর্তি ভাঙার পেছনে রয়েছে এবং কীভাবে এই ঘটনাটি ঘটল।1
- गुना शहर में राष्ट्रीय वीर दुर्गादास जी का, राठौर समाज ने निकला जुलूस गुना जिले मे राष्ट्रीय वीर दुर्गा दास जी का जुलूस निकाला जिसमें, हजारों राठौर समाज के लोग शामिल हुए लिया वहीं जुलूस, हनुमान गली राधा कृष्ण मंदिर प्रारंभ, नई सड़क बताशा गली सदर बाजार लक्ष्मीगंज होते हुए नारायणा गार्डन पर समापन हुआ शिक्षा के क्षेत्र में समाज के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को जिनके 75% से ऊपर लाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया और समाज के 75 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया1
- आजादी के 80 साल बाद भी नहीं मिली सड़क की आजादी, कीचड़ और उफनते नालों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं तेलनी के बच्चे।* छबड़ा (बारां) देश आजादी के 80 साल मना रहा है, लेकिन छबड़ा से 30-35 किमी दूर बसी ग्राम पंचायत तेलनी और पीपलू सरहद के आदिवासी बच्चों को आज तक नहीं मिली - शिक्षा तक पहुंचने की आजादी।पीपलू सरहद से तेलनी के बीच सिर्फ 1 किलोमीटर का फासला है,पर ये 1 किमी का रास्ता इन बच्चों के लिए हर बरसात में जिंदगी और मौत के बीच का फासला बन जाता है। कक्षा 1 से 12 तक के सैकड़ों बच्चे इसी कच्चे रास्ते से, बिना पुलिया वाले नदी-नालों को पार करके राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलनी पढ़ने आते हैं।ग्रामीण युवा ब्रह्म प्रकाश भील ने वीडियो भेजकर हकीकत दिखाई - छोटे-छोटे बच्चे घुटने भर कीचड़ और तेज बहाव वाले नालों में किताबें सिर पर,बगल में रखकर स्कूल जा रहे हैं।ग्रामीणों का दर्द है कि मां-बाप सोचते हैं कि उनका लाडला, उनकी लाडली पढ़-लिखकर परिवार की दशा-दिशा बदलेगा, लेकिन स्कूल भेजते वक्त दिल में एक ही डर रहता है कि लौटेगा भी या नहीं? "हर साल स्थानीय नेताओं,प्रशासन से लेकर विधायक-सांसद तक गुहार लगाते हैं। ग्राम में लगते सरकार के शिविर में इस साल दो बार लिखित में दिया। PWD के JEN आए, पूरा नाप-तोल कर गए - कहां पुलिया बनेगी, कहां पाइप लगेगा, कहां दीवार बनेगी। फिर बरसात खत्म और फाइल बंद। 2025 में भी यही हुआ, 2026 में भी वही कहानी।" - ग्रामीण, पीपलू सरहद ग्रामीणों की मांग सड़क नहीं, सिर्फ सुरक्षा है। कम से कम नदी-नालों पर पुलिया तो बनवा दे सरकार। 80 साल में भीलों की आवाज जंगल से निकलकर कस्बे में AC में बैठे अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाई।ग्रामीणों ने चेताया है - जिस दिन किसी बच्चे के साथ हादसा हुआ, उस दिन सब घड़ियाली आंसू बहाने आएंगे। अभी सो रहे हो, सोते रहो। फिर वोट आएंगे, फिर जनता चोट करेगी।4
- urnrbf jekdj3. diebj3 ri 3i3hbd. dixnddj BB djdir dndirvf kdirb r nsirhdi3. xodj f xxknr GF kd fnsir f si t rnth t djd fkdisrjxdi dj9ejt1