आजादी के 80 साल बाद भी नहीं मिली सड़क की आजादी, कीचड़ और उफनते नालों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं तेलनी के बच्चे।* छबड़ा (बारां) देश आजादी के 80 साल मना रहा है, लेकिन छबड़ा से 30-35 किमी दूर बसी ग्राम पंचायत तेलनी और पीपलू सरहद के आदिवासी बच्चों को आज तक नहीं मिली - शिक्षा तक पहुंचने की आजादी।पीपलू सरहद से तेलनी के बीच सिर्फ 1 किलोमीटर का फासला है,पर ये 1 किमी का रास्ता इन बच्चों के लिए हर बरसात में जिंदगी और मौत के बीच का फासला बन जाता है। कक्षा 1 से 12 तक के सैकड़ों बच्चे इसी कच्चे रास्ते से, बिना पुलिया वाले नदी-नालों को पार करके राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलनी पढ़ने आते हैं।ग्रामीण युवा ब्रह्म प्रकाश भील ने वीडियो भेजकर हकीकत दिखाई - छोटे-छोटे बच्चे घुटने भर कीचड़ और तेज बहाव वाले नालों में किताबें सिर पर,बगल में रखकर स्कूल जा रहे हैं।ग्रामीणों का दर्द है कि मां-बाप सोचते हैं कि उनका लाडला, उनकी लाडली पढ़-लिखकर परिवार की दशा-दिशा बदलेगा, लेकिन स्कूल भेजते वक्त दिल में एक ही डर रहता है कि लौटेगा भी या नहीं? "हर साल स्थानीय नेताओं,प्रशासन से लेकर विधायक-सांसद तक गुहार लगाते हैं। ग्राम में लगते सरकार के शिविर में इस साल दो बार लिखित में दिया। PWD के JEN आए, पूरा नाप-तोल कर गए - कहां पुलिया बनेगी, कहां पाइप लगेगा, कहां दीवार बनेगी। फिर बरसात खत्म और फाइल बंद। 2025 में भी यही हुआ, 2026 में भी वही कहानी।" - ग्रामीण, पीपलू सरहद ग्रामीणों की मांग सड़क नहीं, सिर्फ सुरक्षा है। कम से कम नदी-नालों पर पुलिया तो बनवा दे सरकार। 80 साल में भीलों की आवाज जंगल से निकलकर कस्बे में AC में बैठे अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाई।ग्रामीणों ने चेताया है - जिस दिन किसी बच्चे के साथ हादसा हुआ, उस दिन सब घड़ियाली आंसू बहाने आएंगे। अभी सो रहे हो, सोते रहो। फिर वोट आएंगे, फिर जनता चोट करेगी।
आजादी के 80 साल बाद भी नहीं मिली सड़क की आजादी, कीचड़ और उफनते नालों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं तेलनी के बच्चे।* छबड़ा (बारां) देश आजादी के 80 साल मना रहा है, लेकिन छबड़ा से 30-35 किमी दूर बसी ग्राम पंचायत तेलनी और पीपलू सरहद के आदिवासी बच्चों को आज तक नहीं मिली - शिक्षा तक पहुंचने की आजादी।पीपलू सरहद से तेलनी के बीच सिर्फ 1 किलोमीटर का फासला है,पर ये 1 किमी का रास्ता इन
बच्चों के लिए हर बरसात में जिंदगी और मौत के बीच का फासला बन जाता है। कक्षा 1 से 12 तक के सैकड़ों बच्चे इसी कच्चे रास्ते से, बिना पुलिया वाले नदी-नालों को पार करके राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलनी पढ़ने आते हैं।ग्रामीण युवा ब्रह्म प्रकाश भील ने वीडियो भेजकर हकीकत दिखाई - छोटे-छोटे बच्चे घुटने भर कीचड़ और तेज बहाव वाले नालों में किताबें सिर पर,बगल में रखकर स्कूल जा रहे हैं।ग्रामीणों का दर्द है कि मां-बाप सोचते
हैं कि उनका लाडला, उनकी लाडली पढ़-लिखकर परिवार की दशा-दिशा बदलेगा, लेकिन स्कूल भेजते वक्त दिल में एक ही डर रहता है कि लौटेगा भी या नहीं? "हर साल स्थानीय नेताओं,प्रशासन से लेकर विधायक-सांसद तक गुहार लगाते हैं। ग्राम में लगते सरकार के शिविर में इस साल दो बार लिखित में दिया। PWD के JEN आए, पूरा नाप-तोल कर गए - कहां पुलिया बनेगी, कहां पाइप लगेगा, कहां दीवार बनेगी। फिर बरसात खत्म और फाइल बंद। 2025 में भी यही
हुआ, 2026 में भी वही कहानी।" - ग्रामीण, पीपलू सरहद ग्रामीणों की मांग सड़क नहीं, सिर्फ सुरक्षा है। कम से कम नदी-नालों पर पुलिया तो बनवा दे सरकार। 80 साल में भीलों की आवाज जंगल से निकलकर कस्बे में AC में बैठे अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाई।ग्रामीणों ने चेताया है - जिस दिन किसी बच्चे के साथ हादसा हुआ, उस दिन सब घड़ियाली आंसू बहाने आएंगे। अभी सो रहे हो, सोते रहो। फिर वोट आएंगे, फिर जनता चोट करेगी।
- कांग्रेस कमेटी अटरू की मीटिंग के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने ली कांग्रेस पार्टी की सदस्यता कांग्रेस पार्टी की बैठक में कई भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता बने कांग्रेस पार्टी के सिपाही भाजपा से थे नाराज2
- *ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে বড় সিদ্ধান্ত রাজ্য সরকারের* ভারতীয় জনসংঘের প্রতিষ্ঠাতা ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ গ্রহণ করল রাজ্য সরকার। এই উপলক্ষে গঠিত রাজ্য পর্যায়ের উচ্চপর্যায়ের কমিটির প্রথম বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়। বৈঠকে উপস্থিত থেকে সভার সিদ্ধান্তগুলি তুলে ধরেন শুভেন্দু অধিকারী। বৈঠক শেষে সাংবাদিক সম্মেলনে একাধিক সিদ্ধান্তের কথা জানানো হয়: ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের সম্মানার্থে একটি ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি ও মিউজিয়াম নির্মাণের পরিকল্পনা গ্রহণ করা হয়েছে। হিডকোর পক্ষ থেকে বিস্তারিত পাওয়ার পয়েন্ট প্রেজেন্টেশন পেশ করার পর কমিটি কাজের অনুমতি দিয়েছে। আশা করা হচ্ছে, আগামী ৬ জুলাই এই প্রকল্পের সূচনা বা উদ্বোধন করা সম্ভব হবে। পৈতৃক ভিটেয় সংগ্রহশালা ও পাঠাগার: হুগলির জিরাটে তাঁর পৈতৃক ভিটেতে সরকার কেনা ৩০ ডেসিমেল জায়গায় স্যার আশুতোষ মুখোপাধ্যায়ের নামে একটি আধুনিক লাইব্রেরি ও সংগ্রহশালা (মিউজিয়াম) পুনর্নির্মাণ করা হবে। পাঠ্যক্রমে অন্তর্ভুক্তি: স্কুল থেকে শুরু করে বিশ্ববিদ্যালয় পর্যন্ত শিক্ষাবর্ষের পাঠ্যক্রমে ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের অবদান—বিশেষ করে স্বাধীন ভারতের শিল্প ও শিক্ষামন্ত্রী হিসেবে তাঁর ভূমিকা, কাশ্মীর নীতি এবং পশ্চিমবঙ্গ গঠনে তাঁর অবদানের বিষয়গুলি অন্তর্ভুক্ত করার পরিকল্পনা নেওয়া হয়েছে। বিশেষ পুস্তক প্রকাশ: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের জীবন, চিন্তাভাবনা ও রাষ্ট্রগঠনে তাঁর অবদান নিয়ে চলতি বছর বাংলা ও ইংরেজি উভয় ভাষাতেই একটি পূর্ণাঙ্গ পুস্তক প্রকাশের সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে। এছাড়া, সাধারণ মানুষ, বিভিন্ন সংগঠন ও বিশেষজ্ঞদের মতামত ও প্রস্তাব সংগ্রহের জন্য তথ্য ও সংস্কৃতি দফতরের মাধ্যমে একটি অনলাইন পোর্টাল চালু করারও সিদ্ধান্ত নিয়েছে কমিটি। *ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে বড় সিদ্ধান্ত রাজ্য সরকারের* ভারতীয় জনসংঘের প্রতিষ্ঠাতা ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ গ্রহণ করল রাজ্য সরকার। এই উপলক্ষে গঠিত রাজ্য পর্যায়ের উচ্চপর্যায়ের কমিটির প্রথম বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়। বৈঠকে উপস্থিত থেকে সভার সিদ্ধান্তগুলি তুলে ধরেন শুভেন্দু অধিকারী। বৈঠক শেষে সাংবাদিক সম্মেলনে একাধিক সিদ্ধান্তের কথা জানানো হয়: ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের সম্মানার্থে একটি ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি ও মিউজিয়াম নির্মাণের পরিকল্পনা গ্রহণ করা হয়েছে। হিডকোর পক্ষ থেকে বিস্তারিত পাওয়ার পয়েন্ট প্রেজেন্টেশন পেশ করার পর কমিটি কাজের অনুমতি দিয়েছে। আশা করা হচ্ছে, আগামী ৬ জুলাই এই প্রকল্পের সূচনা বা উদ্বোধন করা সম্ভব হবে। পৈতৃক ভিটেয় সংগ্রহশালা ও পাঠাগার: হুগলির জিরাটে তাঁর পৈতৃক ভিটেতে সরকার কেনা ৩০ ডেসিমেল জায়গায় স্যার আশুতোষ মুখোপাধ্যায়ের নামে একটি আধুনিক লাইব্রেরি ও সংগ্রহশালা (মিউজিয়াম) পুনর্নির্মাণ করা হবে। পাঠ্যক্রমে অন্তর্ভুক্তি: স্কুল থেকে শুরু করে বিশ্ববিদ্যালয় পর্যন্ত শিক্ষাবর্ষের পাঠ্যক্রমে ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের অবদান—বিশেষ করে স্বাধীন ভারতের শিল্প ও শিক্ষামন্ত্রী হিসেবে তাঁর ভূমিকা, কাশ্মীর নীতি এবং পশ্চিমবঙ্গ গঠনে তাঁর অবদানের বিষয়গুলি অন্তর্ভুক্ত করার পরিকল্পনা নেওয়া হয়েছে। বিশেষ পুস্তক প্রকাশ: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের জীবন, চিন্তাভাবনা ও রাষ্ট্রগঠনে তাঁর অবদান নিয়ে চলতি বছর বাংলা ও ইংরেজি উভয় ভাষাতেই একটি পূর্ণাঙ্গ পুস্তক প্রকাশের সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে। এছাড়া, সাধারণ মানুষ, বিভিন্ন সংগঠন ও বিশেষজ্ঞদের মতামত ও প্রস্তাব সংগ্রহের জন্য তথ্য ও সংস্কৃতি দফতরের মাধ্যমে একটি অনলাইন পোর্টাল চালু করারও সিদ্ধান্ত নিয়েছে কমিটি।1
- बकानी :- हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली तिरंगा यात्रा, शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन कर भारत माता के जयकारों से गूंजा शहरबकानी :- हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली तिरंगा यात्रा, शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन कर भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर बकानी :- हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली तिरंगा यात्रा, शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन कर भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर बकानी:- हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार को बकानी एवं मंडावर रिछवा रटलाई के भाजपा कार्यकर्त्ताओ द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान पंचायत समिति से शुरू हुई यात्रा में कार्यकर्ता और शहरवासी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा पंचायत समिति, पिपली चोराहा, पुराना थाना, बडा बाजार, मेन मार्केट और बस स्टैंड होते हुए शहीद स्मारक पहुंचीं जहाँ शहीदों को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी1
- बिजली के बार-बार फॉल्ट से तीन रातों से अंधेरे में सहरिया बस्ती, ग्रामीणों ने पावर हाउस पर किया प्रदर्शन समरानियां क्षेत्र की रातई कला स्थित सहरिया बस्ती में बिजली के बार-बार फॉल्ट होने से ग्रामीण पिछले तीन रातों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने पावर हाउस पहुंचकर प्रदर्शन किया और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार फॉल्ट होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा।1
- हरियाली दर्शन के साथ,हरियाली अमावस्या पर बाबा खाटूश्याम धाम, भुवाखेड़ी में संध्या आरती दर्शन। छबड़ा:12 अगस्त,2026,हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर बाबा खाटूश्याम धाम, भुवाखेड़ी में संध्या आरती का दर्शन बड़े सौभाग्य की बात है। हरियाली अमावस्या प्रकृति में नई हरियाली और नए जीवन का प्रतीक है, और इसी दिन हारे के सहारे बाबा श्याम की आरती का दर्शन मन में भी नई आशा और नई ऊर्जा भर देता है।मानव जीवन में आरती दर्शन का महत्व और लाभ -1. मन को शांति मिलती है: दिनभर की थकान, चिंता और भागदौड़ के बाद जब बाबा की ज्योति, शंख-घंटे और जयकारों के बीच आरती के दर्शन होते हैं, तो मन स्वतः ही शांत हो जाता है।2. नकारात्मकता दूर होती है: आरती का प्रकाश अंधकार को दूर करता है, वैसे ही बाबा के दर्शन जीवन के दुख, निराशा और अहंकार को दूर कर देते हैं।3. हारे को सहारा मिलता है: बाबा खाटूश्याम को हारे का सहारा कहा जाता है। जो संसार में कहीं सहारा नहीं पाता, उसे बाबा की शरण में संबल मिलता है। आरती दर्शन यह विश्वास दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं।4. कर्म में पवित्रता आती है: रोज आरती दर्शन से मन में अच्छे विचार आते हैं और हम बुरे कर्मों से बचते हैं।आज हरियाली अमावस्या पर प्रार्थना है - बाबा श्याम सबके जीवन में सावन की तरह हरियाली, सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें। *जय श्री श्याम! हारे के सहारे की जय!*4
- *আজ স্বাধীনতা দিবসের আগে চূড়ান্ত মহড়া উপস্থিত কলকাতা পুলিশ কমিশনার স্বাধীনতা দিবসের মঞ্চেও এবার পালাবদলের ছাপ, ট্যাবলোয় থাকবে শ্যামাপ্রসাদ থেকে কেন্দ্রীয় প্রকল্প* সবচেয়ে বড় চমক হিসেবে প্রথমবারের মতো যুক্ত হচ্ছে 'বন্দে মাতরম্' গান পরিবেশনা। নতুন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী পোডিয়ামে আসার সাথে সাথেই এই জাতীয় গানটি গাওয়া হবে, যার পর প্রথাগতভাবে পতাকা উত্তোলন ও জাতীয় সঙ্গীত অনুষ্ঠিত হবে। *'বন্দে মাতরম্' সৃষ্টির ১৫০ বছর পূর্তি উপলক্ষে দিল্লির লালকেল্লার আদলে কলকাতার রেড রোডকেও এই ঐতিহাসিক উদযাপনে সামিল করা হচ্ছে*। প্রায় মোট ১২ টি ট্যাবলো অংশগ্রহণ করবে। অন্নপূর্ণা যোজনা, ভিজিবি রামজি প্রকল্প, আবাস যোজনা, মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে বাস পরিষেবাসহ একাধিক সরকারি উদ্যোগ তুলে ধরা হবে। পাশাপাশি হেলিকপ্টার থেকে পুষ্পবৃষ্টিরও আয়োজন রাখা হয়েছে। *আজ স্বাধীনতা দিবসের আগে চূড়ান্ত মহড়া উপস্থিত কলকাতা পুলিশ কমিশনার স্বাধীনতা দিবসের মঞ্চেও এবার পালাবদলের ছাপ, ট্যাবলোয় থাকবে শ্যামাপ্রসাদ থেকে কেন্দ্রীয় প্রকল্প* সবচেয়ে বড় চমক হিসেবে প্রথমবারের মতো যুক্ত হচ্ছে 'বন্দে মাতরম্' গান পরিবেশনা। নতুন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী পোডিয়ামে আসার সাথে সাথেই এই জাতীয় গানটি গাওয়া হবে, যার পর প্রথাগতভাবে পতাকা উত্তোলন ও জাতীয় সঙ্গীত অনুষ্ঠিত হবে। *'বন্দে মাতরম্' সৃষ্টির ১৫০ বছর পূর্তি উপলক্ষে দিল্লির লালকেল্লার আদলে কলকাতার রেড রোডকেও এই ঐতিহাসিক উদযাপনে সামিল করা হচ্ছে*। প্রায় মোট ১২ টি ট্যাবলো অংশগ্রহণ করবে। অন্নপূর্ণা যোজনা, ভিজিবি রামজি প্রকল্প, আবাস যোজনা, মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে বাস পরিষেবাসহ একাধিক সরকারি উদ্যোগ তুলে ধরা হবে। পাশাপাশি হেলিকপ্টার থেকে পুষ্পবৃষ্টিরও আয়োজন রাখা হয়েছে।1
- झालावाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सरकार के जवाब का दावा एक्सप्रेस न्यूज | झालावाड़ का वीडियो वायरल झालावाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सरकार के जवाब का दावा झालावाड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बारिश के बीच कुछ लोगों को परेशानी का सामना करते हुए देखा जा सकता है। वायरल वीडियो को लेकर सरकार की ओर से जवाब दिए जाने का दावा भी किया जा रहा है। वीडियो में घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिसके बाद यह मामला चर्चा में है।1