*আজ স্বাধীনতা দিবসের আগে চূড়ান্ত মহড়া উপস্থিত কলকাতা পুলিশ কমিশনার স্বাধীনতা দিবসের মঞ্চেও এবার পালাবদলের ছাপ, ট্যাবলোয় থাকবে শ্যামাপ্রসাদ থেকে কেন্দ্রীয় প্রকল্প* সবচেয়ে বড় চমক হিসেবে প্রথমবারের মতো যুক্ত হচ্ছে 'বন্দে মাতরম্' গান পরিবেশনা। নতুন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী পোডিয়ামে আসার সাথে সাথেই এই জাতীয় গানটি গাওয়া হবে, যার পর প্রথাগতভাবে পতাকা উত্তোলন ও জাতীয় সঙ্গীত অনুষ্ঠিত হবে। *'বন্দে মাতরম্' সৃষ্টির ১৫০ বছর পূর্তি উপলক্ষে দিল্লির লালকেল্লার আদলে কলকাতার রেড রোডকেও এই ঐতিহাসিক উদযাপনে সামিল করা হচ্ছে*। প্রায় মোট ১২ টি ট্যাবলো অংশগ্রহণ করবে। অন্নপূর্ণা যোজনা, ভিজিবি রামজি প্রকল্প, আবাস যোজনা, মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে বাস পরিষেবাসহ একাধিক সরকারি উদ্যোগ তুলে ধরা হবে। পাশাপাশি হেলিকপ্টার থেকে পুষ্পবৃষ্টিরও আয়োজন রাখা হয়েছে। *আজ স্বাধীনতা দিবসের আগে চূড়ান্ত মহড়া উপস্থিত কলকাতা পুলিশ কমিশনার স্বাধীনতা দিবসের মঞ্চেও এবার পালাবদলের ছাপ, ট্যাবলোয় থাকবে শ্যামাপ্রসাদ থেকে কেন্দ্রীয় প্রকল্প* সবচেয়ে বড় চমক হিসেবে প্রথমবারের মতো যুক্ত হচ্ছে 'বন্দে মাতরম্' গান পরিবেশনা। নতুন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী পোডিয়ামে আসার সাথে সাথেই এই জাতীয় গানটি গাওয়া হবে, যার পর প্রথাগতভাবে পতাকা উত্তোলন ও জাতীয় সঙ্গীত অনুষ্ঠিত হবে। *'বন্দে মাতরম্' সৃষ্টির ১৫০ বছর পূর্তি উপলক্ষে দিল্লির লালকেল্লার আদলে কলকাতার রেড রোডকেও এই ঐতিহাসিক উদযাপনে সামিল করা হচ্ছে*। প্রায় মোট ১২ টি ট্যাবলো অংশগ্রহণ করবে। অন্নপূর্ণা যোজনা, ভিজিবি রামজি প্রকল্প, আবাস যোজনা, মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে বাস পরিষেবাসহ একাধিক সরকারি উদ্যোগ তুলে ধরা হবে। পাশাপাশি হেলিকপ্টার থেকে পুষ্পবৃষ্টিরও আয়োজন রাখা হয়েছে।
*আজ স্বাধীনতা দিবসের আগে চূড়ান্ত মহড়া উপস্থিত কলকাতা পুলিশ কমিশনার স্বাধীনতা দিবসের মঞ্চেও এবার পালাবদলের ছাপ, ট্যাবলোয় থাকবে শ্যামাপ্রসাদ থেকে কেন্দ্রীয় প্রকল্প* সবচেয়ে বড় চমক হিসেবে প্রথমবারের মতো যুক্ত হচ্ছে 'বন্দে মাতরম্' গান পরিবেশনা। নতুন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী পোডিয়ামে আসার সাথে সাথেই এই জাতীয় গানটি গাওয়া হবে, যার পর প্রথাগতভাবে পতাকা উত্তোলন ও জাতীয় সঙ্গীত অনুষ্ঠিত হবে। *'বন্দে মাতরম্' সৃষ্টির ১৫০ বছর পূর্তি উপলক্ষে দিল্লির লালকেল্লার আদলে কলকাতার রেড রোডকেও এই ঐতিহাসিক উদযাপনে সামিল করা হচ্ছে*। প্রায় মোট ১২ টি ট্যাবলো অংশগ্রহণ করবে। অন্নপূর্ণা যোজনা, ভিজিবি রামজি প্রকল্প, আবাস যোজনা, মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে বাস পরিষেবাসহ একাধিক সরকারি উদ্যোগ তুলে ধরা হবে। পাশাপাশি হেলিকপ্টার থেকে পুষ্পবৃষ্টিরও আয়োজন রাখা হয়েছে। *আজ স্বাধীনতা দিবসের আগে চূড়ান্ত মহড়া উপস্থিত কলকাতা পুলিশ কমিশনার স্বাধীনতা দিবসের মঞ্চেও এবার পালাবদলের ছাপ, ট্যাবলোয় থাকবে শ্যামাপ্রসাদ থেকে কেন্দ্রীয় প্রকল্প* সবচেয়ে বড় চমক হিসেবে প্রথমবারের মতো যুক্ত হচ্ছে 'বন্দে মাতরম্' গান পরিবেশনা। নতুন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী পোডিয়ামে আসার সাথে সাথেই এই জাতীয় গানটি গাওয়া হবে, যার পর প্রথাগতভাবে পতাকা উত্তোলন ও জাতীয় সঙ্গীত অনুষ্ঠিত হবে। *'বন্দে মাতরম্' সৃষ্টির ১৫০ বছর পূর্তি উপলক্ষে দিল্লির লালকেল্লার আদলে কলকাতার রেড রোডকেও এই ঐতিহাসিক উদযাপনে সামিল করা হচ্ছে*। প্রায় মোট ১২ টি ট্যাবলো অংশগ্রহণ করবে। অন্নপূর্ণা যোজনা, ভিজিবি রামজি প্রকল্প, আবাস যোজনা, মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে বাস পরিষেবাসহ একাধিক সরকারি উদ্যোগ তুলে ধরা হবে। পাশাপাশি হেলিকপ্টার থেকে পুষ্পবৃষ্টিরও আয়োজন রাখা হয়েছে।
- *নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙা, নিউ আলিপুরে চাঞ্চল্য* অভিযোগ উঠেছে যে, দক্ষিণ কলকাতার নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডের বটতলা ‘থ্রি-হেডস ক্রসিং’-এ অবস্থিত নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুর আবক্ষ মূর্তির ডান হাতটি রাতের অন্ধকারে কেউ ভেঙে দিয়েছে। আজ সকালে বিষয়টি জানাজানি হতেই এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়ে পড়ে। খবর পেয়েই ঘটনাস্থলে পৌঁছান বিজেপি কর্মী ও সমর্থকরা। তাঁদের অভিযোগ, দুষ্কৃতীরা রাতের অন্ধকারের সুযোগ নিয়ে নেতাজির মূর্তির ডান হাতটি ভেঙে দিয়েছে। বিজেপি কর্মীরা জানান, ঘটনার সঙ্গে কারা জড়িত তা খুঁজে বের করতে পুলিশ প্রশাসনের কাছে অভিযোগ দায়ের করা হবে। পাশাপাশি, বিষয়টি দলের রাজ্য নেতৃত্বকেও জানানোর দাবি তোলেন তাঁরা। বিজেপির দক্ষিণ কলকাতা শাখার সম্পাদক তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, গতকালই বিধানসভায় মুখ্যমন্ত্রী ও শুভেন্দু অধিকারী সতর্ক করেছিলেন যে নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুকে নিয়ে কোনো অবমাননাকর মন্তব্য করা উচিত নয়। এও বলা হয়েছিল যে, কেউ এমন মন্তব্য করলে প্রশাসন আইনি ব্যবস্থা নেবে। এছাড়া রাজ্যের ২৯৪টি বিধানসভা কেন্দ্রের পরিষেবা কেন্দ্রগুলোর নাম ‘নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসু পরিষেবা কেন্দ্র’ রাখা হবে বলেও ঘোষণা করা হয়েছিল। তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, এই ঘোষণার পরেই নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডে রাতের অন্ধকারে নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙার ঘটনাটি অত্যন্ত তাৎপর্যপূর্ণ। তিনি ঘটনার সঙ্গে জড়িতদের চিহ্নিত করতে অবিলম্বে তদন্ত এবং দোষীদের বিরুদ্ধে কঠোর আইনি ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানান। ধারণা করা হচ্ছে, পুলিশ যদি ঘটনার তদন্ত শুরু করে, তবেই স্পষ্ট হবে কারা মূর্তি ভাঙার পেছনে রয়েছে এবং কীভাবে এই ঘটনাটি ঘটল। *নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙা, নিউ আলিপুরে চাঞ্চল্য* অভিযোগ উঠেছে যে, দক্ষিণ কলকাতার নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডের বটতলা ‘থ্রি-হেডস ক্রসিং’-এ অবস্থিত নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুর আবক্ষ মূর্তির ডান হাতটি রাতের অন্ধকারে কেউ ভেঙে দিয়েছে। আজ সকালে বিষয়টি জানাজানি হতেই এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়ে পড়ে। খবর পেয়েই ঘটনাস্থলে পৌঁছান বিজেপি কর্মী ও সমর্থকরা। তাঁদের অভিযোগ, দুষ্কৃতীরা রাতের অন্ধকারের সুযোগ নিয়ে নেতাজির মূর্তির ডান হাতটি ভেঙে দিয়েছে। বিজেপি কর্মীরা জানান, ঘটনার সঙ্গে কারা জড়িত তা খুঁজে বের করতে পুলিশ প্রশাসনের কাছে অভিযোগ দায়ের করা হবে। পাশাপাশি, বিষয়টি দলের রাজ্য নেতৃত্বকেও জানানোর দাবি তোলেন তাঁরা। বিজেপির দক্ষিণ কলকাতা শাখার সম্পাদক তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, গতকালই বিধানসভায় মুখ্যমন্ত্রী ও শুভেন্দু অধিকারী সতর্ক করেছিলেন যে নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসুকে নিয়ে কোনো অবমাননাকর মন্তব্য করা উচিত নয়। এও বলা হয়েছিল যে, কেউ এমন মন্তব্য করলে প্রশাসন আইনি ব্যবস্থা নেবে। এছাড়া রাজ্যের ২৯৪টি বিধানসভা কেন্দ্রের পরিষেবা কেন্দ্রগুলোর নাম ‘নেতাজি সুভাষচন্দ্র বসু পরিষেবা কেন্দ্র’ রাখা হবে বলেও ঘোষণা করা হয়েছিল। তারক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, এই ঘোষণার পরেই নিউ আলিপুরের ৮১ নম্বর ওয়ার্ডে রাতের অন্ধকারে নেতাজির মূর্তির ডান হাত ভাঙার ঘটনাটি অত্যন্ত তাৎপর্যপূর্ণ। তিনি ঘটনার সঙ্গে জড়িতদের চিহ্নিত করতে অবিলম্বে তদন্ত এবং দোষীদের বিরুদ্ধে কঠোর আইনি ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানান। ধারণা করা হচ্ছে, পুলিশ যদি ঘটনার তদন্ত শুরু করে, তবেই স্পষ্ট হবে কারা মূর্তি ভাঙার পেছনে রয়েছে এবং কীভাবে এই ঘটনাটি ঘটল।1
- गुना शहर में राष्ट्रीय वीर दुर्गादास जी का, राठौर समाज ने निकला जुलूस गुना जिले मे राष्ट्रीय वीर दुर्गा दास जी का जुलूस निकाला जिसमें, हजारों राठौर समाज के लोग शामिल हुए लिया वहीं जुलूस, हनुमान गली राधा कृष्ण मंदिर प्रारंभ, नई सड़क बताशा गली सदर बाजार लक्ष्मीगंज होते हुए नारायणा गार्डन पर समापन हुआ शिक्षा के क्षेत्र में समाज के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को जिनके 75% से ऊपर लाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया और समाज के 75 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया1
- रास्ता गवां का। ग्राम पंचायत खेजड़ा राम तहसील कुंभराज जिला गुना मध्य प्रदेश/ ना तो पक्का रास्ता है न ही। श्मशान घाट हे। न। कोई। सुविधा हे।2
- छबड़ा में भारत विकास परिषद महिला सहभागिता ने धूमधाम से मनाया हरियाली-सावन महोत्सव। छबड़ा:भारत विकास परिषद की महिला सहभागिता शाखा द्वारा सावन मास के उपलक्ष्य में हरियाली उत्सव एवं सावन महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।महिला सहभागिता प्रमुख मृदुला जैन ने बताया कि प्रकृति की अनुपम छटा से सुशोभित नीमथूर बालाजी मंदिर परिसर में मातृशक्ति ने कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छबड़ा की प्राचार्य विजयलक्ष्मी सिंह रहीं।सुबह से ही हरे परिधानों और सोलह श्रृंगार से सजी-धजी महिलाओं ने गणेश वंदना एवं बालाजी के भजनों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला प्रमुख उषा शर्मा ने भजन प्रस्तुति दी।इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सुहाग की प्रतीक हरी-हरी चूड़ियाँ पहनाकर और तिलक-कुमकुम लगाकर सभी के सुहाग की रक्षा की कामना की। सावन के झूलों, 'सावन आया झूम के' जैसे गीतों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और प्रकृति की हरियाली के बीच आनंद उठाया। प्रतियोगिताओं में इन्होंने मारी बाजी -इस अवसर पर विविध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिसमें • हरियाली क्वीन - मंजू लुहाड़िया • सावन क्वीन - ज्योति भार्गव • मैचिंग प्रतियोगिता में प्रथम - सीमा गुप्ता, द्वितीय - सुनीति भार्गव, तृतीय - पूजा पारीक सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। महिलाओं ने इस आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।कार्यक्रम में मनीषा माहेश्वरी, लाड़ गुप्ता, बबीता चौरसिया, अंजलि विजय, राजेश्वरी भार्गव, विजया शर्मा, शशिरेखा अग्रवाल, निरंजना जांगिड़, ममता शर्मा सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।अंत में मौज-मस्ती के साथ सभी ने सुस्वादु भोजन का आनंद लिया तथा वंदे मातरम की मनमोहक प्रस्तुति एवं देशभक्ति गीतों के साथ 80वें स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाइयाँ प्रेषित कीं।4
- अशोकनगर में सात माह से वेतन का इंतजार, छात्रावासों के सफाईकर्मियों की हालत खराब सात माह से वेतन का इंतजार, छात्रावासों के सफाईकर्मियों की हालत खराब मात्र 2500 रुपए मासिक मानदेय, वह भी समय पर नहीं मिलने से आर्थिक संकट; कई बार आवेदन के बाद भी नहीं हुई सुनवाई अशोकनगर। आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों में सफाई का जिम्मा संभाल रहे कर्मचारियों को पिछले सात माह से वेतन नहीं मिला है। महज 2500 रुपए मासिक मानदेय पर काम करने वाले इन कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और कलेक्टर को आवेदन देकर वेतन दिलाने की मांग की, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। सफाई कर्मचारियों ने मीडिया से चर्चा में बताया कि वे छात्रावासों में नियमित रूप से सफाई का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें सात माह से मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि जब रोजाना काम लिया जा रहा है तो समय पर वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा? पहले से ही महज 2500 रुपए मासिक मानदेय मिलता है और वह भी कई महीनों तक नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। कर्मचारियों के अनुसार कई लोग कर्ज लेकर परिवार का भरण-पोषण करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि पिछले 6-7 वर्षों से मानदेय में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे में सात माह का भुगतान अटक जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। विभाग में पूछने पर फाइल का हवाला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जब वे आदिम जाति कल्याण विभाग में वेतन के संबंध में जानकारी लेने पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि कलेक्टर स्तर से फाइल रोकी गई है, इसलिए विभागीय कर्मचारी कुछ नहीं कर सकते। कर्मचारियों का कहना है कि वे अलग-अलग और सामूहिक रूप से कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एकमुश्त भुगतान की मांग आवेदन में सफाई कर्मचारियों ने कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। कर्मचारियों ने सात माह से रुका हुआ पूरा वेतन एकमुश्त दिलाने के साथ ही भविष्य में मानदेय का भुगतान नियमित रूप से किए जाने की व्यवस्था करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि इतने कम मानदेय में भी वे पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं, ऐसे में समय पर भुगतान मिलना उनका हक है।4
- बिजली के बार-बार फॉल्ट से तीन रातों से अंधेरे में सहरिया बस्ती, ग्रामीणों ने पावर हाउस पर किया प्रदर्शन समरानियां क्षेत्र की रातई कला स्थित सहरिया बस्ती में बिजली के बार-बार फॉल्ट होने से ग्रामीण पिछले तीन रातों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने पावर हाउस पहुंचकर प्रदर्शन किया और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार फॉल्ट होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा।1
- *ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে বড় সিদ্ধান্ত রাজ্য সরকারের* ভারতীয় জনসংঘের প্রতিষ্ঠাতা ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ গ্রহণ করল রাজ্য সরকার। এই উপলক্ষে গঠিত রাজ্য পর্যায়ের উচ্চপর্যায়ের কমিটির প্রথম বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়। বৈঠকে উপস্থিত থেকে সভার সিদ্ধান্তগুলি তুলে ধরেন শুভেন্দু অধিকারী। বৈঠক শেষে সাংবাদিক সম্মেলনে একাধিক সিদ্ধান্তের কথা জানানো হয়: ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের সম্মানার্থে একটি ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি ও মিউজিয়াম নির্মাণের পরিকল্পনা গ্রহণ করা হয়েছে। হিডকোর পক্ষ থেকে বিস্তারিত পাওয়ার পয়েন্ট প্রেজেন্টেশন পেশ করার পর কমিটি কাজের অনুমতি দিয়েছে। আশা করা হচ্ছে, আগামী ৬ জুলাই এই প্রকল্পের সূচনা বা উদ্বোধন করা সম্ভব হবে। পৈতৃক ভিটেয় সংগ্রহশালা ও পাঠাগার: হুগলির জিরাটে তাঁর পৈতৃক ভিটেতে সরকার কেনা ৩০ ডেসিমেল জায়গায় স্যার আশুতোষ মুখোপাধ্যায়ের নামে একটি আধুনিক লাইব্রেরি ও সংগ্রহশালা (মিউজিয়াম) পুনর্নির্মাণ করা হবে। পাঠ্যক্রমে অন্তর্ভুক্তি: স্কুল থেকে শুরু করে বিশ্ববিদ্যালয় পর্যন্ত শিক্ষাবর্ষের পাঠ্যক্রমে ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের অবদান—বিশেষ করে স্বাধীন ভারতের শিল্প ও শিক্ষামন্ত্রী হিসেবে তাঁর ভূমিকা, কাশ্মীর নীতি এবং পশ্চিমবঙ্গ গঠনে তাঁর অবদানের বিষয়গুলি অন্তর্ভুক্ত করার পরিকল্পনা নেওয়া হয়েছে। বিশেষ পুস্তক প্রকাশ: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের জীবন, চিন্তাভাবনা ও রাষ্ট্রগঠনে তাঁর অবদান নিয়ে চলতি বছর বাংলা ও ইংরেজি উভয় ভাষাতেই একটি পূর্ণাঙ্গ পুস্তক প্রকাশের সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে। এছাড়া, সাধারণ মানুষ, বিভিন্ন সংগঠন ও বিশেষজ্ঞদের মতামত ও প্রস্তাব সংগ্রহের জন্য তথ্য ও সংস্কৃতি দফতরের মাধ্যমে একটি অনলাইন পোর্টাল চালু করারও সিদ্ধান্ত নিয়েছে কমিটি। *ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে বড় সিদ্ধান্ত রাজ্য সরকারের* ভারতীয় জনসংঘের প্রতিষ্ঠাতা ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের ১২৫তম জন্মবর্ষ উদযাপনে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ গ্রহণ করল রাজ্য সরকার। এই উপলক্ষে গঠিত রাজ্য পর্যায়ের উচ্চপর্যায়ের কমিটির প্রথম বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়। বৈঠকে উপস্থিত থেকে সভার সিদ্ধান্তগুলি তুলে ধরেন শুভেন্দু অধিকারী। বৈঠক শেষে সাংবাদিক সম্মেলনে একাধিক সিদ্ধান্তের কথা জানানো হয়: ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের সম্মানার্থে একটি ১২৫ ফুট উঁচু বিশালাকার মূর্তি ও মিউজিয়াম নির্মাণের পরিকল্পনা গ্রহণ করা হয়েছে। হিডকোর পক্ষ থেকে বিস্তারিত পাওয়ার পয়েন্ট প্রেজেন্টেশন পেশ করার পর কমিটি কাজের অনুমতি দিয়েছে। আশা করা হচ্ছে, আগামী ৬ জুলাই এই প্রকল্পের সূচনা বা উদ্বোধন করা সম্ভব হবে। পৈতৃক ভিটেয় সংগ্রহশালা ও পাঠাগার: হুগলির জিরাটে তাঁর পৈতৃক ভিটেতে সরকার কেনা ৩০ ডেসিমেল জায়গায় স্যার আশুতোষ মুখোপাধ্যায়ের নামে একটি আধুনিক লাইব্রেরি ও সংগ্রহশালা (মিউজিয়াম) পুনর্নির্মাণ করা হবে। পাঠ্যক্রমে অন্তর্ভুক্তি: স্কুল থেকে শুরু করে বিশ্ববিদ্যালয় পর্যন্ত শিক্ষাবর্ষের পাঠ্যক্রমে ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের অবদান—বিশেষ করে স্বাধীন ভারতের শিল্প ও শিক্ষামন্ত্রী হিসেবে তাঁর ভূমিকা, কাশ্মীর নীতি এবং পশ্চিমবঙ্গ গঠনে তাঁর অবদানের বিষয়গুলি অন্তর্ভুক্ত করার পরিকল্পনা নেওয়া হয়েছে। বিশেষ পুস্তক প্রকাশ: ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের জীবন, চিন্তাভাবনা ও রাষ্ট্রগঠনে তাঁর অবদান নিয়ে চলতি বছর বাংলা ও ইংরেজি উভয় ভাষাতেই একটি পূর্ণাঙ্গ পুস্তক প্রকাশের সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে। এছাড়া, সাধারণ মানুষ, বিভিন্ন সংগঠন ও বিশেষজ্ঞদের মতামত ও প্রস্তাব সংগ্রহের জন্য তথ্য ও সংস্কৃতি দফতরের মাধ্যমে একটি অনলাইন পোর্টাল চালু করারও সিদ্ধান্ত নিয়েছে কমিটি।1
- पीपली सरद से तेलनी स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता,पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ ने प्रशासन से मांगी तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था पीपली सरद से तेलनी स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता,पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ ने प्रशासन से मांगी तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था छीपाबड़ौद - छबड़ा पीपली सरद से तेलनी हाई सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों को बरसात के दौरान गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी जान को खतरा बना हुआ है। पीपली सरद और तेलनी के बीच बहने वाली नदी में बारिश के समय तेज उफान आ जाता है। इसके बावजूद विद्यार्थी तेज बहाव वाले पानी को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। पूर्व विधायक *करण सिंह राठौड़* ने बताया कि इस गंभीर समस्या से प्रशासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। तेज बहाव के बीच बच्चों द्वारा नदी पार करना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। *राठौड़ ने कहा:* "प्रशासन को इस गंभीर समस्या को तत्काल संज्ञान में लेकर मौके का निरीक्षण करना चाहिए। यदि समय रहते विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है। बच्चों की जान से बढ़कर कुछ भी नहीं है।" *प्रशासन से मांग* करण सिंह राठौड़ ने प्रशासन से मांग की कि: 1. *बरसात के दौरान विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक मार्ग* अथवा *सुरक्षित आवागमन की तत्काल व्यवस्था* की जाए। 2. *स्थायी समाधान* के लिए पुल/पुलिया निर्माण की कार्यवाही शीघ्र शुरू की जाए, ताकि विद्यार्थियों को जान जोखिम में डालकर स्कूल न जाना पड़े और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।4