17 मई 2026 की रात कालिंगा उत्कल पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस में उस समय एक प्रेरणादायक घटना सामने आई जब 13 वर्षीय कराटे खिलाड़ी कल्पना गेदरे ने अपनी सूझबूझ और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए एक अचेत यात्री को सीपीआर देकर नया जीवन दिया। रेन सिन कान कराटे छत्तीसगढ़ की टीम 22वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप, देहरादून में स्वर्ण पदक जीतकर बिलासपुर लौट रही थी, जब यह घटना हुई। यात्रा के दौरान एक यात्री के साथ विवाद और मारपीट की घटना के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह ट्रेन में अचेत होकर गिर पड़ा। यात्री की पत्नी और पुत्र की चीख-पुकार से डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर टीम के तकनीकी कोच अखिलेश आदित्य और टीम प्रमुख रामाकांत एस. मिश्रा पहुंचे। जब सीपीआर देने वाले की आवश्यकता हुई, तब टीम की सबसे कम उम्र की सदस्य कल्पना गेदरे आगे आईं और बताया कि उन्हें विद्यालय में इसका प्रशिक्षण मिला है। बिना घबराए कल्पना ने तत्काल यात्री को सीपीआर देना शुरू किया और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध न होने के बावजूद धैर्य व आत्मविश्वास के साथ लगातार प्रयास जारी रखे। कुछ समय बाद यात्री की स्थिति में सुधार हुआ और उसकी चेतना लौट आई, जो उसके परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। रायपुर जिले के खरोरा विकासखंड की निवासी कल्पना गेदरे पीएम भारत देवांगन विद्यालय की कक्षा दसवीं की छात्रा हैं और उन्होंने हाल ही में दसवीं बोर्ड परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में काता एवं कुमिते स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम भी रोशन किया है। इस घटना से उनकी पहचान केवल एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी साहसी बालिका के रूप में हुई है जिसने संकट की घड़ी में मानवता का सर्वोच्च परिचय दिया है। कल्पना की यह बहादुरी विद्यालयों में दिए जाने वाले प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर प्रशिक्षण के महत्व को दर्शाती है, जो सही समय पर किसी की जिंदगी बचा सकता है। उनका यह साहसिक कार्य पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है और समाज तथा शासन-प्रशासन को ऐसी प्रतिभाशाली एवं संवेदनशील बालिका को सम्मानित कर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाना चाहिए। वास्तव में, पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन किसी की जीवन-डोर थाम लेना उससे भी बड़ा गौरव है। कल्पना गेदरे ने साबित कर दिया है कि साहस की कोई उम्र नहीं होती और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं।
17 मई 2026 की रात कालिंगा उत्कल पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस में उस समय एक प्रेरणादायक घटना सामने आई जब 13 वर्षीय कराटे खिलाड़ी कल्पना गेदरे ने अपनी सूझबूझ और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए एक अचेत यात्री को सीपीआर देकर नया जीवन दिया। रेन सिन कान कराटे छत्तीसगढ़ की टीम 22वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप, देहरादून में स्वर्ण पदक जीतकर बिलासपुर लौट रही थी, जब यह घटना हुई। यात्रा के दौरान एक यात्री के साथ विवाद और मारपीट की घटना के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह ट्रेन में अचेत होकर गिर पड़ा। यात्री की पत्नी और पुत्र की चीख-पुकार से डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर टीम के तकनीकी कोच अखिलेश आदित्य और टीम प्रमुख रामाकांत एस. मिश्रा पहुंचे। जब सीपीआर देने वाले की आवश्यकता हुई, तब टीम की सबसे कम उम्र की सदस्य कल्पना गेदरे आगे आईं और बताया कि उन्हें विद्यालय में इसका प्रशिक्षण मिला है। बिना घबराए कल्पना ने तत्काल यात्री को सीपीआर देना शुरू किया और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध न होने के बावजूद धैर्य व आत्मविश्वास के साथ लगातार प्रयास जारी रखे। कुछ समय बाद यात्री की स्थिति में सुधार हुआ और उसकी चेतना लौट आई, जो उसके परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। रायपुर जिले के खरोरा विकासखंड की निवासी कल्पना गेदरे पीएम भारत देवांगन विद्यालय की कक्षा दसवीं की छात्रा हैं और उन्होंने हाल ही में दसवीं बोर्ड परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में काता एवं कुमिते स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम भी रोशन किया है। इस घटना से उनकी पहचान केवल एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी साहसी बालिका के रूप में हुई है जिसने संकट की घड़ी में मानवता का सर्वोच्च परिचय दिया है। कल्पना की यह बहादुरी विद्यालयों में दिए जाने वाले प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर प्रशिक्षण के महत्व को दर्शाती है, जो सही समय पर किसी की जिंदगी बचा सकता है। उनका यह साहसिक कार्य पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है और समाज तथा शासन-प्रशासन को ऐसी प्रतिभाशाली एवं संवेदनशील बालिका को सम्मानित कर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाना चाहिए। वास्तव में, पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन किसी की जीवन-डोर थाम लेना उससे भी बड़ा गौरव है। कल्पना गेदरे ने साबित कर दिया है कि साहस की कोई उम्र नहीं होती और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं।
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।4
- बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में सभी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की आशंका से हड़कंप मच गया है। यह गंभीर स्थिति तब पैदा हुई है जब विश्वविद्यालय के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले समर्थ पोर्टल के हैक होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तुरंत एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। मीडिया प्रभारी ने भी स्वीकार किया है कि पेपर लीक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय सभी परीक्षाओं को रद्द करने पर भी विचार कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 10,000 छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।1
- बिलासपुर जिले की बिल्हा पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए 30 मई 2026 को अवैध शराब परिवहन के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कुल 80 पाव देशी शराब जब्त की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डोडकी थाना बिल्हा के वार्ड क्रमांक 11 निवासी भागवत प्रसाद भारद्वाज (46) तथा डोडकीभाठा निवासी मंगल कुर्रे (28) और दुर्गेश दास मानिकपुरी (21) शामिल हैं। बिल्हा के आमापारा और डोडकीभाठा के पास हुई इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने मोटरसाइकिल डिलक्स क्रमांक सीजी10यू 6654 पर भागवत प्रसाद भारद्वाज से 35 पाव देशी प्लेन शराब जब्त की। इसके साथ ही, नीले रंग की एक्टीवा क्रमांक सीजी10बीएन 8246 पर सवार मंगल कुर्रे और दुर्गेश दास मानिकपुरी से 25 पाव देशी प्लेन और 20 पाव देशी मसाला शराब भी बरामद की गई। इन तीनों आरोपियों को आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 59(क) के तहत आरोपी पाए जाने पर कार्रवाई की गई और शनिवार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह कार्रवाई उमनि एवं वपुअ महोदय श्री रजनेश सिंह बिलासपुर (भा.पु.से.) के निर्देशों के अनुपालन में की गई। उन्होंने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को अवैध शराब बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने का आदेश दिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्री डी.आर. टंडन के मार्गदर्शन में, बिल्हा थाना प्रभारी ने एक सिविल टीम का गठन किया था। इस टीम ने बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों से संपर्क कर अवैध शराब बिक्री और परिवहन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की और एक विश्वस्त मुखबिर के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। इस विशेष कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, प्रधान आरक्षक 1034 अरविन्द तिग्ग, प्रधान आरक्षक 846 संतोष यादव, आरक्षक 1210 सुमन चंद्रवंशी, 1390 संतोष मरकाम और 1033 हरदीप मरावी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बिल्हा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- बिलासपुर जिले में चार व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।1
- आपरेशन प्रहार के तहत् बिल्हा पुलिस को मिली सफलता जुवा खेलते 3 आरोपियों से नगदी र आपरेशन प्रहार के तहत् बिल्हा पुलिस को मिली सफलता जुवा खेलते 3 आरोपियों से नगदी रकम 8090 रू. की जप्त शनिवार की रात 10.13 बजे बिल्हा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी अनुसार 🔺नाम आरोपीगण - 1. मनीष टण्डन पिता संतराम टण्डन उम्र 32 वर्ष निवासी उडनताल थाना बिल्हा जिला बिलासपुर। 2. हरीश यादव पिता स्व. मैकूराम यादव उम्र 40 वर्ष निवासी चकरभाठा थाना चकरभाठा जिला बिलासपुर। 3. लक्ष्मण भारद्वाज पिता आनंद दास भारद्वाज उम्र 35 वर्ष निवासी दगौरी थाना बिल्हा जिला बिलासपुर। ’’’’’’’’’ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि श्रीमान उमनि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के द्वारा जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि जुआ/सट्टा खेलने/खिलाने वालों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए, आदेश के परिपालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्री डी.आर. टण्डन के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर सिविल टीम गठित कर बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणो से सम्पर्क कर जुआ/सट्टा खेलने वाले व्यक्तियों के बारे मे जानकारी प्राप्त किया जा रहा था इसी क्रम ग्राम उडनताल नदी के पास आये दिन जुआ खेलने की सूचना प्राप्त होती रहती थी कि विश्वस्त मुखबीर के माध्यम से दिनांक 30.05.2026 कोे उडनताल अग्रवाल फार्म हाउस के पीछे नदी के पास कुछ जुआरियान हार जीत का जुआ खेल रहे थे जहाॅ पुलिस द्वारा घेराबंदी कर 03 व्यक्तियों से नगदी 8090 रूपये, 03 नग मो.सा., 52 पत्ती ताश व बोरी फट्टी जप्त कर आरोपियों के खिलाफ धारा 3(2) जुआ एक्ट के तहत् कार्यवाही किया गया। आगे भी अवैध गतिविधियों पर कार्यवाही जारी रहेगी। उक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उनि जी.एल. चन्द्राकर, प्र.आर. 786 अनिल बंजारे आरक्षक 1210 सुमन चंद्रवंशी, 1390 संतोष मरकाम, मुकेश दिव्य का विशेष योगदान रहा।1