राजाखेड़ा वार्ड 9 के गोपीनाथ स्कूल की बदहाली को लेकर अभिभावक चिंतित, बच्चों के भविष्य को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन, जांच और सुधार की मांग जर्जर भवन, शिक्षक और संसाधनों की कमी; 200 से ज्यादा बच्चे प्रभावित, बच्चों को करीबन 2 किलोमीटर स्थानांतरण कर बेसिक स्कूल में बिठाने के कारण बच्चों के अभिभावक हुए परेशान छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने में हुई परेशानी राजाखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक गोपीनाथ स्कूल* की जर्जर स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष है। स्कूल की बदहाली और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दर्जनों अभिभावकों ने SDM सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन 50 साल पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है। फर्नीचर टूटा है और पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन को लेकर बच्चों का स्थानांतरण लगभग 2 किलोमीटर दूर किया गया जिससे बच्चों के परिजन और ज्यादा परेशान हो गए स्कूल में करीब 200 बच्चे कक्षा 1 से 12 तक पढ़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की आप बीती वार्ड 9 निवासी दिमान सिंह ने कहा बेटा-बेटी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। छत गिरने का डर लगा रहता है। मास्टर जी कम हैं, एक टीचर को 2-2 क्लास देखनी पड़ती है।" महिला रजिया खान बच्चियां शौचालय न होने से परेशान हैं। बरसात में कीचड़ और सांप-बिच्छू का डर रहता है। हम कहां भेजें बच्चों को?" दिमान सिंह आज अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई बच्चों के भविष्य को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए SDM *सुशीला मीणा* ने ज्ञापन लेकर कहा, "मामला गंभीर है। 3 दिन में शिक्षा विभाग और PWD की टीम भेजकर स्कूल का निरीक्षण कराऊंगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जो भी खामियां मिलेंगी, दूर कराई जाएंगी। यदि जरूरत हुई तो भवन के लिए प्रस्ताव ऊपर भेजा जाएगा। बच्चों को उसी जगह स्थापित कर अंबेडकर भवन में सुरक्षित भेजा जाएगा अभिभावकों ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे ताला बंदी और प्रदर्शन करेंगे। बच्चों की पढ़ाई और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘शिक्षा की बदहाली’ - सरकारी स्कूलों की हालत। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़।हो रहा है राजाखेड़ा वार्ड 9 के गोपीनाथ स्कूल की बदहाली को लेकर अभिभावक चिंतित, बच्चों के भविष्य को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन, जांच और सुधार की मांग जर्जर भवन, शिक्षक और संसाधनों की कमी; 200 से ज्यादा बच्चे प्रभावित, बच्चों को करीबन 2 किलोमीटर स्थानांतरण कर बेसिक स्कूल में बिठाने के कारण बच्चों के अभिभावक हुए परेशान छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने में हुई परेशानी राजाखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक गोपीनाथ स्कूल* की जर्जर स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष है। स्कूल की बदहाली और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दर्जनों अभिभावकों ने SDM सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन 50 साल पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है। फर्नीचर टूटा है और पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन को लेकर बच्चों का स्थानांतरण लगभग 2 किलोमीटर दूर किया गया जिससे बच्चों के परिजन और ज्यादा परेशान हो गए स्कूल में करीब 200 बच्चे कक्षा 1 से 12 तक पढ़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की आप बीती वार्ड 9 निवासी दिमान सिंह ने कहा बेटा-बेटी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। छत गिरने का डर लगा रहता है। मास्टर जी कम हैं, एक टीचर को 2-2 क्लास देखनी पड़ती है।" महिला रजिया खान बच्चियां शौचालय न होने से परेशान हैं। बरसात में कीचड़ और सांप-बिच्छू का डर रहता है। हम कहां भेजें बच्चों को?" दिमान सिंह आज अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई बच्चों के भविष्य को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए SDM *सुशीला मीणा* ने ज्ञापन लेकर कहा, "मामला गंभीर है। 3 दिन में शिक्षा विभाग और PWD की टीम भेजकर स्कूल का निरीक्षण कराऊंगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जो भी खामियां मिलेंगी, दूर कराई जाएंगी। यदि जरूरत हुई तो भवन के लिए प्रस्ताव ऊपर भेजा जाएगा। बच्चों को उसी जगह स्थापित कर अंबेडकर भवन में सुरक्षित भेजा जाएगा अभिभावकों ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे ताला बंदी और प्रदर्शन करेंगे। बच्चों की पढ़ाई और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘शिक्षा की बदहाली’ - सरकारी स्कूलों की हालत। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़।हो रहा है
राजाखेड़ा वार्ड 9 के गोपीनाथ स्कूल की बदहाली को लेकर अभिभावक चिंतित, बच्चों के भविष्य को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन, जांच और सुधार की मांग जर्जर भवन, शिक्षक और संसाधनों की कमी; 200 से ज्यादा बच्चे प्रभावित, बच्चों को करीबन 2 किलोमीटर स्थानांतरण कर बेसिक स्कूल में बिठाने के कारण बच्चों के अभिभावक हुए परेशान छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने में हुई परेशानी राजाखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक गोपीनाथ स्कूल* की जर्जर स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष है। स्कूल की बदहाली और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दर्जनों अभिभावकों ने SDM सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन 50 साल पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है। फर्नीचर टूटा है और पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन को लेकर बच्चों का स्थानांतरण लगभग 2 किलोमीटर दूर किया गया जिससे बच्चों के परिजन और ज्यादा परेशान हो गए स्कूल में करीब 200 बच्चे कक्षा 1 से 12 तक पढ़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की आप बीती वार्ड 9 निवासी दिमान सिंह ने कहा बेटा-बेटी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। छत गिरने का डर लगा रहता है। मास्टर जी कम हैं, एक टीचर को 2-2 क्लास देखनी पड़ती है।" महिला रजिया खान बच्चियां शौचालय न होने से परेशान हैं। बरसात में कीचड़ और सांप-बिच्छू का डर रहता है। हम कहां भेजें बच्चों को?" दिमान सिंह आज अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई बच्चों के भविष्य को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए SDM *सुशीला मीणा* ने ज्ञापन लेकर कहा, "मामला गंभीर है। 3 दिन में शिक्षा विभाग और PWD की टीम भेजकर स्कूल का निरीक्षण कराऊंगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जो भी खामियां मिलेंगी, दूर कराई जाएंगी। यदि जरूरत हुई तो भवन के लिए प्रस्ताव ऊपर भेजा जाएगा। बच्चों को उसी जगह स्थापित कर अंबेडकर भवन में सुरक्षित भेजा जाएगा अभिभावकों ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे ताला बंदी और प्रदर्शन करेंगे। बच्चों की पढ़ाई और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘शिक्षा की बदहाली’ - सरकारी स्कूलों की हालत। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़।हो रहा है राजाखेड़ा वार्ड 9 के गोपीनाथ स्कूल की बदहाली को लेकर अभिभावक चिंतित, बच्चों के भविष्य को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन, जांच और सुधार की मांग जर्जर भवन, शिक्षक और संसाधनों की कमी; 200 से ज्यादा बच्चे प्रभावित, बच्चों को करीबन 2 किलोमीटर स्थानांतरण कर बेसिक स्कूल में बिठाने के कारण बच्चों के अभिभावक हुए परेशान छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने में हुई परेशानी राजाखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक गोपीनाथ स्कूल* की जर्जर स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष है। स्कूल की बदहाली और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दर्जनों अभिभावकों ने SDM सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन 50 साल पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है। फर्नीचर टूटा है और पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन को लेकर बच्चों का स्थानांतरण लगभग 2 किलोमीटर दूर किया गया जिससे बच्चों के परिजन और ज्यादा परेशान हो गए स्कूल में करीब 200 बच्चे कक्षा 1 से 12 तक पढ़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की आप बीती वार्ड 9 निवासी दिमान सिंह ने कहा बेटा-बेटी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। छत गिरने का डर लगा रहता है। मास्टर जी कम हैं, एक टीचर को 2-2 क्लास देखनी पड़ती है।" महिला रजिया खान बच्चियां शौचालय न होने से परेशान हैं। बरसात में कीचड़ और सांप-बिच्छू का डर रहता है। हम कहां भेजें बच्चों को?" दिमान सिंह आज अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई बच्चों के भविष्य को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए SDM *सुशीला मीणा* ने ज्ञापन लेकर कहा, "मामला गंभीर है। 3 दिन में शिक्षा विभाग और PWD की टीम भेजकर स्कूल का निरीक्षण कराऊंगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जो भी खामियां मिलेंगी, दूर कराई जाएंगी। यदि जरूरत हुई तो भवन के लिए प्रस्ताव ऊपर भेजा जाएगा। बच्चों को उसी जगह स्थापित कर अंबेडकर भवन में सुरक्षित भेजा जाएगा अभिभावकों ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे ताला बंदी और प्रदर्शन करेंगे। बच्चों की पढ़ाई और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘शिक्षा की बदहाली’ - सरकारी स्कूलों की हालत। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़।हो रहा है
- राजाखेड़ा वार्ड 9 के गोपीनाथ स्कूल की बदहाली को लेकर अभिभावक चिंतित, बच्चों के भविष्य को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन, जांच और सुधार की मांग जर्जर भवन, शिक्षक और संसाधनों की कमी; 200 से ज्यादा बच्चे प्रभावित, बच्चों को करीबन 2 किलोमीटर स्थानांतरण कर बेसिक स्कूल में बिठाने के कारण बच्चों के अभिभावक हुए परेशान छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने में हुई परेशानी राजाखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक गोपीनाथ स्कूल* की जर्जर स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष है। स्कूल की बदहाली और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दर्जनों अभिभावकों ने SDM सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन 50 साल पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है। फर्नीचर टूटा है और पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन को लेकर बच्चों का स्थानांतरण लगभग 2 किलोमीटर दूर किया गया जिससे बच्चों के परिजन और ज्यादा परेशान हो गए स्कूल में करीब 200 बच्चे कक्षा 1 से 12 तक पढ़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की आप बीती वार्ड 9 निवासी दिमान सिंह ने कहा बेटा-बेटी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। छत गिरने का डर लगा रहता है। मास्टर जी कम हैं, एक टीचर को 2-2 क्लास देखनी पड़ती है।" महिला रजिया खान बच्चियां शौचालय न होने से परेशान हैं। बरसात में कीचड़ और सांप-बिच्छू का डर रहता है। हम कहां भेजें बच्चों को?" दिमान सिंह आज अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई बच्चों के भविष्य को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए SDM *सुशीला मीणा* ने ज्ञापन लेकर कहा, "मामला गंभीर है। 3 दिन में शिक्षा विभाग और PWD की टीम भेजकर स्कूल का निरीक्षण कराऊंगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जो भी खामियां मिलेंगी, दूर कराई जाएंगी। यदि जरूरत हुई तो भवन के लिए प्रस्ताव ऊपर भेजा जाएगा। बच्चों को उसी जगह स्थापित कर अंबेडकर भवन में सुरक्षित भेजा जाएगा अभिभावकों ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे ताला बंदी और प्रदर्शन करेंगे। बच्चों की पढ़ाई और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘शिक्षा की बदहाली’ - सरकारी स्कूलों की हालत। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़।हो रहा है राजाखेड़ा वार्ड 9 के गोपीनाथ स्कूल की बदहाली को लेकर अभिभावक चिंतित, बच्चों के भविष्य को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन, जांच और सुधार की मांग जर्जर भवन, शिक्षक और संसाधनों की कमी; 200 से ज्यादा बच्चे प्रभावित, बच्चों को करीबन 2 किलोमीटर स्थानांतरण कर बेसिक स्कूल में बिठाने के कारण बच्चों के अभिभावक हुए परेशान छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने में हुई परेशानी राजाखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक गोपीनाथ स्कूल* की जर्जर स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष है। स्कूल की बदहाली और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दर्जनों अभिभावकों ने SDM सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन 50 साल पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है। फर्नीचर टूटा है और पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन को लेकर बच्चों का स्थानांतरण लगभग 2 किलोमीटर दूर किया गया जिससे बच्चों के परिजन और ज्यादा परेशान हो गए स्कूल में करीब 200 बच्चे कक्षा 1 से 12 तक पढ़ते हैं। अभिभावकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की आप बीती वार्ड 9 निवासी दिमान सिंह ने कहा बेटा-बेटी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। छत गिरने का डर लगा रहता है। मास्टर जी कम हैं, एक टीचर को 2-2 क्लास देखनी पड़ती है।" महिला रजिया खान बच्चियां शौचालय न होने से परेशान हैं। बरसात में कीचड़ और सांप-बिच्छू का डर रहता है। हम कहां भेजें बच्चों को?" दिमान सिंह आज अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई बच्चों के भविष्य को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए SDM *सुशीला मीणा* ने ज्ञापन लेकर कहा, "मामला गंभीर है। 3 दिन में शिक्षा विभाग और PWD की टीम भेजकर स्कूल का निरीक्षण कराऊंगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जो भी खामियां मिलेंगी, दूर कराई जाएंगी। यदि जरूरत हुई तो भवन के लिए प्रस्ताव ऊपर भेजा जाएगा। बच्चों को उसी जगह स्थापित कर अंबेडकर भवन में सुरक्षित भेजा जाएगा अभिभावकों ने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे ताला बंदी और प्रदर्शन करेंगे। बच्चों की पढ़ाई और जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘शिक्षा की बदहाली’ - सरकारी स्कूलों की हालत। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़।हो रहा है1
- ताज नगरी आगरा जिले के डौकी क्षेत्र के गांव कच्छपुरा में जल भराव से ग्रामीण परेशान समाजवादी पार्टी आगरा के जिला अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को कराया अवगत1
- एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा कर्मचारियों ने वेतन कटौती का लगाया आरोप, उपजिलाधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र फतेहाबाद 19 अगस्त। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 21 स्थित टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों ने वेतन कटौती और ड्यूटी को लेकर टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी फतेहाबाद को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में कर्मचारियों ने बताया कि टोल प्लाजा का संचालन कर रही कंपनी द्वारा कर्मचारियों से 12 घंटे की ड्यूटी कराई जा रही थी, जबकि उनके अनुसार 8 घंटे की ड्यूटी का प्रावधान है। कर्मचारियों का कहना है कि जून माह में अपनी मांगों को लेकर टोल प्रबंधन से बातचीत के बाद 8 घंटे की ड्यूटी बहाल कर दी गई थी। कर्मचारियों के मुताबिक, किसी प्रकार की वेतन कटौती के संबंध में उन्हें न तो मौखिक रूप से बताया गया और न ही कोई लिखित नोटिस दिया गया। इसके बावजूद जुलाई माह का वेतन अगस्त में देरी से आया और एक्सप्रेसवे के कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वेतन कटौती को लेकर कर्मचारी टोल प्लाजा के प्रोजेक्ट हेड और मैनेजर से बात करने पहुंचे तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि मांग उठाने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। कर्मचारियों ने उपजिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर उनकी काटी गई सेलरी दिलवाने तथा भविष्य में किसी प्रकार की वेतन कटौती न किए जाने के संबंध में कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।1
- आज फतेहाबाद में बहुत तेज बारिश गरज चमक के साथ बारिश हुई1
- उटंगन नदी में नहाते समय युवक डूबा, गोताखोरों ने की तलाश शव मिला फतेहाबाद। राजस्थान के धौलपुर निवासी करीब 35 वर्षीय रामभजन पुत्र रामप्रकाश मंगलवार शाम उटंगन नदी में नहाते समय गहरे पानी में डूब गया। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंचे गोताखोरों ने नदी में युवक की तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। रामभजन महात्मा नंद बगीची, पुराना शहर धौलपुर का निवासी था। वह सोमवार को अपनी बहन गीता की ससुराल मिलने आया था। मंगलवार शाम करीब पांच बजे वह अपने छोटे भांजे महताब सिंह के साथ उटंगन नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। यह देख महताब सिंह ने शोर मचाया।शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गोताखोरों को बुलाकर नदी में तलाश शुरू कराई। देर शाम तक गोताखोर नदी में युवक को तलाशते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस और ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। सुबह फिर तलाश अभियान चला शव मिला1
- सेना ने रोका रास्ता तो भड़की युवती, जवानों से करने लगी बहस सेना ने रोका रास्ता तो भड़की युवती, जवानों से करने लगी बहस जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कारणों के चलते सेना द्वारा रास्ता बंद किए जाने के बाद एक पर्यटक युवती का जवानों से बहस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में युवती सुरक्षाबलों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही रोकने का आरोप लगाती दिख रही है और खुद को ‘Gen Z’ बताती है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उसके व्यवहार को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। #JammuKashmir #IndianArmy #ViralVideo #GenZ1
- विधुत कंपनी की बड़ी व कड़ी कार्रवाई से बड़े बकायादारों में हड़कंप वरिष्ठ कार्यालय के आदेश पालन में घटते राजस्व संग्रहण के चलते कड़ी कार्रवाई सतत् जारी अंबाह। विधुत कंपनी ने लगातार गिर रहे राजस्व संग्रहण और बढ़ते लोड को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को शहर के परेड चौराहे पर बड़े बकायादारों के कनेक्शन विच्छेद की कार्यवाही की । जिसमें शांति देवी/ जय कुमार जैन लगभग 16लाख, ओमप्रकाश जैन चार लाख 18,365, रामजीलाल 1लाख 973, मुकेश कुमार जैन 69930, पुष्पा जैन 54191, वहीं शहर के पोरसा रोड पर वैजयंती वाटिका, सीएल शिवहरे मैरिज गार्डन,पूठ रोड़ भी दस बड़े बकायादारों के अस्थाई रूप से कनेक्शन विच्छेद की कार्यवाही की गई है वहीं विगत मंगलवार को भी कंपनी के द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए शहर के जयश्वर रोड़ पर लगभग 25 से 30 कनेक्शन काटे गए थे बिजली कंपनी ने स्पष्ट करते हुए कहा व उपभोक्ताओं से अपील है कि वह नियत तिथि से पूर्व अपनी बकाया राशि का भुगतान कर होने वाली असुविधा बचें। कार्रवाई के दौरान सहायक प्रबंधक महेश हिहोर व अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।4
- *आगरा ब्रेकिंग न्यूज़* 🚨 *थाना एकता क्षेत्र के खेड़ा पचगाई में सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप* आगरा: थाना एकता क्षेत्र के अंतर्गत खेड़ा पचगाई में आज सुबह एक घर में सिलेंडर फटने से अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक *उदयभान पुत्र राधेश्याम* के मकान में चाय बनाने के लिए गैस पर सिलेंडर रखा था। तभी अचानक सिलेंडर में आग लग गई और जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि *घर की सारी दीवारें और दरवाजे दूर जाकर गिर गए*। घटना के समय घर के अंदर मौजूद लोगों ने तुरंत भागकर अपनी जान बचाई। *राहत की बात: इस हादसे में किसी की जान नहीं गई है।* सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू किया। मामले की जांच की जा रही है1