राजस्थान के शिव में औद्योगिक विस्तार के कारण गौमाता के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। औद्योगीकरण की अंधी दौड़ ने जहाँ विकास के नए द्वार खोले हैं, वहीं बेजुबान जानवरों के लिए बड़ी समस्या पैदा कर दी है। शहर के बाहरी इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों (कंपनी एरिया) में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों के चलते गायों के लिए खाली जमीन और चारागाह पूरी तरह खत्म हो गए हैं। कंपनियों के विस्तार और उनके चारों ओर बाउंड्री वॉल खड़ी होने से पारंपरिक चारागाह और शामलात जमीनें लुप्त हो गई हैं, जिससे गायों के पास चरने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा। पेट भरने की तलाश में गायें अब सड़कों और हाईवे की ओर रुख कर रही हैं, जिससे न केवल उनके लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी यह जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले जहाँ खुले मैदान थे, वहाँ अब फैक्ट्रियां खड़ी हैं, और कंपनियां अपनी जमीन घेर रही हैं, लेकिन इन पशुओं के संरक्षण के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जो प्रशासनिक अनदेखी को दर्शाता है। भूख की वजह से गायें अब कूड़ा और प्लास्टिक खाने पर मजबूर हैं।
राजस्थान के शिव में औद्योगिक विस्तार के कारण गौमाता के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। औद्योगीकरण की अंधी दौड़ ने जहाँ विकास के नए द्वार खोले हैं, वहीं बेजुबान जानवरों के लिए बड़ी समस्या पैदा कर दी है। शहर के बाहरी इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों (कंपनी एरिया) में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों के चलते गायों के लिए खाली जमीन और चारागाह पूरी तरह खत्म हो गए हैं। कंपनियों के विस्तार और उनके चारों ओर बाउंड्री वॉल खड़ी होने से पारंपरिक चारागाह और शामलात जमीनें लुप्त हो गई हैं, जिससे गायों के पास चरने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा। पेट भरने की तलाश में गायें अब सड़कों और हाईवे की ओर रुख कर रही हैं, जिससे न केवल उनके लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी यह जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले जहाँ खुले मैदान थे, वहाँ अब फैक्ट्रियां खड़ी हैं, और कंपनियां अपनी जमीन घेर रही हैं, लेकिन इन पशुओं के संरक्षण के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जो प्रशासनिक अनदेखी को दर्शाता है। भूख की वजह से गायें अब कूड़ा और प्लास्टिक खाने पर मजबूर हैं।
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने गिरल कोयला खदान के उन मज़दूरों के साथ मिलकर एक सद्बुद्धि यज्ञ किया, जो बीते डेढ़ महीने से अपनी जायज़ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। यह यज्ञ विशेष रूप से प्रदेश की सरकार को सद्बुद्धि प्राप्त होने की कामना के साथ आयोजित किया गया।1
- सिंगर शेयर खान डांगरी ने राजस्थान में एक अनोखी प्रस्तुति दी है। उन्होंने शादी के सूट में गीत गाए, जिसे राजस्थान में पहली बार इस अंदाज में देखा गया।1
- सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।1
- एक जल पंप में पिछले दो दिनों से लीकेज की समस्या बनी हुई है।1
- जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के रातडिया गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात धूल भरी आंधी का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस तेज आंधी के गुबार ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पेड़-पौधों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। आंधी के चलते सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन सभी प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।2
- स्वर्णनगरी जैसलमेर ने रविवार को एक हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मेहमान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप और उनके पति माइकल बोलस की निजी यात्रा की मेजबानी की। वे दिल्ली से एक विशेष विमान से जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट पहुंचे, जहाँ उनके स्वागत और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच उनका काफिला एयरपोर्ट से सम रोड स्थित सूर्यगढ़ जैसलमेर के लिए रवाना हुआ, जहाँ उनके ठहरने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। अपने जैसलमेर प्रवास के दौरान टिफनी ट्रंप शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे सोनार किला, पटवों की हवेली और गड़ीसर सरोवर का भ्रमण करेंगी। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए, जिला प्रशासन, पुलिस, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, और सिविल एयरपोर्ट से लेकर होटल तथा पर्यटन स्थलों तक कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उनके आगमन से स्थानीय पर्यटन एवं होटल उद्योग में उत्साह का माहौल है, और इस दौरे को जैसलमेर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। टिफनी ट्रंप सोमवार को जैसलमेर से रवाना होंगी।1
- बालोतरा में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर एक नगर परिक्रमा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के निवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस नगर परिक्रमा की शुरुआत के साथ ही लोगों में खासा जोश और भागीदारी देखने को मिली।1
- राजस्थान के फायर ब्रांड नेता रविंद्र सिंह भाटी ने शिव में प्रदेश की सरकार को अनुष्ठान के माध्यम से जगाने का प्रयास किया है।1