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सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।
Bathnaha Page
सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।
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- कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।1
- जालौर की न्यू रामदेव कॉलोनी में रात के समय रोड लाइटें बंद पाई गईं। यह अभी का नजारा है, जहाँ रात के अंधेरे में लाइटें गुल हैं।1
- जैसलमेर के पोकरण-रामदेवरा सड़क मार्ग पर करीब 300 गोवंश के अवशेष मिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आमजन और गोभक्तों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गोभक्त प्रदीप सेन ने दावा किया कि उन्होंने 28 मई को खुद अपने मोबाइल फोन से इन अवशेषों का वीडियो बनाया था। उनके अनुसार, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में मौके पर पड़े गोवंश के शवों को दफनाने की कार्रवाई की गई। प्रदीप सेन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पास स्थित एक गौशाला के संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि गोवंश की मौत के वास्तविक कारणों और शवों को खुले में पड़े रहने देने के पीछे की वजहों का पता चल सके। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों और गोभक्तों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।1
- जालौर शहर सहित पूरे जिले में शुक्रवार रात से तेज हवाएँ चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इन हवाओं ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है। गौरतलब है कि शुक्रवार की रात्रि को शहर में हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। शनिवार की सुबह से भी तेज हवाओं का दौर लगातार जारी है, जिसने गर्मी के प्रभाव को कम कर लोगों को और अधिक राहत पहुँचाई है।1
- तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।1
- सिरोही जिले के गोयली गाँव में, कुत्तों के हमले से घायल हुए एक बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। टीम को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, सिरोही रेस्क्यू टीम और निरमा फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने मिलकर घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया।1
- राजसमंद जिले के सालमपुरा गांव के युवा युवराज सिंह राठौड़ ने अपने पहले ही प्रयास में अग्निवीर भर्ती में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिम्मत सिंह राठौड़ के सुपुत्र युवराज सिंह के चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। युवराज सिंह ने यह सफलता अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर हासिल की है। यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सालमपुरा गांव के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई युवा सरकारी सेवा में चयनित होकर देश सेवा के लिए जा रहा है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर ग्रामवासियों और युवाओं ने एकजुट होकर युवराज सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाई गई और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएँ दी गईं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पूरा सालमपुरा गांव युवराज सिंह के उज्ज्वल भविष्य और देश सेवा में उनकी सफलता के लिए कामना कर रहा है।1
- सरहदी क्षेत्र में मानवता और वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक परिवार ने जंगली कुत्तों से बचाई गई हिरणी के बच्चे को लगभग नौ महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा। यह घटना नाचना गाँव से करीब 30 किलोमीटर दूर सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी में खेतसिंह चौहान के परिवार के साथ हुई। जानकारी के अनुसार, परिवार को अपने खेतों के पास से किसी वन्यजीव के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि जंगली कुत्तों ने एक हिरणी के बच्चे पर हमला कर रखा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और घायल तथा असहाय हिरणी के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद, चौहान परिवार ने हिरणी के बच्चे को अपने घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की, उसे अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया और करीब 8-9 महीने तक उसका पालन-पोषण किया, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। हिरणी के स्वस्थ होने पर परिवार ने इसकी सूचना जीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया को दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र पुनिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे और हिरणी का रेस्क्यू कर उसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने चौहान परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार की इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा की और इसे वन्यजीव प्रेम एवं मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। परिवार को हिरणी के बच्चे को वन विभाग को सौंपते हुए भावुकता के कारण रोना आ गया।1
- स्थानीय निवासियों ने रात के समय का एक नजारा साझा किया है, जिसमें सड़क लाइटों की अजीब स्थिति दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार, दिन के समय ये लाइटें चालू रहती हैं, जबकि रात होते ही ये बंद कर दी जाती हैं, जिससे अंधेरा छा जाता है।1