राजसमंद जिले के सालमपुरा गांव के युवा युवराज सिंह राठौड़ ने अपने पहले ही प्रयास में अग्निवीर भर्ती में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिम्मत सिंह राठौड़ के सुपुत्र युवराज सिंह के चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। युवराज सिंह ने यह सफलता अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर हासिल की है। यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सालमपुरा गांव के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई युवा सरकारी सेवा में चयनित होकर देश सेवा के लिए जा रहा है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर ग्रामवासियों और युवाओं ने एकजुट होकर युवराज सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाई गई और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएँ दी गईं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पूरा सालमपुरा गांव युवराज सिंह के उज्ज्वल भविष्य और देश सेवा में उनकी सफलता के लिए कामना कर रहा है।
राजसमंद जिले के सालमपुरा गांव के युवा युवराज सिंह राठौड़ ने अपने पहले ही प्रयास में अग्निवीर भर्ती में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिम्मत सिंह राठौड़ के सुपुत्र युवराज सिंह के चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। युवराज सिंह ने यह सफलता अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर हासिल की है। यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सालमपुरा गांव के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई युवा सरकारी सेवा में चयनित होकर देश सेवा के लिए जा रहा है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर ग्रामवासियों और युवाओं ने एकजुट होकर युवराज सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाई गई और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएँ दी गईं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पूरा सालमपुरा गांव युवराज सिंह के उज्ज्वल भविष्य और देश सेवा में उनकी सफलता के लिए कामना कर रहा है।
- स्थानीय निवासियों ने रात के समय का एक नजारा साझा किया है, जिसमें सड़क लाइटों की अजीब स्थिति दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार, दिन के समय ये लाइटें चालू रहती हैं, जबकि रात होते ही ये बंद कर दी जाती हैं, जिससे अंधेरा छा जाता है।1
- जालौर शहर सहित पूरे जिले में शुक्रवार रात से तेज हवाएँ चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इन हवाओं ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है। गौरतलब है कि शुक्रवार की रात्रि को शहर में हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। शनिवार की सुबह से भी तेज हवाओं का दौर लगातार जारी है, जिसने गर्मी के प्रभाव को कम कर लोगों को और अधिक राहत पहुँचाई है।1
- भीनमाल में श्री सावलाजी सेवा संस्थान घांची समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को स्थानीय घांची समाज न्याति नोहरा में आयोजित की गई। संस्थान अध्यक्ष बाबूलाल चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और संगठनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। संस्थान के सचिव दिनेशकुमार भाटी ने बताया कि बैठक में समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक सम्मान समारोह आयोजित करने पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक करियर गाइड शिविर आयोजित करने की योजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न करियर विकल्पों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिस पर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी। इस बैठक में राजमल चौहान, चुन्नीलाल चौहान, माधवाराम सोलंकी, मोहनलाल भाटी, भंवरलाल चौहान, मेघाराम चौहान, पारसमल चौहान, भीखाराम भाटी, दिनेश चौहान, कलाराम चौहान, मसराराम राठौड़, चतराराम चौहान, डायालाल चौहान, हीरालाल चौहान, थानाराम चौहान, कालुराम परमार, चंपालाल राठौड़, दलपत भाटी, कालुराम बोराणा, जुगराज चौहान, नारायण चौहान, घेवाराम मोदी, गणाराम राठौड़, बाबूलाल भाटी सहित बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लिया और समाज के विकास व एकजुटता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रतिभा सम्मान समारोह, करियर गाइड शिविर और समाजहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए 28 जून को समाज की सामान्य सभा (जनरल बैठक) आयोजित की जाएगी। इस सभा में समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है।1
- जैसलमेर के पोकरण-रामदेवरा सड़क मार्ग पर करीब 300 गोवंश के अवशेष मिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आमजन और गोभक्तों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गोभक्त प्रदीप सेन ने दावा किया कि उन्होंने 28 मई को खुद अपने मोबाइल फोन से इन अवशेषों का वीडियो बनाया था। उनके अनुसार, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में मौके पर पड़े गोवंश के शवों को दफनाने की कार्रवाई की गई। प्रदीप सेन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पास स्थित एक गौशाला के संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि गोवंश की मौत के वास्तविक कारणों और शवों को खुले में पड़े रहने देने के पीछे की वजहों का पता चल सके। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों और गोभक्तों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।1
- तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।1
- नेवर के अंदर तेज़ी से तूफान और बारिश का अनुभव किया गया है, जिसकी तीव्रता को 'कलयुग के जैसी आंधी' के समान बताया जा रहा है।1
- राजसमंद जिले के सालमपुरा गांव के युवा युवराज सिंह राठौड़ ने अपने पहले ही प्रयास में अग्निवीर भर्ती में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिम्मत सिंह राठौड़ के सुपुत्र युवराज सिंह के चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। युवराज सिंह ने यह सफलता अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर हासिल की है। यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सालमपुरा गांव के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई युवा सरकारी सेवा में चयनित होकर देश सेवा के लिए जा रहा है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर ग्रामवासियों और युवाओं ने एकजुट होकर युवराज सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाई गई और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएँ दी गईं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पूरा सालमपुरा गांव युवराज सिंह के उज्ज्वल भविष्य और देश सेवा में उनकी सफलता के लिए कामना कर रहा है।1
- हमारी गली में पिछले कई दिनों से यह अजीब स्थिति बनी हुई है कि रात के समय स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं, जबकि दिन में वे चालू रहती हैं।1
- सरहदी क्षेत्र में मानवता और वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक परिवार ने जंगली कुत्तों से बचाई गई हिरणी के बच्चे को लगभग नौ महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा। यह घटना नाचना गाँव से करीब 30 किलोमीटर दूर सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी में खेतसिंह चौहान के परिवार के साथ हुई। जानकारी के अनुसार, परिवार को अपने खेतों के पास से किसी वन्यजीव के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि जंगली कुत्तों ने एक हिरणी के बच्चे पर हमला कर रखा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और घायल तथा असहाय हिरणी के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद, चौहान परिवार ने हिरणी के बच्चे को अपने घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की, उसे अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया और करीब 8-9 महीने तक उसका पालन-पोषण किया, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। हिरणी के स्वस्थ होने पर परिवार ने इसकी सूचना जीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया को दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र पुनिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे और हिरणी का रेस्क्यू कर उसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने चौहान परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार की इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा की और इसे वन्यजीव प्रेम एवं मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। परिवार को हिरणी के बच्चे को वन विभाग को सौंपते हुए भावुकता के कारण रोना आ गया।1