सरहदी क्षेत्र में मानवता और वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक परिवार ने जंगली कुत्तों से बचाई गई हिरणी के बच्चे को लगभग नौ महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा। यह घटना नाचना गाँव से करीब 30 किलोमीटर दूर सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी में खेतसिंह चौहान के परिवार के साथ हुई। जानकारी के अनुसार, परिवार को अपने खेतों के पास से किसी वन्यजीव के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि जंगली कुत्तों ने एक हिरणी के बच्चे पर हमला कर रखा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और घायल तथा असहाय हिरणी के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद, चौहान परिवार ने हिरणी के बच्चे को अपने घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की, उसे अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया और करीब 8-9 महीने तक उसका पालन-पोषण किया, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। हिरणी के स्वस्थ होने पर परिवार ने इसकी सूचना जीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया को दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र पुनिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे और हिरणी का रेस्क्यू कर उसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने चौहान परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार की इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा की और इसे वन्यजीव प्रेम एवं मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। परिवार को हिरणी के बच्चे को वन विभाग को सौंपते हुए भावुकता के कारण रोना आ गया।
सरहदी क्षेत्र में मानवता और वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक परिवार ने जंगली कुत्तों से बचाई गई हिरणी के बच्चे को लगभग नौ महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा। यह घटना नाचना गाँव से करीब 30 किलोमीटर दूर सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी में खेतसिंह चौहान के परिवार के साथ हुई। जानकारी के अनुसार, परिवार को अपने खेतों के पास से किसी वन्यजीव के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि जंगली कुत्तों ने एक हिरणी के बच्चे पर हमला कर रखा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और घायल तथा असहाय हिरणी के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद, चौहान परिवार ने हिरणी के बच्चे को अपने घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की, उसे अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया और करीब 8-9 महीने तक उसका पालन-पोषण किया, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। हिरणी के स्वस्थ होने पर परिवार ने इसकी सूचना जीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया को दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र पुनिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे और हिरणी का रेस्क्यू कर उसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने चौहान परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार की इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा की और इसे वन्यजीव प्रेम एवं मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। परिवार को हिरणी के बच्चे को वन विभाग को सौंपते हुए भावुकता के कारण रोना आ गया।
- कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।1
- गजनेर थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए विभिन्न मामलों में जब्त की गई देशी और अंग्रेजी शराब को नष्ट किया। यह विशेष कार्रवाई पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर द्वारा चलाए जा रहे एक अभियान के तहत की गई है। न्यायालय के आदेशानुसार, गजनेर थाना परिसर में कुल 14 प्रकरणों में जब्त अवैध शराब को जेसीबी की सहायता से जमीन में दबाकर निस्तारित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। यह अभियान पुलिस अधीक्षक बीकानेर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और वृताधिकारी कोलायत के मार्गदर्शन में चलाया गया था। थाना अधिकारी ओमप्रकाश सुधार के नेतृत्व में गठित टीम ने मालखाने में रखी अवैध शराब के निस्तारण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान बताया कि जिले में मादक पदार्थों और अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गजनेर थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। कार्रवाई के दौरान पुलिस जवानों ने मौके पर रहकर पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा कराया, और इस पुलिस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- राजस्थान के बीकानेर जिले में धूलभरी आंधी ने अचानक दस्तक दी है। इस आंधी के कारण दिन के समय ही पूरे इलाके में रात जैसा माहौल बन गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।1
- एक भक्तिपूर्ण संदेश में भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्णा, मां लक्ष्मी, श्री जीवण मां और मां जसोल भटियाणी जी का जयकारा किया गया है। इस संदेश के माध्यम से सभी के लिए मंगल, शुभ दिन, अच्छे फल प्राप्त होने और सद्बुद्धि मिलने के लिए आशीर्वाद की प्रार्थना की गई है।1
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- राजसमंद जिले के सालमपुरा गांव के युवा युवराज सिंह राठौड़ ने अपने पहले ही प्रयास में अग्निवीर भर्ती में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिम्मत सिंह राठौड़ के सुपुत्र युवराज सिंह के चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। युवराज सिंह ने यह सफलता अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर हासिल की है। यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सालमपुरा गांव के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई युवा सरकारी सेवा में चयनित होकर देश सेवा के लिए जा रहा है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर ग्रामवासियों और युवाओं ने एकजुट होकर युवराज सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाई गई और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएँ दी गईं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पूरा सालमपुरा गांव युवराज सिंह के उज्ज्वल भविष्य और देश सेवा में उनकी सफलता के लिए कामना कर रहा है।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक बवंडर ने अपना विकराल रूप दिखाया। यह बवंडर सुबह 9.15 बजे के आसपास 80 से 100 की रफ्तार से आया, जिससे क्षेत्र में इसका प्रभाव देखने को मिला।1
- राजस्थान के चूरू जिले में एक तेज़ बवंडर तूफान देखा गया। इस दौरान हवा और आंधी की गति 80 से 100 तक रही।1