सोमवार को पटना सिटी अनुमंडल कार्यालय में फतुहा उपप्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में फतुहा के अलावलपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य डॉ रवींद्र कुमार सिंह ने विजय हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मसाढ़ी पंचायत की पंचायत समिति सदस्या नीता देवी को 11 के मुकाबले 05 मतों से पराजित किया। कुल 18 पंचायत समिति सदस्य वाले सदन में डॉ रवींद्र कुमार सिंह को ग्यारह वोट मिले, जबकि नीता देवी को पांच मत प्राप्त हुए। उपप्रमुख पद पर विजयी होने के बाद डॉ रवींद्र कुमार सिंह को एसडीएम सत्यम सहाय ने जीत का प्रमाणपत्र प्रदान किया। फतुहा प्रखंड में दोपहर को डॉ रवींद्र कुमार सिंह के पहुंचते ही उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री, रेखा देवी, आनंद मधुकर, पप्पू कुमार, लालाराय, संतोष कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। डॉ रवींद्र कुमार सिंह के फतुहा प्रखंड के उपप्रमुख बनने पर लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
सोमवार को पटना सिटी अनुमंडल कार्यालय में फतुहा उपप्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में फतुहा के अलावलपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य डॉ रवींद्र कुमार सिंह ने विजय हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मसाढ़ी पंचायत की पंचायत
समिति सदस्या नीता देवी को 11 के मुकाबले 05 मतों से पराजित किया। कुल 18 पंचायत समिति सदस्य वाले सदन में डॉ रवींद्र कुमार सिंह को ग्यारह वोट मिले, जबकि नीता देवी को पांच मत प्राप्त हुए। उपप्रमुख पद
पर विजयी होने के बाद डॉ रवींद्र कुमार सिंह को एसडीएम सत्यम सहाय ने जीत का प्रमाणपत्र प्रदान किया। फतुहा प्रखंड में दोपहर को डॉ रवींद्र कुमार सिंह के पहुंचते ही उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर
पर प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री, रेखा देवी, आनंद मधुकर, पप्पू कुमार, लालाराय, संतोष कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। डॉ रवींद्र कुमार सिंह के फतुहा प्रखंड के उपप्रमुख बनने पर लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
- जगदेव के अनुसार, जो व्यक्ति अपने माता-पिता को छोड़कर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं, वे ही 'असली ढोंगी' हैं। इस विचार को विस्तार से जानने के लिए 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखें।1
- एक वीडियो सामने आया है जिसमें राष्ट्रीय गान की धुन पर एक पाकिस्तानी व्यक्ति को झूमते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो पूरा घटनाक्रम दर्शाता है।1
- 15 जून 2026 को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार की प्रदेश टीम, अपने प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में, लोक भवन में बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त, पीवीएसएम, एवीएसएम, यूवाईएसएम, एसएम, वीएसएम) से मिली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार के पूर्व सैनिकों की विभिन्न मांगों को राज्यपाल महोदय के समक्ष प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार के सदस्य, पूर्व सैनिक शैलेश कुमार धीरज भी उपस्थित थे।1
- पटना से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए अपने परीक्षा केंद्रों की ओर रवाना हो रहे हैं। फिलहाल दोनों ट्रेनों में स्थिति सामान्य बनी हुई है और कहीं भी ज्यादा भीड़ या धक्का-मुक्की जैसी कोई स्थिति देखने को नहीं मिल रही है।1
- फतुहा प्रखंड की डुमरी पंचायत में मंगलवार, 16 जून को बिहार सरकार द्वारा मध्य विद्यालय डुमरी परिसर में एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं और आवेदनों का निपटारा करना था। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और कार्य लेकर शिविर में पहुंचे, जहाँ संबंधित अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर, विशु्त्री फतवा के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पंचायत क्षेत्र के लोगों के कार्यों के निष्पादन में सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने बताया कि वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। श्री शर्मा ने शिविर में ग्राम खोखूना और नारायण के बीच स्थित पुनपुन नदी के तटबंध की मरम्मत के लिए अधिकारियों को एक आवेदन भी सौंपा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तटबंध की स्थिति चिंताजनक है और जनहित व क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इसकी शीघ्र मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने इस 'सहयोग शिविर' के आयोजन की सराहना की और इसे जनता तथा प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बताया।1
- फतुहा में डॉ. रवींद्र कुमार सिंह को नया उप प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनके इस पद पर आने से फतुहा में उनका 'जलवा' कायम हो गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना के चंदासी (गौरीचक) गांव में अर्धनारीश्वर महादेव की एक भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। यह प्रतिमा बिहार और भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं में से एक मानी जा रही है, जिसकी मुख्य ऊंचाई लगभग 108 फीट है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर के आधार (pedestal) सहित इसकी कुल ऊंचाई लगभग 143 से 145 फीट तक पहुंचती है। यह प्रतिमा भगवान शिव और माता पार्वती के एकीकृत स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें आधा भाग पुरुष और आधा स्त्री ऊर्जा का प्रतीक है। मुख्य प्रतिमा के साथ भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं, जो पूरे शिव परिवार को प्रदर्शित करती हैं। इस भव्य स्थापना के उपलक्ष्य में, 16 जून से 26 जून के बीच एक विशाल महायज्ञ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें 1008 हवन कुंडों और 1008 ब्राह्मणों द्वारा पूजा संपन्न की जाएगी। 16 जून 2026, मंगलवार को कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद महायज्ञ का शुभारंभ कर दिया गया है। भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं का आज स्थापन शुरू हो गया है।1
- दनियावां पथ पर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई है, जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया। इस घटना के साथ, दनियावां पथ अब ‘मौत का रास्ता’ बन गया है।1