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बिहार के मधेपुरा में मोहर्रम के अवसर पर आस्था, अनुशासन और पारंपरिक कला का एक अनूठा संगम देखने को मिला। मधेपुरा के विभिन्न इलाकों से निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक लाठी-डंडे के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-ताशों की धुन और "या हुसैन" की सदाओं के बीच युवाओं ने अपनी पारंपरिक युद्धक कला का जोशपूर्ण प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रही, जिसके फलस्वरूप यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
RAMAN KUMAR
बिहार के मधेपुरा में मोहर्रम के अवसर पर आस्था, अनुशासन और पारंपरिक कला का एक अनूठा संगम देखने को मिला। मधेपुरा के विभिन्न इलाकों से निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक लाठी-डंडे के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-ताशों की धुन और "या हुसैन" की सदाओं के बीच युवाओं ने अपनी पारंपरिक युद्धक कला का जोशपूर्ण प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रही, जिसके फलस्वरूप यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय युवक रामकृष्ण कुमार उर्फ बिट्टू की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत चामगढ़ और गम्हरिया के बीच तब हुआ, जब एक अपाचे और एक स्प्लेंडर बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। मृतक रामकृष्ण कुमार पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत छर्रापट्टी निवासी चंदकिशोर यादव के पुत्र थे और मुरलीगंज थाना क्षेत्र के पोखराम गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर आए हुए थे। शनिवार शाम को वह किसी निजी कार्य से चामगढ़ चौक की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रही स्प्लेंडर बाइक से उनकी अपाचे बाइक की सीधी टक्कर हो गई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अपाचे बाइक सवार रामकृष्ण कुमार के सिर में गंभीर चोट लगी और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद उनके साथ मौजूद लोग उन्हें चामगढ़ चौक स्थित एक दवा दुकान तक ले गए, लेकिन वहां छोड़कर फरार हो गए। वहीं, दूसरी स्प्लेंडर बाइक का चालक भी हादसे के तुरंत बाद मौके से भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर जुट गए और पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलने पर प्रशिक्षु डीएसपी सह मुरलीगंज थानाध्यक्ष नूरुल हक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, मधेपुरा भेज दिया। हादसे की खबर जैसे ही मृतक के परिजनों तक पहुंची, परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए सड़क पर सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष नूरुल हक ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और दुर्घटना के बाद फरार हुए स्प्लेंडर चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों से साक्ष्य जुटा रही है तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह आमने-सामने की टक्कर का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल फरार चालक की तलाश जारी है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, और पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।4
- मधेपुरा जिले के शंकरपुर गाँव से मिली जानकारी के अनुसार, जल संसाधनों को ही गाँव के विकास का मुख्य आधार बताया गया है। पोस्ट में सीधे तौर पर कहा गया है कि जल संसाधन ही गाँव का विकास है।1
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कांप बाजार जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग बारिश के बाद कई जगहों पर जलमग्न हो गई है। इसके कारण दो पहिया वाहन चालकों के साथ-साथ ई-रिक्शा, ऑटो चालक और पैदल चलने वाले राहगीरों को भी आवागमन में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि बिहार सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार बार-बार यह दावा करती है कि बिहार की सभी मुख्य सड़कों को चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सड़क मार्ग में न तो खास गुणवत्ता देखी जा रही है और न ही जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क मार्ग कई जगहों पर खंडहर में तब्दील हो गया है, जिसका सीधा परिणाम यह होता है कि बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाता है। यह समस्या मुख्य रूप से निर्माण कार्य के दौरान संवेदकों द्वारा गुणवत्ता पर ध्यान न दिए जाने के कारण उत्पन्न होती है, जिससे लोगों की आवागमन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।1
- सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर ताजिया मेलों का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ताजिया देखने और जुलूस में शामिल होने के लिए पहुँचे, जहाँ आपसी भाईचारे और सौहार्द का एक सुखद माहौल देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया। प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखी गई थी।2
- Post by User47234
- एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने जानकारी दी है कि वे सुपौल पहुँच गए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के माध्यम से त्रिवेणीगंज से जुड़े लोगों से टिप्पणी करके अपनी उपस्थिति बताने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उपयोगकर्ता ने अपने दोस्तों से वीडियो बनाने का भी अनुरोध किया है।1
- कुमारखंड प्रखंड क्षेत्रों में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देशभक्ति जज्बे और शांतिपूर्ण वातावरण में दसवीं तारीख को मुहर्रम पर्व मनाया। इस्लाम धर्म के अनुसार इसे साल का पहला महीना माना जाता है, जिसमें इस्लाम धर्म के गुरु पैगंबर मोहम्मद साहब के नाती ने इस्लाम धर्म के लिए अपना बलिदान (कुर्बानी) दिया था। तब से सभी मुस्लिम समुदाय के लोग गम के साथ इस पर्व को मनाते हैं। इस दौरान नौवीं और दसवीं तारीख को घरों में कुरआन की तिलावत करने के साथ ही समुदाय के लोगों ने रोज़े भी रखे। प्रखंड के विभिन्न गांवों जैसे टिकुलिया, बिशनपुर बाजार, भतनी, चैनपुर, यदुआपट्टी, पुरैनी, पोखरिया टोला, घौडदोल, मंगलवाडा के रहटा टोला एवं रहमतगंज तथा ललकुड़िया, इसराइन कला के जोराबगंज, रहटा, लक्ष्मीपुर चंडीस्थान, बेलारी, रौता, सिहपुर गढिया सहित कई अन्य गांवों में ताजिया के साथ जुलूस निकाले गए। टिकुलिया में निकाले गए जुलूस में युवाओं के हाथों में तिरंगा झंडा था और 'नारे-ए-तकबीर', 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'या अली' और 'या हुसैन' के नारों तथा ढोल नगाड़े की धुन से पूरा वातावरण गूंज उठा। विभिन्न जगहों पर जुलूस निकालने के बाद, अदब व एहतराम के साथ अखाड़ा पहुंच कर सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बाना, फरसा, भाला, तलवार जैसे अस्त्र-शस्त्रों से लैस होकर अपने-अपने करतबों का शानदार नमूना पेश किया। इस दौरान विभिन्न खेल मैदान, अखाड़ा, सिपरा और ताजिया आकर्षण का केंद्र बने रहे। विभिन्न गांवों के सैकड़ों जंगी ढोल, नगाड़े एवं तिरंगा के साथ जुलूस में शामिल हुए। बिशनपुर बाजार स्थित करबला के मैदान और टिकुलिया ईदगाह टोला में लोगों ने मेले का भी खूब आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद नज़र आया। बीडीओ प्रियदर्शी राजेश पायरट, बीसीओ संजीव मित्रा, कुमारखंड थानाध्यक्ष रंजन कुमार, श्रीनगर थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार, बेलारी थानाध्यक्ष स्नेहा कुमारी, भतनी थानाध्यक्ष राजीव कुमार, एसआई नागेंद्र कुमार, एसआई रविकांत सिंह, एसआई विकास कुमार, अतुल कुमार, एसआई मधु कुमारी सहित सभी प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी पुलिस फोर्स के साथ जगह-जगह पूरी तरह से मुस्तैद नज़र आ रहे थे। इस दौरान आयोजित मेलों में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बूढ़े एवं बच्चे मौजूद थे। मुहर्रम का यह पर्व देशभक्ति जज्बे के साथ पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया।4
- बिहार के मधेपुरा में मोहर्रम के अवसर पर आस्था, अनुशासन और पारंपरिक कला का एक अनूठा संगम देखने को मिला। मधेपुरा के विभिन्न इलाकों से निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक लाठी-डंडे के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-ताशों की धुन और "या हुसैन" की सदाओं के बीच युवाओं ने अपनी पारंपरिक युद्धक कला का जोशपूर्ण प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रही, जिसके फलस्वरूप यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1