प्री पेड़ स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ, ईवीएम मनुवादी मनुस्मृति लोगों की जेब पर खुल्लम-खुल्ला डाका डालना बंद करो -गादरे *प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर एक छलावा लोगों के घरों में जेबों पर पड़ रहा है डाका -गादरे* (*प्री पेड़ स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों की जेबों पर डाका डालना बंद करो बंद करो -गादरे*) मेरठ -=प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों के घरों पर लोगों की जेब में डाका डालना बंद करो बंद करो बंद करो। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व प्रत्याशी मेरठ दक्षिण राजुद्दीन गादरे ने प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर हटाने और बंद करने के लिए मोर्चा खोला। मिस्टर गादरे ने कहा कि जैसे ईवीएम से वोटर की घोटाला कर वोटो को बटोरा जाता है और लोगों को गुमराह करके मनुवाद कायम करने का षड्यंत्र चल रहा है। ऐसे ही प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर का रवैया हो रहा है लोगों की जेबों पर अकाउंट में घरों में खुलेआम डाका डाला जा रहा है। एक तो महंगाई की मार एक बेरोजगारी की मार एक अत्याचार दूसरे जबरदस्त भ्रष्टाचार चारों ओर जंगल राज कायम कर लोकतंत्र खत्म करके साम्राज्यवाद सामंतवादी व्यवस्था कायम करने पर कुछ षड्यंत्रकारी लगे हुए हैं। कुछ षड्यंत्रकारी भारतीय संविधान की कसम खाकर भारतीय संविधान को खत्म करने का षड्यंत्र रास्ते रहते हैं। इंडिया दैट इज भारत सभी लोगों की विचारधारा पंथ निरपेक्ष समता समानता न्याय बंधुता और स्वतंत्रता पर आधारित शैक्षणिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भारत को आगे बढ़ने का उद्देश्य से स्थापित किया गया लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी लगातार जब से देश आजाद हुआ उस वक्त भी संविधान की प्रतियां जलाई थी और उन लोगों ने अपने कार्यालय पर भी भारतीय ध्वजारोहण नहीं किया लेकिन वही राष्ट्रवाद का चोला पहनकर सभी मूल निवासियों पर काबिज हैं। विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका और मीडिया चारों स्तंभों पर 80%, 2% के लोगों ने कब्जा कर लिया है। इन लोगों से आजादी के लिए बहुजनों की मुक्ति के लिए बहुजन मुक्ति पार्टी वचनबद्ध है। अपने देश की अपने मूल निवासियों की आजादी के लिए काम कर रही है। मनुवादी प्रीपेड स्मार्ट मीटर गरीब मजदूर किसान ही नहीं व्यापारी के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। हक हलाल की कमाई खून पसीने की कमाई को ये लोग पल भर में खत्म कर देते हैं। चाहे आपने हमने बिजली भी इस्तेमाल की हो या ना की हो पूरे दिन मजदूरी करने पर भी मजदूर को मजदूरी नहीं मिलती है, लेकिन प्रीपेड मीटर से पहले अपने अकाउंट में पैसा डालना पड़ता है, तब जाकर के उसे इस्तेमाल करेंगे और उसे पैसे को वह लोग अपनी मनमर्जी से पल भर में खत्म कर देते हैं। कोई सबूत नहीं रहता है। और कह रहे हैं यह तो आपका उसे हुआ है ऐसा उसे नहीं हुआ है हर घरों में ऐसा ढाका डाल रहा है। तख्त बदल दो ताज बदल दो बेईमानों का राज बदल दो। रोजी-रोटी देना सके जो वह सरकार निकम्मी है जो सरकार निकम्मी है उसको तुरंत बदलना है। जनता को एकजुट होकर के अपने सामाजिक न्याय के लिए हक अधिकार के लिए आने वाले 2027 में बहुजन मुक्ति पार्टी को चुनना होगा जिससे 300 यूनिट तक सभी करीब मजदूर किसान को इसका लाभ मिल सके जो हक के अधिकारी हैं उनका हक नहीं मिल रहा है। आओ सब मिलकर इस गुंडाराज को बदमाशी को खत्म करने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा यदि इस ओर कदम नहीं उठाया गया तो इसपर जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा।
प्री पेड़ स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ, ईवीएम मनुवादी मनुस्मृति लोगों की जेब पर खुल्लम-खुल्ला डाका डालना बंद करो -गादरे *प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर एक छलावा लोगों के घरों में जेबों पर पड़ रहा है डाका -गादरे* (*प्री पेड़ स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों की जेबों पर डाका डालना बंद करो बंद करो -गादरे*) मेरठ -=प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों के घरों पर लोगों की जेब में डाका डालना बंद करो बंद करो बंद करो। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व प्रत्याशी मेरठ दक्षिण राजुद्दीन गादरे ने प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर हटाने और बंद करने के लिए मोर्चा खोला। मिस्टर गादरे ने कहा कि जैसे ईवीएम से वोटर की घोटाला कर वोटो को बटोरा जाता है और लोगों को गुमराह करके मनुवाद कायम करने का षड्यंत्र चल रहा है। ऐसे ही प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर का
रवैया हो रहा है लोगों की जेबों पर अकाउंट में घरों में खुलेआम डाका डाला जा रहा है। एक तो महंगाई की मार एक बेरोजगारी की मार एक अत्याचार दूसरे जबरदस्त भ्रष्टाचार चारों ओर जंगल राज कायम कर लोकतंत्र खत्म करके साम्राज्यवाद सामंतवादी व्यवस्था कायम करने पर कुछ षड्यंत्रकारी लगे हुए हैं। कुछ षड्यंत्रकारी भारतीय संविधान की कसम खाकर भारतीय संविधान को खत्म करने का षड्यंत्र रास्ते रहते हैं। इंडिया दैट इज भारत सभी लोगों की विचारधारा पंथ निरपेक्ष समता समानता न्याय बंधुता और स्वतंत्रता पर आधारित शैक्षणिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भारत को आगे बढ़ने का उद्देश्य से स्थापित किया गया लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी लगातार जब से देश आजाद हुआ उस वक्त भी संविधान की प्रतियां जलाई थी और उन लोगों ने अपने कार्यालय पर भी भारतीय ध्वजारोहण नहीं किया लेकिन वही राष्ट्रवाद का चोला पहनकर सभी मूल
निवासियों पर काबिज हैं। विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका और मीडिया चारों स्तंभों पर 80%, 2% के लोगों ने कब्जा कर लिया है। इन लोगों से आजादी के लिए बहुजनों की मुक्ति के लिए बहुजन मुक्ति पार्टी वचनबद्ध है। अपने देश की अपने मूल निवासियों की आजादी के लिए काम कर रही है। मनुवादी प्रीपेड स्मार्ट मीटर गरीब मजदूर किसान ही नहीं व्यापारी के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। हक हलाल की कमाई खून पसीने की कमाई को ये लोग पल भर में खत्म कर देते हैं। चाहे आपने हमने बिजली भी इस्तेमाल की हो या ना की हो पूरे दिन मजदूरी करने पर भी मजदूर को मजदूरी नहीं मिलती है, लेकिन प्रीपेड मीटर से पहले अपने अकाउंट में पैसा डालना पड़ता है, तब जाकर के उसे इस्तेमाल करेंगे और उसे पैसे को वह लोग अपनी मनमर्जी
से पल भर में खत्म कर देते हैं। कोई सबूत नहीं रहता है। और कह रहे हैं यह तो आपका उसे हुआ है ऐसा उसे नहीं हुआ है हर घरों में ऐसा ढाका डाल रहा है। तख्त बदल दो ताज बदल दो बेईमानों का राज बदल दो। रोजी-रोटी देना सके जो वह सरकार निकम्मी है जो सरकार निकम्मी है उसको तुरंत बदलना है। जनता को एकजुट होकर के अपने सामाजिक न्याय के लिए हक अधिकार के लिए आने वाले 2027 में बहुजन मुक्ति पार्टी को चुनना होगा जिससे 300 यूनिट तक सभी करीब मजदूर किसान को इसका लाभ मिल सके जो हक के अधिकारी हैं उनका हक नहीं मिल रहा है। आओ सब मिलकर इस गुंडाराज को बदमाशी को खत्म करने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा यदि इस ओर कदम नहीं उठाया गया तो इसपर जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा।
- दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दरोगा रंगे हाथ दबोच पल्लवपुरम थाना क्षेत्र का है मामला1
- *प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर एक छलावा लोगों के घरों में जेबों पर पड़ रहा है डाका -गादरे* (*प्री पेड़ स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों की जेबों पर डाका डालना बंद करो बंद करो -गादरे*) मेरठ -=प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों के घरों पर लोगों की जेब में डाका डालना बंद करो बंद करो बंद करो। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व प्रत्याशी मेरठ दक्षिण राजुद्दीन गादरे ने प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर हटाने और बंद करने के लिए मोर्चा खोला। मिस्टर गादरे ने कहा कि जैसे ईवीएम से वोटर की घोटाला कर वोटो को बटोरा जाता है और लोगों को गुमराह करके मनुवाद कायम करने का षड्यंत्र चल रहा है। ऐसे ही प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर का रवैया हो रहा है लोगों की जेबों पर अकाउंट में घरों में खुलेआम डाका डाला जा रहा है। एक तो महंगाई की मार एक बेरोजगारी की मार एक अत्याचार दूसरे जबरदस्त भ्रष्टाचार चारों ओर जंगल राज कायम कर लोकतंत्र खत्म करके साम्राज्यवाद सामंतवादी व्यवस्था कायम करने पर कुछ षड्यंत्रकारी लगे हुए हैं। कुछ षड्यंत्रकारी भारतीय संविधान की कसम खाकर भारतीय संविधान को खत्म करने का षड्यंत्र रास्ते रहते हैं। इंडिया दैट इज भारत सभी लोगों की विचारधारा पंथ निरपेक्ष समता समानता न्याय बंधुता और स्वतंत्रता पर आधारित शैक्षणिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भारत को आगे बढ़ने का उद्देश्य से स्थापित किया गया लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी लगातार जब से देश आजाद हुआ उस वक्त भी संविधान की प्रतियां जलाई थी और उन लोगों ने अपने कार्यालय पर भी भारतीय ध्वजारोहण नहीं किया लेकिन वही राष्ट्रवाद का चोला पहनकर सभी मूल निवासियों पर काबिज हैं। विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका और मीडिया चारों स्तंभों पर 80%, 2% के लोगों ने कब्जा कर लिया है। इन लोगों से आजादी के लिए बहुजनों की मुक्ति के लिए बहुजन मुक्ति पार्टी वचनबद्ध है। अपने देश की अपने मूल निवासियों की आजादी के लिए काम कर रही है। मनुवादी प्रीपेड स्मार्ट मीटर गरीब मजदूर किसान ही नहीं व्यापारी के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। हक हलाल की कमाई खून पसीने की कमाई को ये लोग पल भर में खत्म कर देते हैं। चाहे आपने हमने बिजली भी इस्तेमाल की हो या ना की हो पूरे दिन मजदूरी करने पर भी मजदूर को मजदूरी नहीं मिलती है, लेकिन प्रीपेड मीटर से पहले अपने अकाउंट में पैसा डालना पड़ता है, तब जाकर के उसे इस्तेमाल करेंगे और उसे पैसे को वह लोग अपनी मनमर्जी से पल भर में खत्म कर देते हैं। कोई सबूत नहीं रहता है। और कह रहे हैं यह तो आपका उसे हुआ है ऐसा उसे नहीं हुआ है हर घरों में ऐसा ढाका डाल रहा है। तख्त बदल दो ताज बदल दो बेईमानों का राज बदल दो। रोजी-रोटी देना सके जो वह सरकार निकम्मी है जो सरकार निकम्मी है उसको तुरंत बदलना है। जनता को एकजुट होकर के अपने सामाजिक न्याय के लिए हक अधिकार के लिए आने वाले 2027 में बहुजन मुक्ति पार्टी को चुनना होगा जिससे 300 यूनिट तक सभी करीब मजदूर किसान को इसका लाभ मिल सके जो हक के अधिकारी हैं उनका हक नहीं मिल रहा है। आओ सब मिलकर इस गुंडाराज को बदमाशी को खत्म करने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा यदि इस ओर कदम नहीं उठाया गया तो इसपर जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा।4
- यह सरकारी स्कूल के बच्चे हैं जो किसी से भी किसी भी बात में काम नहीं है पढ़ाई लिखाई तो छोड़ो आप उनकी बेटी परेड देख सकते हैं इस प्रकार की प्रैक्टिस कराई गई है ऐसे अध्यापक भी सरकारी स्कूल में बहुत कम होता है जो अपने बच्चों को बहुत ही अच्छी ट्रेनिंग देते हैं यह बच्चे वह है जिनको स्कूल के प्रिंसिपल और मास्टर जी को फोन नंबर पर जापान फ्रांस अन्य देशों से कॉल आ चुकी है कि बच्चों को यहां लाया जाए हम इसको ट्रेनिंग देंगे फ्री में लेकिन बच्चों के मां-बाप इनको भेजने के लिए तैयार नहीं1
- सरधना: कस्बे में नालों की समय पर सफाई न होने से1
- देश की राजनीति में इस वक्त बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। Aam Aadmi Party से जुड़े कई बड़े नेताओं के एक साथ पार्टी छोड़ने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक Raghav Chadha, Sandeep Pathak और Ashok Mittal ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि उनके साथ अन्य सांसदों ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है। वहीं, इन नेताओं के Bharatiya Janata Party में शामिल होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ताजा अपडेट के लिए चैनल को Subscribe करें।1
- कश्यप निषाद मल्लाह केवट समाज के लोगों आरक्षण हमारा अधिकार है प्रमोद कश्यप मोदीनगर एवं बागपत जिला प्रभारी निषाद पार्टी1
- हापुड़ के मोहल्ला जसरूप नगर स्थित राणा गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। एजेंसी पर घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी (ब्लैकिंग) करने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी पर लंबे समय से नियमों की अनदेखी कर मनमानी की जा रही है और आम ग्राहकों को समय पर गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही। ताजा मामला 25 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब एक युवक घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पर पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने निर्धारित राशि जमा करने के बावजूद उसे सिलेंडर नहीं दिया गया। वहीं, उसी दौरान कुछ अन्य लोगों को अधिक पैसे लेकर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे थे। इस कथित अनियमितता को देखते हुए युवक ने मौके पर ही पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें एजेंसी कर्मचारियों द्वारा ब्लैकिंग किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ित युवक का यह भी कहना है कि जब उसने इस मामले का विरोध किया और वीडियो रिकॉर्डिंग की जानकारी कर्मचारियों को हुई, तो एजेंसी के कुछ लोगों ने उसे डराया-धमकाया और जबरन वहां से भगा दिया। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में रोष बढ़ गया है और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि राणा गैस एजेंसी पर लंबे समय से चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता देकर अधिक कीमत पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि समय रहते जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उपभोक्ताओं को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- मेरठ:-प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर हटाओ लोगों के जेब पर डाका डालना बंद करो बंद करो बंद करो। बहुजन मुक्ति पार्टी के मेरठ दक्षिण 49 विधानसभा पूर्व प्रत्याशी राजुद्दीन गादरे ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर से आम जनता की जेबों पर बिजली विभाग द्वारा फेंसला तुरंत वापस लेना चाहिए। गरीब जनता खासकर मलिन बस्तियों में तो सरकार को यह फैसला पर लेने से पहले 10 बार सोचना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग कर्मचारियों ने तो सोच लिया है कि आधुनिक युग से पाषाण काल में लोगों को अंधेरे में रखने का ठेका ले लिया है। शासन और प्रशासन लोगों की भलाई के लिए होते हैं लेकिन आज सब अपनी मनमानी चला रहे हैं। महंगाई बेरोजगारी अत्याचार भ्रष्टाचार खुले आम धड़ले से चल रहा है। मानो आज लोकतंत्र नहीं साम्राज्यवाद स्थापित किया जा रहा है। अपनी मनमर्जी से लोगों पर टैक्स लगाए जा रहे हैं। अब ईवीएम से चुनाव कराकर अपनी मनमर्जी से सरकार बना रहे हैं। वहीं अब एक नया खुल्लम-खुल्ला लोगों की जेब पर लोगों को घरों पर डाका डाला जा रहा है। स्मार्ट मीटर प्रीपेड के नाम पर लोगों से धन वसूली करने का यह साधन बहुत आसान और लोगों को अंधेर नगरी बनाने पर लग रहा है। मानो जनता का कोई हिमायती ही नहीं लेकिन बहुजनों की मुक्ति के लिए बहुजनों की आजादी के लिए महंगाई बेरोजगारी अत्याचार भ्रष्टाचार की मुद्दों से भटकाया नहीं जा सकता क्योंकि बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ता हर गली चौराहे पर काम कर रहे हैं। जनता की आवाज बनकर काम करने और जनता को जगाने के लिए तैयार हैं। लेकिन कुछ राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी लोगों को गुमराह करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। यदि प्रीपेड मीटर को नहीं बदल गया तो बहुजन मुक्ति पार्टी बड़े रूप से आंदोलन करेगी जो जनता का हक है जनता को दिलवाकर रहेंगी। बहुजन मुक्ति पार्टी के वार्ड 86 और 87 से कुछ लोग इकट्ठे होकर निर्णय लिया और कहा कि यदि सरकार इस ओर कदम नहीं उठाएगीतो बहुजन मुक्ति पार्टी मजबूर होकर आंदोलन करेगी। विरोध करने के लिए लोगों ने सैकड़ों की तादाद में हस्ताक्षर किए।4