धार मप्र लापरवाही बनी मासूमों की जिंदगी पर भारी... तैराकी सीख रखे बच्चे हुए शिकार.. एंकर।धार शहर के जिस स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताकर प्रचारित किया जाता है, वहीं सोमवार रात एक गंभीर लापरवाही सामने आई। रात करीब 8 बजे पूल में क्लोरीन गैस के पाइप से अचानक रिसाव शुरू हो गया। उस समय कई बच्चे पानी में तैराकी कर रहे थे। गैस फैलते ही बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे पानी के भीतर ही छटपटाने लगे, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद परिजनों और कोच ने तुरंत बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इस दौरान बसंत विहार कॉलोनी की 4 वर्षीय प्रकृति और 7 वर्षीय हर्षित की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। दोनों बच्चों को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें खतरे से बाहर बताया, लेकिन एहतियातन 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले बच्चों को उल्टी भी हुई थी। घटना ने पूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह स्विमिंग पूल पहले से ही विवादों में रहा है। कुछ दिन पहले यहां युवकों और कोच के बीच विवाद हुआ था, जिसमें कोच के साथ मारपीट तक की घटना सामने आई थी। इसके बाद कोच यहां से चले गए थे और दो दिन बाद नए कोच नियुक्त किए गए थे। अब गैस लीकेज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। जानकारों के अनुसार, स्विमिंग पूल के पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जाता है, जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक जीवों को खत्म करती है। लेकिन इसके उपयोग में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल इस घटना के बाद पूल की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
धार मप्र लापरवाही बनी मासूमों की जिंदगी पर भारी... तैराकी सीख रखे बच्चे हुए शिकार.. एंकर।धार शहर के जिस स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताकर प्रचारित किया जाता है, वहीं सोमवार रात एक गंभीर लापरवाही सामने आई। रात करीब 8 बजे पूल में क्लोरीन गैस के पाइप से अचानक रिसाव शुरू हो गया। उस समय कई बच्चे पानी में तैराकी कर रहे थे। गैस फैलते ही बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे पानी के भीतर ही छटपटाने लगे, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद परिजनों और कोच ने तुरंत बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इस दौरान बसंत विहार कॉलोनी की 4 वर्षीय प्रकृति और 7 वर्षीय हर्षित की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। दोनों बच्चों को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें खतरे से बाहर बताया, लेकिन एहतियातन 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले बच्चों को उल्टी भी हुई थी। घटना ने पूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह स्विमिंग पूल पहले से ही विवादों में रहा है। कुछ दिन पहले यहां युवकों और कोच के बीच विवाद हुआ था, जिसमें कोच के साथ मारपीट तक की घटना सामने आई थी। इसके बाद कोच यहां से चले गए थे और दो दिन बाद नए कोच नियुक्त किए गए थे। अब गैस लीकेज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। जानकारों के अनुसार, स्विमिंग पूल के पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जाता है, जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक जीवों को खत्म करती है। लेकिन इसके उपयोग में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल इस घटना के बाद पूल की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
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- धारः मध्यप्रदेश में धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में एक पिता द्वारा अपनी ही मासूम बेटी से दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। मां ने आरोपी को गलत काम करते हुए पकड़ा और पड़ोसियों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार आरोपी राजित राम, जो मूलत: इलाहाबाद (उ.प्र.) का निवासी है, वर्तमान में घाटाबिल्लौद के सेक्टर-3 स्थित मालती चौराहा पर किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता है। उसकी मासूम बेटी दो साल पहले अपनी नानी के घर से पिता के पास आई थी और पिछले दो महीनों से यहां रह रही थी। पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी पिता रात में जब वह सो जाती थी, तब अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म करता था। दो दिन पहले मां की आंख अचानक खुल गई तो उसने पति की दरिंदगी देखी। विरोध करने पर आरोपी ने पत्नी को धमकाया और घर से निकालने की धमकी दी। डरी-सहमी मां ने बेटी से बात की तो मासूम ने बिलखते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद महिला ने पड़ोसियों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत हरकत में आकर मासूम का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। प्राथमिकी दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी राजित राम को गिरफ्तार कर लिया।2
- *पिपलिया बुजुर्ग नर्मदा एचपी गैस एजेंसी की मनमानी बुकिंग के25 दिन बाद भी खाली लौट रहे उपभोक्ता* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान ग्राम पिपलिया बुजुर्ग ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती बन गया है मां नर्मदा एचपी गैस एजेंसी के संचालक की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी आक्रोस है उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस संचालक अपनी मर्जी से विकसित प्रणाली चला रहे हैं जिससे आम जनता को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है पीड़ित उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने गैस सिलेंडर की बुकिंग 20-25 दिन पहले कर दी थी नियम के अनुसार अब तक सिलेंडर मिल जाना चाहिए था लेकिन लंबा समय भी जाने के बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है हद तो तब हो गई जब एजेंसी द्वारा उपभोक्ता को फोन करके सिलेंडर लेने के लिए बुलाया गया लेकिन जब ग्रामीण दुर दराज से पहुंचे तो उन्हें खाली हाथ लौटा दिया गया जब इस अव्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं ने एजेंसी मालिक से फोन कर संपर्क किया तो उन्होंने मुनीम की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए वितरण करने से साफ इनकार कर दिया उपभोक्ताओं का कहना है कि संचालक अपनी मनमर्जी से जब चाहे छुट्टी कर लेते हैं और जनता की परेशानी को पूरी तरह नजर अंदाज कर रहे हैं कड़ी धूप में घंटो इंतजार करने के बाद भी गैस नही मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित एजेंसी पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है3
- अक्षय तृतीया पर नालछा में 33 जोड़ों का सामूहिक विवाहः पटेलिया आदिवासी समाज ने गृहस्थी का सामान दिया, मेहमानों के लिए खाने की व्यवस्था रही राहुल सेन मांडव मो 9669141814 नालछा न्यूज/धार जिले के नालछा ब्लॉक में स्थित जीरापुर के 64 योगिनी 52 भैरव माता मंदिर में अक्षय तृतीया सोमवार को पटेलिया आदिवासी समाज का समागम हुआ। यहां पटेलिया आदिवासी समाज सेवा संघ के आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 33 जोड़े एक-दूजे के हमसफर बने। जीरापुर मंडल समिति हर साल यह आयोजन करती है। शादी के बंधन में बंधे जोड़ों को समाज की ओर से नई गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामान भेंट किया गया। इनमें मंगलसूत्र के साथ-साथ थाली, गिलास, बर्तन, पलंग, गद्दा और रजाई जैसी कई चीजें शामिल थीं। पंडित निर्मल इंदुरकर ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फेरे करवाकर विवाह की रस्में पूरी करवाईं। इंतजामों में समाज ने दिखाई एकजुटता विवाह सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पटेलिया समाज ने व्यवस्था की थी। मंदिर परिसर में टेंट, लाइट और सजावट के साथ-साथ मेहमानों के लिए खाने-पीने का भी अच्छा प्रबंध किया गया था। समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालकर कार्यक्रम को भव्य बनाया।इनका रहा विशेष योगदान विवाह समिति के अध्यक्ष हरिओम पटेल ने बताया कि इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में बाबूलाल पटेल, नानूराम गोयल, ओम गोयल, देवा, प्रेम हटिला, चंपालाल पटेल और भगवान सिंह पटेल सहित समाज के कई लोगों ने दिन-रात मेहनत की। राकेश पटेल, तोलाराम हटिला और मोहन पटेल जैसे समाज बंधुओं के सहयोग से यह सामूहिक विवाह समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ।4
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