सोमवार को चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में एक दिव्यांगता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बीडीओ मोनिका कुमारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की जांच करना और उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने हेतु आवेदन लेना था। शाम करीब 4 बजे तक शिविर में कुल 48 दिव्यांगजनों ने अपने आवेदन जमा किए। उपस्थित चिकित्सकों की टीम ने सभी आवेदकों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा किया। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. सुशांत कुमार गुप्ता, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. हर्षिता एवं डॉ. अनामिका मौजूद रहीं, जबकि लैब टेक्नीशियन प्रमोद कुमार, ऋषि कुमार, अंशु कुमारी, सुजीत कुमार तथा एनएम प्रीति सिन्हा सहित अन्य कर्मियों ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सोमवार को चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में एक दिव्यांगता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बीडीओ मोनिका कुमारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की जांच करना और उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने हेतु आवेदन लेना था। शाम करीब 4 बजे तक शिविर में कुल 48 दिव्यांगजनों ने अपने आवेदन जमा किए। उपस्थित चिकित्सकों की टीम ने सभी आवेदकों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा किया। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. सुशांत कुमार गुप्ता, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. हर्षिता एवं डॉ. अनामिका मौजूद रहीं, जबकि लैब टेक्नीशियन प्रमोद कुमार, ऋषि कुमार, अंशु कुमारी, सुजीत कुमार तथा एनएम प्रीति सिन्हा सहित अन्य कर्मियों ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- भोजपुर जिले के सहार प्रखंड अंतर्गत चौरी थाना क्षेत्र के अंधारी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में सोन नदी में नहाने गए छह युवकों में से तीन की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सहार-अरवल पुल को जाम कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंधारी गांव के छह युवक सोन नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नदी में बालू के अत्यधिक खनन के कारण बने गहरे गड्ढे में सभी युवक फंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह सभी को नदी से बाहर निकाला, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान सहार-अरवल पुल पर बालू लदे ट्रकों के कारण भीषण जाम लगा हुआ था, जिससे एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका। मजबूरी में घायलों को अन्य वाहनों से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन रास्ते में तीन युवकों ने दम तोड़ दिया, जिन्हें बाद में अरवल अस्पताल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अंधारी गांव निवासी हर्षित कुमार (15 वर्ष), नितीश कुमार (18 वर्ष) और निखिल कुमार (16 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पिता क्रमशः चिंटू राय, रंजीत राय और शिव भंतु राय हैं। वहीं, घायलों में पंकज कुमार (19 वर्ष), प्रिंस कुमार (14 वर्ष) और संतोष कुमार (19 वर्ष) शामिल हैं, जिनके पिता क्रमशः जालंधर राय, संतोष राय और रामधारी राय हैं; इनका इलाज जारी है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बार फिर सहार-अरवल पुल को जाम कर दिया, आरोप लगाया कि बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली के कारण पुल पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रास्ता मिलता और एंबुलेंस अस्पताल पहुंच पाती तो शायद तीन युवकों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन, विशेषकर थाना स्तर के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जाम की समस्या के स्थायी समाधान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे अंधारी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।1
- भोजपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन मुस्कान" को आरा में एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता मिली है। आधुनिक तकनीक और सतत प्रयासों के बल पर पुलिस ने 90 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। पुलिस की साइबर एवं तकनीकी टीम की सहायता से इन मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बरामद किया गया और विधिवत सत्यापन के बाद वितरित किया गया। कई लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता के कारण उनका मोबाइल वापस मिल सका। मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भोजपुर पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि मोबाइल गुम होने अथवा चोरी होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना या साइबर पोर्टल पर सूचना दर्ज कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके। भोजपुर पुलिस ने यह भी कहा कि आमजन की सुरक्षा एवं सेवा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। "ऑपरेशन मुस्कान" के माध्यम से न केवल लोगों की कीमती संपत्ति उन्हें वापस मिली, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता भी और अधिक मजबूत हुआ है।4
- श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन से विष्णु नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा है। इस शुभ अवसर पर, आज शाम 6 बजे से एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। समस्त भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण करें।1
- एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है जहाँ अपनी माँ को खो चुकी एक बच्ची अपने डेढ़ साल के छोटे भाई को गोद में लेकर स्कूल में परीक्षा देने पहुँची। इस हृदय विदारक दृश्य ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उस बहन पर क्या गुज़री होगी, जब उसे अपनी शिक्षा और छोटे भाई की देखभाल, दोनों की ज़िम्मेदारी एक साथ निभानी पड़ी। यह वीडियो इस बात की गहरी सीख देता है कि बच्चों के जीवन में माँ का स्नेह और संरक्षण कितना आवश्यक होता है, क्योंकि माँ के आँचल के बिना बच्चों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, यह इस घटना से साफ़ ज़ाहिर होता है। यह घटना लोगों को भावुक कर रही है और सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है, जिससे दर्शक इस पर अपनी राय और प्रतिक्रिया दे रहे हैं।1
- ग्राम पंचायत बाजना में हाल ही में साफ-सफाई का दौर देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसका प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।1
- मुक्तेश्वर आनंद के एक तीखे बयान ने देश के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 'एक तरफ माता बोलते हो… दूसरी तरफ काटने की बात करते हो…' और दावा किया कि 'देश अब दोहरा चेहरा पहचान चुका है!' रिपोर्टर रौशन पटेल द्वारा सामने लाए गए इस बयान के वीडियो पर लोग जमकर अपनी राय दे रहे हैं, जिससे यह मुद्दा गहन राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।1
- सोमवार को भाकपा (माले) के नेतृत्व में चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय का जोरदार घेराव किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, नौजवान और पार्टी समर्थक शामिल हुए, जो दोपहर 3 बजे के करीब शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप क्षेत्र में व्याप्त गंभीर पेयजल संकट और विभिन्न अधूरे विकास कार्यों को लेकर था। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रखंड के कई गांवों में कुल 156 चापाकल खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि समस्या के समाधान के लिए पहले भी कई बार आवेदन दिए गए और अधिकारियों से आश्वासन भी मिला, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण लोगों में गहरा गुस्सा है। घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल पेयजल समस्या के समाधान की मांग उठाई। बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन को प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ता करनी पड़ी। वार्ता के बाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मोनिका कुमारी ने आश्वासन दिया कि एक माह के भीतर सभी 156 खराब चापाकलों की मरम्मत कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, सेमराव गांव में लंबित नाली और गली निर्माण कार्य को भी जल्द पूरा करने का वादा किया गया। भाकपा (माले) के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर तय समय सीमा के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उनके आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। इस घेराव कार्यक्रम में पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, प्रखंड सचिव महेश प्रसाद, रंजीत कुमार यादव, मकबूल आलम, नागेंद्र पासवान, शिवम कुमार और रंजन मांझी सहित सैकड़ों ग्रामीण और नौजवानों ने भाग लिया।1
- आरा में भोजपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें आमजन की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। इस जन सुनवाई के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने सभी परिवादियों की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित निवारण के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।2
- भोजपुर पुलिस ने एक अहम अभियान के तहत 58 गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं। इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। पुलिस अधीक्षक राज ने इस उपलब्धि पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता की सेवा और साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1