भोजपुर जिले के सहार प्रखंड अंतर्गत चौरी थाना क्षेत्र के अंधारी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में सोन नदी में नहाने गए छह युवकों में से तीन की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सहार-अरवल पुल को जाम कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंधारी गांव के छह युवक सोन नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नदी में बालू के अत्यधिक खनन के कारण बने गहरे गड्ढे में सभी युवक फंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह सभी को नदी से बाहर निकाला, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान सहार-अरवल पुल पर बालू लदे ट्रकों के कारण भीषण जाम लगा हुआ था, जिससे एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका। मजबूरी में घायलों को अन्य वाहनों से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन रास्ते में तीन युवकों ने दम तोड़ दिया, जिन्हें बाद में अरवल अस्पताल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अंधारी गांव निवासी हर्षित कुमार (15 वर्ष), नितीश कुमार (18 वर्ष) और निखिल कुमार (16 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पिता क्रमशः चिंटू राय, रंजीत राय और शिव भंतु राय हैं। वहीं, घायलों में पंकज कुमार (19 वर्ष), प्रिंस कुमार (14 वर्ष) और संतोष कुमार (19 वर्ष) शामिल हैं, जिनके पिता क्रमशः जालंधर राय, संतोष राय और रामधारी राय हैं; इनका इलाज जारी है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बार फिर सहार-अरवल पुल को जाम कर दिया, आरोप लगाया कि बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली के कारण पुल पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रास्ता मिलता और एंबुलेंस अस्पताल पहुंच पाती तो शायद तीन युवकों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन, विशेषकर थाना स्तर के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जाम की समस्या के स्थायी समाधान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे अंधारी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
भोजपुर जिले के सहार प्रखंड अंतर्गत चौरी थाना क्षेत्र के अंधारी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में सोन नदी में नहाने गए छह युवकों में से तीन की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सहार-अरवल पुल को जाम कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंधारी गांव के छह युवक सोन नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नदी में बालू के अत्यधिक खनन के कारण बने गहरे गड्ढे में सभी युवक फंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह सभी को नदी से बाहर निकाला, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान सहार-अरवल पुल पर बालू लदे ट्रकों के कारण भीषण जाम लगा हुआ था, जिससे एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका। मजबूरी में घायलों को अन्य वाहनों से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन रास्ते में तीन युवकों ने दम तोड़ दिया, जिन्हें बाद में अरवल अस्पताल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अंधारी गांव निवासी हर्षित कुमार (15 वर्ष), नितीश कुमार (18 वर्ष) और निखिल कुमार (16 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पिता क्रमशः चिंटू राय, रंजीत राय और शिव भंतु राय हैं। वहीं, घायलों में पंकज कुमार (19 वर्ष), प्रिंस कुमार (14 वर्ष) और संतोष कुमार (19 वर्ष) शामिल हैं, जिनके पिता क्रमशः जालंधर राय, संतोष राय और रामधारी राय हैं; इनका इलाज जारी है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बार फिर सहार-अरवल पुल को जाम कर दिया, आरोप लगाया कि बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली के कारण पुल पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रास्ता मिलता और एंबुलेंस अस्पताल पहुंच पाती तो शायद तीन युवकों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन, विशेषकर थाना स्तर के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जाम की समस्या के स्थायी समाधान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे अंधारी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
- भोजपुर जिले के सहार प्रखंड अंतर्गत चौरी थाना क्षेत्र के अंधारी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में सोन नदी में नहाने गए छह युवकों में से तीन की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सहार-अरवल पुल को जाम कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंधारी गांव के छह युवक सोन नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नदी में बालू के अत्यधिक खनन के कारण बने गहरे गड्ढे में सभी युवक फंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह सभी को नदी से बाहर निकाला, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान सहार-अरवल पुल पर बालू लदे ट्रकों के कारण भीषण जाम लगा हुआ था, जिससे एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका। मजबूरी में घायलों को अन्य वाहनों से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन रास्ते में तीन युवकों ने दम तोड़ दिया, जिन्हें बाद में अरवल अस्पताल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अंधारी गांव निवासी हर्षित कुमार (15 वर्ष), नितीश कुमार (18 वर्ष) और निखिल कुमार (16 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पिता क्रमशः चिंटू राय, रंजीत राय और शिव भंतु राय हैं। वहीं, घायलों में पंकज कुमार (19 वर्ष), प्रिंस कुमार (14 वर्ष) और संतोष कुमार (19 वर्ष) शामिल हैं, जिनके पिता क्रमशः जालंधर राय, संतोष राय और रामधारी राय हैं; इनका इलाज जारी है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बार फिर सहार-अरवल पुल को जाम कर दिया, आरोप लगाया कि बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली के कारण पुल पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रास्ता मिलता और एंबुलेंस अस्पताल पहुंच पाती तो शायद तीन युवकों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन, विशेषकर थाना स्तर के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जाम की समस्या के स्थायी समाधान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे अंधारी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।1
- आज दिनांक 31 मई 2026 को करपी प्रखण्ड के रामपुर अईयारा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पूर्व जिला सचिव कॉमरेड राजेंद्र सिंह की स्मृति में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा के जिला सचिव कॉमरेड अरुण कुमार ने की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के पूर्व जिला सचिव, बिहार राज कंट्रोल कमीशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता कॉमरेड गिरजानंद सिंह ने कॉमरेड राजेंद्र सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कॉमरेड राजेंद्र सिंह दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचितों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने आजीवन कम्युनिस्ट आंदोलन को बढ़ाने के लिए क्षेत्र और इलाकों में लगातार काम किया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहते हुए लाल झंडे को मजबूत करते रहे। अरवल जिला भाकपा द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में भाकपा सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड रामचंद्र पाठक, कॉमरेड सुशील कुमार, जिला परिषद सदस्य कॉमरेड दीनानाथ सिंह, कॉमरेड डॉ. शिवदत्त सिंह, सुरेश प्रसाद, सीपीएम के कॉमरेड उमेश ठाकुर, विजय सिंह के साथ दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- dhvh 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- एक वायरल रील और रिपोर्टर व्लॉग में हैती को दुनिया का सबसे गरीब देश बताया गया है। इस पोस्ट के माध्यम से देश की गरीबी और उसके हालात पर ध्यान केंद्रित किया गया है।1
- बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है, जहाँ 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने को लेकर एक बड़ा विवाद शुरू हो गया है। इस मामले में राबड़ी देवी को यह बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिला है। इस अल्टीमेटम के बाद से सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर काफी तेज हो गया है, जिसके चलते यह सवाल उठ रहा है कि क्या बिहार में अब राजनीतिक लड़ाई और तेज होगी।1
- औरंगाबाद के हसपुरा में श्मशान घाट पर बाउंड्री वॉल निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य बाधित किए जाने के विरोध में बाजार बंद रहा। यह कार्य हसपुरा बस स्टैंड के समीप चल रहा था, जिसे एक जीप प्रतिनिधि ने सीओ के पास आवेदन देकर रुकवा दिया। इस कार्रवाई के विरोध स्वरूप, हसपुरा का बाजार पूर्णतः बंद रहा।1
- अरवल जिले के मेहंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर गांव में जलनिकासी की समस्या का समाधान करने के नाम पर मुख्य सड़क को काट दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने घरों से नाली का पानी निकालने के लिए, बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और वैकल्पिक व्यवस्था के, जेसीबी से सड़क कटवा दी। इस गैर-जिम्मेदाराना कदम के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव के हजारों लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिससे दोनों गांवों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। बताया गया है कि गोपालपुर में नाली का पानी जाम होने से कई घरों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी, और पानी निकासी के लिए पाइप डालने की योजना थी, लेकिन पाइप व निर्माण सामग्री की व्यवस्था करने से पहले ही सीधे सड़क काट दी गई। सड़क काटे जाने के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव का आवागमन लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, और कई लोग घंटों तक फंसे रहे। मामले की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. मनोज कुमार ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद कटे हुए हिस्से में मिट्टी भराई कराई गई। हालांकि, तीन दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है; फिलहाल केवल साइकिल और बाइक ही किसी तरह गुजर पा रही हैं, जबकि चारपहिया वाहन, एंबुलेंस और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन अब भी बंद है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि एक गांव की समस्या को हल करने के लिए दो गांवों की जीवनरेखा को ही काट दिया गया। उनका कहना है कि यदि जलनिकासी की समस्या थी तो संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देकर तकनीकी समाधान निकाला जाना चाहिए था, न कि बिना तैयारी और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क काट देनी चाहिए थी। ग्रामीण प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं कि सार्वजनिक सड़क काटे जाने के दौरान वे कहां थे, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी। इस संबंध में पूछे जाने पर कलेर के अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क को तत्काल पूरी तरह दुरुस्त कर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन योग्य बनाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।1