एक ठेकेदार ने अपने परियोजना प्रबंधन में बेहद सराहनीय दृष्टिकोण अपनाया है, विशेषकर ग्रामीणों की शुरुआती शंकाओं को दूर करने में। ग्रामीणों के संदेहों को दबाने के बजाय, ठेकेदार ने अत्यंत सकारात्मक रुख अख्तियार किया और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की। उन्होंने अपनी निगरानी में और ग्रामीणों के समक्ष जियो बैग्स भरवाए, जिससे जनता के बीच ठेकेदार और प्रशासन की विश्वसनीयता कई गुना बढ़ गई। इसके साथ ही, काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया और नदी के उस पार से विशेष रूप से उत्तम दर्जे का मोटा बालू मंगवाया गया। यह परियोजना बाढ़ और कटाव जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ समय के साथ दौड़ जीतने के लिए युद्ध स्तर पर शानदार प्रबंधन और अथक परिश्रम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। भीषण गर्मी और धूप की परवाह किए बिना, ठेकेदार स्वयं सुबह से रात तक मौके पर डटे हुए हैं। काम की गति न रुके, इसके लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित की गई है, जहाँ नावों के माध्यम से नदी पार से बालू की खेप लगातार मंगवाई जा रही है। 150 क्विंटल से भी ज़्यादा भारी-भरकम पैकेजों को क्रेन और मज़दूरों के बेहतर तालमेल से कतारबद्ध कर गंगा की लहरों के आगे एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ा किया जा रहा है।
एक ठेकेदार ने अपने परियोजना प्रबंधन में बेहद सराहनीय दृष्टिकोण अपनाया है, विशेषकर ग्रामीणों की शुरुआती शंकाओं को दूर करने में। ग्रामीणों के संदेहों को दबाने के बजाय, ठेकेदार ने अत्यंत सकारात्मक रुख अख्तियार किया और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की। उन्होंने अपनी निगरानी में और ग्रामीणों के समक्ष जियो बैग्स भरवाए, जिससे जनता के बीच ठेकेदार और प्रशासन की विश्वसनीयता कई गुना बढ़ गई। इसके साथ ही, काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया और नदी के उस पार से विशेष रूप से उत्तम दर्जे का मोटा बालू मंगवाया गया। यह परियोजना बाढ़ और कटाव जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ समय के साथ दौड़ जीतने के लिए युद्ध स्तर पर शानदार प्रबंधन और अथक परिश्रम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। भीषण गर्मी और धूप की परवाह किए बिना, ठेकेदार स्वयं सुबह से रात तक मौके पर डटे हुए हैं। काम की गति न रुके, इसके लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित की गई है, जहाँ नावों के माध्यम से नदी पार से बालू की खेप लगातार मंगवाई जा रही है। 150 क्विंटल से भी ज़्यादा भारी-भरकम पैकेजों को क्रेन और मज़दूरों के बेहतर तालमेल से कतारबद्ध कर गंगा की लहरों के आगे एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ा किया जा रहा है।
- Post by Dulal Kumar1
- खान सर के समर्थन में एक तीखा बयान जारी किया गया है, जिसमें उनके धर्म को देखकर विरोध करने वाले लोगों को 'अनपढ़ पाकिस्तानी आतंकवादी' करार दिया गया है। इस बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।1
- भागलपुर के कहलगांव में भू-विस्थापितों और RC-1 तथा RC-2 के ग्रामीणों ने एनटीपीसी पावर प्लांट के रेलवे रैक को पूरी तरह जाम कर दिया है। इस चक्का जाम के कारण प्लांट को होने वाली कोयले की आपूर्ति बाधित हो गई है।1
- भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु पर निर्मित नए बेली ब्रिज का आज विधिवत उद्घाटन कर दिया गया। इस खास अवसर पर, बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र कुमार ने धार्मिक अनुष्ठान करते हुए पूजा-अर्चना की। उन्होंने नारियल फोड़ा और रिबन काटकर इस पुल को आम जनता के उपयोग के लिए समर्पित कर दिया।1
- जलालगढ़ स्थित चक पंचायत के वार्ड संख्या-4 में ग्रामीण जर्जर सड़क और गंभीर जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (एनएच-27) से सौठा पंचायत को जोड़ने वाली इस प्रमुख सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा रहने के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण लगभग 13 वर्ष पूर्व किया गया था, जिसके बाद से इसकी स्थिति लगातार बदहाल होती गई है। अब यह सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि इस सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाए और साथ ही क्षेत्र में जलनिकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।1
- Post by Dulal Kumar1
- एफआईआर (FIR) का नाम सुनते ही, खान सर की छात्राएं पुलिसकर्मियों के सामने एकत्र हो गईं और उन पर जोरदार तरीके से उमड़ पड़ीं। इस दौरान छात्राओं ने अपनी तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की।1
- इतिहास मिटाया जा सकता है, पर जनता के मन का सच नहीं मिटाया जा सकता है। कांदिवली लोखंडवाला से ठाकुर विलेज रोड का भूमिपूजन साल 2017 में कांग्रेस नगरसेविका अजंता यादव के प्रयासों से संपन्न हुआ था। आज भले ही सत्ताधारियों में इस काम का श्रेय लेने की होड़ मची हो और इसका मूल पट्टिका भी गायब कर दी गई हो, फिर भी इस कार्य से जुड़े फोटो सच बता रहे हैं। मैडम अजंता यादव ने यह काम शुरू किया था और आज कोई भी आकर इसका श्रेय ले रहा है; लेकिन पोस्ट में कहा गया है कि उन्हें कोई परवाह नहीं है, क्योंकि राजनीति से ज़्यादा उन्हें काम पूरा होने और जनता को राहत मिलने की खुशी है।1
- भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ता पिछले 24 दिनों से देश की GenZ को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस आंदोलन के तहत युवा कांग्रेस देश के 50 से अधिक शहरों में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग कर रही है, जिसके लिए कार्यकर्ताओं को पानी की बौछारों, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर न तो प्रधानमंत्री ने कोई ध्यान दिया है और न ही मीडिया ने उनकी आवाज़ को उचित कवरेज दी है। इसके बावजूद, युवा कांग्रेस ने यह स्पष्ट वादा किया है कि धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी होने तक वे सड़कों को सूना नहीं होने देंगे। इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में IYC अध्यक्ष उदयभानु के साथ हजारों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।1